SECL बिरसिंहपुर पाली के जोहिला एरिया में 'कोल नीर' आरओ (RO) पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट का लोकार्पण किया जा रहा है। कोल इंडिया की इस नई पहल के तहत कोयला खदानों से निकलने वाले भूमिगत पानी को अत्यधिक आरओ तकनीक से शुद्ध करके पीने योग्य बनाया जा रहा है। इस पानी को 550 मिलीलीटर और 1 लीटर की बोतलों में पैक किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए शुद्ध पेयजल को बाद में ₹5 में आम जनता के लिए बाजार में उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। यह विचार BCCL, CCL, SECL और MCL जैसी कंपनियों ने मिलकर तैयार किया है। इससे पहले BCCL का पहला प्लांट झारखंड के धनबाद स्थित पुटकी बलिहारी क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में करीब ₹2 करोड़ की लागत से स्थापित किया गया था, जिसका निरीक्षण BCCL CMD मनोज अग्रवाल ने किया था। भारत सरकार के केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री द्वारा इस संयोज्य व्यवस्था और कोल नीर प्लांट के उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की गई है।
SECL बिरसिंहपुर पाली के जोहिला एरिया में 'कोल नीर' आरओ (RO) पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट का लोकार्पण किया जा रहा है। कोल इंडिया की इस नई पहल के तहत कोयला खदानों से निकलने वाले भूमिगत पानी को अत्यधिक आरओ तकनीक से शुद्ध करके पीने योग्य बनाया जा रहा है। इस पानी को 550 मिलीलीटर और 1 लीटर की बोतलों में पैक किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए शुद्ध पेयजल को बाद में ₹5 में आम जनता के लिए बाजार में उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। यह विचार BCCL, CCL, SECL और MCL जैसी कंपनियों ने मिलकर तैयार किया है। इससे पहले BCCL का पहला प्लांट झारखंड के धनबाद स्थित पुटकी बलिहारी क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में करीब ₹2 करोड़ की लागत से स्थापित किया गया था, जिसका निरीक्षण BCCL CMD मनोज अग्रवाल ने किया था। भारत सरकार के केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री द्वारा इस संयोज्य व्यवस्था और कोल नीर प्लांट के उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की गई है।
- देशभर में छात्रों के साथ हो रहे कथित अन्याय और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं वरिष्ठ नेताओं पर हुए पुलिस बल प्रयोग के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग अत्यंत अमानवीय व लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करना सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है और यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है और लाठीचार्ज व दमनात्मक कार्रवाई की जगह सरकार को संवाद से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, अनुज मिश्रा, मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, राजीव शर्मा, प्रभात पाण्डेय, प्रीतेश द्विवेदी, अनुपम गौतम, सौरभ तिवारी, संध्या सिंह, प्रमोद जैन सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- शहडोल जिले के ग्राम अमरहा में 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत नुक्कड़ जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अमरहा गांव में आयोजित इस नुक्कड़ कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्ति को लेकर जनजागरूकता फैलाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।1
- व्यवहारी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।1
- डिंडौरी के कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने, कार्यों की सतत निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि भविष्य की जल सुरक्षा से जुड़ा जनहित का अभियान है। उन्होंने निर्देश दिया कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि अभियान के उद्देश्य धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई दें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में 31 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन की वीडियो कॉन्फ्रेंस की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन और लोक निर्माण सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को अपनी योजनाओं, विकास कार्यों, उपलब्धियों तथा लंबित प्रकरणों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट समय पर तैयार रखने को कहा, ताकि शासन स्तर की समीक्षा में जिले की प्रगति को तथ्यात्मक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।2
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरछा में मंगलवार को तालाब में नहाने गई दो महिलाएं अचानक गहरे पानी में डूबने लगीं। खेत में काम कर रहे एक युवक ने महिलाओं को डूबता देख तुरंत तालाब में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, दूसरी महिला को नहीं बचाया जा सका और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर शाहपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत महिला के शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार मृत महिला की पहचान संपतिया के रूप में हुई है और मामले की जांच जारी है। हादसे के बाद से गांव में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक महिला की जान बचाने वाले युवक की जमकर सराहना की है।1
- छत्तीसगढ़ सीमा पार कर अनूपपुर जिले में दाखिल हुए तीन हाथियों का समूह जैतहरी से अनूपपुर क्षेत्र में विचरण करते हुए पिछले 17 दिनों से जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर बरबसपुर के भोलगढ़ वन बीट, वनी तालाब और कुरियारी जंगल में डेरा डाले हुए था। मंगलवार की देर रात हाथियों ने भोलगढ़ के सोन टोला से सोन नदी पार की और बुधवार सुबह भगतबांध के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। इस दौरान हाथियों ने भोलगढ़ के जंगल और कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे रामबांस, कटंग बांस, तेंदू, जामुन, गुंजा, पीपल और बर के पेड़ों को तोड़कर अपना आहार बनाया। राजमार्ग के किनारे दिन-रात हाथियों की मौजूदगी से राहगीरों की भीड़ जुटती रही, जिससे वन विभाग, यातायात और कोतवाली पुलिस को आवागमन सुचारू रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पोड़ी के सांधा तिराहा से पिंजरहा धार के बीच हाथियों के अचानक मुख्य मार्ग पर आने से वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रही। इसके अलावा, हाथियों ने पोंड़ी, मानपुर, बरबसपुर, खांड़ा और भोलगढ़ के टोलों में पहुंचकर ग्रामीणों के मकानों में तोड़फोड़ की, बाड़ियों में लगे फसलों और घर में रखे अनाज को खा लिया। हाथियों ने भोलगढ़ बस स्टैंड के हैंडपंप का हैंडल टेढ़ा कर दिया और भोलगढ़ वन चौकी की बाउंड्री तोड़कर खिड़की उखाड़ने का प्रयास किया। हाथियों के डर से ग्रामीण रात-रात भर जागकर बिता रहे हैं। वर्षा काल के दौरान कच्चे मकान टूटने से जहरीले जीव-जंतुओं के घरों में घुसने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों और वन विभाग के गश्ती दल द्वारा भगाने की कोशिश करने पर हाथियों ने कई बार उन्हें ही दौड़ा लिया। हाथियों के उत्पाद और नुकसान से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई है तथा मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन तक की चेतावनी दी है।1
- जयसिंहनगर के पंडित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय में प्राचार्य डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी की पहल से बीपीईएस पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई है। क्रीड़ा अधिकारी दिलीप कुमार शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय में स्नातक डिग्री हेतु बीपीईएस पाठ्यक्रम संचालित होने से अब खेल में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं को कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीपीईएस आमतौर पर बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स को संदर्भित करता है, जो 3 से 4 साल का स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से खेल विज्ञान, फिटनेस और कोचिंग पर केंद्रित है, जिससे स्नातक करने के बाद छात्र आमतौर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षक, फिटनेस प्रशिक्षक या खेल कोच के रूप में करियर बना सकते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी एवं क्रीड़ा अधिकारी दिलीप कुमार शुक्ला ने इच्छुक छात्र-छात्राओं को उक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु पंजीयन कराने का सुझाव दिया है।1
- अनूपपुर कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, रोजगार के अवसरों का सृजन, आजीविका को सशक्त बनाना और जल संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। कलेक्टर ने योजना के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेक, गेबियन संरचनाएं, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्जलभरण, सोक पिट, "एक बगिया माँ के नाम" पौधरोपण, गंगोत्री हरित परियोजना, माँ नर्मदा परिक्रमा पथ में पौधरोपण और सुगम संपर्कता मार्ग जैसे कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी इंजीनियरों को आगामी 10 से 15 दिनों तक अभियान मोड में फील्ड भ्रमण कर उपयुक्त स्थलों का चयन करने को कहा। विशेष रूप से ऐसी पहाड़ियों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए जहां से जलधाराएं नदियों में मिलती हैं। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी माह के बीच सूखने वाले सार्वजनिक व हितग्राही मूलक पुराने कुओं का सर्वे कराकर कूप पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने तथा नर्मदा, सोन व उनकी सहायक नदियों के संरक्षण हेतु स्थायी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। पौधरोपण समीक्षा के दौरान गैप फिलिंग प्लांटेशन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पौधरोपण की फोटो वायुदूत ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। आवास प्लस सर्वे के तहत अपात्र हितग्राहियों से प्राप्त दावा-आपत्तियों की जनपद स्तर पर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए ताकि कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे, और पात्र सूची को सार्वजनिक रूप से चस्पा करने को कहा गया। साथ ही, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) बेसलाइन सर्वे को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए।1
- कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत पहरूआ में गरीब किसानों और दैनिक मजदूरों के हक का 2 से 4 महीने का अनाज गोलमाल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सेल्समैन और समिति प्रबंधक कमल पांडे ने आपस में मिलकर गरीबों के राशन की कालाबाजारी कर दी है, जिससे आम लोगों का जीना हराम हो गया है। इस मामले में ग्राम पंचायत सरपंच शारदा महोबिया और ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच कराने की गुहार लगाई है। इसके बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अपराध के लिए भारत अधिनियम 1955 के तहत 7 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। पीड़ित ग्रामीण प्रशासन से न्याय की उम्मीद करते हुए अपने हक का अनाज दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।2