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मंगलवार शाम हिंडौन सिटी में धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया। इस बारिश से लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। बारिश के बाद स्थानीय तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडी हवाएं चलने लगीं। लोगों ने इस खुशनुमा मौसम का आनंद लिया, वहीं किसानों के चेहरों पर भी स्पष्ट रूप से खुशी देखी गई।
Hanis Sheikh
मंगलवार शाम हिंडौन सिटी में धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया। इस बारिश से लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। बारिश के बाद स्थानीय तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडी हवाएं चलने लगीं। लोगों ने इस खुशनुमा मौसम का आनंद लिया, वहीं किसानों के चेहरों पर भी स्पष्ट रूप से खुशी देखी गई।
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- मंगलवार शाम हिंडौन सिटी में धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया। इस बारिश से लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। बारिश के बाद स्थानीय तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडी हवाएं चलने लगीं। लोगों ने इस खुशनुमा मौसम का आनंद लिया, वहीं किसानों के चेहरों पर भी स्पष्ट रूप से खुशी देखी गई।1
- हिंडौन सिटी के मासलपुर स्थित काछीपुरा गांव में आयोजित भागवत कथा के भंडारे के लिए हिंडौन से खरीदा गया 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल नकली निकला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 18 जून को हिंडौन की शुभम एंटरप्राइजेज फर्म से करीब ₹3,00,000 में खरीदे गए 100 टिन कनस्तरों में से इस रिफाइंड का उपयोग भोजन बनाने के लिए किया गया। जब हलवाइयों ने पंडितों और घर वालों के लिए भोजन तैयार किया, तो भोजन करने वाले सभी लोगों ने इस रिफाइंड को नकली बताया, जिसके बाद यह मामला सामने आया। काछीपुरा के ग्रामीणों ने नकली रिफाइंड के टिन कनस्तरों से भरी पिकअप के साथ मंगलवार को हिंडौन पहुंचकर मनीराम पार्क के पास स्थित शुभम एंटरप्राइजेज फर्म पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि टिन कनस्तर पर 'एस ओ एन ए ए' जबकि उसके कवर पर 'एस ओ एन ए' अंकित है। साथ ही, कनस्तर पर 'सिंस 1894' और कवर पर '1884' लिखा होने से उन्हें रिफाइंड के नकली होने का संदेह हुआ। नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिनेश चंद सैनी की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग करौली के अधिकारी विजय सिंह ने सीएमएचओ के निर्देश पर जांच की, जिसमें पिकअप में रखे 'सोना सिक्का' रिफाइंड के 90 टिन कनस्तरों में गड़बड़ी पाई गई। इनमें से एक कनस्तर को नमूने के तौर पर जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि रिफाइंड में मिलावट की रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष सैनी ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद शुभम एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक ने सभी गड़बड़ टिन कनस्तरों को बदल दिया है। इसके अतिरिक्त, फर्म ने भागवत कथा के भंडारे में ₹1,11,000 का सहयोग भी प्रदान किया है।4
- हिंडौन सिटी का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से संवेदनहीन और निष्क्रिय बना हुआ है, जिसके चलते शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए 'खून के आंसू' रो रही है। नगर परिषद द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित 'जन राहत शिविर' भी महज एक छलावा साबित हो रहे हैं, जहाँ शिकायतों का अंबार लगा है लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अधिकारियों द्वारा 'टाइम पास' किया जा रहा है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मुख्य मार्गों से रोजाना आ रही शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इनमें जगह-जगह 'कचरे के पहाड़' खड़े होना और सफाई विभाग का 'कुंभकर्णी नींद' में होना शामिल है। सीवरेज और पानी निकासी की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे मामूली बारिश या आम दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर उफन रहा है। इसके अतिरिक्त, कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और लो-वोल्टेज की समस्या से जनता के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और डिवाइडर खस्ताहाल हैं, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) 'आंखें मूंदे बैठा' है। प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा यह है कि हिंडौन सिटी के एसडीएम का स्थानांतरण (ट्रांसफर) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे रिलीव होकर अपने पद से हट नहीं रहे हैं। इस रवैये के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जिसका परिणाम यह है कि शिविरों में आने वाले 80% लोगों को बिना काम कराए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापत ने कहा कि हिंडौन सिटी का प्रशासन पूरी तरह 'संवेदनहीन' हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी 'भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस और जन-राहत की मंशा को पलीता लगा रहे हैं' और जनता टूटी सड़कों, सीवरेज के गंदे पानी, बिजली की किल्लत और गंदगी के ढेरों के बीच जीने को मजबूर है। प्रजापत ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था तुरंत नहीं सुधरी और समस्याओं का मौके पर निस्तारण नहीं हुआ तो 'ईंट से ईंट बजा दी जाएंगी'।2
- देश में जातिवाद के अस्तित्व और इसके भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया है। इस बात पर विचार किया जा रहा है कि क्या भारत से जातिवाद की समस्या को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है या नहीं। इसके साथ ही, यह भी पूछा गया है कि यदि इस देश से जातिवाद पूरी तरह से मिट जाए, तो इसके क्या परिणाम होंगे और समाज पर इसका क्या असर पड़ेगा।1
- राज्य सरकार द्वारा चलाए गए ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन 2026 में ग्राम पंचायत पटोंदा में किया गया। इस शिविर में श्री महावीर जी तहसीलदार हरसहाय मीना और पंचायत ग्राम विकास अधिकारी ने एक प्रार्थी को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। शिविर में सहकारी विभाग के श्याम सिंह, विद्युत विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग, रसद विभाग की प्रवर्तन निरीक्षक सुनीता मीणा, शिक्षा विभाग और कृषि विभाग सहित राज्य सरकार के सभी विभागों के कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की और मौके पर ही विभिन्न परिवादों का निस्तारण किया गया।1
- करौली जिले के श्यामपुर मूंडरी में नौ गांवों के प्रतिनिधियों ने खंडीप महापंचायत के समर्थन में एक बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी नौ गांवों के ग्रामीण कल एक साथ मिलकर धरना स्थल की ओर कूच करेंगे।1
- करौली जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पादों पर विभाग के अंकुश न होने का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पंचायत समिति मासलपुर के काछीपुरा गांव में भागवत कथा के समापन पर आयोजित भंडारे के लिए खरीदे गए रिफाइंड तेल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंडौन सिटी के टीकाकुंड बयाना रोड स्थित एक थोक विक्रेता फर्म ने उन्हें 'सोना सिक्का' ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड तेल के पीपे बेच दिए। आयोजन समिति से जुड़े दिनेश सैनी ने बताया कि भंडारे की प्रसादी के लिए 18 जून को हिंडौन के बयाना रोड स्थित थोक विक्रेता से 'सोना सिक्का' ब्रांड के 100 पीपे खरीदे गए थे। समिति ने चीनी, घी, चना दाल, पोहा और चावल सहित कुल ₹3,37,309 की खरीदारी की थी, जिसमें से लगभग ₹3 लाख के 100 पीपे रिफाइंड तेल के थे। ग्रामीणों ने पीपे के नकली होने का संदेह इसलिए जताया क्योंकि बाहरी कागज के गत्ते पर 'एस ओ एन ए' अंकित था, जबकि अंदर के पीपे पर 'एस ओ एन ए ए' दो बार लिखा था। इसके अतिरिक्त, कागज के रैपर पर 'सिंस 1984' अंकित था, जबकि पीपे पर '1894' लिखा हुआ था, जिससे नकली होने का शक गहराया। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों द्वारा नकली रिफाइंड के पीपे लेकर बयाना रोड स्थित टीकाकुंड हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर पहुंचने की सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। खाद्य विभाग, करौली के अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायत दी थी। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचने पर एक पिकअप में रखे लगभग 90 पीपे रिफाइंड तेल में गड़बड़ी पाई गई। विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक पीपे को नमूने के तौर पर जब्त कर लिया है और उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि जब्त किए गए रिफाइंड के पीपे उसी दुकान से खरीदे गए थे, जिस पर ग्रामीण पहुंचे थे।4
- हिन्डौन सिटी में रिफाइंड तेल की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी सामने आई है, जहाँ असली मार्का की जगह नकली मार्का 'सोना सिक्का' रिफाइंड तेल धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यह गंभीर स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि नकली तेल की बिक्री से जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।1