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बजरंग दल के इन खटमल दंगाइयों गुंडो को जूता मारो सालों को जिन लोगों ने ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार लोधी के कपड़े वाहनों की होली जलाई इनको मारो जूता सालों को हो जाओ ओबीसी एससी एसटी तैयार साथियों पुलिस प्रशासन इन दंगाइयों का समर्थन कर रही देख रही इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की लोधीओबीसी एससी एसटी पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी

19 hrs ago
user_मानवाधिकार  भारतीय
मानवाधिकार भारतीय
Lawyer चंदेरी, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
19 hrs ago

बजरंग दल के इन खटमल दंगाइयों गुंडो को जूता मारो सालों को जिन लोगों ने ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार लोधी के कपड़े वाहनों की होली जलाई इनको मारो जूता सालों को हो जाओ ओबीसी एससी एसटी तैयार साथियों पुलिस प्रशासन इन दंगाइयों का समर्थन कर रही देख रही इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की लोधीओबीसी एससी एसटी पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी

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  • देश की राजधानी नई दिल्ली में संविधान क्लब में ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार, 20 सितंबर, 2026 को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी स्पीकर्स हॉल एनेक्सी में 2027 में निष्पक्ष जाति जनगणना किए जाने तथा वर्तमान जनगणना प्रक्रिया को रोक कर, पुनः राज्य-वार OBC ड्रॉप-डाउन सूची के अनुसार जाति की कोडिंग शामिल करके इसे फिर से शुरू करने की माँग पर ओबीसी महासभा की बैठक में सांसद पप्पू यादव Rajesh Ranjan ओबीसी महासभा #OBCMahasabha के प्रमुख पदाधिकारी, और डॉ सुधांशु कुमार, डॉ सूरज यादव मण्डल आदि शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि सत्ताधारी BJP-RSS प्रशासन को हाशिए पर मौजूद समुदायों के प्रति अपनी राजनीतिक दोहरी नीति छोड़नी चाहिए। पिछड़े वर्गों (BC), अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के संवैधानिक अधिकारों और कल्याणकारी लाभों को सुरक्षित करने के लिए सही डेटा की आवश्यकता होती है। इसलिए, सूची में पिछड़े वर्गों (BC) को शामिल किया जाना और: 2027 की जनगणना अनुसूची के प्रश्न संख्या 10 में पिछड़े वर्गों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें SC और ST की मौजूदा संवैधानिक श्रेणियों के बराबर लाय
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    देश की राजधानी नई दिल्ली में संविधान क्लब में ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार, 20 सितंबर, 2026 को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी स्पीकर्स हॉल एनेक्सी में 2027 में निष्पक्ष जाति जनगणना किए जाने तथा वर्तमान जनगणना प्रक्रिया को रोक कर, पुनः राज्य-वार OBC ड्रॉप-डाउन सूची के अनुसार जाति की कोडिंग शामिल करके इसे फिर से शुरू करने की माँग पर ओबीसी महासभा की बैठक में सांसद पप्पू यादव Rajesh Ranjan  ओबीसी महासभा #OBCMahasabha के प्रमुख पदाधिकारी, और डॉ सुधांशु कुमार, डॉ सूरज यादव मण्डल आदि शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि सत्ताधारी BJP-RSS प्रशासन को हाशिए पर मौजूद समुदायों के प्रति अपनी राजनीतिक दोहरी नीति छोड़नी चाहिए। पिछड़े वर्गों (BC), अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के संवैधानिक अधिकारों और कल्याणकारी लाभों को सुरक्षित करने के लिए सही डेटा की आवश्यकता होती है।
इसलिए, सूची में पिछड़े वर्गों (BC) को शामिल किया जाना और: 2027 की जनगणना अनुसूची के प्रश्न संख्या 10 में पिछड़े वर्गों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें SC और ST की मौजूदा संवैधानिक श्रेणियों के बराबर लाय
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer चंदेरी, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • 50 मंदिरों के विमानों की निकली भव्य शोभायात्रा, सुम्मेरा तालाब में कराया जलविहार ललितपुर नगर में धार्मिक आस्था और भक्ति के उल्लास से जलविहार पर्व मनाया गया। इस दौरान भक्त भक्ति में सराबोर नजर आए। मंगलवार की शाम 5 बजे शहर में 50 मंदिरों के विमानों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विभिन्न मंदिरों से निकले विमान जब सुम्मेरा तालाब पहुंचे तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सुम्मेरा तालाब पहुंचने के बाद मंदिरों से लाए गए भगवान के विग्रहों का विधि-विधान से जलाभिषेक कराया गया। इसके बाद भगवान को जलविहार कराया गया। इस दौरान पंडित और पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। जलविहार के अवसर पर तालाब परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगवान के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजन के दौरान आतिशबाजी भी की गई। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से रात का आसमान सतरंगी छटा से जगमगा उठा। आतिशबाजी का मनमोहक दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तालाब परिसर में मौजूद रहे। विमानों की शोभायात्रा और जलविहार का यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भक्ति, आस्था और उल्लास से भरे माहौल में संपन्न हुए आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
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    50 मंदिरों के विमानों की निकली भव्य शोभायात्रा, सुम्मेरा तालाब में कराया जलविहार

ललितपुर नगर में धार्मिक आस्था और भक्ति के उल्लास से जलविहार पर्व मनाया गया। इस दौरान भक्त भक्ति में सराबोर नजर आए। 
मंगलवार की शाम 5 बजे शहर में 50 मंदिरों के विमानों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विभिन्न मंदिरों से निकले विमान जब सुम्मेरा तालाब पहुंचे तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
सुम्मेरा तालाब पहुंचने के बाद मंदिरों से लाए गए भगवान के विग्रहों का विधि-विधान से जलाभिषेक कराया गया। इसके बाद भगवान को जलविहार कराया गया। इस दौरान पंडित और पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
जलविहार के अवसर पर तालाब परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगवान के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजन के दौरान आतिशबाजी भी की गई। रंग-बिरंगी आतिशबाजी से रात का आसमान सतरंगी छटा से जगमगा उठा। आतिशबाजी का मनमोहक दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तालाब परिसर में मौजूद रहे।
विमानों की शोभायात्रा और जलविहार का यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भक्ति, आस्था और उल्लास से भरे माहौल में संपन्न हुए आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
    user_Manoj Kumar vaidya
    Manoj Kumar vaidya
    Local News Reporter ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
  • मड़ावरा में धूमधाम से मनाया गया जलविहार महोत्सव श्री जी का हुआ अभिषेक
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    मड़ावरा में धूमधाम से मनाया गया जलविहार महोत्सव श्री जी का हुआ अभिषेक
    user_पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
    पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
    Media house ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ललितपुर में चाक-चौबंद प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सकुशल संपन्न हुआ ऐतिहासिक जल विहार महोत्सव डीएम सत्य प्रकाश एवं एसएसपी संजीव बाजपेई ने नंगे पांव पहुंचकर श्रद्धालुओं के साथ की पूजा-अर्चना, महाआरती में हुए शामिल ललितपुर। बुन्देलखण्ड की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े सुप्रसिद्ध जल विहार महोत्सव का आयोजन मंगलवार को जनपद में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के वातावरण में सकुशल संपन्न हुआ। ललितपुर की आस्था के इस महाकुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने सहभागिता कर भगवान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। जल विहार महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, प्रकाश एवं घाटों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई ने स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। दोनों अधिकारियों ने नंगे पांव चलकर डोलों में विराजमान भगवान के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रसाद प्राप्त किया तथा महाआरती में सम्मिलित होकर श्रद्धालुओं के साथ आस्था एवं भक्ति का अनुभव साझा किया। महाआरती के अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनपद ललितपुर की सुख-शांति, समृद्धि एवं निरंतर विकास की कामना करते हुए भगवान से प्रार्थना की। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनकी सहभागिता ने आयोजन को एक आत्मीय भाव प्रदान किया। जल विहार महोत्सव के दौरान सुम्मेरा तालाब सहित प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस बल की तैनाती, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए। प्रशासन एवं पुलिस की टीमों ने पूरे आयोजन के दौरान सतर्क रहकर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा। नगर पालिका परिषद द्वारा भी महोत्सव से पूर्व नगर की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, मार्गों की दुरुस्ती एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया गया। परिणामस्वरूप जल विहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हुआ। जल विहार महोत्सव ललितपुर की वर्षों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का गौरवशाली पर्व है, जो जनपद की आस्था के साथ-साथ बुन्देलखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रतिबिंबित करता है। आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर ललितपुर की इस गौरवशाली परंपरा की जीवंतता और जनआस्था को प्रदर्शित किया।
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    ललितपुर में चाक-चौबंद प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सकुशल संपन्न हुआ ऐतिहासिक जल विहार महोत्सव

डीएम सत्य प्रकाश एवं एसएसपी संजीव बाजपेई ने नंगे पांव पहुंचकर श्रद्धालुओं के साथ की पूजा-अर्चना, महाआरती में हुए शामिल 
ललितपुर। बुन्देलखण्ड की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े सुप्रसिद्ध जल विहार महोत्सव का आयोजन मंगलवार को जनपद में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के वातावरण में सकुशल संपन्न हुआ। ललितपुर की आस्था के इस महाकुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने सहभागिता कर भगवान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की।
जल विहार महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, प्रकाश एवं घाटों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई ने स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। दोनों अधिकारियों ने नंगे पांव चलकर डोलों में विराजमान भगवान के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रसाद प्राप्त किया तथा महाआरती में सम्मिलित होकर श्रद्धालुओं के साथ आस्था एवं भक्ति का अनुभव साझा किया।
महाआरती के अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनपद ललितपुर की सुख-शांति, समृद्धि एवं निरंतर विकास की कामना करते हुए भगवान से प्रार्थना की। प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनकी सहभागिता ने आयोजन को एक आत्मीय भाव प्रदान किया।
जल विहार महोत्सव के दौरान सुम्मेरा तालाब सहित प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस बल की तैनाती, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश, साफ-सफाई तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए। प्रशासन एवं पुलिस की टीमों ने पूरे आयोजन के दौरान सतर्क रहकर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा।
नगर पालिका परिषद द्वारा भी महोत्सव से पूर्व नगर की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, मार्गों की दुरुस्ती एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया गया। परिणामस्वरूप जल विहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हुआ।
जल विहार महोत्सव ललितपुर की वर्षों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का गौरवशाली पर्व है, जो जनपद की आस्था के साथ-साथ बुन्देलखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रतिबिंबित करता है। आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर ललितपुर की इस गौरवशाली परंपरा की जीवंतता और जनआस्था को प्रदर्शित किया।
    user_S.K.Tripathi
    S.K.Tripathi
    Media house ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जखौरा हर साल की भांति ढोल ग्यारस पर जखोरा में निकाली गई शोभा यात्रा ढोल ग्यारस को डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी, परिवर्तिनी एकादशी, पद्मा एकादशी और वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को ही डोल ग्यारस कहते हैं। क्यों मनाते हैं? मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के 16वें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को 'डोल ग्यारस' के रूप में मनाया जाता है। जलवा पूजन को कुआँ पूजन, सूरज पूजा और दश्तन पूजा भी कहते हैं। जलवा पूजन के बाद ही बच्चे के सारे संस्कार शुरू होते हैं। एक और कथा है कि इस दिन माता यशोदा ने बाल गोपाल को नए वस्त्र पहना कर सूरज देवता के दर्शन करवाए और उनका नामकरण किया था। क्यों कहते हैं डोल ग्यारस? इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप बाल-गोपाल / बालमुकुंद को एक डोल (पालकी) में विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाती है, इसलिए इसे डोल ग्यारस कहा जाता है। कई जगहों पर परंपरा है कि भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के विग्रह को शोभायात्रा के साथ नदी, तालाब या सरोवर किनारे ले जाया जाता है, वहां भगवान का जल विहार कराया जाता है और पूजा की जाती है। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी कहते हैं। कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, मेले, चल समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। महत्व पुराणों में कहा गया है कि डोल ग्यारस का व्रत पूरी आस्था से करने पर वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और एकादशी से ज्यादा फलदायी कोई व्रत नहीं माना जाता। श्री श्री 1008 श्री रघुनाथ मंदिर छोटा बाजार से बड़ा बाजार स्थित शंकर जी मंदिर बड़ा बाजार के पास तालाब पर भगवान का जल विहार हुआ शोभा यात्रा में बड़ी संख्या धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित! कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त रही! इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा होती है और चातुर्मास में योग निद्रा में लेटे विष्णु जी इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहते हैं। तारीख • 2025 में - 3 सितंबर 2025, बुधवार को थी • 2026 में - 22 सितंबर, मंगलवार को है - मतलब आज ही है। आप आज व्रत रख सकते हैं, शाम को कृष्ण जी को पालने / डोले में झुला कर, पीले वस्त्र, तुलसी, पंचामृत से पूजा करें और अनाज दान का विधान है।
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    जखौरा हर साल की भांति ढोल ग्यारस पर जखोरा में निकाली गई शोभा यात्रा 
ढोल ग्यारस को डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी, परिवर्तिनी एकादशी, पद्मा एकादशी और वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।  
ये हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को ही डोल ग्यारस कहते हैं।  
क्यों मनाते हैं?
मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के 16वें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को 'डोल ग्यारस' के रूप में मनाया जाता है।  
जलवा पूजन को कुआँ पूजन, सूरज पूजा और दश्तन पूजा भी कहते हैं। जलवा पूजन के बाद ही बच्चे के सारे संस्कार शुरू होते हैं।
एक और कथा है कि इस दिन माता यशोदा ने बाल गोपाल को नए वस्त्र पहना कर सूरज देवता के दर्शन करवाए और उनका नामकरण किया था।  
क्यों कहते हैं डोल ग्यारस?
इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप बाल-गोपाल / बालमुकुंद को एक डोल (पालकी) में विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाती है, इसलिए इसे डोल ग्यारस कहा जाता है।  
कई जगहों पर परंपरा है कि भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के विग्रह को शोभायात्रा के साथ नदी, तालाब या सरोवर किनारे ले जाया जाता है, वहां भगवान का जल विहार कराया जाता है और पूजा की जाती है। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी कहते हैं।  
कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, मेले, चल समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।  
महत्व
पुराणों में कहा गया है कि डोल ग्यारस का व्रत पूरी आस्था से करने पर वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और एकादशी से ज्यादा फलदायी कोई व्रत नहीं माना जाता।  श्री श्री 1008 श्री रघुनाथ मंदिर छोटा बाजार से बड़ा बाजार स्थित शंकर जी मंदिर बड़ा बाजार के पास तालाब पर भगवान का जल विहार हुआ शोभा यात्रा में बड़ी संख्या धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित! कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त रही!
इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा होती है और चातुर्मास में योग निद्रा में लेटे विष्णु जी इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहते हैं।  
तारीख • 2025 में - 3 सितंबर 2025, बुधवार को थी   • 2026 में - 22 सितंबर, मंगलवार को है - मतलब आज ही है।   
आप आज व्रत रख सकते हैं, शाम को कृष्ण जी को पालने / डोले में झुला कर, पीले वस्त्र, तुलसी, पंचामृत से पूजा करें और अनाज दान का विधान है।
    user_Neeraj jain tinku ptrakar
    Neeraj jain tinku ptrakar
    तालबेहट, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मौसम विभाग ने जारी की पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रहने और संभावित जलभराव या भूस्खलन की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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    मौसम विभाग ने जारी की पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रहने और संभावित जलभराव या भूस्खलन की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Local News Reporter अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जलझूलनी एकादशी पर निकले भगवान के विमान, कुंडलपुर धाम में हुआ जल विहार नौका विहार, आतिशबाजी और महाआरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब जलझूलनी एकादशी पर निकले भगवान के विमान, कुंडलपुर धाम में हुआ जल विहार नौका विहार, आतिशबाजी और महाआरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब शाढ़ौरा। मंगलवार को नगर में जलझूलनी एकादशी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों से भगवान के विमान निकाले गए, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कुंडलपुर धाम पहुंचे। यहां भगवान को जल विहार कराया गया। दोपहर बाद मंदिरों से निकले विमान शहर के चौक-चौराहों से होकर कृष्ण चौराहा, खड़िया मोहल्ला, अस्थल मोहल्ला, थाने के सामने की सड़क और इंदिरा आवास कॉलोनी होते हुए कुंडलपुर धाम पहुंचे। यहां भगवान का विधि-विधान से पूजन किया गया और जल विहार कराया गया। कुंडलपुर धाम पर भगवान को नौका विहार भी कराया गया। इस दौरान भव्य आतिशबाजी के साथ महाआरती का आयोजन हुआ। शाम 8 बजे से रात 10 बजे तक कुंडलपुर धाम पर श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ रही। लोगों ने भगवान के दर्शन कर धार्मिक आयोजन में भाग लिया। जल विहार एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद देर रात सभी विमान अपने-अपने मंदिरों की ओर वापस लौट गए।
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    जलझूलनी एकादशी पर निकले भगवान के विमान, कुंडलपुर धाम में हुआ जल विहार
नौका विहार, आतिशबाजी और महाआरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
जलझूलनी एकादशी पर निकले भगवान के विमान, कुंडलपुर धाम में हुआ जल विहार
नौका विहार, आतिशबाजी और महाआरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
शाढ़ौरा। मंगलवार को नगर में जलझूलनी एकादशी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों से भगवान के विमान निकाले गए, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कुंडलपुर धाम पहुंचे। यहां भगवान को जल विहार कराया गया।
दोपहर बाद मंदिरों से निकले विमान शहर के चौक-चौराहों से होकर कृष्ण चौराहा, खड़िया मोहल्ला, अस्थल मोहल्ला, थाने के सामने की सड़क और इंदिरा आवास कॉलोनी होते हुए कुंडलपुर धाम पहुंचे। यहां भगवान का विधि-विधान से पूजन किया गया और जल विहार कराया गया।
कुंडलपुर धाम पर भगवान को नौका विहार भी कराया गया। इस दौरान भव्य आतिशबाजी के साथ महाआरती का आयोजन हुआ। शाम 8 बजे से रात 10 बजे तक कुंडलपुर धाम पर श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ रही। लोगों ने भगवान के दर्शन कर धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
जल विहार एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद देर रात सभी विमान अपने-अपने मंदिरों की ओर वापस लौट गए।
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बजरंग दल के इन खटमल दंगाइयों गुंडो को जूता मारो सालों को जिन लोगों ने ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार लोधी के कपड़े वाहनों की होली जलाई इनको मारो जूता सालों को हो जाओ ओबीसी एससी एसटी तैयार साथियों पुलिस प्रशासन इन दंगाइयों का समर्थन कर रही देख रही इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की लोधीओबीसी एससी एसटी पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी
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    बजरंग दल के इन खटमल दंगाइयों गुंडो को जूता मारो सालों को जिन लोगों ने ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार लोधी के कपड़े वाहनों की होली जलाई इनको मारो जूता सालों को हो जाओ ओबीसी एससी एसटी तैयार साथियों पुलिस प्रशासन इन दंगाइयों का समर्थन कर रही देख रही इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए  ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की लोधीओबीसी एससी एसटी पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई  उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन  अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer चंदेरी, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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