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यह पोस्ट उन अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी जानने पर केंद्रित है जो लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। इसमें उन संस्थानों की पहचान करने का प्रयास किया गया है जो बिना किसी शुल्क के स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करते हैं, और पाठकों को ऐसी जगहों के बारे में जानने के लिए आमंत्रित किया गया है।
प्रमोद कुमार कश्यप
यह पोस्ट उन अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी जानने पर केंद्रित है जो लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। इसमें उन संस्थानों की पहचान करने का प्रयास किया गया है जो बिना किसी शुल्क के स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करते हैं, और पाठकों को ऐसी जगहों के बारे में जानने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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- फादर्स डे के अवसर पर पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो कि एक ज्योतिषाचार्य, सूर्यदेव उपासक, पूर्व कार्यालय अधीक्षक नगर पालिका परिषद मोदीनगर और अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण समाज एनसीआर के मीडिया प्रभारी हैं, ने एक अत्यंत हृदयस्पर्शी 'सेवा का संदेश' दिया है। उनके अनुसार, बचपन में जिन हाथों ने सहारा दिया, अब उनके कांपते हाथों को थामना हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि अब थकना उनका हक है। पंडित जी के इन वचनों को 'बिल्कुल सत्य' बताते हुए, सनातन धर्म के सार पर प्रकाश डाला गया कि पितृ ऋण सबसे बड़ा ऋण है। मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा गया है कि 'पितरः प्रथमे देवता:', यानी पिता ही पहले देवता हैं। जिस प्रकार सूर्यदेव बिना थके प्रकाश देते हैं, ठीक वैसे ही पिता भी अपना जीवन निस्वार्थ भाव से समर्पित कर देते हैं। बुढ़ापे में उनका सहारा बनना ही वशिष्ठ कुल और सूर्य उपासक की सच्ची पहचान मानी गई है। यह भी रेखांकित किया गया कि पंडित जी मोदीनगर से अखिल भारतवर्षीय ब्रह्म महासभा, जिसकी स्थापना 1939 में पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने की थी, की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस कार्य को सेवा, संस्कार और समाज का संगम बताया गया। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ का यह संदेश उन सभी व्यक्तियों के लिए है, जिन्होंने 'अपना आंगन' बड़ा करने की चाह में 'पिता का आंगन' छोटा कर दिया। इस प्रेरणादायी संदेश के साथ 'पितृदेवो भवः' का भाव व्यक्त किया गया और पंडित जी के सेवा भाव के सदा अक्षुण्ण रहने की कामना की गई।1
- सरकार पर छात्रों की पीड़ा और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण छात्रों को लगातार अनिश्चितता, असमंजस और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलतियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'निकम्मेपन' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसकी सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है, और इसके बावजूद छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी भी तरह की राहत का प्रावधान न होने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जहाँ महज़ दो मिनट की देरी के कारण तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया। इन घटनाओं से व्यथित छात्र गेट बंद होने पर रोते हुए भी देखे गए। इस पूरे मामले को 'धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहने' जैसा बताते हुए इसे महापाप करार दिया गया है।1
- अखिल भारतीय कोली समाज का 12वां राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता पूर्व सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने की। इसमें कोली समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों, सभी प्रदेशों के अध्यक्षों और हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद जी थे, जबकि दिल्ली प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल्य वरिष्ठ अतिथियों के रूप में मौजूद रहे। इस अधिवेशन में गुजरात से हीराभाई सोलंकी, दिल्ली से योगेन्द्र माहोल, उत्तर प्रदेश से दभगवान दास शंखवार, कर्नाटक से देताश्रेय रेहड़ी, महाराष्ट्र से परेश कीर्ति कोली, बिहार से कृष्ण कुमार दास पान, हिमाचल प्रदेश से अमरचंद शलाल, मध्यप्रदेश से महेश उमरैया, हरियाणा से जगदीश कोली नैता जी, राजस्थान से राम करन वर्मा, केरल से एड. आई. डी. राधाकृष्णन, उत्तराखंड से चंद्रसेन कोली, चण्डीगढ़ से अमरनाथ, पुदुचेरी से एम. पनलानीवाल, तेलंगाना से लायन के. हनुमंता और झारखंड से दलिप प्रसाद जैसे विभिन्न राज्यों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित भाई पटेल, पूर्व सांसद सतयानारयण पंवार, पूर्व सांसद हरिशंकर महावर, पूर्व सांसद भूपति, कार्यकारी अध्यक्ष मनुभाई चावडा, विजयलाल, रीना कश्यप, इटाला राजेन्द्र और एक पूर्व मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी और कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल्य ने सम्मेलन को संबोधित किया और हर प्रकार की मदद करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कोली समाज के पदाधिकारियों की ओर से सरकार को देने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।1
- जनपद गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में 270 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई की विशेष रिपोर्ट गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार ने दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए प्रस्तुत की है।3
- मेरठ के शास्त्री नगर सेक्टर 13 आरटीओ रोड के समीप आवास विकास परिषद द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाने की कार्रवाई आज लगातार दूसरे दिन भी जारी रही।1
- जिओ की ओर से यह सुविधा प्रदान की जा रही है कि एक ही रिचार्ज के माध्यम से अब पूरे घर के सभी फोन को सक्रिय रखा जा सकेगा।1
- मेरठ के थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थित पूर्वा अहिरान के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की एक जर्जर दीवार अचानक ढह गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कई राहगीरों को चोटें आईं, वहीं मौके पर खड़े दो स्कूटर और एक बाइक भी दीवार के मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विद्यालय की यह दीवार लंबे समय से खराब हालत में थी और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से कई बार की जा चुकी थी, लेकिन किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत करा दी जाती, तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था। गनीमत रही कि दीवार गिरने के समय वहाँ अधिक भीड़ नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नागरिकों ने यह भी बताया कि विद्यालय की अन्य दीवारें भी बेहद खराब स्थिति में हैं, जो भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय की शेष जर्जर दीवारों की तत्काल जांच करवाई जाए और उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए।1