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“डुंगरिया किंग की विदाई: पट प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ खामोश”
BS News Network
“डुंगरिया किंग की विदाई: पट प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ खामोश”
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- सिवनी से जबलपुर का मुख्य मार्ग है और इस मार्ग पर किसानों के खेतों में नरवाई में आग आसानी से देखी जा सकती है, जिला प्रशासन के प्रतिबंध के बाद भी खेतों में लग रही आग प्रशासन की लचर व्यवस्था का प्रमाण है पूर्व में जिस तरह किसान नरवाई में आग सामने खड़े होकर सुरक्षित ढंग से लगता था. प्रशासन की शक्ति के बाद यह आग बेकाबू हो गई है अब देखने वाली बात होगी प्रशासन आग को किस तरह काबू करता है.1
- “डुंगरिया किंग की विदाई: पट प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ खामोश”1
- नरवाई की आग बेकाबू, डोकरांजी में 6 घर जलकर खाक सिवनी। जिले के पलारी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोकरांजी में गुरुवार दोपहर नरवाई की भीषण आग ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। खेतों से उठी आग तेज हवा के कारण फैलते हुए रिहायशी बस्ती तक पहुंच गई और देखते ही देखते 6 ग्रामीणों के मकान इसकी चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई, वहीं कई पालतू मवेशी भी आग की लपटों में फंसकर जान गंवा बैठे। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने और अपना सामान सुरक्षित निकालने का मौका तक नहीं मिल सका। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू उस परिवार का रहा, जहां हाल ही में शादी हुई थी। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस आग ने नवदंपति के लिए जुटाया गया पूरा सामान—कपड़े, गहने और गृहस्थी का सामान—पल भर में राख कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर आग बुझाने में सहयोग किया। इस आगजनी में संतलाल कनोजिया, कृष्णचंद यादव, रामकुमार डेहरिया, प्रेमचंद, राजकुमार राय और अरविंद बधेल के घर पूरी तरह नष्ट हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग की है।2
- Post by Harun Khan bori Kala1
- डूंगरिया किंग की अंतिम विदाई प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ अलविदा । पट प्रेमियों में गहरा शोक,लोगों ने कहां कमी हमेशा खालेगी1
- चौरई नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर में मूलभूत सुविधाओं की कमी और कर्मचारियों की मनमानी से परेशान जनता व पार्षदों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बताया जा रहा है कि नगर पालिका में CMO की बात तक नहीं सुनी जा रही है और कर्मचारी अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष की उदासीनता भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिससे नगर का विकास प्रभावित हो रहा है।1
- #सफलता_की_कहानी पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर राजेश पटेल बने आत्मनिर्भर ➖➖ ‘गोमुख मिल्क’ ब्रांड बनाकर अन्य को दे रहे रोजगार ➖➖ #सिवनी / सिवनी जिले के सुदूर घंसौर अंचल के एक छोटे से गांव में रहने वाले राजेश पटेल की जिंदगी कभी बिल्कुल साधारण थी। हर सुबह वे जल्दी उठते, अपने पशुओं का दूध निकालते और उसे घर-घर जाकर बेचते। दिन भर की मेहनत के बाद भी जब उन्हें दूध का उचित मूल्य नहीं मिलता, तो मन में निराशा जरूर होती, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। राजेश अक्सर सोचते थे कि क्या उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सकता है? क्या वे अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं? इसी सवाल ने उन्हें कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। एक दिन उनकी मुलाकात उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों से हुई। बातचीत के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (#PMFME) योजना के बारे में जानकारी मिली। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि यदि वे दूध का प्रसंस्करण कर उत्पाद तैयार करें, तो उन्हें ज्यादा लाभ मिल सकता है। राजेश ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और योजना के तहत आवेदन किया। विभाग ने हर कदम पर उनका साथ दिया। जल्द ही उन्हें एसबीआई घंसौर से 19.30 लाख रुपये का ऋण और 8.45 लाख रुपये का अनुदान मिला। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ था। अब राजेश ने अपने सपने को आकार देना शुरू किया। उन्होंने अपनी यूनिट में आधुनिक मशीनें लगाईं—बुल्क मिल्क कूलर, पाश्चुरीकरण मशीन, पनीर और खोवा बनाने की मशीन, और दूध पैकिंग मशीन। धीरे-धीरे उनका छोटा सा प्रयास एक व्यवस्थित व्यवसाय में बदलने लगा। अब वे सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि पनीर, खोवा, दही और घी जैसे कई उत्पाद तैयार करने लगे। उन्होंने अपने उत्पादों को एक पहचान देने के लिए “गोमुख मिल्क” नाम से ब्रांड भी शुरू किया। आकर्षक पैकेजिंग के साथ उनके उत्पाद अब बाजार में अलग पहचान बनाने लगे हैं। आज राजेश न सिर्फ खुद सफल हैं, बल्कि अपने आसपास के कई लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उनके साथ जुड़कर अन्य दुग्ध उत्पादक भी बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। राजेश पटेल की यह यात्रा बताती है कि बदलाव की शुरुआत एक छोटे से विचार से होती है। सही समय पर लिया गया निर्णय, निरंतर मेहनत और योजनाओं का सही उपयोग किसी भी साधारण जीवन को नई दिशा दे सकता है। घंसौर का यह युवा आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर पूरे क्षेत्र को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।1
- सिर्फ एक कुर्सी ने बढ़ाया जनता का मान, आईएएस नेहा मीणा का मानवीय चेहरा आया सामने।1