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डूंगरिया किंग की अंतिम विदाई प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ अलविदा । पट प्रेमियों में गहरा शोक,लोगों ने कहां कमी हमेशा खालेगी
बिहारीलाल सोनी
डूंगरिया किंग की अंतिम विदाई प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ अलविदा । पट प्रेमियों में गहरा शोक,लोगों ने कहां कमी हमेशा खालेगी
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- डूंगरिया किंग की अंतिम विदाई प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ अलविदा । पट प्रेमियों में गहरा शोक,लोगों ने कहां कमी हमेशा खालेगी1
- #सफलता_की_कहानी पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर राजेश पटेल बने आत्मनिर्भर ➖➖ ‘गोमुख मिल्क’ ब्रांड बनाकर अन्य को दे रहे रोजगार ➖➖ #सिवनी / सिवनी जिले के सुदूर घंसौर अंचल के एक छोटे से गांव में रहने वाले राजेश पटेल की जिंदगी कभी बिल्कुल साधारण थी। हर सुबह वे जल्दी उठते, अपने पशुओं का दूध निकालते और उसे घर-घर जाकर बेचते। दिन भर की मेहनत के बाद भी जब उन्हें दूध का उचित मूल्य नहीं मिलता, तो मन में निराशा जरूर होती, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। राजेश अक्सर सोचते थे कि क्या उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सकता है? क्या वे अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं? इसी सवाल ने उन्हें कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। एक दिन उनकी मुलाकात उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों से हुई। बातचीत के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (#PMFME) योजना के बारे में जानकारी मिली। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि यदि वे दूध का प्रसंस्करण कर उत्पाद तैयार करें, तो उन्हें ज्यादा लाभ मिल सकता है। राजेश ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और योजना के तहत आवेदन किया। विभाग ने हर कदम पर उनका साथ दिया। जल्द ही उन्हें एसबीआई घंसौर से 19.30 लाख रुपये का ऋण और 8.45 लाख रुपये का अनुदान मिला। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ था। अब राजेश ने अपने सपने को आकार देना शुरू किया। उन्होंने अपनी यूनिट में आधुनिक मशीनें लगाईं—बुल्क मिल्क कूलर, पाश्चुरीकरण मशीन, पनीर और खोवा बनाने की मशीन, और दूध पैकिंग मशीन। धीरे-धीरे उनका छोटा सा प्रयास एक व्यवस्थित व्यवसाय में बदलने लगा। अब वे सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि पनीर, खोवा, दही और घी जैसे कई उत्पाद तैयार करने लगे। उन्होंने अपने उत्पादों को एक पहचान देने के लिए “गोमुख मिल्क” नाम से ब्रांड भी शुरू किया। आकर्षक पैकेजिंग के साथ उनके उत्पाद अब बाजार में अलग पहचान बनाने लगे हैं। आज राजेश न सिर्फ खुद सफल हैं, बल्कि अपने आसपास के कई लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उनके साथ जुड़कर अन्य दुग्ध उत्पादक भी बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। राजेश पटेल की यह यात्रा बताती है कि बदलाव की शुरुआत एक छोटे से विचार से होती है। सही समय पर लिया गया निर्णय, निरंतर मेहनत और योजनाओं का सही उपयोग किसी भी साधारण जीवन को नई दिशा दे सकता है। घंसौर का यह युवा आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर पूरे क्षेत्र को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।1
- चौरई: नगर में प्रातः जागरण कर प्रभात फेरी के माध्यम से अध्यात्म की अलख जागते हुए धर्ममय वातावरण करने वाले राम संकीर्तन ग्रुप के बड़ी संख्या में सामूहिक सदस्यों ने आज गंगा सप्तमी के अवसर पर नर्मदा स्नान करने के लिए निकले । यह सामूहिक जत्था नगर के जोड़ा हनुमान मंदिर से चुनरी यात्रा के माध्यम से निकलते हुए माता मंदिर एवं बंजारी माता मंदिर में पूजन अर्चन कर संपूर्ण नगर में भ्रमण कर नर्मदा परिक्रमा का संदेश देते हुए नर्मदा स्नान के लिए निकला ।1
- सिवनी से जबलपुर का मुख्य मार्ग है और इस मार्ग पर किसानों के खेतों में नरवाई में आग आसानी से देखी जा सकती है, जिला प्रशासन के प्रतिबंध के बाद भी खेतों में लग रही आग प्रशासन की लचर व्यवस्था का प्रमाण है पूर्व में जिस तरह किसान नरवाई में आग सामने खड़े होकर सुरक्षित ढंग से लगता था. प्रशासन की शक्ति के बाद यह आग बेकाबू हो गई है अब देखने वाली बात होगी प्रशासन आग को किस तरह काबू करता है.1
- “डुंगरिया किंग की विदाई: पट प्रतियोगिता का चमकता सितारा हमेशा के लिए हुआ खामोश”1
- रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया तकनीकी खामियों और सैटेलाइट सर्वे की गलतियों के कारण किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। वृहत्ताकार साख सहकारी समिति मर्यादित कटंगी के पंजीकृत कई किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान हो रहे है। गुरूवार को शासकीय गेहूं उपार्जन केंद्र नंदलेसरा में पहुंचे किसानों ने गेहूं खरीदी के दौरान आने वाली अलग-अलग समस्याओं से अवगत करवाया। किसानों ने बताया कि सबसे गंभीर समस्या सैटेलाइट आधारित फसल सत्यापन में आ रही है। किसानों के खेतों में गेहूं की फसल खड़ी होने के बावजूद, सरकारी पोर्टल में उनके खेत में कोई उत्पादन ना होना प्रदर्शित हो रहा है।1
- Post by Harun Khan bori Kala1
- *जो आज तक किसी ने नहीं किया वो सिवनी कलेक्टर ने कर दिखाया* *सिर्फ एक कुर्सी ने बढ़ाया जनता का मान कलेक्टर का मानवीय चेहरा आया सामने*1