लोकेशन :- कांकेर(छ.ग.) स्लग :- देश के वीरों को सलाम, कांकेर में दी गई श्रद्धांजलि एंकर :- देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को कांकेर में नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहीदों के परिजनों ने वीर जवानों को अंतिम सलामी दी। नक्सल एडीजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और एसपी निखिल राखेचा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शहीदों के साहस और बलिदान को नमन किया। कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए IED ब्लास्ट में चार जवान शहीद हो गए थे। शहीद जवानों में इंस्पेक्टर सुखराम, आरक्षक संजय, कृष्ण कुमार और परमानंद शामिल हैं। तीन जवानों को नारायणपुर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जबकि एक घायल जवान ने रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लोकेशन :- कांकेर(छ.ग.) स्लग :- देश के वीरों को सलाम, कांकेर में दी गई श्रद्धांजलि एंकर :- देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को कांकेर में नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहीदों के परिजनों ने वीर जवानों को अंतिम सलामी दी। नक्सल एडीजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और एसपी निखिल राखेचा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शहीदों के साहस और बलिदान को नमन किया। कांकेर
और नारायणपुर जिले की सीमा पर सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए IED ब्लास्ट में चार जवान शहीद हो गए थे। शहीद जवानों में इंस्पेक्टर सुखराम, आरक्षक संजय, कृष्ण कुमार और परमानंद शामिल हैं। तीन जवानों को नारायणपुर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जबकि एक घायल जवान ने रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
- लोकेशन :- कांकेर(छ.ग.) स्लग :- देश के वीरों को सलाम, कांकेर में दी गई श्रद्धांजलि एंकर :- देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को कांकेर में नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहीदों के परिजनों ने वीर जवानों को अंतिम सलामी दी। नक्सल एडीजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और एसपी निखिल राखेचा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शहीदों के साहस और बलिदान को नमन किया। कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए IED ब्लास्ट में चार जवान शहीद हो गए थे। शहीद जवानों में इंस्पेक्टर सुखराम, आरक्षक संजय, कृष्ण कुमार और परमानंद शामिल हैं। तीन जवानों को नारायणपुर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जबकि एक घायल जवान ने रायपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।2
- Post by Ashish parihar Parihar1
- jila Jalaun camera2
- “बोरे बासी तिहार” 📍ग्राम खुर्सीटीकूल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष माननीय दीपक बैज जी के ग्राम खुर्सीटीकूल आगमन पर डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामपुर चौक में कांग्रेस जनों के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। छत्तीसगढ़ की माटी, मेहनतकशों की पहचान और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक “बोरे बासी तिहार” केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का उत्सव है। यह तिहार उन श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश भाइयों-बहनों को समर्पित है, जिनके पसीने से प्रदेश की तरक्की की नींव मजबूत होती है। कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित कर “बोरे बासी तिहार” की शुरुआत की गई, ताकि मजदूरों के सम्मान, अस्मिता और अधिकार को नई पहचान मिल सके। यह पहल इस बात का प्रतीक है कि मेहनत करने वाला हर व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है। आइए, इस अवसर पर हम सभी श्रमिक साथियों के सम्मान, अधिकार और अस्मिता को सशक्त बनाने का संकल्प लें।7
- नारायणपुर में IED ब्लास्ट की घटना में 4 जवानों की शहादत हुई है। यह हादसा IED डिफ्यूज करने के दौरान हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। इस बीच प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रदेशभर में शोक की लहर है और शहीदों को नमन किया जा रहा है। #Narayanpur #IEDBlast #CGNews #BreakingNews #VijaySharma #Martyrs #Chhattisgarh1
- बलरामपुर के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री "जय बिहान" — जब मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे उन महिलाओं के पास, जो बदल रही हैं गांव की तस्वीर बलरामपुर, बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक खास जगह रुके — ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी)। यहां कोई बड़ा मंच नहीं था, कोई लंबा भाषण नहीं — बस एक प्रशिक्षण कक्ष था, जहां बैठी थीं वे महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, और आज अपने गांव के पशुओं की सेहत की जिम्मेदारी उठा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कमरे में प्रवेश करते ही कहा "जय बिहान" और उस अभिवादन के साथ पूरे कमरे में एक ऊर्जा भर गई। केवली गांव की अनुराधा — एक साधारण महिला की असाधारण जिम्मेदारी जब मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव जाने, तो विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर की ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता आगे आईं। उन्होंने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर *पशु सखी* के रूप में काम कर रही हैं। सुबह उठकर वे अपने गांव के पशुओं का सर्वे करती हैं, पशु चिकित्सकों को जानकारी देती हैं, और ग्रामीणों को पशुपालन की बारीकियां समझाती हैं। जो गाय-बैल कभी बीमार पड़ते थे और किसान हाथ मलता रह जाता था — आज अनुराधा उस किसान के दरवाजे तक पहले पहुंच जाती हैं। "पहले हमें खुद नहीं पता था कि पशुओं की बीमारी कैसे पहचानें — और आज हम दूसरों को बताते हैं।" यही वो बदलाव है जिसे मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और महसूस किया। *510 जिंदगियां — जो आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं* आरसेटी केवल एक संस्थान नहीं — यह उन सैकड़ों सपनों का पड़ाव है जो कभी संसाधनों की कमी से दम तोड़ देते थे। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं — और हर एक अपने-अपने गांव में बदलाव की एक छोटी सी लौ बन चुका है। मुख्यमंत्री ने संस्थान की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया, प्रशिक्षणार्थियों से बात की और उनका उत्साह बढ़ाया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था — यह उस विश्वास की पुष्टि थी कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की असली ताकत वहां की महिलाओं के हाथों में है।4
- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लंबे समय बाद राजनांदगांव पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव से अपने भावनात्मक जुड़ाव को लेकर बड़ा बयान दिया। राजनांदगांव लंबे समय तक डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है। लंबे अंतराल के बाद शहर पहुंचने पर उन्होंने राजनांदगांव नहीं आ पाने का कारण भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके कारण आने में विलंब हुआ। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “रमन कहीं भी रहे, मन राजनांदगांव में ही रहता है। यहां से कहीं जाता नहीं।” उनके इस बयान ने मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और समर्थकों ने इसे राजनांदगांव के प्रति उनके लगाव से जोड़कर देखा। डॉ. रमन सिंह के इस दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लंबे समय बाद उनके राजनांदगांव पहुंचने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।6
- Post by Ashish parihar Parihar1