NH 31 के बाद NH 80 तक पहुँचा गंगा के बाढ़ का पानी एंकर :- शनिवार दिन भर बाढ़ अनुमंडल के लिये बेहद भारी और खतनाक रहा, हम बात गंगा में आई भयंकर बाढ़ की कर रहे हैँ जहाँ, बख्तियारपुर में गंगा कई जगह NH 31 को पार कर गाँव और घरों में प्रवेश कर गई वहीं, मोकामा प्रखंड के बरहपुर और शिवनार में भी NH 31 को पार करते हुये गंगा का पानी गाँव और घरों में प्रवेश कर गया! जबकी शनिवार की ही देर रात 12 बजे के बाद हाथीदह में रेलवे स्टेशन के पास NH 80 को पार कर गाँव घरों में प्रवेश कर गईं, जिससे रविवार को स्थिति और अधिक बिगड़ने की आशंका है! ईधर प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की भरसक मदद करने में जुटी है जो नाकाफी साबित हो रहा है, मदद के नाम पर प्रशासन प्रखंड मुख्यालय में कम्युनिटी किचेन चला रही है और लोगों में अल्प मात्रा में सूखा राशन तथा कुछ प्लास्टिक शीट वितरण कर रही है, जिससे लोगों में आक्रोश साफ देखने को मिल रहा है! लोगों का मानना है की हर गाँव में सरकारी भवनों में खान पान और ठहराव की व्यवस्था होनी चाहिए! चूँकि अब स्थिति इंतजार का नहीं बल्कि बेहतर इंतजाम का हो गया है! गंगा अब शहरी और आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश कर तांडव मचा रही है, जिससे लोगों में एक ओर भय बना हुआ है, जन जीवन अस्त व्यस्त है तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक खाना पूर्ति से आक्रोश भी व्याप्त है! बाइट - ग्रामीण!
NH 31 के बाद NH 80 तक पहुँचा गंगा के बाढ़ का पानी एंकर :- शनिवार दिन भर बाढ़ अनुमंडल के लिये बेहद भारी और खतनाक रहा, हम बात गंगा में आई भयंकर बाढ़ की कर रहे हैँ जहाँ, बख्तियारपुर में गंगा कई जगह NH 31 को पार कर गाँव और घरों में प्रवेश कर गई वहीं, मोकामा प्रखंड के बरहपुर और शिवनार में भी NH 31 को पार करते हुये गंगा का पानी गाँव और घरों में प्रवेश कर गया! जबकी शनिवार की ही देर रात 12 बजे के बाद हाथीदह में रेलवे स्टेशन के पास NH 80 को पार कर गाँव घरों में प्रवेश कर गईं, जिससे रविवार को स्थिति और अधिक बिगड़ने की आशंका है! ईधर प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की भरसक मदद करने में जुटी है जो नाकाफी साबित हो रहा है, मदद के नाम पर प्रशासन प्रखंड मुख्यालय में कम्युनिटी किचेन चला रही है और लोगों में अल्प मात्रा में सूखा राशन तथा कुछ प्लास्टिक शीट वितरण कर रही है, जिससे लोगों में आक्रोश साफ देखने को मिल रहा है! लोगों का मानना है की हर गाँव में सरकारी भवनों में खान पान और ठहराव की व्यवस्था होनी चाहिए! चूँकि अब स्थिति इंतजार का नहीं बल्कि बेहतर इंतजाम का हो गया है! गंगा अब शहरी और आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश कर तांडव मचा रही है, जिससे लोगों में एक ओर भय बना हुआ है, जन जीवन अस्त व्यस्त है तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक खाना पूर्ति से आक्रोश भी व्याप्त है! बाइट - ग्रामीण!
- बंद घर में वेंटिलेटर तोड़कर चोरी, डेढ़ लाख के सामान पर चोरों ने किया हाथ साफ1
- 7 /8 /2026 दिन सोमवार को पटना साहिब सांसद रविशंकर प्रसाद का पुतला दहन को लेकर जनता को आह्वान किया जा रहा है बख्तियारपुर ब्लॉक परिसर में पुतला दहन होगा दियारा विकास संगठन के माध्यम से पुतला दहन होगा1
- मोकामा की कसहा दियारा में घुसा गंगा का विकराल रूप घरों तक पहुंचा पानी मोकामा की कसहा दियारा में गंगा का विकराल रूप देखने को मिल रहा है ऐसे में गंगा का पानी कसहा दियारा के लोगों के घरों में घुस गया है और सड़को पर तेज धार के साथ इस पर से उसे पर बह रहा है जबकि बच्चे गंगा के तेज धार में सड़कों पर ही स्नान करते दिखाई दे रहे हैं या नजर कसहा जाने वाली मुख्य सड़क की है जहां से ग्राउंड रिपोर्टिंग आप देख सकते हैं1
- बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे बख्तियारपुर विधायक अरुण शाह, सामुदायिक किचन और गंगा घाट का किया निरीक्षण; लोगों की सुनी समस्या।। बख्तियारपुर। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को जानने के लिए बख्तियारपुर विधायक अरुण शाह शनिवार को क्षेत्र में पहुंचे। विधायक ने गंगा घाट के साथ बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे राहत एवं सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया। विधायक ने घोसवारी स्कूल और सिंचाई भवन में चल रहे सामुदायिक किचन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। ऐसे में राहत शिविरों और सामुदायिक किचन के जरिए प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।1
- सावधान! समस्तीपुर-वैशाली में बाढ़ का खतरा और बढ़ेगा, सुरक्षित स्थानों पर जाएँ अलर्ट: रविवार सुबह तक जलस्तर और बढ़ने की आशंका, राशन व पीने के पानी की व्यवस्था अभी करें आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार के अनुसार प्रदेश में बाढ़ की स्थिति अब तक के उच्चतम स्तर से 1 सेंटीमीटर अधिक दर्ज की गई है। विभाग के अनुमान के मुताबिक रविवार, 6 सितंबर सुबह 8:00 बजे तक जलस्तर लगभग 50.6 सेंटीमीटर तक पहुँच सकता है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। समस्तीपुर एवं वैशाली जिले के सुदूर दियारा क्षेत्रों में अधिकांश घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। कई सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल सीमित संख्या में नावों की व्यवस्था की गई है, जो प्रभावित आबादी की तुलना में बेहद कम है। इसके कारण लोगों को आवागमन और राहत सामग्री पहुँचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। न्यूज़ 24 लाइव के माध्यम से सभी लोगों से अपील की जाती है कि जिनके घर चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं, वे बिना देर किए सुरक्षित एवं ऊँचे स्थानों पर चले जाएँ। साथ ही पीने के पानी, सूखे राशन, दवाइयों और आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण अपने स्तर पर कर लें। मौसम और जलस्तर को देखते हुए आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।1
- गंगा के बढ़ते जलस्तर से पंडारक प्रखंड के कई गांव प्रभावित, घरों में घुसा बाढ़ का पानी पंडारक प्रखंड। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से पंडारक प्रखंड के अंतर्गत ढिबर पंचायत के सहनौरा, बरियारपुर, लेमुआबाद पंचायत के वार्ड नंबर 1 एवं 9 तथा पंडारक पूर्वी पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण कई घरों में पानी घुस गया है। स्थिति को देखते हुए ग्रामीण अपना घर छोड़कर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। लेमुआबाद पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुमित कुमार ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित सभी लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान एवं राहत का लाभ प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने के लिए सभी प्रभावित लोगों के नाम चिन्हित कर पंडारक प्रखंड के अंचलाधिकारी को सूची उपलब्ध करा दी गई है। वहीं, पंडारक प्रखंड के राजस्व कर्मचारी ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से जानकारी ली। ढिबर पंचायत के सहनौर गांव में सरकारी स्कूल के पास गंगा का पानी सड़क को पार कर गांव की ओर बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों में काफी चिंता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बचे हुए घर भी पानी की चपेट में आ सकते हैं। ढिबर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ की स्थिति पर ढिबर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि, सरपंच और अंचलाधिकारी द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से गंगा नदी के किनारे नहीं जाने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। वहीं एनटीपीसी थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम लगातार गश्त कर ग्रामीणों को जागरूक कर रही है और गंगा किनारे नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।4
- अपराध नियंत्रण को लेकर मोकामा थाना पुलिस का वाहन चेकिंग अभियान, संदिग्ध वाहनों पर कड़ी नजर मोकामा। अपराध नियंत्रण को लेकर मोकामा थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर जांच की गई। पुलिस ने वाहन के कागजात, हेलमेट सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की। अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी। पुलिस का कहना है कि अपराध पर लगाम लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।1
- NH 31 के बाद NH 80 तक पहुँचा गंगा के बाढ़ का पानी एंकर :- शनिवार दिन भर बाढ़ अनुमंडल के लिये बेहद भारी और खतनाक रहा, हम बात गंगा में आई भयंकर बाढ़ की कर रहे हैँ जहाँ, बख्तियारपुर में गंगा कई जगह NH 31 को पार कर गाँव और घरों में प्रवेश कर गई वहीं, मोकामा प्रखंड के बरहपुर और शिवनार में भी NH 31 को पार करते हुये गंगा का पानी गाँव और घरों में प्रवेश कर गया! जबकी शनिवार की ही देर रात 12 बजे के बाद हाथीदह में रेलवे स्टेशन के पास NH 80 को पार कर गाँव घरों में प्रवेश कर गईं, जिससे रविवार को स्थिति और अधिक बिगड़ने की आशंका है! ईधर प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की भरसक मदद करने में जुटी है जो नाकाफी साबित हो रहा है, मदद के नाम पर प्रशासन प्रखंड मुख्यालय में कम्युनिटी किचेन चला रही है और लोगों में अल्प मात्रा में सूखा राशन तथा कुछ प्लास्टिक शीट वितरण कर रही है, जिससे लोगों में आक्रोश साफ देखने को मिल रहा है! लोगों का मानना है की हर गाँव में सरकारी भवनों में खान पान और ठहराव की व्यवस्था होनी चाहिए! चूँकि अब स्थिति इंतजार का नहीं बल्कि बेहतर इंतजाम का हो गया है! गंगा अब शहरी और आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश कर तांडव मचा रही है, जिससे लोगों में एक ओर भय बना हुआ है, जन जीवन अस्त व्यस्त है तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक खाना पूर्ति से आक्रोश भी व्याप्त है! बाइट - ग्रामीण!1