ताला जोन में टाइगर शो एक साथ दिखे 6 बाघ, पर्यटकों की धड़कनें तेज ताला जोन में टाइगर शो एक साथ दिखे 6 बाघ, पर्यटकों की धड़कनें तेज उमरी तपस गुप्ता (7999276090) बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन में ऐसा दृश्य दिखा, जिसे देखने वाले पर्यटक शायद ही कभी भूल पाएं। बधैनी पटपर इलाके में एक साथ 6 बाघ नजर आए और जंगल सफारी कर रहे लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। जैसे ही जिप्सियों के सामने पगडंडी मार्ग पर हलचल हुई, कैमरे तैयार हो गए और कुछ ही क्षणों में अद्भुत नजारा सामने था। जानकारी के अनुसार, सिद्ध बाबा फिमेल अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी। शावक अब काफी फुर्तीले हो चुके हैं और मां के साथ आत्मविश्वास से जंगल की राह पार करते दिखे। दूसरी ओर चक्रधरा फिमेल के दो सब एडल्ट मेल शावक भी उसी क्षेत्र में नजर आए। एक ही फ्रेम में छह बाघों की मौजूदगी ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले झाड़ियों में हलचल दिखी, फिर एक-एक कर बाघ पगडंडी पार करते गए। गाइड और ड्राइवरों ने तुरंत वाहनों को रोका ताकि जानवरों को कोई बाधा न हो। कुछ मिनटों तक पूरा जंगल जैसे ठहर सा गया था। केवल कैमरों की क्लिक और धीमी फुसफुसाहट सुनाई दे रही थी। इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वन्यजीव प्रेमी इसे ताला जोन के बेहतरीन पलों में से एक बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ इतने बाघों का दिखना क्षेत्र में स्वस्थ आबादी और अनुकूल आवास का संकेत है। पर्यटन सीजन के बीच इस तरह की साइटिंग ने ताला जोन की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। हालांकि प्रबंधन की ओर से लगातार यह अपील की जाती है कि पर्यटक नियमों का पालन करें, शांति बनाए रखें और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में हस्तक्षेप न करें।
ताला जोन में टाइगर शो एक साथ दिखे 6 बाघ, पर्यटकों की धड़कनें तेज ताला जोन में टाइगर शो एक साथ दिखे 6 बाघ, पर्यटकों की धड़कनें तेज उमरी तपस गुप्ता (7999276090) बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन में ऐसा दृश्य दिखा, जिसे देखने वाले पर्यटक शायद ही कभी भूल पाएं। बधैनी पटपर इलाके में एक साथ 6 बाघ नजर आए और जंगल सफारी कर रहे लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। जैसे ही जिप्सियों के सामने पगडंडी मार्ग पर हलचल हुई, कैमरे तैयार हो गए और कुछ ही क्षणों में अद्भुत नजारा सामने था। जानकारी के अनुसार, सिद्ध बाबा फिमेल अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी। शावक अब काफी फुर्तीले हो चुके हैं और मां के साथ आत्मविश्वास से जंगल की राह पार करते दिखे। दूसरी ओर चक्रधरा फिमेल के दो सब एडल्ट मेल शावक भी उसी क्षेत्र में नजर आए। एक ही फ्रेम में छह बाघों की मौजूदगी ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले झाड़ियों में हलचल दिखी, फिर एक-एक कर बाघ पगडंडी पार करते गए। गाइड और ड्राइवरों ने तुरंत वाहनों को रोका ताकि जानवरों को कोई बाधा न हो। कुछ मिनटों तक पूरा जंगल जैसे ठहर सा गया था। केवल कैमरों की क्लिक और धीमी फुसफुसाहट सुनाई दे रही थी। इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वन्यजीव प्रेमी इसे ताला जोन के बेहतरीन पलों में से एक बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ इतने बाघों का दिखना क्षेत्र में स्वस्थ आबादी और अनुकूल आवास का संकेत है। पर्यटन सीजन के बीच इस तरह की साइटिंग ने ताला जोन की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। हालांकि प्रबंधन की ओर से लगातार यह अपील की जाती है कि पर्यटक नियमों का पालन करें, शांति बनाए रखें और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में हस्तक्षेप न करें।
- ताला जोन में टाइगर शो एक साथ दिखे 6 बाघ, पर्यटकों की धड़कनें तेज उमरी तपस गुप्ता (7999276090) बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन में ऐसा दृश्य दिखा, जिसे देखने वाले पर्यटक शायद ही कभी भूल पाएं। बधैनी पटपर इलाके में एक साथ 6 बाघ नजर आए और जंगल सफारी कर रहे लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। जैसे ही जिप्सियों के सामने पगडंडी मार्ग पर हलचल हुई, कैमरे तैयार हो गए और कुछ ही क्षणों में अद्भुत नजारा सामने था। जानकारी के अनुसार, सिद्ध बाबा फिमेल अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी। शावक अब काफी फुर्तीले हो चुके हैं और मां के साथ आत्मविश्वास से जंगल की राह पार करते दिखे। दूसरी ओर चक्रधरा फिमेल के दो सब एडल्ट मेल शावक भी उसी क्षेत्र में नजर आए। एक ही फ्रेम में छह बाघों की मौजूदगी ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले झाड़ियों में हलचल दिखी, फिर एक-एक कर बाघ पगडंडी पार करते गए। गाइड और ड्राइवरों ने तुरंत वाहनों को रोका ताकि जानवरों को कोई बाधा न हो। कुछ मिनटों तक पूरा जंगल जैसे ठहर सा गया था। केवल कैमरों की क्लिक और धीमी फुसफुसाहट सुनाई दे रही थी। इस दुर्लभ दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वन्यजीव प्रेमी इसे ताला जोन के बेहतरीन पलों में से एक बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ इतने बाघों का दिखना क्षेत्र में स्वस्थ आबादी और अनुकूल आवास का संकेत है। पर्यटन सीजन के बीच इस तरह की साइटिंग ने ताला जोन की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। हालांकि प्रबंधन की ओर से लगातार यह अपील की जाती है कि पर्यटक नियमों का पालन करें, शांति बनाए रखें और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में हस्तक्षेप न करें।1
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- Post by Sumit Singh Chandel1
- कमिश्नर ने डायलिसिस मशीन एवं अस्पताल परिसर में मरीजों के परिवहन हेतु वाहन का फीता काटकर किया शुभारंभ === कमिश्नर ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा ==== कलेक्टर के अथक प्रयासों से जिला अस्पताल को मिली डायलिसिस मशीन व वाहन की सुविधा ==== शहडोल 25 फरवरी 2026- कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के प्रयासों से जिला अस्पताल शहडोल को मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 8 लाख रुपये की लागत वाली डायलिसिस मशीन एवं अस्पताल परिसर में मरीजों के शिफ्टिंग के लिए महिन्द्रा एजेंसी द्वारा प्रदाय वाहन का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। कमिश्नर ने शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण कर वहां भर्ती नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली तथा गंभीर स्थिति वाले नवजात शिशुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. शिल्फी सराफ ने अवगत कराया कि प्रतिदिन लगभग 15 से 20 डिलीवरी होती हैं एवं वर्तमान में पोस्ट ऑपरेटिव रूम में 35 मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। कमिश्नर ने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, भर्ती मरीजों, नवजात शिशुओं, बेड्स की संख्या सहित अन्य व्यवस्थाओं की भी जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती प्रभा मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- *स्वच्छता आई समृद्धि लाई, स्लोगन जुमलेबाजी से कमतर नहीं* *स्वच्छता परिसर में गंदगी का आलम ऐसा की अंदर जाना भी दुशवार* *ओ, डी, एफ, प्लस का दावा फाइलों में दफन* डिंडोरी -- आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन सरकारी फाइलों तक सिमटी नजर आती है! लाखों की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाये गये थे इनके निर्माण के बाद न तो जनपद के जिम्मेदारों ने इनके रखरखाव एवं उपयोग की की जिम्मेदारी तय की और न ही पंचायत के सरपंच और सचिव ने नतीजा यह हुआ की अपवाद स्वरूप कुछ एक पंचायतों में तो इनका उपयोग हो रहा है! लेकिन ज़्यदातर ये स्वच्छता परिसर खंडहरों में तब्दील होने के साथ गंदगी से ऐसे सरावोर हैं! की अंदर जाना भी दुसवार है! ऐसा ही मामला है! जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां स्वच्छता परिसर के अंदर गंदगी का आलम ऐसा की खड़ा होना भी दूभर है!इस ओर न सरपंच संजीदा हैं और न सचिव ऐसे में शासकीय राशि से निर्मित स्वच्छता परिसर के निर्माण पर ही निरुत्तर सवाल खड़े हो रहे हैं! उल्लेखनीय है! कि स्वच्छता परिसर के पीछे ही शासकीय प्राथमिक कन्या शाला भवन है! जहां छोटी बच्चियां अध्यनरत हैं!यहां भी शराब की बोतल डिस्पोजल के साथ गंदगी का अंबार लगा हुआ है!शाला भवन के बाजू में ही पुराना पंचायत भवन है! जहां दो चार दिनों से किसी की गाय बीमार अवस्था में कमरे के अंदर पड़ी हुई थी जिसकी मौत हो चुकी है!जिसकी दुर्गन्ध भी अमजनों के लिए मुसीबत बन गई है!ग्रामीणों की माने तो इन्होंने स्वच्छता परिसर सहित शाला भवन और पुराने पंचायत भवन में व्याप्त गंदगी को लेकर अनेकों बार सरपंच सचिव को अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव को जनहित की समस्याओं से जरा भी सरोकार नहीं हैग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सफाई और व्यवस्था सुधार की मांग की है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है। स्वच्छता का दावा करने वाले तंत्र के लिए यह स्थिति किसी तमाचे से कम नहीं है।6
- Post by Sumit Singh Chandel1