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बस्ती जिले के नंदनगर चोरी पोस्ट के ग्राम नेवादा में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कोई भी सफाईकर्मी मौजूद नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। लोगों ने इस समस्या को लेकर प्रधान से शिकायत भी की है, लेकिन उनका कहना है कि प्रधान उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। गांव के नाले पूरी तरह से भरे पड़े हैं, जिनसे लगातार तेज बदबू आ रही है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है।
Vishwash pandey
बस्ती जिले के नंदनगर चोरी पोस्ट के ग्राम नेवादा में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कोई भी सफाईकर्मी मौजूद नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। लोगों ने इस समस्या को लेकर प्रधान से शिकायत भी की है, लेकिन उनका कहना है कि प्रधान उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। गांव के नाले पूरी तरह से भरे पड़े हैं, जिनसे लगातार तेज बदबू आ रही है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है।
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- बस्ती जिले के नंदनगर चोरी पोस्ट के ग्राम नेवादा में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कोई भी सफाईकर्मी मौजूद नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। लोगों ने इस समस्या को लेकर प्रधान से शिकायत भी की है, लेकिन उनका कहना है कि प्रधान उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। गांव के नाले पूरी तरह से भरे पड़े हैं, जिनसे लगातार तेज बदबू आ रही है, जिससे क्षेत्र में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है।2
- आज लखनऊ प्रेस क्लब में राष्ट्रीय स्वर्णकार महासभा ने एक विशेष समारोह 'तोहफा' का आयोजन किया, जिसमें कुल 41 मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला। इस खास आयोजन की रिपोर्टिंग हजरतगंज स्थित आज सुबह टाइम टीम ने की, जिसमें लाल चंद सोनी ने अपनी रिपोर्टिंग प्रस्तुत की।1
- अयोध्या राम मंदिर में राम रतन धन की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों ने संत से तीखे सवाल किए। हालांकि, पत्रकारों के इन तीखे सवालों का संत के पास कोई जवाब नहीं था।1
- कई सीवर चैंबर ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहे हैं, जिससे चारों ओर गंदा पानी फैल गया है। इस स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अयोध्या में श्रीराम मंदिर से चढ़ावे और आभूषणों की चोरी की घटना के बाद, इस पर हो रही टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई है। अयोध्यावासियों ने स्पष्ट किया है कि अयोध्या मर्यादा, आस्था और प्रभु श्रीराम की पवित्र नगरी है, और उन्होंने कभी भी भगवान के सम्मान के विरुद्ध कार्य नहीं किया। देशवासियों और रामभक्तों से हाथ जोड़कर यह अपील की गई है कि वे अयोध्यावासियों को दोष न दें, बल्कि केवल उन लोगों पर आरोप लगाएं जिन्होंने मंदिर में चोरी की और रुपये व आभूषण चुराए, और पूरी अयोध्या को बदनाम करना बंद करें। प्रतिक्रिया में कहा गया है कि इस डकैती के लिए ट्रस्ट में बैठे लोग ही जिम्मेदार और दोषी हैं, जिनके संरक्षण में यह घटना हुई। आरोप लगाया गया है कि इन्हीं लोगों ने अपने व्यक्तियों की भर्ती कर चढ़ावा चुराया है, और उन्हें ही 'ट्रस्ट में बैठे डकैत और चोर' कहकर अपमानित किया जाना चाहिए। हालांकि, पूरी अयोध्या और उसके निवासियों पर किसी भी प्रकार की गलत टिप्पणी से बचने का आग्रह किया गया है। अयोध्यावासियों ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख और परेशानी व्यक्त की है, उनका कहना है कि ट्रस्टियों और उनके 'चमचों' ने अयोध्या की पवित्र धरती पर चढ़ावा चोरी का काला अध्याय जोड़कर अयोध्या की आत्मा को पीड़ा पहुंचाई है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की गई है कि पूरा घटनाक्रम परत दर परत सामने आए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी के संबंध में कहा गया है कि कुछ लोग इस बात से परेशान हैं कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चढ़ावा चोरी का मामला उजागर किया है। 'अंधभक्त कंपनी' को आहत बताया गया है, जो अनर्गल प्रलाप कर रही है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे प्रलाप से सच्चाई दबने वाली नहीं है। दावा किया गया है कि 140 करोड़ भारतीय अब जान चुके हैं कि चोरी किसने की और किसने कराई, और इसे प्रभु श्रीराम की माया बताया गया है कि चोरी उजागर करने का सौभाग्य अखिलेश यादव को मिला। अंत में फिर से दोहराया गया है कि अयोध्या पवित्र है और अयोध्यावासी निर्दोष हैं। दोषी वे हैं जिन्होंने आस्था के मंदिर को लूट का अड्डा बनाने का दुस्साहस किया है।1
- योगी आदित्यनाथ का बस्ती जनपद में संभावित दौरा निर्धारित है। इस दौरे के लिए जूनियर हाई स्कूल हरैया को कार्यक्रम स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है, और कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का जिक्र भी किया गया है।1
- आज लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय दौरा शुरू हो गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया।2
- कानपुर शहर में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने शहर की 'गंगा-जमुनी तहजीब' के बजाय 'थाने की तहजीब' को नई पहचान दी है। यह वाकया पनकी थाना क्षेत्र में सामने आया, जहाँ एमआईजी चौकी इंचार्ज बृजेश कुमार जी ने अतिक्रमण हटाने के दौरान एक गरीब चोखा-बाटी बेचने वाले को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। जब बुलडोजर अपना काम कर रहे थे, तभी चौकी इंचार्ज बृजेश कुमार जी ने सोचा कि सिर्फ मशीनों से काम नहीं चलेगा और उन्होंने अपनी ड्यूटी का 'एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी' निर्वहन करते हुए चोखा-बाटी वाले को ऐसा थप्पड़ मारा कि उसका 'स्वाद' ही बदल गया। रिपोर्ट में कटाक्ष किया गया है कि दरोगा जी शायद यह जाँच रहे थे कि इस थप्पड़ में बुलडोजर से ज्यादा 'दम' है या नहीं। दरोगा जी की इस 'थप्पड़-ए-कानपुर' फिल्म की 'फ्री स्क्रीनिंग' तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद लोगों ने तंज कसना शुरू कर दिया कि सरकार को बुलडोजर का खर्च उठाने की क्या ज़रूरत है, जब एक दरोगा जी ही काफी हैं? स्थानीय जनता सवाल उठा रही है कि अतिक्रमण हटाना तो समझ में आता है, लेकिन क्या थप्पड़ हटाने का कोई अभियान नहीं चलेगा? इस घटना ने कानपुर में 'विकास' की नई परिभाषा गढ़ दी है, जहाँ एक इंजन बुलडोजर चलाता है और दूसरा मौके पर ही 'सुधार' कर देता है, जिससे बेचारे दुकानदार का चेहरा सोशल मीडिया पर 'स्टार' बन गया। दरोगा जी की इस 'तेजतर्रार' कार्रवाई पर वरिष्ठ अधिकारियों का क्या कहना है, यह देखना अभी बाकी है। इस घटना के बाद कानपुर में चोखा-बाटी खाने वाले भी डर-डर के खाएँगे। नसीहत दी गई है कि कानपुर में अगर अब बुलडोजर दिखे, तो उससे दूरी बनाए रखें, वरना 'अतिक्रमण' के साथ-साथ गालों का भी 'नवनिर्माण' हो सकता है। यह घटना इस सवाल को जन्म देती है कि क्या प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए अब 'थप्पड़-रहित' प्रोटोकॉल अपनाने चाहिए, या फिर यही कानपुर की 'असली' कार्यशैली है?1