उच्च न्यायालय के फैसले का किया स्वागत सितंबर तक छात्रसंघ चुनाव होने की सम्भावना भिंड। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा छात्रसंघ गठन की प्रक्रिया सितंबर 2026 तक सुनिश्चित करने के निर्देश के बाद एनएसयूआई ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अंकित सिंह तोमर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि न्यायालय की पहल से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा। अंकित तोमर ने राज्य सरकार से मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्देश और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप बिना देरी विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से कराए जाएं ताकि प्रत्येक नियमित छात्र अपने प्रतिनिधि का सीधे चुनाव कर सके। उनका कहना था कि छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है इसलिए चुनाव निष्पक्ष पारदर्शी और व्यापक छात्र सहभागिता के साथ होने चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं करती या प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से पीछे हटती है तो एनएसयूआई प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।प्रेसवार्ता में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया ने छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव नए नेतृत्व को उभरने का अवसर देते हैं और राजनीति में आने वाले युवाओं के लिए यह महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से नहीं कराए जाने से युवाओं का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ है।
उच्च न्यायालय के फैसले का किया स्वागत सितंबर तक छात्रसंघ चुनाव होने की सम्भावना भिंड। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा छात्रसंघ गठन की प्रक्रिया सितंबर 2026 तक सुनिश्चित करने के निर्देश के बाद एनएसयूआई ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अंकित सिंह तोमर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि न्यायालय की पहल से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा। अंकित तोमर ने राज्य सरकार से मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्देश और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप बिना देरी विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से कराए जाएं ताकि प्रत्येक नियमित छात्र अपने प्रतिनिधि का सीधे चुनाव कर सके। उनका कहना था कि छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है इसलिए चुनाव निष्पक्ष पारदर्शी और व्यापक छात्र सहभागिता के साथ होने चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं करती या प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से पीछे हटती है तो एनएसयूआई प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।प्रेसवार्ता में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया ने छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव नए नेतृत्व को उभरने का अवसर देते हैं और राजनीति में आने वाले युवाओं के लिए यह महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से नहीं कराए जाने से युवाओं का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ है।
- भैंस चराते समय तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत: रातभर चला रेस्क्यू, सुबह मिला शव भिंड। बरोही थाना क्षेत्र के अमलेड़ा गांव में तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर रातभर एनडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। शुक्रवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया जिसके बाद करीब 9 बजे बालक का शव तालाब से बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार अमलेड़ा निवासी 13 वर्षीय कृष्णा पुत्र जगमोहन धानुक गुरुवार शाम करीब 4 बजे गांव के तालाब के किनारे भैंस चराने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। घटना को वहां मौजूद कुछ बच्चों ने देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ तालाब पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।सूचना पर बरोही थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रात करीब 8 बजे मौके पर पहुंची। टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन बालक का पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया। एनडीआरएफ ने कांटे की मदद से तलाश की जिसमें शव फंस गया और उसे सुबह करीब 9 बजे बाहर निकाल लिया गया।इसके बाद शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।1
- भिंड ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन। अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स। भिंड की जनता कायर बुजदिल नहीं है जो अवैध रूप से टोल देगी। भिंड के ऊमरी क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे-552 पर एमपीआरडीसी द्वारा महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल टैक्स स्थापित किए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर टोल हटाने की मांग की है। वीओ: दरअसल, नेशनल हाईवे-552 पर ऊमरी में एमपीआरडीसी द्वारा दूसरा टोल टैक्स स्थापित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से ही ऊमरी और कनावर क्षेत्र में टोल संचालित हो रहे हैं और अब महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल लगाए जाने से क्षेत्र के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में ग्रामीण टोल के विरोध में पहुंचे और कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि 2008 के नियमों के अनुसार एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक ही दिशा में लगातार दो टोल के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए, जबकि ऊमरी क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर के अंतराल पर दूसरा टोल स्थापित किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक ऊमरी और आसपास के किसान अपने कृषि उत्पादों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहनों से दिन में कई बार आवागमन करते हैं। ऐसे में नया टोल शुरू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस निर्माण को तत्काल नहीं रोका गया और टोल शुरू किया गया, तो क्षेत्र में आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं एमपीआरडीसी अधिकारियों का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, हालांकि नियमों के संबंध में जांच की बात भी सामने आई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा यदि टोल अवैध हुआ तो उखाड़ कर फेंक देंगे। इस मामले में एमपी आरडीसी के महाप्रबंधक भिंड राजेश दाहिमा का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, लेकिन टोल एक ही पर लगेगा। फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर टोल व्यवस्था की जांच और दूसरे टोल को हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- भिंड शिवहरे समाज का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह 9 अगस्त को भिंड। शिवहरे समाज भिंड द्वारा कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से संस्कृति मैरिज गार्डन, बायपास रोड, भिंड में होगा। भिंड शिवहरे समाज का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह 9 अगस्त को भिंड। शिवहरे समाज भिंड द्वारा कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही समाज के वरिष्ठजनों एवं प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन 9 अगस्त को सुबह 10 बजे से संस्कृति मैरिज गार्डन, बायपास रोड, भिंड में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिंड सदर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह होंगे। समारोह में समाज की नई कार्यकारिणी को शपथ दिलाई जाएगी और समाज के वरिष्ठजनों के साथ-साथ शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की जानकारी वीरेंद्र शिवहरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने समाज के सभी लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर समारोह को सफल बनाने की अपील की।1
- महिला क्लस्टर कर्मचारी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय जाकर तहसीदार को शिकायत पत्र सौंपा इस वक्त की बड़ी खबर आगरा जनपद के जैतपुर कला ब्लॉक से सामने आ रही है, जहां एक महिला क्लस्टर कर्मचारी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय जाकर तहसीदार को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता प्रेमलता, जो एफएलसीआरपी एकता प्रेरणा क्लस्टर से जुड़ी हैं, उन्होंने आरोप लगाया है कि विकास खंड जैतपुर कला के ब्लॉक मिशन मैनेजर अमित गुप्ता द्वारा महिला कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।1
- उच्च न्यायालय के फैसले का किया स्वागत सितंबर तक छात्रसंघ चुनाव होने की सम्भावना भिंड। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा छात्रसंघ गठन की प्रक्रिया सितंबर 2026 तक सुनिश्चित करने के निर्देश के बाद एनएसयूआई ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अंकित सिंह तोमर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि न्यायालय की पहल से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा। अंकित तोमर ने राज्य सरकार से मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्देश और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप बिना देरी विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से कराए जाएं ताकि प्रत्येक नियमित छात्र अपने प्रतिनिधि का सीधे चुनाव कर सके। उनका कहना था कि छात्रसंघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है इसलिए चुनाव निष्पक्ष पारदर्शी और व्यापक छात्र सहभागिता के साथ होने चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं करती या प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से पीछे हटती है तो एनएसयूआई प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।प्रेसवार्ता में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया ने छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव नए नेतृत्व को उभरने का अवसर देते हैं और राजनीति में आने वाले युवाओं के लिए यह महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से नहीं कराए जाने से युवाओं का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ है।1
- अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश *लहार सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ *दो घंटे तक तड़पता रहा सड़क हादसे का घायल, इमरजेंसी में नहीं मिला डॉक्टर* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ *अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पड़ा रहा घायल युवक, उपचार के अभाव में परिजन और राहगीरों में आक्रोश* ⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡ बांके तिगुनायक/देवानंद नायक लहार। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे कर रही है, वहीं लहार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक को इलाज के लिए लहार सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। नतीजतन घायल युवक करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक को अस्पताल परिसर के बाहर ही लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने कई बार चिकित्सकों और स्टाफ को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में घायल की पहचान असवार निवासी धीरेंद्र पुत्र प्रेमनारायण जोशी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह रावतपुरा थाना क्षेत्र के महुआ के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था। *पहले भी उठते रहे हैं सवाल* लहार सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही और मरीजों की अनदेखी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। कई बार शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। *जिम्मेदार कौन?* सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे तो गंभीर मरीजों का उपचार कैसे किया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो किसी भी घायल की जान जोखिम में पड़ सकती है। *सीएमएचओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल* लगातार सामने आ रही शिकायतों के बावजूद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा लहार सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। *जनता के सवाल* क्या लहार सिविल अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं केवल कागजों तक सीमित हैं? दुर्घटना में घायल मरीज को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला? ड्यूटी पर डॉक्टर अनुपस्थित थे तो जिम्मेदारी किसकी है? अस्पताल परिसर के बाहर घायल को लावारिस हालत में क्यों छोड़ दिया गया? जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी लगातार मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?1