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अंबेडकरनगर जिले में आलापुर पुलिस ने तड़के एक महत्वपूर्ण छापेमारी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान चोरों के पास से लाखों रुपये की नकदी और आभूषण बरामद किए गए हैं, जिससे क्षेत्र में हुई कई चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।

2 hrs ago
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PRIMEABN
News Anchor अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अंबेडकरनगर जिले में आलापुर पुलिस ने तड़के एक महत्वपूर्ण छापेमारी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान चोरों के पास से लाखों रुपये की नकदी और आभूषण बरामद किए गए हैं, जिससे क्षेत्र में हुई कई चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • आज लम्भुआ में युवाओं द्वारा एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में शामिल तमाम युवकों ने इसे शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा के समीप समाप्त किया।
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    आज लम्भुआ में युवाओं द्वारा एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में शामिल तमाम युवकों ने इसे शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा के समीप समाप्त किया।
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 min ago
  • बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में हुई खूनी वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि स्थानीय पुलिस ने एक सप्ताह पहले हुई बर्बर मारपीट पर समय रहते सख्त कदम उठाए होते, तो यह दर्दनाक हादसा न होता। मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और कथित निष्क्रियता ने दबंगों के हौसले बुलंद कर दिए थे। एसपी के निर्देश पर खानापूर्ति के लिए एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें खुला छोड़ दिया। पीड़ित बेटी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता और लापरवाह एसएचओ व चौकी प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं होगा। यह मेहनौना हत्याकांड महज एक हत्या नहीं, बल्कि लालगंज पुलिस की विफलता का प्रमाण है। सवाल यह है कि एक सप्ताह पूर्व हुई मारपीट की घटना को पुलिस ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में किस 'दबाव' या 'संकोच' में थी। दूसरी खूनी वारदात के बाद मेहनौना गांव में आक्रोश का माहौल है और प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार कराने के तमाम प्रयास विफल रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस के प्रति लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं कि क्या पुलिस के आला अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाएगी। परिवार का अडिग रहना यह संकेत देता है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
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    बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में हुई खूनी वारदात के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यदि स्थानीय पुलिस ने एक सप्ताह पहले हुई बर्बर मारपीट पर समय रहते सख्त कदम उठाए होते, तो यह दर्दनाक हादसा न होता।

मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती और कथित निष्क्रियता ने दबंगों के हौसले बुलंद कर दिए थे। एसपी के निर्देश पर खानापूर्ति के लिए एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें खुला छोड़ दिया। पीड़ित बेटी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता और लापरवाह एसएचओ व चौकी प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पिता का अंतिम संस्कार नहीं होगा। यह मेहनौना हत्याकांड महज एक हत्या नहीं, बल्कि लालगंज पुलिस की विफलता का प्रमाण है। सवाल यह है कि एक सप्ताह पूर्व हुई मारपीट की घटना को पुलिस ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में किस 'दबाव' या 'संकोच' में थी।

दूसरी खूनी वारदात के बाद मेहनौना गांव में आक्रोश का माहौल है और प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार कराने के तमाम प्रयास विफल रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस के प्रति लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं कि क्या पुलिस के आला अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाएगी। परिवार का अडिग रहना यह संकेत देता है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सुल्तानपुर के चांदा थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित कोथरा कला बाजार में मोहर्रम के मौके पर सतई अलम जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में चांदा पुलिस ने पूरी सतर्कता और सक्रियता बरती। पुलिसकर्मी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई और कहीं भी अव्यवस्था नहीं फैलने दी गई। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय दिया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल बनी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार जुलूस के साथ रही, जिसमें हेड कांस्टेबल सुरजीत यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार, कांस्टेबल प्रभात सिंह यादव, कांस्टेबल शकील अहमद, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, कांस्टेबल विकास राय और कांस्टेबल वृंदावन शामिल थे। इस टीम ने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला। जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर स्थानीय नागरिकों और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता और सहयोग की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस की निरंतर सतर्कता और जनता के सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।
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    सुल्तानपुर के चांदा थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित कोथरा कला बाजार में मोहर्रम के मौके पर सतई अलम जुलूस पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में चांदा पुलिस ने पूरी सतर्कता और सक्रियता बरती। पुलिसकर्मी जुलूस मार्ग पर लगातार मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई और कहीं भी अव्यवस्था नहीं फैलने दी गई।

स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का शानदार परिचय दिया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जो गंगा-जमुनी तहजीब की एक बेहतरीन मिसाल बनी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार जुलूस के साथ रही, जिसमें हेड कांस्टेबल सुरजीत यादव, कांस्टेबल कोमल कुमार, कांस्टेबल प्रभात सिंह यादव, कांस्टेबल शकील अहमद, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, कांस्टेबल विकास राय और कांस्टेबल वृंदावन शामिल थे। इस टीम ने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला।

जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर स्थानीय नागरिकों और आयोजकों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता और सहयोग की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस की निरंतर सतर्कता और जनता के सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सका।
    user_SantoshPandit Yuva Anti Corrup
    SantoshPandit Yuva Anti Corrup
    लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • अयोध्या के बीकापुर इलाके में मंगलवार सुबह एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें जाना बाजार खजूरीपुर निवासी स्वयं रिपोर्टर दुर्गा सिंह के भतीजे अर्पित सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्टर दुर्गा सिंह के पुत्र स्वराज सिंह और उनके भतीजे अर्पित सिंह अपनी दैनिक ड्यूटी के लिए बाइक से अयोध्या जा रहे थे। जाना-बीकापुर मार्ग पर बीकापुर से महज 4 किलोमीटर पहले बाइक चला रहे स्वराज सिंह को अचानक झपकी आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे किलोमीटर पत्थर से टकरा गई। हेलमेट पहने होने के कारण स्वराज सिंह तो बाल-बाल बच गए, लेकिन पीछे बैठे अर्पित सिंह का पैर बुरी तरह चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत चार पहिया वाहन से मौके पर पहुंचे और घायल अर्पित को तत्काल बीकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल परिसर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। एक तरफ जहां घायल अर्पित आपातकालीन वार्ड के बाहर दर्द से तड़प रहे थे, वहीं अस्पताल के सुरक्षाकर्मी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय गाड़ी खड़ी करने को लेकर परिजनों से विवाद शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मी ने परिजनों को धमकाते हुए उनकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर की फोटो भी खींच ली, जिससे गंभीर स्थिति में मदद की आस लगाए बैठे परिजनों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। बीकापुर CHC के डॉक्टरों ने घायल अर्पित सिंह को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल अयोध्या के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने अर्पित के पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की है और उनका इलाज जारी है।
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    अयोध्या के बीकापुर इलाके में मंगलवार सुबह एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें जाना बाजार खजूरीपुर निवासी स्वयं रिपोर्टर दुर्गा सिंह के भतीजे अर्पित सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्टर दुर्गा सिंह के पुत्र स्वराज सिंह और उनके भतीजे अर्पित सिंह अपनी दैनिक ड्यूटी के लिए बाइक से अयोध्या जा रहे थे। जाना-बीकापुर मार्ग पर बीकापुर से महज 4 किलोमीटर पहले बाइक चला रहे स्वराज सिंह को अचानक झपकी आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे किलोमीटर पत्थर से टकरा गई। हेलमेट पहने होने के कारण स्वराज सिंह तो बाल-बाल बच गए, लेकिन पीछे बैठे अर्पित सिंह का पैर बुरी तरह चोटिल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत चार पहिया वाहन से मौके पर पहुंचे और घायल अर्पित को तत्काल बीकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल परिसर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। एक तरफ जहां घायल अर्पित आपातकालीन वार्ड के बाहर दर्द से तड़प रहे थे, वहीं अस्पताल के सुरक्षाकर्मी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय गाड़ी खड़ी करने को लेकर परिजनों से विवाद शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मी ने परिजनों को धमकाते हुए उनकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर की फोटो भी खींच ली, जिससे गंभीर स्थिति में मदद की आस लगाए बैठे परिजनों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

बीकापुर CHC के डॉक्टरों ने घायल अर्पित सिंह को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल अयोध्या के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने अर्पित के पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि की है और उनका इलाज जारी है।
    user_Durga Singh
    Durga Singh
    Electrician बीकापुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने बुलाया है। उन्हें 25 जून को सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। संजय सिंह ने घोषणा की है कि वह इस दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य एसआईटी अध्यक्ष को सौंपेंगे। संजय सिंह ने पहले भी वर्ष 2021 में राम मंदिर भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनका दावा है कि उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा राम भक्तों के चढ़ावे और दान से जुड़े हर आरोप की गहन जांच की जानी चाहिए। संजय सिंह ने पूर्व में भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग उठाई है।
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    आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने बुलाया है। उन्हें 25 जून को सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। संजय सिंह ने घोषणा की है कि वह इस दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य एसआईटी अध्यक्ष को सौंपेंगे।

संजय सिंह ने पहले भी वर्ष 2021 में राम मंदिर भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनका दावा है कि उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा राम भक्तों के चढ़ावे और दान से जुड़े हर आरोप की गहन जांच की जानी चाहिए। संजय सिंह ने पूर्व में भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग उठाई है।
    user_Nation 7 TV
    Nation 7 TV
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • राज्यसभा सांसद संजय सिंह को विशेष जाँच दल (एसआईटी) द्वारा बुलावा भेजा गया है। इस संबंध में, संजय सिंह कथित घपले से संबंधित अपनी फाइल कल एसआईटी को सौंपेंगे।
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    राज्यसभा सांसद संजय सिंह को विशेष जाँच दल (एसआईटी) द्वारा बुलावा भेजा गया है। इस संबंध में, संजय सिंह कथित घपले से संबंधित अपनी फाइल कल एसआईटी को सौंपेंगे।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    1 hr ago
  • संभल में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची से हुए दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी में खोजी कुतिया 'मैरी' ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार, मैरी ने घटनास्थल (खेत) पर छूटे आरोपी के गमछे को सूंघा और मात्र 5 मिनट में 200 मीटर दूर सीधे आरोपी के घर तक पहुँच गई। इस हैरतअंगेज और त्वरित कामयाबी के लिए एसपी कृष्ण बिश्नोई ने 'मैरी' को ₹10,000 का नकद इनाम देकर सम्मानित किया है, जिससे इस खोजी कुतिया के कमाल की खूब सराहना हो रही है।
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    संभल में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची से हुए दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी में खोजी कुतिया 'मैरी' ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस के अनुसार, मैरी ने घटनास्थल (खेत) पर छूटे आरोपी के गमछे को सूंघा और मात्र 5 मिनट में 200 मीटर दूर सीधे आरोपी के घर तक पहुँच गई। इस हैरतअंगेज और त्वरित कामयाबी के लिए एसपी कृष्ण बिश्नोई ने 'मैरी' को ₹10,000 का नकद इनाम देकर सम्मानित किया है, जिससे इस खोजी कुतिया के कमाल की खूब सराहना हो रही है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अयोध्या जिले में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और बाद में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन पिछली पंचायत में नगर निगम द्वारा चिलचिलाती धूप में पीने के लिए टैंकर से 'उबलता हुआ पानी' और 'गंदा पानी' भेजे जाने के कारण उपजे आक्रोश से शुरू हुआ। किसानों की महापंचायत नगर निगम कार्यालय अयोध्या परिसर में आयोजित की गई थी, जिसमें यूरिया खाद की कालाबाजारी और थोक दर घोषित न किए जाने सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान मांगा गया। महापंचायत के बीच नगर मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार ने पहुंचकर समस्या समाधान का प्रयास किया। नगर निगम अधिकारियों को बुलाने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं आया, तो क्रोधित कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव कर दिया और हॉल में ही पंचायत शुरू कर दी। बाद में नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, नगर निगम के वायदे से असंतुष्ट भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र प्राप्त किया। उन्होंने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित करने की मांग की, क्योंकि फुटकर विक्रेताओं को महंगे दाम पर खाद बेची जा रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और किसानों के हित में न बताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग भी की। राम मंदिर चढ़ावा/चंदा चोरी के सवाल पर घनश्याम वर्मा ने कहा कि वर्तमान ट्रस्टियों द्वारा मंदिर व्यवस्था ठीक से संभाली नहीं जा रही है, इसलिए राम जन्मभूमि को 'सुना' के हवाले कर दिया जाना चाहिए। पंचायत को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं, जिनमें प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे शामिल थे, ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया।
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    अयोध्या जिले में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और बाद में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन पिछली पंचायत में नगर निगम द्वारा चिलचिलाती धूप में पीने के लिए टैंकर से 'उबलता हुआ पानी' और 'गंदा पानी' भेजे जाने के कारण उपजे आक्रोश से शुरू हुआ।

किसानों की महापंचायत नगर निगम कार्यालय अयोध्या परिसर में आयोजित की गई थी, जिसमें यूरिया खाद की कालाबाजारी और थोक दर घोषित न किए जाने सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान मांगा गया। महापंचायत के बीच नगर मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार ने पहुंचकर समस्या समाधान का प्रयास किया। नगर निगम अधिकारियों को बुलाने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं आया, तो क्रोधित कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव कर दिया और हॉल में ही पंचायत शुरू कर दी। बाद में नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी।

हालांकि, नगर निगम के वायदे से असंतुष्ट भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र प्राप्त किया। उन्होंने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित करने की मांग की, क्योंकि फुटकर विक्रेताओं को महंगे दाम पर खाद बेची जा रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और किसानों के हित में न बताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग भी की। राम मंदिर चढ़ावा/चंदा चोरी के सवाल पर घनश्याम वर्मा ने कहा कि वर्तमान ट्रस्टियों द्वारा मंदिर व्यवस्था ठीक से संभाली नहीं जा रही है, इसलिए राम जन्मभूमि को 'सुना' के हवाले कर दिया जाना चाहिए। पंचायत को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं, जिनमें प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे शामिल थे, ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया।
    user_हलचल अयोध्या समाचार
    हलचल अयोध्या समाचार
    Actor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यूरिया खाद की थोक दर घोषित करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं और नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने भाग लिया। महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया, जहां थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित किए बिना महंगे दामों पर फुटकर विक्रेताओं को खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों को महंगी खाद मिल रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और देश के किसानों के हित में न बताते हुए उसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी के सवाल पर वर्तमान ट्रस्टियों पर मंदिर व्यवस्था ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए राम जन्मभूमि को सुना के हवाले करने की बात कही। नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने से क्रोधित भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों के न आने पर पंचायत नगर निगम के हॉल में ही शुरू हो गई, जिसके बीच में जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने पहुंचकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, समस्या समाधान के इन वायदों से असंतुष्ट भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। नगर मजिस्ट्रेट ने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। पंचायत में प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूरयनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे सहित अन्य नेताओं ने वर्तमान प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एक साथ बैठकर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव, रवि शंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेम शंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, राम सुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ हरिओम वर्मा, रामसेवक रावत, प्रमोद कुमार, श्रवन सैनी, कृष्ण कुमार गोस्वामी, शिवकुमार, बाबूराम, उर्मिला निषाद, सुषमा देवी, मालती देवी और रेखा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसान शामिल हुए।
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    अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यूरिया खाद की थोक दर घोषित करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं और नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने भाग लिया।

महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया, जहां थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित किए बिना महंगे दामों पर फुटकर विक्रेताओं को खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों को महंगी खाद मिल रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और देश के किसानों के हित में न बताते हुए उसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी के सवाल पर वर्तमान ट्रस्टियों पर मंदिर व्यवस्था ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए राम जन्मभूमि को सुना के हवाले करने की बात कही। नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने से क्रोधित भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों के न आने पर पंचायत नगर निगम के हॉल में ही शुरू हो गई, जिसके बीच में जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने पहुंचकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी।

हालांकि, समस्या समाधान के इन वायदों से असंतुष्ट भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। नगर मजिस्ट्रेट ने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। पंचायत में प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूरयनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे सहित अन्य नेताओं ने वर्तमान प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एक साथ बैठकर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।

इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव, रवि शंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेम शंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, राम सुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ हरिओम वर्मा, रामसेवक रावत, प्रमोद कुमार, श्रवन सैनी, कृष्ण कुमार गोस्वामी, शिवकुमार, बाबूराम, उर्मिला निषाद, सुषमा देवी, मालती देवी और रेखा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसान शामिल हुए।
    user_Varun kumar
    Varun kumar
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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