आजमगढ़ : पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़: गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 354 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 81 लाख रुपये आंकी गई है। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया, जिससे लंबे समय से अपना फोन खो चुके लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई। CEIR पोर्टल और CCTNS टीम की प्रभावी पहल पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। मोबाइल धारकों द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज कराई गई ऑनलाइन शिकायतों को आधार बनाते हुए, CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) प्रभारी और उनकी टीम को तकनीकी सर्विलांस के जरिए मोबाइलों को ट्रेस करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन फोनों को अलग-अलग जगहों से बरामद करने में सफलता हासिल की। 31 महीनों के आंकड़े: 13.76 करोड़ के 5770 फोन बरामद आजमगढ़ पुलिस द्वारा आम जनता को राहत पहुंचाने के इस अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावशाली रहे हैं: वर्ष 2026 में अब तक: पुलिस ने कुल 2133 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 75 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके मालिकों तक पहुंचाया जा चुका है। कुल उपलब्धि (पिछले 31 माह में): इस निरंतर अभियान के तहत अब तक कुल 5770 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 13 करोड़ 76 लाख रुपये है। उम्मीद छोड़ चुके लोगों को मिली राहत महंगे स्मार्टफोन गुम हो जाने के बाद आमतौर पर लोग उनकी वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं। ऐसे में आजमगढ़ पुलिस की इस सराहनीय पहल और तकनीकी दक्षता ने आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। मोबाइल वापस पाने वाले स्वामियों ने आजमगढ़ पुलिस और CCTNS टीम की इस कार्यशैली की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
आजमगढ़ : पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़: गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 354 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 81 लाख रुपये आंकी गई है। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया, जिससे लंबे समय से अपना फोन खो चुके लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई। CEIR पोर्टल और CCTNS टीम की प्रभावी पहल पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। मोबाइल धारकों द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज कराई गई ऑनलाइन शिकायतों को आधार बनाते हुए, CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) प्रभारी और उनकी टीम को तकनीकी सर्विलांस के जरिए मोबाइलों को ट्रेस करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन फोनों को अलग-अलग जगहों से बरामद करने में सफलता हासिल की। 31 महीनों के आंकड़े: 13.76 करोड़ के 5770 फोन बरामद आजमगढ़ पुलिस द्वारा आम जनता को राहत पहुंचाने के इस अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावशाली रहे हैं: वर्ष 2026 में अब तक: पुलिस ने कुल 2133 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 75 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके मालिकों तक पहुंचाया जा चुका है। कुल उपलब्धि (पिछले 31 माह में): इस निरंतर अभियान के तहत अब तक कुल 5770 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 13 करोड़ 76 लाख रुपये है। उम्मीद छोड़ चुके लोगों को मिली राहत महंगे स्मार्टफोन गुम हो जाने के बाद आमतौर पर लोग उनकी वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं। ऐसे में आजमगढ़ पुलिस की इस सराहनीय पहल और तकनीकी दक्षता ने आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। मोबाइल वापस पाने वाले स्वामियों ने आजमगढ़ पुलिस और CCTNS टीम की इस कार्यशैली की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
- आजमगढ़ : पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: 354 गुमशुदा मोबाइल बरामद, स्वामियों के खिले चेहरे आजमगढ़: गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 354 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 81 लाख रुपये आंकी गई है। रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया, जिससे लंबे समय से अपना फोन खो चुके लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई। CEIR पोर्टल और CCTNS टीम की प्रभावी पहल पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। मोबाइल धारकों द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज कराई गई ऑनलाइन शिकायतों को आधार बनाते हुए, CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) प्रभारी और उनकी टीम को तकनीकी सर्विलांस के जरिए मोबाइलों को ट्रेस करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन फोनों को अलग-अलग जगहों से बरामद करने में सफलता हासिल की। 31 महीनों के आंकड़े: 13.76 करोड़ के 5770 फोन बरामद आजमगढ़ पुलिस द्वारा आम जनता को राहत पहुंचाने के इस अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावशाली रहे हैं: वर्ष 2026 में अब तक: पुलिस ने कुल 2133 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 75 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके मालिकों तक पहुंचाया जा चुका है। कुल उपलब्धि (पिछले 31 माह में): इस निरंतर अभियान के तहत अब तक कुल 5770 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 13 करोड़ 76 लाख रुपये है। उम्मीद छोड़ चुके लोगों को मिली राहत महंगे स्मार्टफोन गुम हो जाने के बाद आमतौर पर लोग उनकी वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं। ऐसे में आजमगढ़ पुलिस की इस सराहनीय पहल और तकनीकी दक्षता ने आम नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। मोबाइल वापस पाने वाले स्वामियों ने आजमगढ़ पुलिस और CCTNS टीम की इस कार्यशैली की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।1
- स्वर्गीया शिक्षिका वंदना सिंह को दी गई श्रद्धांजलि शोक सभा का हुआ आयोजन बूढनपुर आजमगढ़। स्थानीय तहसील क्षेत्र बूढनपुर के कोयलसा शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय पिपरी मे एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया जिसमे स्वर्गीय वंदना सिंह जी की आत्मा की शान्ति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई । वंदना सिंह उक्त विद्यालय में अध्यापिका के रूप में पिछले कई सालों से कार्यरत थीं जिनका विगत 29 अगस्त को ब्रेन हेमरेज के कारण आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। श्रद्धांजलि सभा में शिक्षा क्षेत्र कोइलसा के विभिन्न विद्यालयों से पधारे अध्यापक अध्यापिकाओं ने स्वर्गीय वंदना सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कोयलसा ब्लाक के हूंसेपुर सनूप गांव निवासिनी स्वर्गीया शिक्षिका वंदना सिंह शिक्षक जगदम्बा सिंह की पत्नी हैं जिनके असामयिक निधन से पूरा परिवार सदमे में हैं। बयालिस वर्षीय स्वर्गीया वंदना सिंह के दो बेटी और एक बेटा है जो अब पूरी जिंदगी मां की ममता से मरहूम रहेंगे। एक होनहार शिशिका के चले जाने का दुख न केवल परिजन व रिस्तेदार झेल रहे हैं अपितु इनके चले जाने से स्कूल के बच्चे भी काफी दुखी दिखाई दे रहे हैं। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से स्वामीनाथ सिंह, राजेश सिंह प्रबन्धक इंटर कॉलेज कौड़िया, डॉ राजेश सिंह , अजय कुमार सिंह अध्यक्ष प्राइमरी शिक्षा संघ कोयलसा ,राजेश कुमार मंत्री शिक्षक संघ कोयलसा ,राघव शरण सिंह , अकरम आजम, दिलीप कुमार अनुदेशक ,प्रवीण मिश्र, वरिष्ठ शिक्षक दिलीप कुमार पांडेय, निखिल सिंह ,पवन कुमार चौबे, नवमी प्रसाद यादव, लालसा राम यादव, मनोज सिंह, सर्वेश सिंह, श्याम विहारी वर्मा, श्रीपति वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, जसवंत सिंह ,अंजनी सिंह, वेदप्रकाश ,नीरज सिंह ,सरिता सिंह ,वंदना वर्मा ,ललित वर्मा, राजेश विश्वकर्मा ,रमाकांत शर्मा प्रधानाचार्य कंपोजिट विद्यालय पिपरी सहित सैकड़ों शिक्षक और अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षक देवेन्द्र कुमार सिंह ने किया।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सहारनपुर में इन्होंने मस्जिद को गिराने का काम किया। जो इसमें शामिल थे, कानून उन्हें सजा देगा। आप कोर्ट में अपील के लिए वक्त नहीं दे रहे। क्या जल्दी थी? आप उनका अधिकार छीन रहे हो। भाजपा के लोग कानून की परवाह नहीं करते। 16 घंटे के अंदर मस्जिद गिरा दी गई। लोग दुखी हैं, यही लोग भाजपा को हटाने का काम करेंगे।"1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "सहारनपुर में इन्होंने मस्जिद को गिराने का काम किया। जो इसमें शामिल थे, कानून उन्हें सजा देगा। आप कोर्ट में अपील के लिए वक्त नहीं दे रहे। क्या जल्दी थी? आप उनका अधिकार छीन रहे हो। भाजपा के लोग कानून की परवाह नहीं करते। 16 घंटे के अंदर मस्जिद गिरा दी गई। लोग दुखी हैं, यही लोग भाजपा को हटाने का काम करेंगे।"1
- हमारे गाँव की सड़क काफी खराब हो चुकी है। Village Bara post bara Mau Uttar Pradesh India हमारे गाँव की सड़क काफी खराब हो चुकी है। प्रधान द्वारा अभी तक सड़क का निर्माण नहीं करवाया गया है। सड़क खराब होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश के समय रास्ते में कीचड़ और पानी भर जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में भी दिक्कत होती है। बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहनों से आने-जाने में भी काफी कठिनाई होती है। गाँव के लोगों ने कई बार सड़क बनवाने की मांग की है। अतः संबंधित अधिकारी से निवेदन है कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण करवाया जाए। इससे गाँव के सभी लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।1
- शिक्षक दिवस पर नेता ने लगाई क्लास! बच्चों को पढ़ाने पहुंचे चंचल यादव 📚 शिक्षक दिवस पर नेता ने लगाई क्लास! आज़मगढ़ के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के नयापुरा चाँदपुर गांव में समाजसेवी एवं समाजवादी पार्टी प्रवक्ता चंचल यादव ने PDA पाठशाला का आयोजन किया। इस दौरान आसपास के गांवों से पहुंचे बच्चों को पढ़ाया गया और शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों को किताब, कॉपी, पेन और बिस्कुट भी वितरित किए गए। वहीं चंचल यादव ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षकों की संख्या को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं और शिक्षक होना जरूरी है। आप बताइए—सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सबसे जरूरी कदम क्या होना चाहिए? 👇 #TeacherDay #शिक्षकदिवस #PDAपाठशाला #Azamgarh #Gopalpur #ChanchalYadav #Education #GovernmentSchool #AzamgarhNews #TV24NewsExpress1
- बंद विद्यालयों को फिर शुरू कराएगी सपा सरकार : संग्राम यादव बूढ़नपुर। शिक्षा क्षेत्र कोयलसा में शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को क्षेत्रीय विधायक डॉ. संग्राम यादव ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बंद किए गए विद्यालयों की स्थिति और सरकार की नीतियों की सच्चाई से जनता को अवगत कराया जा रहा है।विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में 26 हजार से अधिक विद्यालयों को बंद किया है। अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में भी 16 से अधिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर इन विद्यालयों को दोबारा संचालित कराया जाएगा। साथ ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था करते हुए उन्हें मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षकों की भर्ती कर युवाओं को रोजगार देने का भी काम किया जाएगा। डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण सरकारी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षित लोग सरकार से सवाल करते हैं, इसलिए सरकारी विद्यालयों को बंद किया जा रहा है। सेवानिवृत्त 30 शिक्षकों का किया सम्मान शिक्षक दिवस के अवसर पर विधायक ने क्षेत्र के सेवानिवृत्त 30 शिक्षकों को अंग वस्त्र एवं संविधान देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता होते हैं। आज समाज में जो भी लोग अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़े हैं, उसमें शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए शिक्षकों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। संविधान खतरे में है। बढ़ती महंगाई और अपराध पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि हालात इसी तरह बने रहे तो गरीबों के मुंह से निवाला तक छिन जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नरेंद्र नाथ यादव ने की। उन्होंने कहा कि चोर-डकैत किसी व्यक्ति का उतना नुकसान नहीं कर सकते, जितना नुकसान पढ़े-लिखे लोगों की चुप्पी से होता है। उन्होंने कहा कि जनता को सरकार से रोजगार, सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग करनी चाहिए। ऐसी सरकार होनी चाहिए जो बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य दे सके। इस दौरान पूर्व प्रमुख महेंद्र यादव, बर्मन यादव, प्रमुख शकील अहमद, बलवंत यादव, हरहर महादेव गुरु राम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- झाड़ू से पिटे पूर्व विधायक गुड्डू पंडित .....* ......... *झाड़ू से पिटे पूर्व विधायक गुड्डू पंडित .....* बाहुबली विधायक का तमगा हासिल करने वाले *पूर्व विधायक गुड्डू पंडित* एक बार फिर सुर्खियों में है, इस बार उनकी तीसरी पत्नी ने उन्हें झाड़ू से पीटा तो उन्होंने भी उसे बालों से पकड़कर खींचा और घर के बाहर फेंक दिया l पूरा घटनाक्रम या कहे ड्रामा कैमरे में शूट हुआ और अब वायरल है l1