छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया। इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के
किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन
विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया। इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न
होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया। इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।4
- नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर* 🚨 *"अभियान संवेदना" के तहत गुम बालिका बिलासपुर के सीपत से सकुशल दस्तयाब, शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार* 🚨 *कोतरारोड़ नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर* *6 जुलाई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद कर उसे शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार दिनांक 11 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्ष 11 माह की नाबालिग पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। शाम को विद्यालय से फोन आने पर परिजनों ने रास्ते एवं रिश्तेदारों के यहां तलाश की, परंतु उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है। शिकायत पर थाना कोतरारोड़ में गुम इंसान क्रमांक 10/2026 दर्ज कर अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच में संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन थाना सीपत, जिला बिलासपुर क्षेत्र में मिलने पर थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह द्वारा तत्काल डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर पुलिस टीम गठित कर बिलासपुर रवाना किया गया । पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर नाबालिग बालिका को उसके कब्जे से सकुशल बरामद किया। बरामदगी के समय बालिका के माता-पिता भी मौजूद रहे। थाना लाकर महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सूरज कुमार साहू उसे नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और नाबालिक जानते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाया जिससे प्रकरण में धारा 87, 65 (1) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोडी गयी है। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर *आरोपी सूरज कुमार साहू पित्ता हेतराम साहू उम्र 27 वर्ष सा. पकरिया भाठापारा (लटिया) थाना अकलतरा जिला जाजगीर चापा (छ.ग.)* के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं पीड़िता को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालिका की पतासाजी, आरोपी गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे और महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की अहम भूमिका रही है । "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रखे हुए है।1
- बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है। कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।1
- जांजगीर में एक ग्रामीण के साथ उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक की डिक्की से 60,000 रुपये चुरा लिए। ग्रामीण बैंक आया था और इसी दौरान यह वारदात हुई। घटना के बाद, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- घाटबर्रा और आसपास के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कॉर्पोरेट कोयला खनन कार्यों तथा स्वदेशी गोंड आदिवासी आबादी के बीच एक गहरा संघर्ष चल रहा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में ग्रामीणों की याचिकाओं को खारिज करते हुए उनके सामुदायिक वन अधिकारों को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है, जिसे स्थानीय प्रतिरोध के लिए एक महत्वपूर्ण झटके के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि 2013 का अनुदान त्रुटिपूर्ण था। हसदेव अरंद कोयला क्षेत्र मध्य भारत के सबसे बड़े अखंडित वनों में से एक है, जिसमें कोयले का विशाल भंडार मौजूद है। परसा ईस्ट और केटे बेसेन (पीईकेबी) कोयला ब्लॉक घाटबारा के निकटवर्ती क्षेत्रों से सटा हुआ है। इस क्षेत्र में खनन राज्य की बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति से जुड़ा है और इसका संचालन अदानी एंटरप्राइजेज सहित कई संस्थाओं द्वारा किया जाता है। वर्ष 2013 में, घाटबारा गांव के ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) प्रदान किए गए थे। हालांकि, 2016 में यह कहते हुए कि इस भूमि का उपयोग 2012 में खनन के लिए किया गया था, इन अधिकारों को रद्द कर दिया गया था। इस बीच, स्थानीय आदिवासी समुदाय और हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति जैसे पर्यावरण समूह लगातार खनन और वनों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। वे मानवाधिकार संबंधी चिंताओं, ग्राम सभा की उचित सहमति के अभाव और हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्र को हुए महत्वपूर्ण पारिस्थितिक नुकसान का हवाला देते हुए अपनी आवाज उठा रहे हैं।1
- जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी जशपुर के ASP आर.के. पाटानवार ने दी है।1
- रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।1
- रायगढ़ पुलिस ने "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए धरमजयगढ़ में एक युवती का वर्षों तक शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी पंकज गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पर नाबालिग अवस्था में बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने और बाद में शादी का झूठा वादा कर लगातार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई सरगुजा जिले के थाना गांधीनगर से प्राप्त शून्य एफआईआर (Zero FIR) के आधार पर धरमजयगढ़ पुलिस द्वारा की गई। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, पीड़िता (22 वर्ष) की पहचान 2018 में धरमजयगढ़ में अपने किराये के मकान के पास रहने वाले पंकज गुप्ता से हुई थी। जब पीड़िता नाबालिग थी, तब आरोपी ने उससे प्रेम और विवाह करने का झूठा आश्वासन देकर 20 जून 2018 को घर में अकेला पाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने विवाह का भरोसा देकर पीड़िता को किसी को भी जानकारी न देने के लिए कहा। इसके बाद भी आरोपी लगातार विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। वर्ष 2019 में आरोपी ने किसी दूसरी युवती से विवाह कर लिया, लेकिन इसके बावजूद वह पीड़िता पर दबाव बनाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। विरोध करने पर आरोपी पीड़िता को आत्महत्या करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर भयभीत करता था। पीड़िता अपनी आगे की पढ़ाई के लिए रायगढ़ और फिर अंबिकापुर चली गई, लेकिन आरोपी वहां भी उसके किराये के मकानों तक पहुंचकर लगातार उसका पीछा करता रहा। इस दौरान आरोपी ने कई बार यह कहकर विवाह का आश्वासन दिया कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई है और वह अब पीड़िता से विवाह करेगा। इस झूठे विश्वास में रखकर आरोपी ने वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। बाद में आरोपी ने दूसरी शादी भी कर ली, लेकिन फिर भी पीड़िता के संपर्क में रहकर विवाह का झांसा देता रहा। अंततः आरोपी द्वारा विवाह से स्पष्ट इंकार करने पर पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता की शिकायत पर थाना धरमजयगढ़ में आरोपी पंकज गुप्ता, पिता स्वर्गीय सुरेश गुप्ता, उम्र 30 वर्ष, निवासी गोधनपुर, अंबिकापुर, थाना गांधीनगर, जिला सरगुजा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(m) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता का बयान और अन्य आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी पंकज गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगडे, सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा, प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी और हमराह स्टाफ ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और पीड़ित को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया है कि रायगढ़ पुलिस महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1