इंदौर 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थी निरज वैद्यराज वरिष्ठ पत्रकार महावीर जागृति संदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ 07582888100 07879797484 16/09/2026 इंदौर 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थी निरज वैद्यराज वरिष्ठ पत्रकार महावीर जागृति संदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ 07582888100 07879797484 16/09/2026 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थी मुनिपुंगव सुधासागर महाराज बोले— “क्रोध शक्ति नहीं, कमजोरी की निशानी है; कमजोर को दबाया तो वह भव-भवान्तरों में भी नहीं छोड़ेगा” इंदौर धर्म, संस्कार, अनुशासन और आत्मचिंतन से सराबोर वातावरण के बीच 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ। देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थियों एवं धर्मप्रेमी समाजजनों की उपस्थिति ने प्रथम दिवस की धर्मसभा को भव्य और आध्यात्मिक बना दिया। हर ओर गुरुभक्ति, संयम और संस्कारों की झलक दिखाई दी। प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म की व्याख्या करते हुए मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर महाराज ने क्रोध को लेकर बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “क्रोध शक्ति नहीं, बल्कि कमजोरी की निशानी है।” व्यक्ति जब अपने से कमजोर, गरीब या अपने अधीन व्यक्ति पर क्रोध करता है, तब वह अपनी शक्ति का नहीं, बल्कि अपनी कमजोरी का प्रदर्शन करता है।  मुनिश्री ने कहा कि अपने से कमजोर व्यक्ति पर क्रोध नहीं करना चाहिए, अपने से अधिक शक्तिशाली व्यक्ति पर भी क्रोध नहीं करना चाहिए और माता-पिता, गुरु एवं भगवान जैसे पूजनीयों के प्रति तो किसी भी परिस्थिति में क्रोध का भाव नहीं आना चाहिए।  “सहारा नहीं दे सकते तो धक्का मत देना” मुनिश्री सुधासागर महाराज ने अपने संबोधन में मानवता और करुणा का संदेश देते हुए कहा— “सहारा नहीं दे सकते तो धक्का मत देना। गिरे हुए को उठा नहीं सकते तो गिराना मत। आँसू नहीं पोंछ सकते तो रुलाना मत।  उन्होंने कहा कि भगवान के सामने झुकना भक्ति है, लेकिन किसी छोटे से छोटे जीव की रक्षा के लिए झुक जाना अहिंसा और करुणा है। उनके अनुसार, “मेरे लिए झुकोगे तो भक्त बनोगे, चींटी को बचाने के लिए झुकोगे तो भगवान बनोगे।” मुनिश्री ने समझाया कि सच्ची भक्ति की परीक्षा उस समय होती है, जब परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं। भगवान और गुरु के प्रति श्रद्धा किसी स्वार्थ या अपेक्षा पर आधारित नहीं होनी चाहिए। काम पूरा हो जाए तो भगवान को मानना और काम न हो तो भगवान से नाराज हो जाना सच्ची भक्ति नहीं है।  राज्य छिन जाने के बाद भी श्रीराम को नहीं आया क्रोध भगवान श्रीराम के चरित्र का उदाहरण देते हुए मुनिश्री ने कहा कि अयोध्या का राज्य और सुख छिन जाने के बाद भी श्रीराम ने माता कैकेयी के प्रति क्रोध नहीं किया। इससे यह सीख मिलती है कि पूजनीय के प्रति सम्मान परिस्थितियों के बदलने से नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जो हमारे पूजनीय हैं, उन्हें अपने अनुकूल बनाने का प्रयास मत करो; स्वयं उनके अनुकूल बनने का प्रयास करो। और जो हमसे कमजोर हैं, उन्हें अपने समान बनाने का प्रयास करो।” मुनिश्री ने कहा कि उत्तम क्षमा केवल एक धार्मिक शब्द नहीं, बल्कि करुणा, अहिंसा और सच्चे संस्कारों को जीवन में उतारने का मार्ग है। कमजोर का शोषण करना, अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना और अपने ही लोगों पर क्रोध करना अंततः व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि केवल “मिच्छामि दुक्कड़म्” कहकर क्षमा न मांगें, बल्कि क्षमा को अपने व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनाएं। क्षमा तभी सार्थक है, जब वह हमारे विचारों, वाणी और व्यवहार में दिखाई दे। हजारों शिविरार्थियों की मौजूदगी से बना अद्भुत आध्यात्मिक माहौल श्रावक संस्कार शिविर के प्रथम दिवस धर्मसभा में देशभर से आए हजारों शिविरार्थियों की उपस्थिति आकर्षण का केंद्र रही। शिविर परिसर में अनुशासन, मौन, संयम, गुरुभक्ति और धर्म के प्रति समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गुरुदेव की अमृतवाणी सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण के साथ आत्मचिंतन और संस्कारों की ऊर्जा महसूस की गई। 33वां अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने और धर्म को व्यवहार में उतारने का संदेश देता नजर आया।
इंदौर 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थी निरज वैद्यराज वरिष्ठ पत्रकार महावीर जागृति संदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ 07582888100 07879797484 16/09/2026 इंदौर 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थी निरज वैद्यराज वरिष्ठ पत्रकार महावीर जागृति संदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ 07582888100 07879797484 16/09/2026 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थी मुनिपुंगव सुधासागर महाराज बोले— “क्रोध शक्ति नहीं, कमजोरी की निशानी है; कमजोर को दबाया तो वह भव-भवान्तरों में भी नहीं छोड़ेगा” इंदौर धर्म, संस्कार, अनुशासन और आत्मचिंतन से सराबोर वातावरण के बीच 33वें अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ। देशभर से पहुंचे हजारों शिविरार्थियों एवं धर्मप्रेमी समाजजनों की उपस्थिति ने प्रथम दिवस की धर्मसभा को भव्य और आध्यात्मिक बना दिया। हर ओर गुरुभक्ति, संयम और संस्कारों की झलक दिखाई दी। प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म की व्याख्या करते हुए मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर महाराज ने क्रोध को लेकर बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “क्रोध शक्ति नहीं, बल्कि कमजोरी की निशानी है।” व्यक्ति जब अपने से कमजोर, गरीब
या अपने अधीन व्यक्ति पर क्रोध करता है, तब वह अपनी शक्ति का नहीं, बल्कि अपनी कमजोरी का प्रदर्शन करता है।  मुनिश्री ने कहा कि अपने से कमजोर व्यक्ति पर क्रोध नहीं करना चाहिए, अपने से अधिक शक्तिशाली व्यक्ति पर भी क्रोध नहीं करना चाहिए और माता-पिता, गुरु एवं भगवान जैसे पूजनीयों के प्रति तो किसी भी परिस्थिति में क्रोध का भाव नहीं आना चाहिए।  “सहारा नहीं दे सकते तो धक्का मत देना” मुनिश्री सुधासागर महाराज ने अपने संबोधन में मानवता और करुणा का संदेश देते हुए कहा— “सहारा नहीं दे सकते तो धक्का मत देना। गिरे हुए को उठा नहीं सकते तो गिराना मत। आँसू नहीं पोंछ सकते तो रुलाना मत।  उन्होंने कहा कि भगवान के सामने झुकना भक्ति है, लेकिन किसी छोटे से छोटे जीव की रक्षा के लिए झुक जाना अहिंसा और करुणा है। उनके अनुसार, “मेरे लिए झुकोगे तो भक्त बनोगे, चींटी को बचाने के लिए झुकोगे तो भगवान बनोगे।” मुनिश्री ने समझाया कि सच्ची भक्ति की परीक्षा उस
समय होती है, जब परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होतीं। भगवान और गुरु के प्रति श्रद्धा किसी स्वार्थ या अपेक्षा पर आधारित नहीं होनी चाहिए। काम पूरा हो जाए तो भगवान को मानना और काम न हो तो भगवान से नाराज हो जाना सच्ची भक्ति नहीं है।  राज्य छिन जाने के बाद भी श्रीराम को नहीं आया क्रोध भगवान श्रीराम के चरित्र का उदाहरण देते हुए मुनिश्री ने कहा कि अयोध्या का राज्य और सुख छिन जाने के बाद भी श्रीराम ने माता कैकेयी के प्रति क्रोध नहीं किया। इससे यह सीख मिलती है कि पूजनीय के प्रति सम्मान परिस्थितियों के बदलने से नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा, “जो हमारे पूजनीय हैं, उन्हें अपने अनुकूल बनाने का प्रयास मत करो; स्वयं उनके अनुकूल बनने का प्रयास करो। और जो हमसे कमजोर हैं, उन्हें अपने समान बनाने का प्रयास करो।” मुनिश्री ने कहा कि उत्तम क्षमा केवल एक धार्मिक शब्द नहीं, बल्कि करुणा, अहिंसा और सच्चे संस्कारों को जीवन में उतारने का मार्ग
है। कमजोर का शोषण करना, अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना और अपने ही लोगों पर क्रोध करना अंततः व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि केवल “मिच्छामि दुक्कड़म्” कहकर क्षमा न मांगें, बल्कि क्षमा को अपने व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनाएं। क्षमा तभी सार्थक है, जब वह हमारे विचारों, वाणी और व्यवहार में दिखाई दे। हजारों शिविरार्थियों की मौजूदगी से बना अद्भुत आध्यात्मिक माहौल श्रावक संस्कार शिविर के प्रथम दिवस धर्मसभा में देशभर से आए हजारों शिविरार्थियों की उपस्थिति आकर्षण का केंद्र रही। शिविर परिसर में अनुशासन, मौन, संयम, गुरुभक्ति और धर्म के प्रति समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गुरुदेव की अमृतवाणी सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण के साथ आत्मचिंतन और संस्कारों की ऊर्जा महसूस की गई। 33वां अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने और धर्म को व्यवहार में उतारने का संदेश देता नजर आया।
- हटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई 3 किलो 980 ग्राम गांजे के साथ एक महिला एक पुरुष गिरफ्तार1
- किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन विदेशी डेयरी उत्पादों पर रोक, फसलों का लाभकारी मूल्य और जीएसटी समाप्त करने सहित छह मांगें उठाईं लवकुशनगर/मध्यप्रदेश। किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ द्वारा प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों के हित में नीतिगत निर्णय लेने तथा कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। 15 सितंबर 2026 को दिए गए ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के साथ संगठन ने कृषि एवं किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रधानमंत्री के समक्ष रखे हैं। ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं— विदेशी डेयरी उत्पाद एवं जीएम फसलों को देश में आने से रोकने तथा कृषि आदान एवं कृषि यंत्रों से जीएसटी पूर्ण रूप से समाप्त करने की मांग। सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित किया जाए। कृषि उत्पादों की आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाई जाए तथा किसान की फसल पकने के बाद आवश्यकता के अनुसार आयात नहीं किया जाए। कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले सभी यंत्रों, रासायनिक दवाइयों तथा बीजों पर जीएसटी की दर न्यूनतम की जाए। किसी भी कीमत पर जीएम फसलों (बीजों) को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं देने की मांग। भूमि अधिग्रहण कानून में केवल विकास योजनाओं एवं राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर ही अधिग्रहण किए जाने तथा देश के सभी राज्यों में एक समान कानून लागू करने की मांग। भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया है।4
- भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर क़स्बा मड़ावरा में श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य शोभायात्रा भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर क़स्बा मड़ावरा में श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य शोभायात्रा सुसज्जित घुडबघघियों में महापुरुषों के छायाचित्र हो रहे थे शोभायमान आज क़स्बा मड़ावरा में ब्रह्माण्ड के प्रथम शिल्पी भगवान विश्वकर्मा जी की भव्य जयंती मनायी गयी इस दौरान कस्बे सहित ग्राम रंनगांव मुख्य मार्ग होकर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गयी जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालू मौजूद रहे वहीं मोती महाराज मंदिर परिसर में आयोजित हो रहे भगवान गणेश महोत्सव आयोजन की समिति द्वारा शोभायात्रा का स्वागत अभिनंदन किया गया।2
- बीना में कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन । (भाजपा सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप) लोकेशन:--बीना रिपोर्टर:- राकेश सेन बीना (सागर) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंदर यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकारी धन के दुरुपयोग और हिंदू आस्था पर चोट करने वाले कृत्यों पर रोक लगाने की मांग की गई। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर सिंह यादव ने कहा भाजपा सरकार मध्य प्रदेश और देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन जैसे निजी कार्यक्रम के लिए जनता की टैक्स की कमाई को अनुचित रूप से खर्च कर रही है, इस पर रोक लगाई जाए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा लोकतंत्र में कोई कितने भी बड़े पद पर हो, वह जनता का प्रतिनिधि होता है, राजा नहीं। उसका दायित्व है कि जनता के टैक्स की राशि को लोकहित में खर्च करे, न कि निजी कार्यक्रम पर। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा सरकारी अमले, सचिव, पटवारी को लगाकर घर-घर दिया और तेल पहुंचाना सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है, इस पर रोक लगे। खुशी लाल अहिरवार जिला पंचायत सदस्य ने कहा भाजपा जो खर्च कर रही है, वह राशि किस विभाग की अनुमति और किस मद से खर्च हो रही है, यह स्पष्ट किया जाए। मनोज कैथोरिया ने कहा मोदी को भगवान निरूपित कर उनके नाम पर दिया जलवाना हिंदू आस्था पर चोट है, इस पर रोक लगाई जाए। अशोक परिहार ने कहा शिक्षकों को शाम 7 बजे विद्यालय में जाकर दिया जलाने का आदेश तानाशाही है, क्योंकि अधिकतर शिक्षक 20 किलोमीटर दूर से सेवाएं देने आते हैं, यह कहां तक न्यायसंगत है। प्रमोद राय ने कहा सरकार निरंतर अपने निजी कार्यों में शिक्षकों का उपयोग करती है, जैसे नेताओं की सभा में भीड़ जुटाना और अब जन्मदिन पर रंगोली और दिया जलवाना। इससे शिक्षक मानसिक रूप से पीड़ित होते हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ता है। इस मौके पर खुर्रम कुरैशी, निर्भय सिंह ठाकुर, मोतीलाल मासाब, अजय प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह ठाकुर, महेंद्र नवैया, रामकिशन अहिरवार, राजाराम अहिरवार, पुष्पेंद्र तिवारी, सुरेंद्र लोधी, सुखलाल बाबू, झन्नू राय, बलराम अहिरवार, ममता अहिरवार, विमल अहिरवार, शिवानी बौद्ध, सत्यपाल पटेल, पासु पंजाबी, लक्ष्मण चंदेल, कल्याण सिंह, देवीलाल, राहुल परिहार, शहजाद हुसैन, अशोक अहिरवार, ओमप्रकाश पासु, राहुल यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- आवारा कुत्तों के आतंक पर अनोखा प्रदर्शनः मेज पर बैठाए कुत्ते, अधिकारी को पहनाई नोटों की माला; Video Viral महाराष्ट्र के नासिक जिले के निफाड़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ युवा सेना ने अनोखा और उग्र विरोध दर्ज कराया। युवा सेना के जिलाध्यक्ष विक्रम रंधावे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने 16 सितंबर को 4-5 आवारा कुत्तों को सीधा निफाड़ नगर पंचायत कार्यालय के अंदर छोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। विरोध स्वरूप कार्यकर्ताओं ने मुख्य अधिकारी धीरज भामरे की टेबल पर नोटों की माला भी पहनाई। हालांकि, इस प्रदर्शन के बाद जहां एक तरफ स्थानीय लोगों ने इसे सही ठहराया, वहीं दूसरी तरफ पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने जानवरों के साथ क्रूरता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।2
- मड़ावरा में 20 फीट ऊंची दही मटकी 6 प्रयास में टूटी: कारस देव मंदिर पर युवाओं ने दिखाया उत्साह, तालियों से गूंजा परिसर। ललितपुर के मड़ावरा कस्बे में बुधवार शाम कारस देव मंदिर पर दही मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। करीब 20 फीट की ऊंचाई पर बंधी दही से भरी मटकी को तोड़ने के लिए युवाओं की टोली ने कई कोशिशें कीं। छह प्रयासों के बाद युवाओं को मटकी फोड़ने में कामयाबी मिली। मटकी टूटते ही मंदिर परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।बुंदेलखंड में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद कारस देव मंदिरों पर अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रम करने की परंपरा है। इसी कड़ी में कारस देव मंदिर पर बुधवार शाम धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दही मटकी फोड़ प्रतियोगिता रखी गई। इसमें इलाके के सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों ने मंदिर परिसर में करीब 20 फीट की ऊंचाई पर दही से भरी मटकी बांधी थी। इसे फोड़ने के लिए युवाओं की टोली ने एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर मटकी तक पहुंचने की कोशिश की। युवाओं के लिए इसे मुश्किल बनाने के लिए मटकी को रस्सी के सहारे लगातार हिलाया जा रहा था। इस वजह से मटकी फोड़ना युवाओं के लिए चुनौती भरा रहा।मटकी फोड़ने के दौरान दर्शकों में भी काफी उत्साह दिखा। हर कोशिश के साथ लोगों की नजरें मटकी पर टिकी थीं और परिसर में खुशनुमा माहौल बना रहा। करीब छह प्रयासों के बाद युवाओं ने मटकी फोड़ दी, जिसके बाद लोगों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।इस मौके पर कारस देव मंदिर में दूसरे धार्मिक कार्यक्रम भी हुए। गोट गायन में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। देर शाम तक मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम होते रहे।3
- सरस्वती शिशु मंदिर जैसीनगर में संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया गया1
- अवैध पिस्टल व तीन कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार महरौनी पुलिस की कार्रवाई, मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी युवक पर आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज ललितपुर महरौनी। अवैध शस्त्रों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महरौनी पुलिस ने ग्राम छिल्ला के पास चेकिंग के दौरान एक युवक को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 32 बोर की एक अवैध पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर ग्राम छिल्ला थाना महरौनी के पास चेकिंग के दौरान खेमराज उर्फ लल्ला पुत्र बालकिशन रावत, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी ग्राम सड़, थाना करैरा, जनपद शिवपुरी (मध्य प्रदेश) को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से अवैध पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर थाना महरौनी में मुकदमा अपराध संख्या 379/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध थाना बार, जनपद ललितपुर में भी मुकदमा अपराध संख्या 221/2026 के तहत धारा 3(5), 109, 125, 324(4), 351(3) बीएनएस में मामला दर्ज है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ललितपुर संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी महरौनी अरविन्द कुमार पाण्डेय के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक गुलाम फरीद, चौकी प्रभारी खितवास, कांस्टेबल विकास कुमार, कुलदीप कुमार और पवन कुमार मिश्रा शामिल रहे।1