भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मंगलवार को डूंगरपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए, साथ ही राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम से पूर्व, शहर के नवाडेरा में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने बताया कि इस समारोह के मुख्य वक्ता वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर थे, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व सांसद कनकमल कटारा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महामंत्री पंकज जैन ने की। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष गुरुप्रसाद पटेल, जिला उपाध्यक्ष माधवलाल वरहात, एसटी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अमृत कलासुआ, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुदर्शन जैन, जिला महामंत्री सुरमाल परमार, ईश्वर लबाना, जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, जवाहर भाटिया, देवराम रोत, एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष ब्रजेश वसीटा, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष भंवर कटारा, नगर अध्यक्ष नयन सुथार, महेश पाटीदार, परेश गमेती, जयेश लोधावरा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज की गई। अपने संबोधन में मुख्य वक्ता प्रमोद सामर ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने ‘एक संविधान, एक निशान और एक प्रधान’ के सिद्धांत को स्थापित करने के लिए संघर्ष किया और जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी व्यवस्थाओं का विरोध करते हुए बलिदान दिया। सामर ने भाजपा कार्यकर्ताओं से डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करने, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि कनकमल कटारा ने डॉ. मुखर्जी को दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता बताया, जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज देश जिस सशक्त और आत्मविश्वासी भारत की ओर बढ़ रहा है, उसमें डॉ. मुखर्जी के विचारों और बलिदान की अहम भूमिका है। अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला महामंत्री पंकज जैन ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति की एक अमिट गाथा है, जिसके विचार आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी संगठन द्वारा 23 जून से 7 जुलाई तक डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि को बूथ एवं मंडल स्तर तक मनाया जाएगा। जैन ने सभी मंडल अध्यक्षों, मोर्चा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित कर डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाएं। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मंगलवार को डूंगरपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए, साथ ही राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम से पूर्व, शहर के नवाडेरा में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने बताया कि इस समारोह के मुख्य वक्ता वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर थे, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व सांसद कनकमल कटारा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महामंत्री पंकज जैन ने की। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष गुरुप्रसाद पटेल, जिला उपाध्यक्ष माधवलाल वरहात, एसटी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अमृत कलासुआ, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुदर्शन जैन, जिला महामंत्री सुरमाल परमार, ईश्वर लबाना, जिला उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, जवाहर भाटिया, देवराम रोत, एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष ब्रजेश वसीटा, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष भंवर कटारा, नगर अध्यक्ष नयन सुथार, महेश पाटीदार, परेश गमेती, जयेश लोधावरा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज की गई। अपने संबोधन में मुख्य वक्ता प्रमोद सामर ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने ‘एक संविधान, एक निशान और एक प्रधान’ के सिद्धांत को स्थापित करने के लिए संघर्ष किया और जम्मू-कश्मीर में
अलगाववादी व्यवस्थाओं का विरोध करते हुए बलिदान दिया। सामर ने भाजपा कार्यकर्ताओं से डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करने, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि कनकमल कटारा ने डॉ. मुखर्जी को दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता बताया, जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज देश जिस सशक्त और आत्मविश्वासी भारत की ओर बढ़ रहा है, उसमें डॉ. मुखर्जी के विचारों और बलिदान की अहम भूमिका है। अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला महामंत्री पंकज जैन ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति की एक अमिट गाथा है, जिसके विचार आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी संगठन द्वारा 23 जून से 7 जुलाई तक डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि को बूथ एवं मंडल स्तर तक मनाया जाएगा। जैन ने सभी मंडल अध्यक्षों, मोर्चा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित कर डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाएं। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
- सीमलवाड़ा क्षेत्र में सोमवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भचडिया, दरियाटी और वाणिया तालाब में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और मौके पर ही अपने लंबित कार्यों का निस्तारण कराया। भचडिया ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, मंडल अध्यक्ष महेश डामोर, मंडल महामंत्री रतन सिंह चौहान, मंडल उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़, तहसीलदार राजेश मीणा, विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, सरपंच पवन सिंह डामोर और सहायक विकास अधिकारी सुखदेव रोत सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इस शिविर में धारा 151 के तहत 11 पट्टों का वितरण किया गया, कृषि विभाग द्वारा जनजाति कृषकों को मुफ्त उन्नत मक्का बीज उपलब्ध कराए गए, पालनहार योजना के एक आवेदन को स्वीकृति मिली, और दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। वहीं, चिखली ब्लॉक की ग्राम पंचायत दरियाटी में भाजपा जिला प्रवक्ता राजेश पाटीदार, पूर्व प्रधान महेंद्र बरजोड़, मंडल उपाध्यक्ष रतनलाल बंजारा, उपखंड अधिकारी महावीर जैन, तहसीलदार अविनाश, नायब तहसीलदार चिराग पंड्या, विकास अधिकारी जयेश पाटीदार, जयसिंह बंजारा, रमेश यादव सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। यहां राजस्व, कृषि और चिकित्सा विभागों के स्टॉलों पर ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाते हुए अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए। झौथरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत वाणिया तालाब में सरपंच संघ ब्लॉक अध्यक्ष लीलाराम गमेती ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और हर पात्र परिवार को लाभ सुनिश्चित करने के लिए समर्पित भाव से काम करने का आह्वान किया। इस शिविर में भाजपा झौथरी मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा, मंडल महामंत्री मोहन यादव, कोषाध्यक्ष चंदेश कलाल, सरपंच नारायणलाल रोत, पूर्व सरपंच कारीलाल डामोर और बशीलाल सरपोटा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर, जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, जिला प्रवक्ता राजेश पाटीदार, पूर्व प्रधान महेंद्र बरजोड़, सरपंच संघ अध्यक्ष लीलाराम गमेती और मंडल अध्यक्ष महावीर ननोमा ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है, और लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जिन परिवारों को अभी तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविरों में पहुंचकर आवेदन करें ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से लाभान्वित किया जा सके। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ये शिविर केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशील और जनहितैषी सोच का परिणाम हैं, जिनके जरिए सामाजिक सुरक्षा, कृषि, राजस्व, चिकित्सा, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को सहजता से उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे हर आवेदन का गंभीरता से निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान करें। शिविरों के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई और मौके पर ही कई मामलों का निस्तारण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुंचाई गई। इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल दिखा और उन्होंने सरकार एवं प्रशासन की इस पहल की सराहना की।1
- Post by Bapulal Ahari1
- उदयपुर संभाग के दूसरे सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के निर्माण को करीब 40 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके डूब क्षेत्र से विस्थापित हुए परिवारों को आज भी आवासीय पट्टे नहीं मिल पाए हैं। अमृतिया पंचायत क्षेत्र से उजाड़े गए करीब 50 से 60 परिवार पिछले पांच दशकों से अपने आवासीय पट्टों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिसके कारण वे सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी पूरी तरह वंचित हैं। ग्रामीणों ने अब अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगाई है। सोम कमला आंबा बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1980 के दशक में हुआ था। उस दौरान डूब क्षेत्र में आने वाले कई बड़े गांवों के लोगों को मुआवजा देकर अन्यत्र विस्थापित किया गया था। तब सरकार और प्रशासन ने इन प्रभावित परिवारों को आवासीय पट्टे देकर पुनर्स्थापित करने का पक्का वादा किया था, लेकिन आधी सदी बीत जाने के बाद भी इन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) नसीब नहीं हो सका है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी इस मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले महंगाई राहत या प्रशासन गांवों के संग जैसे शिविरों में दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की कथित हठधर्मिता और ढुलमुल रवैये के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। ग्रामीणों ने बताया कि आवासीय पट्टा जैसे वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है, चाहे वह आवास योजना हो या अन्य मूलभूत सुविधाएं। पट्टे के अभाव में सब अटक जाता है, और ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं इन परिवारों के लिए महज एक दिखावा साबित हो रही हैं। अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। इस गंभीर मामले को लेकर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। आसपुर एसडीएम ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों के आवासीय पट्टों की फाइल तहसीलदार द्वारा उनके पास भेजी गई है, जिसमें कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर करवाते हुए जल्द ही ग्रामीणों को राहत दी जाएगी। वहीं, गांव में आयोजित हुए 'ग्राम सेवा शिविर' में पहुंचे जिला कलेक्टर के सामने भी ग्रामीणों ने अपनी यह व्यथा रखी, जिस पर कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पूरे प्रकरण को दिखवाया जा रहा है और नियमानुसार जल्द से जल्द ग्रामीणों को राहत प्रदान की जाएगी। अमृतिया पंचायत के इस 'ग्राम सेवा शिविर' में जिला कलेक्टर के आश्वासन और तहसीलदार द्वारा फाइल आगे बढ़ाने से न्याय की एक उम्मीद तो जगी है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह आश्वासन वाकई हकीकत में बदलता है या फिर इन विस्थापित ग्रामीणों का इंतजार और बढ़ेगा।3
- राजस्थान के बांसवाड़ा में छाजा राशन घोटाले का एक मामला सामने आया है। इस मामले में 564.78 क्विंटल गेहूं गायब हो गया है, और कुल 15.22 लाख रुपये का गबन किया गया है।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में स्थित सती माता व हनुमान जी के वर्षों पुराने मंदिर पर दो सगे भाई-बहन अपनी छोटी सी उम्र में भी हनुमान चालीसा का नित्य और फर्राटेदार पाठ करके अपनी आस्था का संचार कर रहे हैं। इन नन्हे बच्चों में भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है, जो आज के समय में मोबाइल और खेलकूद में व्यस्त रहने वाले बच्चों से भिन्न है। प्राइम न्यूज राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन भाई-बहन के माता-पिता, विकास पंचाल और रीना पंचाल ने उन्हें ऐसे संस्कारों में ढाला है कि पढ़ाई के साथ-साथ वे बिना किसी झिझक के ईश्वर के भजन-पूजन भी करते हैं। नन्हें बालक का नाम नीतांश है, जिसकी उम्र 9 साल है और वह कक्षा 7 में पढ़ता है, जबकि नन्ही बालिका का नाम ध्रुवी है, जिसकी उम्र 11 साल है और वह कक्षा 90 में अध्ययनरत है। डुंगरीपाड़ा गांव की साधना पंचाल ने भी इस बारे में जानकारी साझा की। यह प्रतिभा दिखाती है कि ठोस इरादा हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती, और भक्ति-भाव साधना पूर्व जन्म के कर्मों से मिलती है।3
- धरियावद नगर के ब्रह्मपुरी मोहल्ले के एक साधारण राजपूत परिवार से आने वाले तनवीर राजपूत के अग्निवीर सेवा प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पैतृक गांव धरियावद लौटने पर पूरे राजपूत समाज और क्षेत्र में खुशी का माहौल छा गया। उनका अग्निवीर सेवा में चयन हुआ था और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब वे घर पहुंचे, तो नगरवासियों सहित राजपूत समाज और उनके घर परिवार वालों ने पुष्प मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान, नया बस स्टैंड से उनका स्वागत कर एक जुलूस निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके घर तक पहुंचा। उनके मोहल्ले के निवासियों ने भी तनवीर का स्वागत किया, उन्हें शुभकामनाओं के साथ बधाइयां दीं तथा स्वाभिमान के साथ मिठाइयां बांटीं। इस पूरे पल को देखकर आज धरियावद क्षेत्र में खूब चर्चा रही और क्षेत्रवासियों सहित घर परिवार वालों व राजपूत समाज ने बड़ा ही गर्व महसूस किया।2
- धंबोला कस्बे में श्री गोवर्धननाथजी मंदिर से तालाब की पाल तक के पाल मार्ग पर पिछले करीब 20 दिनों से बंद पड़ी रोड लाइटें, एक समाचार प्रकाशित होने के बाद सोमवार को फिर से चालू हो गईं। इस घटनाक्रम से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से रोड लाइटें बंद रहने के कारण क्षेत्रवासियों को रात्रि में आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पाल मार्ग पर अंधेरा छाए रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष कठिनाइयां झेलनी पड़ रही थीं। इसके साथ ही, दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी हुई थी। ग्रामीणों ने समस्या समाधान के लिए कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से उनमें काफी नाराजगी थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और उसकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। तकनीकी कर्मचारियों ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया और उन्हें पुनः चालू कर दिया। अब लाइटें शुरू होने से पाल मार्ग एक बार फिर से रोशनी से जगमगा उठा है।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा में बाल श्रम से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस घटना में एक ईंट भट्टे से एक नाबालिग बालक को मुक्त कराया गया। यह मामला मनोहर सिंह राजपूत केस से संबंधित है।1
- लखनऊ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक डबल डेकर बस पलट गई। इस दुर्घटना में पाँच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीस से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।1