कीचड़ में कैद पाली गांव, सरपंच-सचिव की अनदेखी से हालात बदतर, दो साल से पानी में डूबा पाली गांव, आखिर कब जागेगा प्रशासन? कीचड़ में स्कूल जाते बच्चे, पाली गांव की बदहाली पर फूटा जनआक्रोश हिंडौन सिटी,करौली। हिंडौन उपखंड क्षेत्र के गांव पाली में सड़क पर फैले कीचड़ और जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को रोज़ाना जान जोखिम में डालकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन और ग्राम पंचायत के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। ग्रामीण रामोतार शर्मा, यादराम मास्टर व श्याम तिवाड़ी ने बताया कि बरसात के समय से रास्ते में पानी भरा हुआ है, जिससे महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। आए दिन मोटरसाइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर प्रशासन और ग्राम पंचायत को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गांव के हालात इतने गंभीर हैं कि सरकारी स्कूल के छात्र भी रोज़ कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से रास्ते में पानी भरा हुआ है, लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रास्ते की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
कीचड़ में कैद पाली गांव, सरपंच-सचिव की अनदेखी से हालात बदतर, दो साल से पानी में डूबा पाली गांव, आखिर कब जागेगा प्रशासन? कीचड़ में स्कूल जाते बच्चे, पाली गांव की बदहाली पर फूटा जनआक्रोश हिंडौन सिटी,करौली। हिंडौन उपखंड क्षेत्र के गांव पाली में सड़क पर फैले कीचड़ और जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को रोज़ाना जान जोखिम में डालकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन और ग्राम पंचायत के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। ग्रामीण रामोतार
शर्मा, यादराम मास्टर व श्याम तिवाड़ी ने बताया कि बरसात के समय से रास्ते में पानी भरा हुआ है, जिससे महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। आए दिन मोटरसाइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर प्रशासन और ग्राम पंचायत को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गांव के हालात इतने गंभीर हैं कि सरकारी स्कूल
के छात्र भी रोज़ कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से रास्ते में पानी भरा हुआ है, लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रास्ते की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
- *जिले की शांति समन्वय समिति वं clg सदस्यौ की हुई बैठक* शनिवार सुबह करौली कलेक्ट्री परिसर में कलेक्टर नीलाभ सक्सेना SP लोकेश सोनवाल निर्देश अनुसार हुईं बैठक इस दौरान ADM परिडबाल dysp करौली अनुज शुभम dysp मुनेश कुमार मीना SDM प्रेमराज मीना करौली CIआध्यात्मिक गौतम सहित समस्त प्रशासन अधिकारी, जनप्रतिनिधि गणवं करौली जिला के समन्वय समिति सदस्य व करौली के clg सदस्य पुरुष-महिलाऔ के साथ पुलिस महिला सुरक्षा सखी संयौजिका जिला समन्वय समिति सदस्य व जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल, संगीता स्वामी, मोहन सिनेमा, आदि लोग शामिल हुए मीटिंग में लज्जा रानी अग्रवाल व मोहन सिनेमा ने प्रशासन को हिंडौन सिटी के बारे में अवगत कराया मोटरसाइकिल पार्किंग स्थल नहीं होने से बजार में दुकानों के आगे मोटरसाइकिल खड़ी रहने से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ती है। साथ ही महिलाओं को मार्केट में शौचालय नहीं होने से-महिलाऐं परेशान रहती हैं। इनका सबसे बड़ा समाधान हिंडौन सिटी की सिटी डिस्पेंसरी के सामने- तांगा स्टैंड जो की नगर परिषद के अधीन में है। इस जगह पर मोटरसाइकिल पार्किंग स्थल मंजूर किया जावे। साथ ही इसी जगह पर- शौचालय चालू किया जावे। जिससे कि मार्केट में दुकानों के आगे मोटरसाइकिल खड़ी नहीं हो सकेंगी। हिंडौन सिटी में आवारा गोवंश,व बंदरों कुत्तों का आतंक फैला हुआ है। इनको रोकने का प्रयास किया जावे।3
- रीट मेंस परीक्षा: निशुल्क रोडवेज सुविधा बनी छात्रों की परेशानी का कारण, हिंडौन बस स्टैंड पर हालात बिगड़े संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर हिंडौन। रीट मेंस परीक्षा को लेकर राज्य सरकार द्वारा परीक्षार्थियों के लिए राजस्थान रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई थी, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले छात्र बिना किसी परेशानी के अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें। लेकिन हिंडौन शहर में यह व्यवस्था कई परीक्षार्थियों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती नजर आई। रीट मेंस की परीक्षा देने आए छात्र-छात्राओं को हिंडौन बस स्टैंड पर घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ा। स्थिति यह रही कि बस स्टैंड पर टिकट विंडो करीब ढाई घंटे तक बंद रही, जिससे छात्रों के साथ-साथ आम यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों की उपलब्धता नहीं होने के कारण कई परीक्षार्थियों को मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। छात्रों का कहना है कि निजी वाहन चालक इस मौके पर मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। रोडवेज बसों के अभाव में जयपुर सहित अन्य परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले परीक्षार्थी बस स्टैंड पर परेशान होते नजर आए। खासकर हिंडौन क्षेत्र के बझेडा, कांचरौली, कटकड़, टोडूपुरा, सिंघान, झारेड़ा सहित आसपास के गांवों से आए छात्र-छात्राओं को समय पर साधन नहीं मिलने से तनावपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर मौजूद कई छात्रों ने बताया कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस तरह की अव्यवस्था से मानसिक दबाव बढ़ जाता है और परीक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है। छात्रों ने मांग की कि परीक्षा के दिनों में रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई जाए और टिकट काउंटर समय पर संचालित किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षार्थी को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। फिलहाल, रीट मेंस परीक्षा के दौरान हिंडौन बस स्टैंड पर रोडवेज व्यवस्था को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है और प्रशासन से जल्द सुधार की उम्मीद की जा रही है।1
- #गंगापुरसिटी मैं शिवपुरीB एवं सलौदा रोड की हालत खस्ता आम जन परेशान स्थानीय लोगों को हो रही है परेशानी1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- yoyo , पकड़ी गई अपने बॉयफ्रेंड के साथ पति ने पुलिस के सामने पकडा1
- मिल्सवा गांव के हालात खराब ना तो अच्छी रोड है ना अच्छी गलियां है गलियां पूरी कीचड़ से भरी हुई है ऐसे हालात हैं गांव में मिल्सवा के1
- धौलपुर। जिले में घरों में घुसकर नकदी व जेवरात चोरी करने वाली घटनाओं का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। निहालगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना असमान उर्फ वीडियो को गिरफ्तार किया है। अब तक इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ में करीब एक दर्जन चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी घरों की पहले रेकी करते थे और रात के समय ताले तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों से अब तक 2 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सोने-चांदी के जेवरात की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने राजाखेड़ा बाईपास, राठौर कॉलोनी, लीला विहार कॉलोनी और कैलाश विहार कॉलोनी ओंडेला रोड सहित कई क्षेत्रों में चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा थाना निहालगंज, कोतवाली और अन्य क्षेत्रों में भी वारदातें करने की बात सामने आई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर रेंज के निर्देशन एवं जिला पुलिस अधीक्षक धौलपुर के मार्गदर्शन में की गई। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना निहालगंज पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।1
- कीचड़ में कैद पाली गांव, सरपंच-सचिव की अनदेखी से हालात बदतर, दो साल से पानी में डूबा पाली गांव, आखिर कब जागेगा प्रशासन? कीचड़ में स्कूल जाते बच्चे, पाली गांव की बदहाली पर फूटा जनआक्रोश हिंडौन सिटी,करौली। हिंडौन उपखंड क्षेत्र के गांव पाली में सड़क पर फैले कीचड़ और जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को रोज़ाना जान जोखिम में डालकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन और ग्राम पंचायत के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। ग्रामीण रामोतार शर्मा, यादराम मास्टर व श्याम तिवाड़ी ने बताया कि बरसात के समय से रास्ते में पानी भरा हुआ है, जिससे महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। आए दिन मोटरसाइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर प्रशासन और ग्राम पंचायत को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गांव के हालात इतने गंभीर हैं कि सरकारी स्कूल के छात्र भी रोज़ कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से रास्ते में पानी भरा हुआ है, लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रास्ते की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।3