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रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।

2 hrs ago
user_Raigarh Chhattisgarh
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।
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    रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर ने एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके तहत जिले में 175 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। इन बच्चों के लिए एक विशेष निगरानी और सुपोषण योजना लागू की गई है, जिसकी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सौंपी गई है। इस पहल के अंतर्गत, कुपोषित बच्चों वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का चिन्हांकन किया गया है और उन केंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, गृह भ्रमण कर अभिभावकों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि जिले में अब तक 72 आंगनबाड़ी केंद्र कुपोषण मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल सारंगढ़ में संचालित सुपोषण केंद्र भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो सालों में 465 कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कर उपचार और सुपोषण आहार प्रदान किया गया। जनवरी से दिसंबर 2024 तक भर्ती हुए 177 बच्चों में से 80 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में आए, वहीं साल 2025 में भर्ती 170 बच्चों में लगभग 83 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल हुए। प्रशासन का लक्ष्य लगातार निगरानी, उपचार और पोषण आहार के माध्यम से पूरे जिले को कुपोषण मुक्त बनाना है। कलेक्टर की इस शानदार पहल की चारों ओर खूब चर्चा हो रही है, जिसमें जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की इस नई कोशिश और 175 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन पर प्रशासनिक निगरानी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
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    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर ने एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके तहत जिले में 175 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। इन बच्चों के लिए एक विशेष निगरानी और सुपोषण योजना लागू की गई है, जिसकी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सौंपी गई है।

इस पहल के अंतर्गत, कुपोषित बच्चों वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का चिन्हांकन किया गया है और उन केंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, गृह भ्रमण कर अभिभावकों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

आपको बता दें कि जिले में अब तक 72 आंगनबाड़ी केंद्र कुपोषण मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल सारंगढ़ में संचालित सुपोषण केंद्र भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो सालों में 465 कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कर उपचार और सुपोषण आहार प्रदान किया गया। जनवरी से दिसंबर 2024 तक भर्ती हुए 177 बच्चों में से 80 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में आए, वहीं साल 2025 में भर्ती 170 बच्चों में लगभग 83 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल हुए।

प्रशासन का लक्ष्य लगातार निगरानी, उपचार और पोषण आहार के माध्यम से पूरे जिले को कुपोषण मुक्त बनाना है। कलेक्टर की इस शानदार पहल की चारों ओर खूब चर्चा हो रही है, जिसमें जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की इस नई कोशिश और 175 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन पर प्रशासनिक निगरानी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • जांजगीर में एक ग्रामीण के साथ उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक की डिक्की से 60,000 रुपये चुरा लिए। ग्रामीण बैंक आया था और इसी दौरान यह वारदात हुई। घटना के बाद, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    जांजगीर में एक ग्रामीण के साथ उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक की डिक्की से 60,000 रुपये चुरा लिए। ग्रामीण बैंक आया था और इसी दौरान यह वारदात हुई। घटना के बाद, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया। इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के।

उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया।

इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    51 min ago
  • नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर* 🚨 *"अभियान संवेदना" के तहत गुम बालिका बिलासपुर के सीपत से सकुशल दस्तयाब, शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार* 🚨 *कोतरारोड़ नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर* *6 जुलाई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद कर उसे शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार दिनांक 11 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्ष 11 माह की नाबालिग पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। शाम को विद्यालय से फोन आने पर परिजनों ने रास्ते एवं रिश्तेदारों के यहां तलाश की, परंतु उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है। शिकायत पर थाना कोतरारोड़ में गुम इंसान क्रमांक 10/2026 दर्ज कर अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच में संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन थाना सीपत, जिला बिलासपुर क्षेत्र में मिलने पर थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह द्वारा तत्काल डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर पुलिस टीम गठित कर बिलासपुर रवाना किया गया । पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर नाबालिग बालिका को उसके कब्जे से सकुशल बरामद किया। बरामदगी के समय बालिका के माता-पिता भी मौजूद रहे। थाना लाकर महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सूरज कुमार साहू उसे नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और नाबालिक जानते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाया जिससे प्रकरण में धारा 87, 65 (1) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोडी गयी है। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर *आरोपी सूरज कुमार साहू पित्ता हेतराम साहू उम्र 27 वर्ष सा. पकरिया भाठापारा (लटिया) थाना अकलतरा जिला जाजगीर चापा (छ.ग.)* के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं पीड़िता को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालिका की पतासाजी, आरोपी गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे और महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की अहम भूमिका रही है । "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रखे हुए है।
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    नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर*
🚨 *"अभियान संवेदना" के तहत गुम बालिका बिलासपुर के सीपत से सकुशल दस्तयाब, शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार*
🚨 *कोतरारोड़ नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर*
*6 जुलाई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद कर उसे शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार दिनांक 11 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्ष 11 माह की नाबालिग पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। शाम को विद्यालय से फोन आने पर परिजनों ने रास्ते एवं रिश्तेदारों के यहां तलाश की, परंतु उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है। शिकायत पर थाना कोतरारोड़ में गुम इंसान क्रमांक 10/2026 दर्ज कर अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच में संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन थाना सीपत, जिला बिलासपुर क्षेत्र में मिलने पर थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह द्वारा तत्काल डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर पुलिस टीम गठित कर बिलासपुर रवाना किया गया । पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर नाबालिग बालिका को उसके कब्जे से सकुशल बरामद किया। बरामदगी के समय बालिका के माता-पिता भी मौजूद रहे।
थाना लाकर महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सूरज कुमार साहू उसे नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और नाबालिक जानते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाया जिससे प्रकरण में धारा 87, 65 (1) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोडी गयी है।
विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर *आरोपी सूरज कुमार साहू पित्ता हेतराम साहू उम्र 27 वर्ष सा. पकरिया भाठापारा (लटिया) थाना अकलतरा जिला जाजगीर चापा (छ.ग.)*  के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं पीड़िता को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालिका की पतासाजी, आरोपी गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे और महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की अहम भूमिका रही है ।
"अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रखे हुए है।
    user_Ajit gupta
    Ajit gupta
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों 'हर हर महादेव' और 'जय शिव शंभु' को व्यक्त करती है।
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    यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों 'हर हर महादेव' और 'जय शिव शंभु' को व्यक्त करती है।
    user_𝑲𝒓𝒊𝒔𝒉𝒏𝒂
    𝑲𝒓𝒊𝒔𝒉𝒏𝒂
    Police Officer सारंगढ़ बिलाईगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है। कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।
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    बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है।

कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    2 hrs ago
  • रायगढ़ जिले में बिरहोर समुदाय के परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लगातार भटकने को मजबूर हैं। अपनी इन्हीं समस्याओं के समाधान और मदद की उम्मीद में, ये परिवार रायगढ़ मुख्यालय आकर कलेक्टर से मिले और अपनी स्थिति बताते हुए गुहार लगाई है।
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    रायगढ़ जिले में बिरहोर समुदाय के परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लगातार भटकने को मजबूर हैं। अपनी इन्हीं समस्याओं के समाधान और मदद की उम्मीद में, ये परिवार रायगढ़ मुख्यालय आकर कलेक्टर से मिले और अपनी स्थिति बताते हुए गुहार लगाई है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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