नदी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत,,,, गांव में छाया मातम,, गडचिरोली( महाराष्ट्र ) से ब्यूरो चीफ महिमा कटकवार कि रिपोर्ट,,, एंकर : शनिवार दोपहर गढ़चिरोली जिले के कुरखेड़ा तालुका के रानी खेडेगांव में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। खेडेगांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के चार विद्यार्थियों में से तीन, जो सती नदी में स्नान करने गए थे, पानी में डूब गए, जबकि एक विद्यार्थी सौभाग्य से बच गया। इस घटना के बाद पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रोना देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच बच्चों के माता-पिता धान की बुवाई के काम से खेतों में गए हुए थे। उसी समय जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के चार छात्र खेलते-खेलते पास की सती नदी में नहाने गए। नदी में उतरने के बाद, पानी की गहराई और धारा का सही अंदाजा न लगा पाने के कारण तीन छात्र गहरे पानी में बह गए। छात्रों की तलाश शुरू की गई। कुछ समय बाद तीनों छात्रों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, यह स्पष्ट था कि उनकी मृत्यु हो चुकी थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुराड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी तथा स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए पंचनामा प्रक्रिया शुरू की गई। इस भयावह दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्रों के नाम निम्नलिखित हैं: *लक्ष्मण सुन्हेर दूधकावर* (उम्र 6 वर्ष) * कुणाल रमेश दूधकावर* (उम्र 5 वर्ष) * मोहित हिवराज सराटे (उम्र 11 वर्ष) इस घटना के बाद रानी गांव में मातम छा गया है और हर घर शोक मना रहा है। एक ही समय में तीन निर्दोष विद्यार्थियों की मृत्यु से गांव का वातावरण बेहद गमगीन हो गया है। नदी किनारे परिजनों का विलाप हृदयविदारक था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानसून के मौसम में नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण बच्चों के लिए स्नान करना या तैरना बेहद खतरनाक है। उन्होंने मांग की है कि माता-पिता अपने बच्चों पर कड़ी नज़र रखें ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और प्रशासन खतरनाक नदी किनारों पर चेतावनी के चिन्ह और सुरक्षा उपाय करे ऐसी मांग की है।
नदी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत,,,, गांव में छाया मातम,, गडचिरोली( महाराष्ट्र ) से ब्यूरो चीफ महिमा कटकवार कि रिपोर्ट,,, एंकर : शनिवार दोपहर गढ़चिरोली जिले के कुरखेड़ा तालुका के रानी खेडेगांव में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। खेडेगांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के चार विद्यार्थियों में से तीन, जो सती नदी में स्नान करने गए थे, पानी में डूब गए, जबकि एक विद्यार्थी सौभाग्य से बच गया। इस घटना के बाद पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रोना देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच बच्चों के माता-पिता धान की बुवाई के काम से खेतों में गए हुए थे। उसी समय जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के चार छात्र खेलते-खेलते पास की सती नदी में नहाने गए। नदी में उतरने के बाद, पानी की गहराई और धारा का सही अंदाजा न लगा पाने के कारण तीन छात्र गहरे पानी में बह गए। छात्रों की तलाश शुरू की गई। कुछ समय बाद तीनों
छात्रों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, यह स्पष्ट था कि उनकी मृत्यु हो चुकी थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुराड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी तथा स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए पंचनामा प्रक्रिया शुरू की गई। इस भयावह दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्रों के नाम निम्नलिखित हैं: *लक्ष्मण सुन्हेर दूधकावर* (उम्र 6 वर्ष) * कुणाल रमेश दूधकावर* (उम्र 5 वर्ष) * मोहित हिवराज सराटे (उम्र 11 वर्ष) इस घटना के बाद रानी गांव में मातम छा गया है और हर घर शोक मना रहा है। एक ही समय में तीन निर्दोष विद्यार्थियों की मृत्यु से गांव का वातावरण बेहद गमगीन हो गया है। नदी किनारे परिजनों का विलाप हृदयविदारक था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानसून के मौसम में नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण बच्चों के लिए स्नान करना या तैरना बेहद खतरनाक है। उन्होंने मांग की है कि माता-पिता अपने बच्चों पर कड़ी नज़र रखें ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और प्रशासन खतरनाक नदी किनारों पर चेतावनी के चिन्ह और सुरक्षा उपाय करे ऐसी मांग की है।
- રાહ તાલુકાના કળશ લવાણા ગામે પગ યાત્રા નિમિત્તે માગીલાલ પટેલ નું ભવ્ય સ્વાગત . અહેવાલ રાણાભાઈ પારેગી વાવ થરાદ1
- પ્રથમ વરસાદમાં નર્મદા કેનાલના રિપેરિંગ કામની પોલ ખુલી! પ્રથમ વરસાદમાં નર્મદા કેનાલના રિપેરિંગ કામની પોલ ખુલી! પ્રથમ જ વરસાદમાં નર્મદા કેનાલના રિપેરિંગ કામની ગુણવત્તા અંગે ગંભીર સવાલો ઊભા થયા છે. કેનાલનું ફાંટિયું તૂટી જતાં મોટી માત્રામાં પાણી ખેડૂતના ખેતરોમાં ફરી વળ્યું, જેના કારણે પાકને નુકસાન થવાની ભીતિ વ્યક્ત થઈ રહી છે. આ ઘટના કસ્ટમ રોડની બાજુમાં, દક્ષિણ દિશા તરફ નેસડા (ગોલપ) ગામ તરફ જતી નર્મદા કેનાલના ફાંટિયા પાસે બની હોવાનું જાણવા મળે છે. સ્થાનિક લોકો અને ખેડૂતોનો આક્ષેપ છે કે રિપેરિંગ કામગીરીમાં ગુણવત્તાનો અભાવ અને ભ્રષ્ટાચારના કારણે પ્રથમ વરસાદમાં જ કેનાલ તૂટી ગઈ. તેઓએ સમગ્ર મામલે નિષ્પક્ષ તપાસ કરી જવાબદાર કોન્ટ્રાક્ટર અને સંબંધિત અધિકારીઓ સામે કડક કાર્યવાહી કરવાની માંગ કરી છે.1
- દિયોદર પંથકમાં શરૂ થયો વરસાદ.. ધોધમાર વરસાદ શરૂ થતા જનજીવન પ્રભાવિત.. દિયોદર પંથકમાં શરૂ થયો વરસાદ.. ધોધમાર વરસાદ શરૂ થતા જનજીવન પ્રભાવિત.. દિયોદરના લુન્દ્રા,નવા, રૈયા, કોટડા સહિતના ગામોમાં વરસાદ.. દિયોદર શહેરના નિચાણવાળા વિસ્તારોમાં પાણી ભરાવાની શરૂઆત.. દિયોદર પંથકમાં વરસી રહ્યા છે વરસાદી ઝાપટા..4
- દિયોદર પંથકમાં આજે બપોર બાદ વાતાવરણમાં અચાનક પલટો આવ્યો હતો. કાળા ડિબાંગ વાદળો ઘેરાયા બાદ ભારે વરસાદ શરૂ થયો હતો. રાત્રિના 8 થી 9 વાગ્યા દરમિયાન 2.73 ઇંચ જેટલો મુશળધાર વરસાદ નોંધાયો હતો, જેના કારણે જનજીવન અસ્તવ્યસ્ત બન્યું હતું. હવામાન વિભાગની આગાહીને પગલે કલેક્ટરના આદેશ મુજબ દિયોદર પંથકની શાળા-કોલેજો આજે બંધ રાખવામાં આવી હતી. જોકે, બપોર સુધી આકાશ ખુલ્લું હતું અને તડકો પણ હતો. બપોર બાદ શરૂ થયેલો વરસાદ સાંજે વધુ જોરદાર બન્યો હતો. વીજળીના કડાકા-ભડાકા સાથે વરસાદ પડ્યો હતો, જેના કારણે વાતાવરણ ભયાવહ બન્યું હતું. ભારે વરસાદને કારણે નીચાણવાળા વિસ્તારોમાં પાણી ભરાયા હતા. તંત્ર દ્વારા નાગરિકોને કામ વગર ઘરની બહાર ન નીકળવા અને સાવચેતી રાખવા સૂચના આપવામાં આવી છે. વર્તમાનમાં વીજળી પડવાના બનાવો વધી રહ્યા હોવાથી સાવધાની રાખવી અત્યંત જરૂરી છે.1
- ખરેખર આ વીડિયો મોકલનાર તથા બનાવનાર માટે લાખ કરોડ શુભેચ્છાઓ પણ કમ પડે. આ વિડિયો જોયા પછી કોઈ પણ સંતાન અનુસરે તો જીંદગીમાં કદી પણ દુઃખી થાય નહી અને બીજાને પણ દુઃખી કરે નહી...🙏1
- नदी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत,,,, गांव में छाया मातम,, गडचिरोली( महाराष्ट्र ) से ब्यूरो चीफ महिमा कटकवार कि रिपोर्ट,,, एंकर : शनिवार दोपहर गढ़चिरोली जिले के कुरखेड़ा तालुका के रानी खेडेगांव में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। खेडेगांव स्थित जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के चार विद्यार्थियों में से तीन, जो सती नदी में स्नान करने गए थे, पानी में डूब गए, जबकि एक विद्यार्थी सौभाग्य से बच गया। इस घटना के बाद पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रोना देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच बच्चों के माता-पिता धान की बुवाई के काम से खेतों में गए हुए थे। उसी समय जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय के चार छात्र खेलते-खेलते पास की सती नदी में नहाने गए। नदी में उतरने के बाद, पानी की गहराई और धारा का सही अंदाजा न लगा पाने के कारण तीन छात्र गहरे पानी में बह गए। छात्रों की तलाश शुरू की गई। कुछ समय बाद तीनों छात्रों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि, यह स्पष्ट था कि उनकी मृत्यु हो चुकी थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुराड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी तथा स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए पंचनामा प्रक्रिया शुरू की गई। इस भयावह दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्रों के नाम निम्नलिखित हैं: *लक्ष्मण सुन्हेर दूधकावर* (उम्र 6 वर्ष) * कुणाल रमेश दूधकावर* (उम्र 5 वर्ष) * मोहित हिवराज सराटे (उम्र 11 वर्ष) इस घटना के बाद रानी गांव में मातम छा गया है और हर घर शोक मना रहा है। एक ही समय में तीन निर्दोष विद्यार्थियों की मृत्यु से गांव का वातावरण बेहद गमगीन हो गया है। नदी किनारे परिजनों का विलाप हृदयविदारक था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानसून के मौसम में नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण बच्चों के लिए स्नान करना या तैरना बेहद खतरनाक है। उन्होंने मांग की है कि माता-पिता अपने बच्चों पर कड़ी नज़र रखें ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और प्रशासन खतरनाक नदी किनारों पर चेतावनी के चिन्ह और सुरक्षा उपाय करे ऐसी मांग की है।2