ट्रक की टक्कर से सीसीटीवी क्षतिग्रस्त। नगरपालिका ने कार्यवाही के स्थान पर किया समझौता वारासिवनी । चंद दिनों पूर्व नगर के विभिन्न चौक चौराहों पर नगरपालिका परिषद वारासिवनी द्वारा लगवाये गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस विभाग के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहे है। गत दिनों फव्वारा चौक के पास एक सब्जी वाली महिला के साथ लूट करने की घटना वहॉ पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की नजर में पूरी तरह से नहीं आ पाई। जिसके कारण पुलिस पिछले 3 दिनों में भी आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। वहीं बुधवार की रात्रि लगभग 9 बजे एक बड़े ट्रक द्वारा जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया था और चालक को थाने में बुलाकर उससे पूछताछ भी की गई। इस बीच घटना की जानकारी नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को पुलिस विभाग व नागरिकों द्वारा दी गई। लेकिन उसके बावजूद भी नगरपालिका की ओर से किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने की जहमत नहीं उठाई। बताया जाता है कि ट्रक लालबर्रा मार्ग से जय स्तम्भ चौक होकर बालाघाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरे से ट्रक टकरा गया। जिससे कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया और चालक को थाने में बुला लिया। जहॉ पर थाना प्रभारी पवन यादव ने उससे कागजातों के बारे में पूछताछ की, तो उसने सही तरीके से जवाब नहीं दिया। जिससे उनके बीच कुछ गरमा गरम बहस भी हो गई थी। वहीं ट्रक के बालाघाट निवासी मालिक से वारासिवनी के कुछ व्यापारियों ने नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों की चर्चा करवाई और उससे सीसीटीवी कैमरों को पहुॅचे नुकसान की भरपाई का वादा कर उसे छुड़वा दिया। सीसीटीवी कैमरों को कितना नुकसान पहुॅचा है, इसका आकलन अभी नहीं किया गया है। यहॉ पर विचारणीय बात यह भी है कि नगर के चौक चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रुम पुलिस थाना वारासिवनी में बनाया गया है और सभी कैमरों की देखरेख भी पुलिस विभाग को करनी चाहिए। लेकिन इस मामले में पुलिस विभाग ने अपनी ओर से कार्यवाही करने के स्थान पर गेंद नगरपालिका के पाले में डाल दी और उसका फायदा ट्रक चालक व मालिक दोनों को ही मिल गया। नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों ने सिर्फ सीसीटीवी कैमरों की नुकसानी की वसूली का समझौता कर ट्रक चालक व मालिक की लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। वैसे तो इसके पहले भी जय स्तम्भ चौक की बाऊंड्रीवाल को भी कुछ वाहन चालकों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा चुका है। उस समय भी नगरपालिका के अधिकारियों ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं लिखाते हुए उनसे समझौता कर लिया था। फिलहाल तो ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुए सीसीटीवी कैमरो को नगरपालिका ने निकलवा लिया है।
ट्रक की टक्कर से सीसीटीवी क्षतिग्रस्त। नगरपालिका ने कार्यवाही के स्थान पर किया समझौता वारासिवनी । चंद दिनों पूर्व नगर के विभिन्न चौक चौराहों पर नगरपालिका परिषद वारासिवनी द्वारा लगवाये गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस विभाग के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहे है। गत दिनों फव्वारा चौक के पास एक सब्जी वाली महिला के साथ लूट करने की घटना वहॉ पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की नजर में पूरी तरह से नहीं आ पाई। जिसके कारण पुलिस पिछले 3 दिनों में भी आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। वहीं बुधवार की रात्रि लगभग 9 बजे एक बड़े ट्रक द्वारा जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया था और चालक को थाने में बुलाकर उससे पूछताछ भी की गई। इस बीच घटना की जानकारी नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को पुलिस विभाग व नागरिकों द्वारा दी गई। लेकिन उसके बावजूद भी नगरपालिका की ओर से किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने की जहमत नहीं उठाई। बताया जाता है कि ट्रक लालबर्रा मार्ग से जय स्तम्भ चौक होकर बालाघाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरे से ट्रक टकरा गया। जिससे कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया और चालक को थाने में बुला लिया। जहॉ पर थाना प्रभारी पवन यादव ने उससे कागजातों के बारे में पूछताछ की, तो उसने सही तरीके से जवाब नहीं दिया। जिससे उनके बीच कुछ गरमा गरम बहस भी हो गई थी। वहीं ट्रक के बालाघाट निवासी मालिक से वारासिवनी के कुछ व्यापारियों ने नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों की चर्चा करवाई और उससे सीसीटीवी कैमरों को पहुॅचे नुकसान की भरपाई का वादा कर उसे छुड़वा दिया। सीसीटीवी कैमरों को कितना नुकसान पहुॅचा है, इसका आकलन अभी नहीं किया गया है। यहॉ पर विचारणीय बात यह भी है कि नगर के चौक चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रुम पुलिस थाना वारासिवनी में बनाया गया है और सभी कैमरों की देखरेख भी पुलिस विभाग को करनी चाहिए। लेकिन इस मामले में पुलिस विभाग ने अपनी ओर से कार्यवाही करने के स्थान पर गेंद नगरपालिका के पाले में डाल दी और उसका फायदा ट्रक चालक व मालिक दोनों को ही मिल गया। नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों ने सिर्फ सीसीटीवी कैमरों की नुकसानी की वसूली का समझौता कर ट्रक चालक व मालिक की लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। वैसे तो इसके पहले भी जय स्तम्भ चौक की बाऊंड्रीवाल को भी कुछ वाहन चालकों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा चुका है। उस समय भी नगरपालिका के अधिकारियों ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं लिखाते हुए उनसे समझौता कर लिया था। फिलहाल तो ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुए सीसीटीवी कैमरो को नगरपालिका ने निकलवा लिया है।
- वारासिवनी। आर्थिक तंगी से जूझ रही नगरपालिका परिषद वारासिवनी में दो माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी आक्रोशित हो गए। वेतन को लेकर कर्मचारियों की सीएमओ व पार्षदगण से बहस के बाद सीएमओ ने एक माह का वेतन कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा करवा दिया है। वहीं एक महक वेतन 2 मार्च सोमवार को जमा करवाने का आश्वासन दिया है।1
- लांजी थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) गौतमसिंह मरकाम की अदालत ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी लक्ष्मीकांत उर्फ निकेश उमरे (22) निवासी लांजी क को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 7 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।1
- वन परिक्षेत्र कटंगी के ग्राम बालापुर बीसापुर में बुधवार की देर शाम करीब साढ़े 08 बजे वन्य प्राणी तेंदुए ने गांव के भीतर घुसकर दिनेश कुमार उइके नाम के युवक पर प्राण घातक हमला कर दिया था। इस घटना के बाद गुरूवार को वन विभाग ने दोपहर साढ़े 03 बजे शाम 06 बजे के बीच गांव में विशेष मुनादी करवाई है। प्रशिक्षु आईएफएस जितेन्द्र कुमार और वन परिक्षेत्र अधिकारी बी.एल.चढ़ार के निर्देशन पर वन विभाग ने टीम ने पूरे गांव की गश्ती की और ध्वनि विस्ताकर यंत्र के जरिए ग्रामीणों को सर्तक रहने की अपील की गई है।1
- नहर से सिंचाई के लिये परेशान हो रहे सिंगोला के किसान: स्थानीय से लेकर जिले तक नहीं हुई सुनवाई लांजी। क्षेत्र में नहरों के रोटेशन के बाद भी किसानों को रबी की फसल के लिये सिंचाई हेतु पानी का नहीं मिल पाना चिंताजनक है, ऐसा खुद सिंगोला के किसानों का कहना है, उनके हिसाब से रबी की फसल के लिये परेशानी बेशुमार है और उस पर भी स्थानीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर तक आवेदन दिये जा चुके है लेकिन आज भी स्थिति जस की तस ही बनी हुई है, किसानो की खार पड़े-पड़े पीली हुई जा रही है परन्तु इसकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं है, छोटे से लेकर बड़े किसान जब 26 फरवरी को ग्राम में ही रायशुमारी के लिये एकजुट हुये तो मिडिया से चर्चा के दौरान उन्होने बताया कि जिस प्रकार रोटेशन के समय भी टेल क्षेत्र तक पानी नहीं मिल रहा है तो ऐसे में उनके वोट और चुने हुये नेता आखिर कब उनके काम आयेंगे, बहरहाल कुछ किसानों ने तो यह तक कहा कि सिर्फ सड़के और पुल-पुलिया ही विकास का आधार है तो क्या किसानों को सिंचाई के लिये जल उपलब्ध कराना प्राथमिकता नहीं और यह विकास का कैसा आधार है जिसमें किसान ही परेशान है। - यह है रोटेशन प्रणाली कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सर्वेक्षण संभाग बालाघाट के अंतर्गत संचालित बाघ दांयी तट नहर (अंतर्राज्जीय) परियोजना जो कि महाराष्ट्र एवं म.प्र. का संयुक्त उपक्रम है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रोटेशन प्रणाली के अंतर्गत रबी सिंचाई हेतु कार्यक्रम का निर्धारण किया गया है। रोटेशन प्रणाली के अनुसार वर्ष 2025-26 हेतु रबी कार्यकम अंतर्गत निम्नानुसार वितरक नहर में पानी दिया जाना प्रस्तावित है। जो की निम्नानुसार है 1. कुलपा कारंजा वितरक नहर क. 0 से 290 तक, कारंजा माइनर चैन क. 0 से 90 तक, सबमाइनर नं. 1 चैन क. 0 से 20 तक, सबमाइनर नं. 2 चैन क. 0 से 25 तक, कारंजा माइनर नं. 4 चैन क. 0 से 25, परसोडी माइनर चैन क. 0 से 32 तक, 2. सिंगोला वितरक नहर, सिंगोला वितरक नहर चैन क. 0 से 260 तक तक पानी दिया जाएगा। - यह प्रतिबंध भी है लागू यह विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्षानुसार रबी सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता मध्यप्रदेश राज्य को आबंटित जल भण्डारण (जो कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित किया जाता है) उपलब्ध करवाया जाता है। जो इस वर्ष आज दिनांक तक अप्राप्त है जिससे रबी कार्यक्रम में भविष्य में संशोधन किया जा सकता है। मुख्य नहर में विद्युत पम्प की अनुमति का निर्णय मध्यप्रदेश को आंवटित जल के आधार पर किया जावेगा। नहर का संचालन महाराष्ट्र राज्य द्वारा निर्धारित अनुसार ही किया जावेगा। मुख्य नहर में किसी प्रकार का अडावा/अवरोध लगाना प्रतिबंधित है अडावा लगाये जाने पर संबंधित कृषक पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। प्रस्तावित रबी सिंचाई क्षेत्र के कृषकों से अपील की जाती है कि मुख्य नहर, वितरक नहर एवं माइनर के कोलाबे के समीप ही रबी धान फसल लगावे जिससे कि सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके। - यह है कहना है किसानों का सिंगोला के किसानों का कहना है कि पहले हिना कावरे और रमेश भटेरे के समय में रबी फसल को लेकर इतनी परेशानी नहीं होती थी जो कि अब हो रही है, जहां लांजी-आमगांव मुख्य मार्ग केे एक तरफ तो नहर झाड़ियों और मिट्टी से सफाई के अभाव में नाली जैसी हो गई है तो वहीं दूसरी तरफ नहर के पानी को विभाग द्वारा ही रोक दिये जाने की जानकारी किसानों के द्वारा दी गई, उसके बाद कुछ किसानों के द्वारा निजी तौर पर नहर के अड़ावे के पहले पंप की सहायता से नालियों के जरिये पानी सप्लाई की जा रही है, जो नालियां किसानों ने खुद के पैसो से जेसीबी की मदद से बनाई है। - अनसुलझी है किसानो की समस्या बहरहाल कुल मिलाकर देखा जाये तो किसानों की समस्या विगत कई दिनों के संघर्ष के बाद भी जस की तस बनी हुई है, चंद किसानो को रबी फसल के लिये पानी उपलब्ध हो रहा है तो वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बात के लिये प्रयास कर रहे है, किसानों ने यहां तक कह दिया कि नेता अधिकारियों की भाषा बोल रहे है, जबकि पुराने नेता उनकी फसल की सिंचाई के लिये दौड़ तक लगा देते थे और उनको आज जो परेशानी हो रही है पहले के नेताओं के कार्यकाल में नहीं हुई, बहरहाल नियम कायदे जो भी हो किसान परेशान जरूर है और उनमें रबी फसल की सिंचाई हेतु आक्रोश भी देखा जा सकता है।1
- *सिवनी* *सिवनी में शंकराचार स्तंभ की हुई स्थापना* *मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े...* सिवनी जिले के मुख मार्ग छिंदवाड़ा चौक में शंकराचार स्तंभ की स्थापना की गई इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लोकार्पण किया साथ ही द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती भी उपस्थित थे और जिले के विधायक दिनेश राय मुनमुन,, कलेक्टर , डीजीपी,पुलिस अधीक्षक, कांग्रेस, भाजपा के कार्यकर्ता और धर्म प्रेमी बंधु भारी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे1
- हर घर नल जल योजना या छल योजना लखनादौन विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत मचवाडा के ग्राम कल्याणपुर मे योजनाओं की खुलती पोल पूरे ग्राम मे नल जल योजना सिर्फ कागजों मे ही सीमित जमीनी स्तर पर फेल2
- जिले में इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की चोरी से संबंधित भ्रामक एवं अपुष्ट संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन संदेशों के माध्यम से लोगों में भय और भ्रम का वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने आमजन से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मंडला जिले में बच्चों की चोरी की कोई भी पुष्टि घटना दर्ज नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो और संदेश प्रायः अन्य जिलों या पुराने घटनाक्रमों से संबंधित होते हैं, जिन्हें वर्तमान बताकर साझा किया जा रहा है। ऐसे भ्रामक संदेश समाज में अनावश्यक दहशत पैदा करते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध सूचना को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। यदि किसी व्यक्ति या गतिविधि पर संदेह हो तो तुरंत नजदीकी थाना, डायल 100 या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें, स्वयं कानून हाथ में लेने का प्रयास न करें। कई बार अफवाहों के कारण निर्दोष लोगों के साथ अभद्रता या हिंसा की घटनाएं भी सामने आती हैं, जो कानूनन अपराध है।1
- वारासिवनी । चंद दिनों पूर्व नगर के विभिन्न चौक चौराहों पर नगरपालिका परिषद वारासिवनी द्वारा लगवाये गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस विभाग के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहे है। गत दिनों फव्वारा चौक के पास एक सब्जी वाली महिला के साथ लूट करने की घटना वहॉ पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की नजर में पूरी तरह से नहीं आ पाई। जिसके कारण पुलिस पिछले 3 दिनों में भी आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है। वहीं बुधवार की रात्रि लगभग 9 बजे एक बड़े ट्रक द्वारा जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया था और चालक को थाने में बुलाकर उससे पूछताछ भी की गई। इस बीच घटना की जानकारी नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को पुलिस विभाग व नागरिकों द्वारा दी गई। लेकिन उसके बावजूद भी नगरपालिका की ओर से किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने की जहमत नहीं उठाई। बताया जाता है कि ट्रक लालबर्रा मार्ग से जय स्तम्भ चौक होकर बालाघाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान जय स्तम्भ चौक पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरे से ट्रक टकरा गया। जिससे कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को रोक लिया और चालक को थाने में बुला लिया। जहॉ पर थाना प्रभारी पवन यादव ने उससे कागजातों के बारे में पूछताछ की, तो उसने सही तरीके से जवाब नहीं दिया। जिससे उनके बीच कुछ गरमा गरम बहस भी हो गई थी। वहीं ट्रक के बालाघाट निवासी मालिक से वारासिवनी के कुछ व्यापारियों ने नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों की चर्चा करवाई और उससे सीसीटीवी कैमरों को पहुॅचे नुकसान की भरपाई का वादा कर उसे छुड़वा दिया। सीसीटीवी कैमरों को कितना नुकसान पहुॅचा है, इसका आकलन अभी नहीं किया गया है। यहॉ पर विचारणीय बात यह भी है कि नगर के चौक चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रुम पुलिस थाना वारासिवनी में बनाया गया है और सभी कैमरों की देखरेख भी पुलिस विभाग को करनी चाहिए। लेकिन इस मामले में पुलिस विभाग ने अपनी ओर से कार्यवाही करने के स्थान पर गेंद नगरपालिका के पाले में डाल दी और उसका फायदा ट्रक चालक व मालिक दोनों को ही मिल गया। नगरपालिका के अधिकारियों व पदाधिकारियों ने सिर्फ सीसीटीवी कैमरों की नुकसानी की वसूली का समझौता कर ट्रक चालक व मालिक की लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। वैसे तो इसके पहले भी जय स्तम्भ चौक की बाऊंड्रीवाल को भी कुछ वाहन चालकों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा चुका है। उस समय भी नगरपालिका के अधिकारियों ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं लिखाते हुए उनसे समझौता कर लिया था। फिलहाल तो ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुए सीसीटीवी कैमरो को नगरपालिका ने निकलवा लिया है।1