अरवल जिले के कलेर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में कम उम्र के बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, महज 10 से 12 वर्ष की आयु के बच्चे भी सिगरेट और अन्य धूम्रपान उत्पादों का सेवन करते देखे जा रहे हैं। पहले जहां इस उम्र के बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में समय बिताते थे, वहीं अब गलत संगति और आसानी से उपलब्ध तंबाकू उत्पादों के कारण बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि कम उम्र में धूम्रपान की यह आदत बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके साथ ही पढ़ाई से दूरी, अनुशासनहीनता और अन्य सामाजिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों और गांवों के आसपास नाबालिगों को तंबाकू एवं सिगरेट की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों का मानना है कि परिवार, विद्यालय, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
अरवल जिले के कलेर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में कम उम्र के बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, महज 10 से 12 वर्ष की आयु के बच्चे भी सिगरेट और अन्य धूम्रपान उत्पादों का सेवन करते देखे जा रहे हैं। पहले जहां इस उम्र के बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में समय बिताते थे, वहीं अब गलत संगति और आसानी से उपलब्ध तंबाकू उत्पादों के कारण बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि कम उम्र में धूम्रपान की यह आदत बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके साथ ही पढ़ाई से दूरी, अनुशासनहीनता और अन्य सामाजिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों और गांवों के आसपास नाबालिगों को तंबाकू एवं सिगरेट की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों का मानना है कि परिवार, विद्यालय, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
- अरवल जिले के कलेर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में कम उम्र के बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, महज 10 से 12 वर्ष की आयु के बच्चे भी सिगरेट और अन्य धूम्रपान उत्पादों का सेवन करते देखे जा रहे हैं। पहले जहां इस उम्र के बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में समय बिताते थे, वहीं अब गलत संगति और आसानी से उपलब्ध तंबाकू उत्पादों के कारण बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि कम उम्र में धूम्रपान की यह आदत बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके साथ ही पढ़ाई से दूरी, अनुशासनहीनता और अन्य सामाजिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों और गांवों के आसपास नाबालिगों को तंबाकू एवं सिगरेट की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों का मानना है कि परिवार, विद्यालय, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड स्थित हसपुरा पंचायत और टाल पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) और मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया गया।1
- बिहार के अरवल में शराब के नशे में धुत्त एक वनरक्षक का हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। वनरक्षक द्वारा नशे की हालत में जमकर हंगामा किए जाने का मामला सामने आया है।1
- औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र के घाटों गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई वृद्ध की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 72 घंटे के भीतर चारों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि 19 जुलाई को घाटों गांव निवासी 65 वर्षीय किशोरी साव के साथ जमीनी विवाद को लेकर मारपीट की गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को दबोच लिया।1
- जंतर-मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान बच्चों पर बर्बर ज़ुल्म ढाए जा रहे हैं। यहाँ बीजेपी की पुलिस द्वारा बच्चों पर इस तरह का घोर अत्याचार किया जा रहा है।1
- भोजपुर के सहार अंचल कार्यालय में तैनात अंचलाधिकारी की सरकारी सूमो गाड़ी पिछले कई दिनों से खराब पड़ी है। वर्ष 2012 मॉडल की इस गाड़ी में लगातार आ रही तकनीकी गड़बड़ियों के कारण सरकारी कार्यों के निष्पादन में बाधा आ रही है। अंचलाधिकारी ने बताया कि इस वाहन को कंडम घोषित करने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। गाड़ी पुरानी होने के कारण इसे बार-बार मरम्मत कराना पड़ता है। ऐसे में अब यह सवाल बना हुआ है कि सरकारी कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आखिर नई गाड़ी कब तक उपलब्ध कराई जाएगी।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत कासमा थाना क्षेत्र के खैरी इटवा गांव में सोमवार की देर रात अज्ञात चोरों के एक गैंग ने कई घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की नगदी और आभूषण चोरी कर लिए। मंगलवार की सुबह जब ग्रामीणों की नींद खुली तो घरों के दरवाजे खुले और खिड़कियां टूटी मिलीं, जबकि अंदर अलमारी व बक्से तोड़कर जेवरात और नगदी गायब कर दिए गए थे। पहली बार गांव में एक साथ कई घरों में हुई इस बड़ी चोरी की घटना से ग्रामीणों के बीच डर और हड़कंप का माहौल व्याप्त है। पीड़ितों में गनौरी यादव के घर से ₹1.75 लाख नकद, लाला यादव के घर से ₹15 हजार नकद और करीब ₹30 हजार के आभूषण, धर्मेंद्र यादव के घर से ₹20 हजार नकद व करीब ₹3 लाख के जेवरात, मणि यादव के घर से ₹34 हजार नकद व ₹1 लाख के जेवरात, तथा रविंद्र यादव के घर से ₹22 हजार नकद व लगभग ₹1.70 लाख के आभूषण चोरी हुए हैं। इसके अलावा यदुनंदन यादव के घर से ₹30 हजार नकद और रिशु चंद्रवंशी के घर से करीब ₹4 लाख मूल्य के जेवरात चोरी होने की बात सामने आई है। वारदात की सूचना मिलते ही कासमा थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह, सर्किल इंस्पेक्टर विनय कृष्णा और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष अक्षयवर सिंह ने बताया कि अज्ञात चोरों के गैंग ने पांच घरों में स्प्रे का छिड़काव कर इस घटना को अंजाम दिया है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1