काकनिया में नवसृजित ग्राम पंचायत का भव्य उद्घाटन, विकास की नई शुरुआत कुशलगढ़ क्षेत्र के ग्राम काकनिया में नवसृजित ग्राम पंचायत के उद्घाटन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर रहे। समारोह में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्य अतिथि भीमा भाई डामोर ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्राम पंचायत लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव होती है और जब गांव मजबूत होते हैं, तभी प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि नवसृजित ग्राम पंचायत काकनिया क्षेत्र के विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी का सशक्त केंद्र बनेगी। डामोर ने भरोसा दिलाया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए पंचायत प्रतिनिधि पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में भाजपा ग्रामीण उपाध्यक्ष पूर्व बैंक अधिकारी सरदार सिंह कटारा ने कहा कि नई ग्राम पंचायत बनने से ग्रामीणों को प्रशासनिक सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होंगी और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरपंच रमणलाल राणा ने कहा कि काकनिया पंचायत क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, पानी और स्वच्छता को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सरपंच भीमा भाई मईड़ा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर पंचायत को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने का संकल्प लेते हैं। समारोह में सबलपुरा के राजी भाई, कलजी भाई, मेरी मां भगत, बाबु भाई, प्रवीन करिया, बहादुर डीलर, गजराज सिंह डामोर, बाबु भाई सबलपुरा, गलीया भाई सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा ग्रामीणों ने नवसृजित पंचायत के गठन पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम ने गांव में विकास, एकता और नई उम्मीदों का संदेश दिया, वहीं ग्रामीणों में भविष्य को लेकर उत्साह और विश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
काकनिया में नवसृजित ग्राम पंचायत का भव्य उद्घाटन, विकास की नई शुरुआत कुशलगढ़ क्षेत्र के ग्राम काकनिया में नवसृजित ग्राम पंचायत के उद्घाटन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर रहे। समारोह में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्य अतिथि भीमा भाई डामोर ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्राम पंचायत लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव होती है और जब गांव मजबूत होते हैं, तभी प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि नवसृजित ग्राम पंचायत काकनिया क्षेत्र के विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी का सशक्त केंद्र बनेगी। डामोर ने भरोसा दिलाया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए पंचायत प्रतिनिधि पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में भाजपा ग्रामीण उपाध्यक्ष
पूर्व बैंक अधिकारी सरदार सिंह कटारा ने कहा कि नई ग्राम पंचायत बनने से ग्रामीणों को प्रशासनिक सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होंगी और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरपंच रमणलाल राणा ने कहा कि काकनिया पंचायत क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, पानी और स्वच्छता को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सरपंच भीमा भाई मईड़ा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर पंचायत को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने का संकल्प लेते हैं। समारोह में सबलपुरा के राजी भाई, कलजी भाई, मेरी मां भगत, बाबु भाई, प्रवीन करिया, बहादुर डीलर, गजराज सिंह डामोर, बाबु भाई सबलपुरा, गलीया भाई सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा ग्रामीणों ने नवसृजित पंचायत के गठन पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम ने गांव में विकास, एकता और नई उम्मीदों का संदेश दिया, वहीं ग्रामीणों में भविष्य को लेकर उत्साह और विश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
- कुशलगढ़ क्षेत्र के ग्राम काकनिया में नवसृजित ग्राम पंचायत के उद्घाटन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर रहे। समारोह में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्य अतिथि भीमा भाई डामोर ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्राम पंचायत लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव होती है और जब गांव मजबूत होते हैं, तभी प्रदेश और देश प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि नवसृजित ग्राम पंचायत काकनिया क्षेत्र के विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी का सशक्त केंद्र बनेगी। डामोर ने भरोसा दिलाया कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए पंचायत प्रतिनिधि पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में भाजपा ग्रामीण उपाध्यक्ष पूर्व बैंक अधिकारी सरदार सिंह कटारा ने कहा कि नई ग्राम पंचायत बनने से ग्रामीणों को प्रशासनिक सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होंगी और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरपंच रमणलाल राणा ने कहा कि काकनिया पंचायत क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, पानी और स्वच्छता को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सरपंच भीमा भाई मईड़ा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर पंचायत को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने का संकल्प लेते हैं। समारोह में सबलपुरा के राजी भाई, कलजी भाई, मेरी मां भगत, बाबु भाई, प्रवीन करिया, बहादुर डीलर, गजराज सिंह डामोर, बाबु भाई सबलपुरा, गलीया भाई सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा ग्रामीणों ने नवसृजित पंचायत के गठन पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम ने गांव में विकास, एकता और नई उम्मीदों का संदेश दिया, वहीं ग्रामीणों में भविष्य को लेकर उत्साह और विश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।2
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में महिलाओं की समग्र गर्भावस्था जांच कर निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं का वजन, रक्तचाप (बीपी), शुगर सहित आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। साथ ही निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मां वाउचर योजना के तहत कूपन वितरित किए गए, जिससे महिलाएं सूचीबद्ध सोनोग्राफी केंद्रों पर जांच करवा सकें। चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, नियमित जांच एवं आवश्यक सावधानियों को लेकर पोषण संबंधी परामर्श भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और शिशु के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखते हुए मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं से समय पर जांच कराकर अभियान का लाभ लेने की अपील की है। इधर आरसीएचओ डॉ दिनेश कुमार भाबोर ने परतापुर क्षेत्र में निरीक्षण किया। हाउसिंग बॉर्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ सुमितारंजन ने बताया कि हर माह की 9,18 व 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की जाती है। साथ ही उनकी काउंसलिंग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर पूरी तरह से मदद के प्रयास किए जाते हैं। निशुल्क सोनोग्राफी के लिए कूपन देकर प्रेरित भी किया जाता है।2
- Post by DINESH TABIYAR2
- गुरुदेव के आगमन पर बांसवाड़ा जिला में जैन समाज की पुरुष और महिलाओं ने महाराज जी पर फूलों की वर्षा की और शोभा यात्रा का आयोजन किया1
- Post by Sohan lal Maida1
- डूंगरपुर के धंबोला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोवाड़िया फला में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला है। मृतका के पीहर पक्ष ने मौत पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सीमलवाड़ा चौकी प्रभारी सकाराम परमार ने बताया कि रेखा (43) पत्नी रमेश खांट निवासी कोवाड़िया फला का शव उसके घर में रस्सी के फंदे पर लटका मिला। घटना के समय महिला घर पर अकेली थी, क्योंकि उसका पति और दो बच्चे अहमदाबाद में मजदूरी के लिए गए हुए थे। पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 12 बजे मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। सुबह करीब चार बजे शव को सीमलवाड़ा मॉर्च्युरी में रखवाया गया। आज सुबह जब पीहर पक्ष मॉर्च्युरी पहुंचा, तो उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। पीहर पक्ष का कहना है कि उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई और उनकी गैर-मौजूदगी में ही शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया। मृतका के भाई नरेश अहारी ने आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पीहर पक्ष से समझाइश का प्रयास कर रही है। शव का पोस्टमॉर्टम अभी तक नहीं हो पाया है और वह मॉर्च्युरी में ही रखा हुआ है।1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- बांसवाड़ा जिले की सुप्रसिद्ध ब्रह्म नगरी छींच इन दिनों आस्था और अध्यात्म के अद्भुत संगम की साक्षी बन रही है। 07 फरवरी से प्रारंभ हुए ऐतिहासिक श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को संपूर्ण क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञाग्नि की पावन आहुतियों और भक्तों के जयकारों से भक्तिमय हो उठा। मंदिर परिसर में चल रहे महायज्ञों और विशेष अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। मंदिर समिति के हरिश्चन्द्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भव्य आयोजन श्री महंत श्री घनश्यामदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। महोत्सव के अंतर्गत मंदिर प्रांगण में एक साथ तीन विशाल यज्ञ—21 कुण्डीय गणेश याग, नौ कुण्डीय महारुद्र याग और नौ कुण्डीय शतचंडी महायज्ञ—आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे संपूर्ण क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार हो रहा है। वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठान तीसरे दिन प्रातःकालीन बेला में स्थापित देवताओं के विशेष पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। प्रधान यज्ञाचार्य प्रदीप शुक्ल के निर्देशन में विद्वान पंडितों—नरेश त्रिवेदी, किशोर त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी और रौनक आचार्य—ने विधि-विधान से यज्ञ कार्य संपन्न कराया। यज्ञ मंडप में गणपति अथर्वशीर्ष, महारुद्र स्वाहाकार और दुर्गा सहस्रनामावली के पावन मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। अग्निदेव को समर्पित इन हवन आहुतियों से वातावरण सुगंधित, पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। फलाधिवास और पुष्पाधिवास बने आकर्षण का केंद्र प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत मूर्तियों के संस्कार की प्रक्रिया अत्यंत भावपूर्ण रही। भगवान श्री सिद्धि विनायक एवं अन्य विग्रहों का फलाधिवास और पुष्पाधिवास कराया गया। विभिन्न ऋतु फलों के रस एवं सान्निध्य में प्रतिष्ठित विग्रहों को बाद में सुगंधित पुष्पों से आच्छादित किया गया। फूलों और फलों के मध्य विराजमान भगवान का दिव्य स्वरूप देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। धर्मसभा में गूंजा गुरु महिमा का संदेश इस पावन अवसर पर तपोभूमि लालीवाव मठ के पीठाधीश्वर श्री महंत श्री हरिओमदास जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए गुरु की महिमा और यज्ञ के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा— “गुरु के बिना ज्ञान अंधा है और यज्ञ के बिना जीवन की शुद्धि असंभव है। सदगुरु ही भवसागर से पार उतारने वाला मार्गदर्शक है। ईश्वर जीवन देते हैं, लेकिन जीवन को सार्थक बनाने की कला और मोक्ष का मार्ग गुरु ही दिखाते हैं।” उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण का उदाहरण देते हुए बताया कि स्वयं ईश्वर ने भी मानव रूप में गुरु धारण कर समाज को विनय और विद्या का संदेश दिया। सिद्धि विनायक के माहात्म्य का भावपूर्ण वर्णन श्री महंत श्री घनश्यामदास जी महाराज ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा— “भगवान गणेश केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, बल्कि बुद्धि और सिद्धि के दाता भी हैं। जो भक्त सच्चे मन से और विधि-विधान से विनायक की आराधना करता है, उसके जीवन के समस्त संकट कट जाते हैं और उसे अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।” उनके प्रवचनों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे और पंडाल में “गणपति बप्पा मोरया” व “जय गुरुदेव” के जयघोष गूंज उठे। श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुदृढ़ तीसरे दिन गौभक्त संत रघुवीरदास जी महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी, बागीदौरा तहसीलदार रामकिशन मीणा, काली कल्याण धाम नौगामा के सूर्यवीरसिंह चौहान, काली कल्याण धाम बोड़ीगामा के गुलाबसिंह पंवार सहित अनेक गणमान्यजन एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। व्यवस्था की दृष्टि से कलिंजरा थानाधिकारी योगेंद्र व्यास के निर्देशन में पुलिस का माकूल बंदोबस्त रहा, वहीं नगर परिषद बांसवाड़ा के सहयोग से अग्निशमन वाहन और चल शौचालय जैसी सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई। भक्ति, वैदिक परंपरा, यज्ञाग्नि की आहुति और गुरु वाणी के दिव्य संदेश से ओतप्रोत यह तीसरा दिन ब्रह्म नगरी छींच के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय बनकर अंकित हो गया।4