अवैध शराब और ड्रिंक एंड ड्राइव पर उमरियापान पुलिस की सख्ती 48 घंटे में 8 पर कार्रवाई, 6 गिरफ्तार; बाइक और XUV-500 जब्त कटनी। उमरियापान पुलिस ने अवैध शराब कारोबार और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 13 और 14 सितंबर को 48 घंटे का विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई में कुल 8 लोगों पर प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि अवैध शराब के मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ग्राम इटमा और जमुनिया में दबिश देकर अवैध शराब बेचने व पिलाने वालों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की। वहीं वाहन चेकिंग के दौरान शराब के नशे में बाइक चला रहे संदीप कोल (30) और XUV-500 चला रहे बृजेश विश्वकर्मा (46) के खिलाफ मोटर यान अधिनियम की धारा 185 में कार्रवाई की गई। दोनों वाहन जब्त किए गए। कार्रवाई एसपी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, एएसपी कमल मौर्य व एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अवैध शराब और ड्रिंक एंड ड्राइव पर उमरियापान पुलिस की सख्ती 48 घंटे में 8 पर कार्रवाई, 6 गिरफ्तार; बाइक और XUV-500 जब्त कटनी। उमरियापान पुलिस ने अवैध शराब कारोबार और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 13 और 14 सितंबर को 48 घंटे का विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई में कुल 8 लोगों पर प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि अवैध शराब के मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ग्राम इटमा और जमुनिया में दबिश देकर अवैध शराब बेचने व पिलाने वालों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की। वहीं वाहन चेकिंग के दौरान शराब के नशे में बाइक चला रहे संदीप कोल (30) और XUV-500 चला रहे बृजेश विश्वकर्मा (46) के खिलाफ मोटर यान अधिनियम की धारा 185 में कार्रवाई की गई। दोनों वाहन जब्त किए गए। कार्रवाई एसपी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, एएसपी कमल मौर्य व एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- दमोह हटा सिविल अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर चेतन साहू के साथ मारपीट मामले में हटा थाना पुलिस ने एकआरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, आरोपी अनिल पौराणिक को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।2
- सेवा संकल्प अभियान में दिखा जनसेवा का जज़्बा, रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश सेवा संकल्प अभियान में दिखा जनसेवा का जज़्बा, रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश दमोह -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के अंतर्गत मानस भवन दमोह में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर आनंद विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, सांसद दमोह राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत कुमार मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने स्वयं रक्तदान कर ‘रक्तदान—महादान’ के संदेश को साकार किया और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित किया।1
- पहले बेटियां अपने-अपने संसार में चली गईं... पिता मांगकर खाते रहे, आखिर डिवाइडर पर थम गईं सांसें 70 साल की जिंदगी का दर्दनाक अंत: रानीताल में सड़क किनारे मिला अशोक कुमार जैन का शव, अंतिम विदाई देने पहुंची बेबस बेटी पहले बेटियां अपने-अपने संसार में चली गईं... पिता मांगकर खाते रहे, आखिर डिवाइडर पर थम गईं सांसें 70 साल की जिंदगी का दर्दनाक अंत: रानीताल में सड़क किनारे मिला अशोक कुमार जैन का शव, अंतिम विदाई देने पहुंची बेबस बेटी जबलपुर। जिस पिता ने कभी अपनी औलाद की जरूरतों के लिए मजदूरी की होगी, जिसने अपनी संतान को पालने के लिए जिंदगी के तमाम संघर्ष सहे होंगे, उसी पिता की जिंदगी का आखिरी पड़ाव रानीताल के एक डिवाइडर पर खत्म हो गया। 70 वर्षीय अशोक कुमार जैन का शव रानीताल बजरंग बली मंदिर के सामने डिवाइडर पर मिला। उनके पास उनकी बेटी अनीता कुमार जैन बैठी थी। आंखों में आंसू थे, सामने पिता का शव था और दिल में सिर्फ एक सवाल—काश, मैं अपने पिता के लिए कुछ कर पाती... अशोक कुमार की जिंदगी गरीबी और अभावों से घिरी रही। मजदूरी कर किसी तरह जीवन चलाया। पत्नी का साथ पहले ही छूट चुका था। बच्चे बड़े हुए तो अपने-अपने संसार में चले गए। बुढ़ापे में जब सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब आर्थिक तंगी ने उन्हें रानीताल में मांगकर जीवन गुजारने को मजबूर कर दिया। आखिरकार जिस सड़क किनारे वे जिंदगी के दिन काट रहे थे, वहीं उनकी जिंदगी की आखिरी सांस भी थम गई। राहगीरों ने देखा शव... पास बैठी थी बेटी रानीताल में डिवाइडर पर बुजुर्ग का शव देखकर राहगीरों ने सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जानकारी जुटाई तो शव की पहचान अशोक कुमार जैन के रूप में हुई। शव के पास उनकी बेटी अनीता बैठी थी। पिता को इस हालत में देखकर वह खुद को संभाल नहीं पा रही थी। सूचना मिलने पर गरीब नवाज कमेटी के सदस्य भी मौके पर पहुंचे। परिवार की आर्थिक स्थिति सामने आने के बाद कमेटी ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। तीन बेटियां थीं... मगर अंतिम सफर में एक ही बेटी साथ थी अनीता ने बताया कि परिवार में बेटियां और बेटे हैं, लेकिन समय के साथ सभी अपने-अपने परिवारों में चले गए। उसकी दो बहनों की शादी संपन्न परिवारों में हुई। आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण पिता से उनका संपर्क कम हो गया। अनीता ने खुद अपनी पसंद से मध्यमवर्गीय बर्मन परिवार में विवाह किया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उसने पिता से रिश्ता नहीं तोड़ा। शायद यही वजह थी कि पिता की मौत की खबर मिलते ही वह दौड़ी चली आई। लेकिन इस बार वह बेटी अपने पिता को बचाने नहीं, उन्हें आखिरी बार विदा करने आई थी। "जिस पिता ने मेरी हर जरूरत पूरी करने के लिए मेहनत की... आज मैं उनके लिए कुछ नहीं कर पा रही" पिता के शव के पास बैठी अनीता की यह बात वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गई। पिता की मौत का दुख तो था ही, लेकिन उससे बड़ा दर्द अपनी बेबसी का था। पिता के लिए बेटी की आंखों में आंसू थे, मगर जेब में अंतिम संस्कार का खर्च नहीं। डेढ़ साल की उम्र से शुरू हुआ था अनीता का संघर्ष अनीता ने बताया कि जब वह महज डेढ़ वर्ष की थी, तब गरीबी के कारण उसके मामा के परिवार ने उसे अपने घर से बाहर कर दिया था। बचपन से ही उसने अभाव देखे और संघर्ष के बीच जिंदगी गुजारी। शायद गरीबी ने दोनों—पिता और बेटी—को अलग-अलग उम्र में एक ही दर्द दिया था। फर्क सिर्फ इतना था कि पिता जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर थे और बेटी चाहकर भी उनके लिए बहुत कुछ नहीं कर पा रही थी। जब अपने कमजोर पड़े, समाज ने थामा हाथ अशोक कुमार के अंतिम संस्कार के लिए जब आर्थिक संकट सामने आया तो गरीब नवाज कमेटी आगे आई। कमेटी के सदस्यों ने शव को रानीताल मुक्ति धाम पहुंचाया और अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। बेटी अनीता ने नम आंखों से पिता को अंतिम विदाई दी। जिस पिता की जिंदगी अकेलेपन में गुजर गई, उनके अंतिम सफर में समाज का एक हाथ सहारा बन गया। एक डिवाइडर पर खत्म हुई जिंदगी... लेकिन कहानी छोड़ गई कई सवाल रानीताल का वह डिवाइडर अब सिर्फ सड़क का हिस्सा नहीं रह गया। वह एक ऐसे पिता की आखिरी कहानी का गवाह बन गया, जिसने गरीबी में जिंदगी काटी, बुढ़ापे में मांगकर गुजारा किया और आखिरकार सड़क किनारे दम तोड़ दिया। अशोक कुमार की मौत कई सवाल छोड़ गई है— क्या बुजुर्ग माता-पिता का सहारा उनकी आर्थिक स्थिति देखकर तय होगा? क्या गरीबी रिश्तों के बीच भी दीवार खड़ी कर देती है? और क्या ऐसे बेसहारा बुजुर्गों की पहचान समय रहते नहीं होनी चाहिए, ताकि उनका आखिरी वक्त सड़क किनारे अकेलेपन में न बीते? अशोक कुमार चले गए। बेटी ने अंतिम विदाई दे दी। गरीब नवाज कमेटी ने अंतिम सफर में साथ दिया। लेकिन रानीताल का वह डिवाइडर पीछे छोड़ गया एक ऐसा दर्द, जिसका जवाब शायद सिर्फ परिवार नहीं, पूरे समाज को तलाशना होगा।1
- दमोह मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में सौंपना—दमोह की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है! दमोह,,मेडिकल कॉलेज जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य आम जनता को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि उसे निजी हितों के हवाले करना। दमोह पूछ रहा है—जनता के लिए बना मेडिकल कॉलेज, जनता के हित में रहेगा या निजी मुनाफे का केंद्र बनेगा? सरकार को इस फैसले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दमोह की जनता के हितों की रक्षा करनी चाहिए। #दमोह #मेडिकलकॉलेज #जनता_का_अधिकार #स्वास्थ्य_व्यवस्था1
- आज विजयराघवगढ़ विधानसभा के काँटी मंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहास में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्री विनोद यादव जी, वार्ड सदस्य श्री सुन्दर लाल बर्मन जी, श्री श्याम लाल बर्मन जी एवं समस्त ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी उपस्थित जनों ने माननीय प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र के निरंतर विकास की कामना की। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा उपस्थित जनों ने देश की उन्नति और जनकल्याण के लिए अपने संकल्प को दोहराया। आज विजयराघवगढ़ विधानसभा के काँटी मंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहास में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्री विनोद यादव जी, वार्ड सदस्य श्री सुन्दर लाल बर्मन जी, श्री श्याम लाल बर्मन जी एवं समस्त ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी उपस्थित जनों ने माननीय प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र के निरंतर विकास की कामना की। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा उपस्थित जनों ने देश की उन्नति और जनकल्याण के लिए अपने संकल्प को दोहराया।2
- बातचीत के बहाने बुलाया, बंधक बनाकर पीटा और सिगरेट से दागा; कोतवाली पुलिस ने चंद घंटों में 2 आरोपी दबोचे कटनी। रेलवे स्टेशन के बाहर पुराने परिचित ने बातचीत के बहाने युवक को बुलाया और बाद में साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को बंधक बनाकर पीटा गया और सिगरेट से हाथ-पিঠ दागे गए। पुलिस के अनुसार गायत्री नगर निवासी पंकज मेहरा ने 15 सितंबर को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। 12 सितंबर को अजय उर्फ अन्नू माली उसे स्कूटी से मघई मंदिर के पास मकान ले गया, जहां साथियों के साथ मारपीट की गई। पंकज वहां से भागकर रेलवे स्टेशन पहुंचा, लेकिन आरोपियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और ऑटो से एनकेजे बजरिया स्थित मकान ले जाकर फिर बंधक बना लिया। शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय उर्फ अन्नू माली को मुड़वारा स्टेशन के पास से और साहिल खान को कुठला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक अमन सहित एक अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। मामले में अपराध क्रमांक 1053/2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान शिविर में दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी1
- कुम्हारी से बबलीगढ़ धाम मोहास तक निकली भगवान विश्वकर्मा जी की भव्य शोभायात्रा कुम्हारी से बबलीगढ़ धाम मोहास तक निकली भगवान विश्वकर्मा जी की भव्य शोभायात्रा पटेरा से अमर सेन कुम्हारी नगर मे भगवान विश्वकर्मा जी के प्रकट उत्सव के अवसर पर कुम्हारी नगर में विश्वकर्मा समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर से प्रारंभ होकर बबलीगढ़ धाम मोहास स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा जी का पूजन-अर्चन किया गया। बताया गया कि बबलीगढ़ धाम मोहास में जिले का सबसे बड़ा भगवान विश्वकर्मा मंदिर बनाया गया है। मंदिर परिसर में पंडित नर्मदा प्रसाद दुबे द्वारा विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा जी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। विश्वकर्मा समाज के बंधुओं ने भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में समाज की महिलाओं एवं बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।1
- दसवें दिन भी नहीं टूटा यूजीसी विरोधी अनशन, पत्रकार वार्ता में छलका आक्रोश दिनांक 18 तारीख 1:00 आत्महत्या अवधेश उमरिया जिन्होंने बोला कि मैं आत्मा देखा करूंगा अगर मेरी मांग पूरी नहीं होती तो 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी की खास खबर*💥। //6267641443//👈 अनशनकारियों ने कहा—मुद्दा किसी एक समाज का नहीं, सभी वर्गों के हित से जुड़ा; जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर जताई नाराजगी* अवधेश उरमलिया की घोषणा—18 सितंबर तक सरकार का प्रतिनिधि नहीं आया तो कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह करूंगा* कटनी। यूजीसी कानून के कथित दुरुपयोग और आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर चल रहा अनशन बुधवार को दसवें दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में अनशनकारियों ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर आंदोलन की मांगों और अब तक शासन-प्रशासन की ओर से मिले प्रतिसाद को लेकर अपनी बात रखी। अनशनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिसमें सभी वर्गों के हित और अधिकार सुरक्षित रहें। पत्रकार वार्ता में अनशनकारियों ने कहा कि यूजीसी के कथित दुरुपयोग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में चिंता है। उनका आरोप है कि कानून के तहत लगाए गए आरोपों का पर्याप्त सत्यापन किए बिना गिरफ्तारी जैसी स्थिति उत्पन्न होने से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि जब देश में समानता और समान कानून की बात की जाती है, तब विभिन्न कानूनों के प्रावधानों और उनकी व्याख्या को लेकर भी स्पष्टता तथा व्यापक चर्चा जरूरी है। *'आरक्षण सुधार का मुद्दा सभी समाजों से जुड़ा'* अनशनकारियों ने कहा कि यूजीसी का विरोध अथवा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को केवल सवर्ण समाज का मुद्दा समझना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था का प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों पर पड़ता है, इसलिए इस विषय पर व्यापक सामाजिक एवं संवैधानिक विमर्श होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों को समाप्त करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिसमें सभी वर्गों के साथ न्याय हो। इसके लिए सरकार को संबंधित कानूनों और व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। *जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी* अनशनकारियों ने कहा कि आंदोलन को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई विधायक या सांसद अनशन स्थल पर पहुंचकर उनकी बात सुनने नहीं आया। उन्होंने कहा कि उन्हें कम से कम यह आश्वासन मिलने की उम्मीद थी कि उनकी मांगों को संसद में चर्चा के लिए रखने अथवा पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अनशनकारियों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस कथित उदासीनता से उनमें पीड़ा और निराशा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रतिनिधि अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा करें और उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाएं। *18 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी* पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एवं अनशनकारी अवधेश उरमलिया ने कहा कि दस दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों को लेकर किसी विधायक या सांसद की ओर से पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी सरकार का कोई प्रतिनिधि अनशन स्थल पर नहीं पहुंचता है तो वे 18 सितंबर को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर आत्मदाह करने का कदम उठाएंगे। उरमलिया ने इस घोषणा के साथ कहा कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले इस कदम की जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन एवं स्थानीय सांसद की होगी। उनकी इस घोषणा के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है। अनशनकारियों ने कहा कि वे सरकार से संवाद और अपनी मांगों पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्ता की पहल करने तथा उनकी मांगों को उचित मंच पर रखने की मांग की है।4