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2 माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी भड़के, बहस के बाद एक माह का वेतन कराया जमा वारासिवनी। आर्थिक तंगी से जूझ रही नगरपालिका परिषद वारासिवनी में दो माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी आक्रोशित हो गए। वेतन को लेकर कर्मचारियों की सीएमओ व पार्षदगण से बहस के बाद सीएमओ ने एक माह का वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा करवा दिया है। वहीं एक महक वेतन 2 मार्च सोमवार को जमा करवाने का आश्वासन दिया है।
Aanand Verma
2 माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी भड़के, बहस के बाद एक माह का वेतन कराया जमा वारासिवनी। आर्थिक तंगी से जूझ रही नगरपालिका परिषद वारासिवनी में दो माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी आक्रोशित हो गए। वेतन को लेकर कर्मचारियों की सीएमओ व पार्षदगण से बहस के बाद सीएमओ ने एक माह का वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा करवा दिया है। वहीं एक महक वेतन 2 मार्च सोमवार को जमा करवाने का आश्वासन दिया है।
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- वारासिवनी। आर्थिक तंगी से जूझ रही नगरपालिका परिषद वारासिवनी में दो माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी आक्रोशित हो गए। वेतन को लेकर कर्मचारियों की सीएमओ व पार्षदगण से बहस के बाद सीएमओ ने एक माह का वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा करवा दिया है। वहीं एक महक वेतन 2 मार्च सोमवार को जमा करवाने का आश्वासन दिया है।1
- बालाघाट-गोंदिया राष्ट्रीय मार्ग पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मजदूर युवक की जान चली गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा खुरसोड़ी और कन्हड़गांव के बीच उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।1
- Post by Dhupsingh Dhurve1
- विगत एक वर्ष से नगर परिषद कटंगी शुक्रवार को लगने वाले साप्ताहिक मवेशी बाजार को ठेके पर न देकर स्वयं अपने कर्मचारियों से वसूली करवा रही है। ऐसे में लगातार कर्मचारियों के द्वारा पशुपालकों और व्यापारियों से मवेशी पंजीयन शुल्क की राशि दोगुनी वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थी। शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे जब हमने बाजार पहुंचकर देखा तो यह कर्मचारी अधिक राशि वसूली करते हुए नजर आए। दोगुना राशि वसूली किए जाने की बात तो पूरी तरह से सही नहीं पाई गई। हालांकि यह जरूर देखा गया कि पंजीयन शुल्क की राशि रसीद में दर्ज राशि से अधिक ली जा रही थी। नियमानुसार मवेशी बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित पंजीयन शुल्क की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होता है। बावजूद इसके जब नगर परिषद के कर्मचारी मवेशी बाजार में वसूली कर रहे है तो यहां से यहीं महत्वपूर्ण जानकारी गायब दिखी। यह एक गंभीर लापरवाही का संकेत तो है ही, वहीं ऐसे में इस बात से भी कतई इनकार नहीं किया जा सकता कि यहां अवैध वसूली नहीं हो रही होगी। ऑफ कैमरा कई पशु क्रेताओं और विक्रेताओं ने बताया कि उनसे अधिक पैसा लेकर कम की रसीद थमाई गई है। बताया जाता है कि मवेशी बाजार में वसूली करने वाले कर्मचारियों ने इस वसूली को नगर परिषद की आय का जरिए कम बल्कि अपनी झोली भरने का जरिया अधिक बना लिया है।1
- आगामी रामनवमी पर्व को लेकर आनंदवर्धन श्री राम मंदिर कलबोड़ी में तैयारियां तेज जिला मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर NH-44 नागपुर मार्ग पर स्थित आनन्द वर्धन श्री राम मंदिर में इन दिनों व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, रंग-रोगन एवं मरम्मत कार्य किया जा रहा है। मंदिर परिसर को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए नव युवक राम मंदिर समिति द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। आगामी चैत्र नवरात्रि, बैठकी अष्टमी एवं रामनवमी के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन प्रस्तावित है। आयोजन को सफल एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से मंदिर के जीर्णोद्धार और साज-सज्जा का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। समिति ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से मंदिर के मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य में तन, मन एवं धन से सहयोग करने की अपील की है। मंदिर में दान के लिए QR कोड की व्यवस्था भी की गई है, जिससे श्रद्धालु आसानी से अपना योगदान दे सकते हैं। समिति ने विश्वास व्यक्त किया है कि सभी भक्तों के सहयोग से आयोजन को ऐतिहासिक एवं सफल बनाया जाएगा तथा धर्म लाभ का अवसर सभी को प्राप्त होगा।2
- नहर से सिंचाई के लिये परेशान हो रहे सिंगोला के किसान: स्थानीय से लेकर जिले तक नहीं हुई सुनवाई लांजी। क्षेत्र में नहरों के रोटेशन के बाद भी किसानों को रबी की फसल के लिये सिंचाई हेतु पानी का नहीं मिल पाना चिंताजनक है, ऐसा खुद सिंगोला के किसानों का कहना है, उनके हिसाब से रबी की फसल के लिये परेशानी बेशुमार है और उस पर भी स्थानीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर तक आवेदन दिये जा चुके है लेकिन आज भी स्थिति जस की तस ही बनी हुई है, किसानो की खार पड़े-पड़े पीली हुई जा रही है परन्तु इसकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं है, छोटे से लेकर बड़े किसान जब 26 फरवरी को ग्राम में ही रायशुमारी के लिये एकजुट हुये तो मिडिया से चर्चा के दौरान उन्होने बताया कि जिस प्रकार रोटेशन के समय भी टेल क्षेत्र तक पानी नहीं मिल रहा है तो ऐसे में उनके वोट और चुने हुये नेता आखिर कब उनके काम आयेंगे, बहरहाल कुछ किसानों ने तो यह तक कहा कि सिर्फ सड़के और पुल-पुलिया ही विकास का आधार है तो क्या किसानों को सिंचाई के लिये जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता नहीं और यह विकास का कैसा आधार है जिसमें किसान ही परेशान है। - यह है रोटेशन प्रणाली कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट के अंतर्गत संचालित बाघ दांयी तट नहर (अंतर्राज्जीय) परियोजना जो कि महाराष्ट्र एवं म.प्र. का संयुक्त उपक्रम है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत रबी सिंचाई हेतु कार्यक्रम का निर्धारण किया गया है। रोटेशन प्रणाली के अनुसार वर्ष 2025-26 हेतु रबी कार्यकम अंतर्गत निम्नानुसार वितरक नहर में पानी दिया जाना प्रस्तावित है। जो की निम्नानुसार है 1. कुलपा कारंजा वितरक नहर क. 0 से 290 तक, कारंजा माइनर चैन क. 0 से 90 तक, सबमाइनर नं. 1 चैन क. 0 से 20 तक, सबमाइनर नं. 2 चैन क. 0 से 25 तक, कारंजा माइनर नं. 4 चैन क. 0 से 25, परसोडी माइनर चैन क. 0 से 32 तक, 2. सिंगोला वितरक नहर, सिंगोला वितरक नहर चैन क. 0 से 260 तक तक पानी दिया जाएगा। - यह प्रतिबंध भी है लागू यह विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्षानुसार रबी सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता मध्यप्रदेश राज्य को आबंटित जल भण्डारण (जो कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित किया जाता है) उपलब्ध करवाया जाता है। जो इस वर्ष आज दिनांक तक अप्राप्त है जिससे रबी कार्यक्रम में भविष्य में संशोधन किया जा सकता है। मुख्य नहर में विद्युत पम्प की अनुमति का निर्णय मध्यप्रदेश को आंवटित जल के आधार पर किया जावेगा। नहर का संचालन महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित अनुसार ही किया जावेगा। मुख्य नहर में किसी प्रकार का अडावा/अवरोध लगाना प्रतिबंधित है अडावा लगाये जाने पर संबंधित कृषक पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। प्रस्तावित रबी सिंचाई क्षेत्र के कृषकों से अपील की जाती है कि मुख्य नहर, वितरक नहर एवं माइनर के कोलाबे के समीप ही रबी धान फसल लगावे जिससे कि सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके। - यह है कहना है किसानों का सिंगोला के किसानों का कहना है कि पहले हिना कावरे और रमेश भटेरे के समय में रबी फसल को लेकर इतनी परेशानी नहीं होती थी जो कि अब हो रही है, जहां लांजी-आमगांव मुख्य मार्ग केे एक तरफ तो नहर झाड़ियों और मिट्टी से सफाई के अभाव में नाली जैसी हो गई है तो वहीं दूसरी तरफ नहर के पानी को विभाग द्वारा ही रोक दिये जाने की जानकारी किसानों के द्वारा दी गई, उसके बाद कुछ किसानों के द्वारा निजी तौर पर नहर के अड़ावे के पहले पंप की सहायता से नालियों के जरिये पानी सप्लाई की जा रही है, जो नालियां किसानों ने खुद के पैसो से जेसीबी की मदद से बनाई है। - अनसुलझी है किसानो की समस्या बहरहाल कुल मिलाकर देखा जाये तो किसानों की समस्या विगत कई दिनों के संघर्ष के बाद भी जस की तस बनी हुई है, चंद किसानो को रबी फसल के लिये पानी उपलब्ध हो रहा है तो वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बात के लिये प्रयास कर रहे है, किसानों ने यहां तक कह दिया कि नेता अधिकारियों की भाषा बोल रहे है, जबकि पुराने नेता उनकी फसल की सिंचाई के लिये दौड़ तक लगा देते थे और उनको आज जो परेशानी हो रही है पहले के नेताओं के कार्यकाल में नहीं हुई, बहरहाल नियम कायदे जो भी हो किसान परेशान जरूर है और उनमें रबी फसल की सिंचाई हेतु आक्रोश भी देखा जा सकता है।1
- *सिवनी* *सिवनी में शंकराचार स्तंभ की हुई स्थापना* *मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े...* सिवनी जिले के मुख मार्ग छिंदवाड़ा चौक में शंकराचार स्तंभ की स्थापना की गई इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लोकार्पण किया साथ ही द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती भी उपस्थित थे और जिले के विधायक दिनेश राय मुनमुन,, कलेक्टर , डीजीपी,पुलिस अधीक्षक, कांग्रेस, भाजपा के कार्यकर्ता और धर्म प्रेमी बंधु भारी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे1
- वारासिवनी । चंद दिनों पूर्व नगर के विभिन्न चौक चौराहों पर नगरपालिका परिषद वारासिवनी द्वारा लगवाये गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस विभाग के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहे है। गत दिनों फव्वारा चौक के पास एक सब्जी वाली महिला के साथ लूट करने की घटना वहॉ पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की नजर में पूरी तरह से नहीं आ पाई। जिसके कारण पुलिस पिछले 3 दिनों में भी आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। वहीं बुधवार की रात्रि लगभग 9 बजे एक बड़े ट्रक द्वारा जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया था और चालक को थाने में बुलाकर उससे पूछताछ भी की गई। इस बीच घटना की जानकारी नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को पुलिस विभाग व नागरिकों द्वारा दी गई। लेकिन उसके बावजूद भी नगरपालिका की ओर से किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने की जहमत नहीं उठाई। बताया जाता है कि ट्रक लालबर्रा मार्ग से जय स्तम्भ चौक होकर बालाघाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरे से ट्रक टकरा गया। जिससे कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया और चालक को थाने में बुला लिया। जहॉ पर थाना प्रभारी पवन यादव ने उससे कागजातों के बारे में पूछताछ की, तो उसने सही तरीके से जवाब नहीं दिया। जिससे उनके बीच कुछ गरमा गरम बहस भी हो गई थी। वहीं ट्रक के बालाघाट निवासी मालिक से वारासिवनी के कुछ व्यापारियों ने नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों की चर्चा करवाई और उससे सीसीटीवी कैमरों को पहुॅचे नुकसान की भरपाई का वादा कर उसे छुड़वा दिया। सीसीटीवी कैमरों को कितना नुकसान पहुॅचा है, इसका आकलन अभी नहीं किया गया है। यहॉ पर विचारणीय बात यह भी है कि नगर के चौक चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रुम पुलिस थाना वारासिवनी में बनाया गया है और सभी कैमरों की देखरेख भी पुलिस विभाग को करनी चाहिए। लेकिन इस मामले में पुलिस विभाग ने अपनी ओर से कार्यवाही करने के स्थान पर गेंद नगरपालिका के पाले में डाल दी और उसका फायदा ट्रक चालक व मालिक दोनों को ही मिल गया। नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों ने सिर्फ सीसीटीवी कैमरों की नुकसानी की वसूली का समझौता कर ट्रक चालक व मालिक की लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। वैसे तो इसके पहले भी जय स्तम्भ चौक की बाऊंड्रीवाल को भी कुछ वाहन चालकों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा चुका है। उस समय भी नगरपालिका के अधिकारियों ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं लिखाते हुए उनसे समझौता कर लिया था। फिलहाल तो ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुए सीसीटीवी कैमरो को नगरपालिका ने निकलवा लिया है।1