आजमगढ़ : पवई पुलिस ने युवक की गला दबाकर हत्या के मामले मे 48 घंटे में तीन नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार आजमगढ़ | पवई थाना क्षेत्र पवई थाना क्षेत्र के चकिया बखरिया गांव में नाली में पानी बहाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मारपीट के बाद युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नसोपुर अंडरपास से दबोचा। क्या था पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, गत 4 सितंबर 2026 को चकिया बखरिया निवासी वीरेंद्र पांडेय ने पवई थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि पूर्व में हुई कहासुनी को लेकर यदुवंश मणि त्रिपाठी, रामलाल शर्मा और एक अन्य महिला ने नाली के विवाद को लेकर उनके लगभग 30 वर्षीय पुत्र हरिओम पांडेय के साथ घर के दरवाजे पर मारपीट की और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। परिजनों के विरोध करने पर आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा (अपराध संख्या 209/2026) धारा 103(1) और 351(3) बीएनएस के तहत पंजीकृत किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में, थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 6 सितंबर को एक सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पोल संख्या 187.8 स्थित नसोपुर अंडरपास के पास से दोपहर करीब 2:52 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकांत त्रिपाठी और रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा (दोनों निवासी चकिया बखरिया, थाना पवई, आजमगढ़) के रूप में हुई है। वहीं, तीसरी आरोपी महिला की पहचान पुलिस ने गोपनीयता बनाए रखते हुए सुरक्षित रखी है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने पुलिस की छानबीन में मुख्य आरोपी यदुवंश मणि त्रिपाठी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पवई थाने में वर्ष 2012 में धारा 149, 323, 395, 452, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज रह चुका है। अब इस नई घटना के बाद उसके खिलाफ हत्या और धमकी की धाराओं में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम इस सफल गिरफ्तारी और खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मनीष पाल के साथ कांस्टेबल राकेश गोड, जमींदार विश्वकर्मा, धीरज वर्मा, रोहन, नितिन मिश्रा और महिला कांस्टेबल ज्योति गुप्ता शामिल रहीं।
आजमगढ़ : पवई पुलिस ने युवक की गला दबाकर हत्या के मामले मे 48 घंटे में तीन नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार आजमगढ़ | पवई थाना क्षेत्र पवई थाना क्षेत्र के चकिया बखरिया गांव में नाली में पानी बहाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मारपीट के बाद युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नसोपुर अंडरपास से दबोचा। क्या था पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, गत 4 सितंबर 2026 को चकिया बखरिया निवासी वीरेंद्र पांडेय ने पवई थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि पूर्व में हुई कहासुनी को लेकर यदुवंश मणि त्रिपाठी, रामलाल शर्मा और एक अन्य महिला ने नाली के विवाद को लेकर उनके लगभग 30 वर्षीय पुत्र हरिओम पांडेय के साथ घर के दरवाजे पर मारपीट की और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। परिजनों के विरोध करने पर आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा (अपराध संख्या 209/2026) धारा 103(1) और 351(3) बीएनएस के तहत पंजीकृत किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में, थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 6 सितंबर को एक सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पोल संख्या 187.8 स्थित नसोपुर अंडरपास के पास से दोपहर करीब 2:52 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकांत त्रिपाठी और रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा (दोनों निवासी चकिया बखरिया, थाना पवई, आजमगढ़) के रूप में हुई है। वहीं, तीसरी आरोपी महिला की पहचान पुलिस ने गोपनीयता बनाए रखते हुए सुरक्षित रखी है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने पुलिस की छानबीन में मुख्य आरोपी यदुवंश मणि त्रिपाठी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पवई थाने में वर्ष 2012 में धारा 149, 323, 395, 452, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज रह चुका है। अब इस नई घटना के बाद उसके खिलाफ हत्या और धमकी की धाराओं में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम इस सफल गिरफ्तारी और खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मनीष पाल के साथ कांस्टेबल राकेश गोड, जमींदार विश्वकर्मा, धीरज वर्मा, रोहन, नितिन मिश्रा और महिला कांस्टेबल ज्योति गुप्ता शामिल रहीं।
- स्वर्गीया शिक्षिका वंदना सिंह को दी गई श्रद्धांजलि शोक सभा का हुआ आयोजन बूढनपुर आजमगढ़। स्थानीय तहसील क्षेत्र बूढनपुर के कोयलसा शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय पिपरी मे एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमे स्वर्गीय वंदना सिंह जी की आत्मा की शान्ति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई । वंदना सिंह उक्त विद्यालय में अध्यापिका के रूप में पिछले कई सालों से कार्यरत थीं जिनका विगत 29 अगस्त को ब्रेन हेमरेज के कारण आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। श्रद्धांजलि सभा में शिक्षा क्षेत्र कोइलसा के विभिन्न विद्यालयों से पधारे अध्यापक अध्यापिकाओं ने स्वर्गीय वंदना सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कोयलसा ब्लाक के हूंसेपुर सनूप गांव निवासिनी स्वर्गीया शिक्षिका वंदना सिंह शिक्षक जगदम्बा सिंह की पत्नी हैं जिनके असामयिक निधन से पूरा परिवार सदमे में हैं। बयालिस वर्षीय स्वर्गीया वंदना सिंह के दो बेटी और एक बेटा है जो अब पूरी जिंदगी मां की ममता से मरहूम रहेंगे। एक होनहार शिशिका के चले जाने का दुख न केवल परिजन व रिस्तेदार झेल रहे हैं अपितु इनके चले जाने से स्कूल के बच्चे भी काफी दुखी दिखाई दे रहे हैं। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से स्वामीनाथ सिंह, राजेश सिंह प्रबन्धक इंटर कॉलेज कौड़िया, डॉ राजेश सिंह , अजय कुमार सिंह अध्यक्ष प्राइमरी शिक्षा संघ कोयलसा ,राजेश कुमार मंत्री शिक्षक संघ कोयलसा ,राघव शरण सिंह , अकरम आजम, दिलीप कुमार अनुदेशक ,प्रवीण मिश्र, वरिष्ठ शिक्षक दिलीप कुमार पांडेय, निखिल सिंह ,पवन कुमार चौबे, नवमी प्रसाद यादव, लालसा राम यादव, मनोज सिंह, सर्वेश सिंह, श्याम विहारी वर्मा, श्रीपति वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, जसवंत सिंह ,अंजनी सिंह, वेदप्रकाश ,नीरज सिंह ,सरिता सिंह ,वंदना वर्मा ,ललित वर्मा, राजेश विश्वकर्मा ,रमाकांत शर्मा प्रधानाचार्य कंपोजिट विद्यालय पिपरी सहित सैकड़ों शिक्षक और अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह ने किया।1
- आजमगढ़ में क्रांति जनता पार्टी का सदस्यता अभियान और जन चौपाल क्रांति जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. घनश्याम विश्वकर्मा के नेतृत्व में सदस्यता अभियान एवं जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान सौरभ कुमार को पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। 👉 आपके क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या क्या है? कमेंट करके बताएं। 👇 #आजमगढ़ #क्रांति_जनता_पार्टी #जनचौपाल #सदस्यता_अभियान #Azamgarh #TV24NewsExpress1
- आजमगढ़ : पार्टी के अपने ही बूथ अध्यक्ष की ‘पसंद’ लगी नागवार! सर्वे में वर्तमान विधायक की जगह दूसरे सपा नेता को टिकट मिलने की पहली पसंद बताने पर मारपीट का आरोप, हंगामा और गुत्थम गुत्था का वीडियो हुआ वायरल, बीजेपी नेता ने ली चुटकी, भुवर अखाड़ा ने किया विरोध1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सहारनपुर में इन्होंने मस्जिद को गिराने का काम किया। जो इसमें शामिल थे, कानून उन्हें सजा देगा। आप कोर्ट में अपील के लिए वक्त नहीं दे रहे। क्या जल्दी थी? आप उनका अधिकार छीन रहे हो। भाजपा के लोग कानून की परवाह नहीं करते। 16 घंटे के अंदर मस्जिद गिरा दी गई। लोग दुखी हैं, यही लोग भाजपा को हटाने का काम करेंगे।"1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सहारनपुर में इन्होंने मस्जिद को गिराने का काम किया। जो इसमें शामिल थे, कानून उन्हें सजा देगा। आप कोर्ट में अपील के लिए वक्त नहीं दे रहे। क्या जल्दी थी? आप उनका अधिकार छीन रहे हो। भाजपा के लोग कानून की परवाह नहीं करते। 16 घंटे के अंदर मस्जिद गिरा दी गई। लोग दुखी हैं, यही लोग भाजपा को हटाने का काम करेंगे।"1
- आजमगढ़ : पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़: गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 354 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 81 लाख रुपये आंकी गई है। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया, जिससे लंबे समय से अपना फोन खो चुके लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई। CEIR पोर्टल और CCTNS टीम की प्रभावी पहल पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। मोबाइल धारकों द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज कराई गई ऑनलाइन शिकायतों को आधार बनाते हुए, CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) प्रभारी और उनकी टीम को तकनीकी सर्विलांस के जरिए मोबाइलों को ट्रेस करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन फोनों को अलग-अलग जगहों से बरामद करने में सफलता हासिल की। 31 महीनों के आंकड़े: 13.76 करोड़ के 5770 फोन बरामद आजमगढ़ पुलिस द्वारा आम जनता को राहत पहुंचाने के इस अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावशाली रहे हैं: वर्ष 2026 में अब तक: पुलिस ने कुल 2133 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 75 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके मालिकों तक पहुंचाया जा चुका है। कुल उपलब्धि (पिछले 31 माह में): इस निरंतर अभियान के तहत अब तक कुल 5770 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 13 करोड़ 76 लाख रुपये है। उम्मीद छोड़ चुके लोगों को मिली राहत महंगे स्मार्टफोन गुम हो जाने के बाद आमतौर पर लोग उनकी वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं। ऐसे में आजमगढ़ पुलिस की इस सराहनीय पहल और तकनीकी दक्षता ने आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। मोबाइल वापस पाने वाले स्वामियों ने आजमगढ़ पुलिस और CCTNS टीम की इस कार्यशैली की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।1
- आजमगढ़ : पवई पुलिस ने युवक की गला दबाकर हत्या के मामले मे 48 घंटे में तीन नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार आजमगढ़ | पवई थाना क्षेत्र पवई थाना क्षेत्र के चकिया बखरिया गांव में नाली में पानी बहाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मारपीट के बाद युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नसोपुर अंडरपास से दबोचा। क्या था पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, गत 4 सितंबर 2026 को चकिया बखरिया निवासी वीरेंद्र पांडेय ने पवई थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि पूर्व में हुई कहासुनी को लेकर यदुवंश मणि त्रिपाठी, रामलाल शर्मा और एक अन्य महिला ने नाली के विवाद को लेकर उनके लगभग 30 वर्षीय पुत्र हरिओम पांडेय के साथ घर के दरवाजे पर मारपीट की और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। परिजनों के विरोध करने पर आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा (अपराध संख्या 209/2026) धारा 103(1) और 351(3) बीएनएस के तहत पंजीकृत किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में, थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 6 सितंबर को एक सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पोल संख्या 187.8 स्थित नसोपुर अंडरपास के पास से दोपहर करीब 2:52 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकांत त्रिपाठी और रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा (दोनों निवासी चकिया बखरिया, थाना पवई, आजमगढ़) के रूप में हुई है। वहीं, तीसरी आरोपी महिला की पहचान पुलिस ने गोपनीयता बनाए रखते हुए सुरक्षित रखी है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। पुराना आपराधिक इतिहास भी आया सामने पुलिस की छानबीन में मुख्य आरोपी यदुवंश मणि त्रिपाठी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पवई थाने में वर्ष 2012 में धारा 149, 323, 395, 452, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज रह चुका है। अब इस नई घटना के बाद उसके खिलाफ हत्या और धमकी की धाराओं में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम इस सफल गिरफ्तारी और खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मनीष पाल के साथ कांस्टेबल राकेश गोड, जमींदार विश्वकर्मा, धीरज वर्मा, रोहन, नितिन मिश्रा और महिला कांस्टेबल ज्योति गुप्ता शामिल रहीं।1
- झाड़ू से पिटे पूर्व विधायक गुड्डू पंडित .....* ......... *झाड़ू से पिटे पूर्व विधायक गुड्डू पंडित .....* बाहुबली विधायक का तमगा हासिल करने वाले *पूर्व विधायक गुड्डू पंडित* एक बार फिर सुर्खियों में है, इस बार उनकी तीसरी पत्नी ने उन्हें झाड़ू से पीटा तो उन्होंने भी उसे बालों से पकड़कर खींचा और घर के बाहर फेंक दिया l पूरा घटनाक्रम या कहे ड्रामा कैमरे में शूट हुआ और अब वायरल है l1