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सौरिख कन्नौज 48 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश होने से सभी काम अस्त व्यस्त किसानों के चेहरों पर संकट के बादल किसानों के खेतों में खड़ी धान व आलू की फैसले चौपट किसान भुखमरी के कगार पर किसानों का कहना है कि अगर ऐसी ही बारिश लगातार होती रही तो हम लोगों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं सौरिख कन्नौज 48 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश होने से सभी काम अस्त व्यस्त किसानों के चेहरों पर संकट के बादल किसानों के खेतों में खड़ी धान व आलू की फैसले चौपट किसान भुखमरी के कगार पर किसानों का कहना है कि अगर ऐसी ही बारिश लगातार होती रही तो हम लोगों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं
पत्रकार Munish Singh
सौरिख कन्नौज 48 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश होने से सभी काम अस्त व्यस्त किसानों के चेहरों पर संकट के बादल किसानों के खेतों में खड़ी धान व आलू की फैसले चौपट किसान भुखमरी के कगार पर किसानों का कहना है कि अगर ऐसी ही बारिश लगातार होती रही तो हम लोगों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं सौरिख कन्नौज 48 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश होने से सभी काम अस्त व्यस्त किसानों के चेहरों पर संकट के बादल किसानों के खेतों में खड़ी धान व आलू की फैसले चौपट किसान भुखमरी के कगार पर किसानों का कहना है कि अगर ऐसी ही बारिश लगातार होती रही तो हम लोगों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं
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- सौरिख कन्नौज 48 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश होने से सभी काम अस्त व्यस्त किसानों के चेहरों पर संकट के बादल किसानों के खेतों में खड़ी धान व आलू की फैसले चौपट किसान भुखमरी के कगार पर किसानों का कहना है कि अगर ऐसी ही बारिश लगातार होती रही तो हम लोगों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं सौरिख कन्नौज 48 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश होने से सभी काम अस्त व्यस्त किसानों के चेहरों पर संकट के बादल किसानों के खेतों में खड़ी धान व आलू की फैसले चौपट किसान भुखमरी के कगार पर किसानों का कहना है कि अगर ऐसी ही बारिश लगातार होती रही तो हम लोगों को खाने के भी लाले पड़ सकते हैं2
- पाइप वाली पुलिया नहीं, ब्रिज वाली पुलिया की मांग पर भूमि पूजन रोका गुना। वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी की पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि पूजन का वार्डवासियों ने विरोध करते हुए इसे रोक दिया। वार्डवासियों का कहना है कि यहां छोटी पाइप वाली पुलिया की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आवागमन की सुविधा को देखते हुए ब्रिज वाली पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए। वार्डवासियों ने मौके पर अपनी मांग रखते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त और सुरक्षित आवागमन के लिए मजबूत ब्रिज का निर्माण जरूरी है। उनका कहना है कि पाइप वाली पुलिया बनने से भविष्य में जल निकासी और आवागमन को लेकर परेशानी हो सकती है। वार्डवासियों के विरोध के बाद भूमि पूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष वार्डवासियों ने अपनी मांग रखी और ब्रिज वाली पुलिया बनाने की मांग की।1
- 44 दिन तक बेटे की राह निहारता रहा परिवार, अस्थियां पहुंचीं तो फफक पड़ी मां - अरुणाचल की दिबांग वैली में बाढ़ में लापता हुए औरैया के अग्निवीर विनोद यादव की डीएनए जांच से हुई पहचान - सेना के जवान शनिवार को सराय अमिलिया लेकर पहुंचे पार्थिव अवशेष, बारिश के बीच उमड़ा पूरा गांव औरैया। 44 दिनों से जिस बेटे के सकुशल घर लौटने की उम्मीद में परिवार की आंखें दरवाजे पर टिकी थीं, शनिवार को उसी बेटे के पार्थिव अवशेष घर पहुंचे तो इंतजार का दर्द मातम में बदल गया। अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में 14 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में लापता हुए सराय अमिलिया निवासी अग्निवीर जवान विनोद यादव की डीएनए जांच के बाद पहचान की पुष्टि हुई। शनिवार को सेना के जवान उनके पार्थिव अवशेष लेकर गांव पहुंचे। अवशेष देखते ही मां सुनीत देवी, पिता महेंद्र यादव और छोटे भाई अभिषेक यादव का धैर्य टूट गया। मां बेटे को याद कर बिलखती रही और घर में चीख-पुकार मच गई। - 14 अगस्त की शाम बाढ़ में बह गए थे जवान सराय अमिलिया निवासी किसान महेंद्र यादव के पुत्र विनोद यादव अग्निवीर योजना के शुरुआती बैच में सेना में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में 5वीं ग्रेनेडियर में तैनात थे। परिजनों के अनुसार विनोद देश सेवा को लेकर बेहद उत्साहित रहते थे और सेना में भर्ती होने को अपने जीवन की बड़ी उपलब्धि मानते थे। 14 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले के पाशु पानी क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने के बाद अचानक तेज बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि सेना के दो शेल्टर भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए। हादसे के दौरान सात जवान बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे। इनमें दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि विनोद यादव समेत पांच जवान लापता हो गए थे। - 44 दिन तक चला तलाश अभियान विनोद के लापता होने के बाद सेना ने बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारतीय सेना के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगातार तलाश में जुटी रहीं। संभावित स्थानों पर व्यापक खोजबीन की गई। लगातार बारिश, तेज बहाव और कठिन पहाड़ी भूभाग के कारण अभियान में कई चुनौतियां आईं, लेकिन टीमें लगातार संभावित स्थानों पर खोज करती रहीं। तलाशी अभियान के दौरान मिले अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई गई। आखिरकार 26 सितंबर को डीएनए रिपोर्ट के आधार पर विनोद यादव की पहचान की पुष्टि हुई। - हर सूचना पर टिकी थी परिजनों की उम्मीद बेटे के लापता होने के बाद से परिवार सेना और प्रशासन से मिलने वाली हर सूचना पर नजर रखे हुए था। 44 दिनों तक परिजनों को उम्मीद थी कि विनोद किसी तरह सुरक्षित मिल जाएंगे। गांव के लोग भी परिवार के साथ खड़े रहे और लगातार उनकी सलामती की दुआ करते रहे। लेकिन शनिवार को जब सेना के जवान विनोद के पार्थिव अवशेष लेकर सराय अमिलिया पहुंचे तो परिवार की सारी उम्मीदें आंसुओं में बदल गईं। मां सुनीत देवी बेटे के अवशेष देखकर बेसुध हो गईं। पिता महेंद्र यादव और छोटे भाई अभिषेक यादव भी फफक पड़े। - बारिश के बीच अंतिम विदाई देने उमड़ा गांव विनोद के पार्थिव अवशेष गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सराय अमिलिया पहुंच गए। दो दिन से हो रही बारिश भी लोगों के कदम नहीं रोक सकी। महिला-पुरुष और युवा बड़ी संख्या में जवान को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पूरे गांव में मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी। सेना के जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर विनोद को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने भी नम आंखों से वीर जवान को नमन किया और परिवार को ढांढस बंधाया। - अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि विनोद यादव के पार्थिव अवशेष पहुंचने पर उपजिलाधिकारी अजीतमल विनोद कुमार मीणा, तहसीलदार अविनाश कुमार, क्षेत्राधिकारी अजीतमल शैलेंद्र सिंह परिहार और कोतवाली प्रभारी अजीतमल विनोद कुमार राजपूत समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर जवान को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार कठेरिया, नगर पंचायत अजीतमल अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश चक समेत अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे। - 44 दिन की उम्मीद का हुआ दर्दनाक अंत विनोद के परिवार के लिए 44 दिनों का इंतजार आसान नहीं था। हर फोन की घंटी पर परिवार को बेटे की खबर मिलने की उम्मीद होती थी। सेना और बचाव दल की तलाश के साथ परिजनों की उम्मीद भी बनी हुई थी। डीएनए रिपोर्ट ने आखिरकार विनोद की पहचान तो स्पष्ट कर दी, लेकिन इसके साथ ही परिवार को वह दुख भी मिला, जिससे वह इतने दिनों से बचने की उम्मीद कर रहा था। जिस बेटे को महेंद्र यादव और सुनीत देवी ने देश सेवा के लिए सेना में भेजा था, वह अब कभी घर लौटकर नहीं आएगा। शनिवार को सराय अमिलिया में बारिश की बूंदों के बीच उमड़ी भीड़ और परिवार के आंसुओं ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि विनोद ने देश सेवा करते हुए अपने प्राण गंवाए हैं और गांव हमेशा उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद रखेगा।2
- ताखा के मुर्चा गांव में जलभराव से ग्रामीण परेशान, घरों में घुसा बारिश का पानी ब्रेकिंग न्यूज ताखा इटावा रिपोर्ट ओमकार कठेरिया एंकर इटावा के ताखा ब्लॉक क्षेत्र के मुर्चा गांव में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी दर्जनों घरों में घुस गया है। जलभराव से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुर्चा गांव में लगातार बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण बारिश का पानी गलियों से होते हुए लोगों के घरों में पहुंच गया। रमेश चंद्र, पंचीलाला, सुनील कुमार, उमेश कुमार, नरेंद्र कुमार, भूरे और शिवनाथ कुमार समेत कई ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के नाले और नालियां लंबे समय से साफ नहीं कराए गए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर नालों पर अतिक्रमण होने के कारण पानी की निकासी बाधित है। घरों में दूषित पानी जमा होने से ग्रामीणों को संक्रमण का खतरा तो बना ही हुआ है, साथ ही लगातार जलभराव के कारण कच्चे और कमजोर मकानों के गिरने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से गांव में जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, नालों की सफाई और अतिक्रमण हटवाने की मांग की है, ताकि जलभराव से प्रभावित ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन की ओर से राहत और जल निकासी की व्यवस्था किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का कितनी जल्द संज्ञान लेते हैं।1
- ट्रक और पिक अप की टक्कर से पिक अप में सवार ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की मौके पर हुई मौत।1
- Post by Mainpuri explorer1
- उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक बाइक सवार पति-पत्नी को चौपहिया वाहन ने मारी टक्कर, अस्पताल ले जाते समय पति की मौत नमस्कार, आप देख रहे हैं INDIA18NEWS XYZ मैनपुरी से इस वक्त की दुखद खबर सामने आ रही है। अपनी मां को अस्पताल में देखने के बाद बाइक से घर लौट रहे पति-पत्नी सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में पति की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि पत्नी को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र के नगला सुदामा निवासी शरद उर्फ सोनू, उम्र करीब 35 वर्ष, अपनी पत्नी खुशी के साथ अपनी मां को देखने के लिए द केयर हॉस्पिटल आए थे। बताया गया कि उनकी मां गीता का अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। मां को देखने के बाद शरद और उनकी पत्नी बाइक से वापस अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र में सकवाई के नजदीक सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार चौपहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद शरद उर्फ सोनू को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी खुशी को भी चोटें आई हैं और उनका उपचार किया गया। दोनों को ईएमटी अश्वनी कुमार अस्पताल लेकर पहुंचे। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों के मुताबिक, शरद की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी और उनकी शादी बिधूना क्षेत्र में हुई थी। जैसे ही परिवार को शरद की मौत की जानकारी मिली, घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के मुताबिक, टक्कर के बाद चौपहिया वाहन की एक अन्य चौपहिया वाहन से भी भिड़ंत हुई। हादसे के संबंध में पुलिस की कार्रवाई और घटना की पूरी जानकारी सामने आना अभी बाकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। ऐसी ही स्थानीय और महत्वपूर्ण खबरों के लिए INDIA18NEWS XYZ को सब्सक्राइब करें और वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। में हु आपकी खबर के साथ1
- कन्नौज में ईशन नदी का तांडव, बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, तिर्वा क्षेत्र से लेकर गुरसहायगंज रोड तक हाहाकार जिले में मूसलाधार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारी बारिश के कारण तिर्वा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ईशन नदी उफान पर है और अपने रौद्र रूप में आ चुकी है। नदी के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि ने ग्रामीण इलाकों और संपर्क मार्गों पर भीषण तबाही मचाई है।1