राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी के बीच ककड़ोलता बैठक स्थगित राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी के बीच ककड़ोलता बैठक स्थगित डुमरी (गुमला): राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी को लेकर आठ मार्च को ककड़ोलता परिसर में प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने बताया कि आदिवासी सिरसी ता नाले उर्फ ककड़ोलता में धार्मिक और पूजा-पाठ से जुड़े कार्यों के संचालन के लिए एक प्रखंड स्तरीय कमेटी का गठन किया जाना था। उन्होंने बताया कि इसी कमेटी के गठन को लेकर आठ मार्च को ककड़ोलता परिसर में बैठक निर्धारित की गई थी। हालांकि वर्तमान में आदिवासी समाज द्वारा आगामी इक्कीस मार्च को मनाए जाने वाले राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय सरहुल महोत्सव संपन्न होने के बाद प्रखंड स्तरीय कमेटी के गठन को लेकर नई तिथि तय कर पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने समाज के लोगों से सरहुल महोत्सव की तैयारियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इस पारंपरिक पर्व को सफल बनाने की अपील की। #Dumri #Gumla #Sarhul #AdivasiCulture #JharkhandNews #LocalNews
राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी के बीच ककड़ोलता बैठक स्थगित राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी के बीच ककड़ोलता बैठक स्थगित डुमरी (गुमला): राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी को लेकर आठ मार्च को ककड़ोलता परिसर में प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने बताया कि आदिवासी सिरसी ता नाले उर्फ ककड़ोलता में धार्मिक और पूजा-पाठ से जुड़े कार्यों के संचालन के लिए एक प्रखंड स्तरीय कमेटी का गठन किया जाना था। उन्होंने बताया कि इसी कमेटी के गठन को लेकर आठ मार्च को ककड़ोलता परिसर में बैठक निर्धारित की गई थी। हालांकि वर्तमान में आदिवासी समाज द्वारा आगामी इक्कीस मार्च को मनाए जाने वाले राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय सरहुल महोत्सव संपन्न होने के बाद प्रखंड स्तरीय कमेटी के गठन को लेकर नई तिथि तय कर पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने समाज के लोगों से सरहुल महोत्सव की तैयारियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इस पारंपरिक पर्व को सफल बनाने की अपील की। #Dumri #Gumla #Sarhul #AdivasiCulture #JharkhandNews #LocalNews
- चैनपुर थाना क्षेत्र के सोनाटोली गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं से पुलिस ने शुक्रवार देर शाम करीब 7 बजे एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद किया। मृतक की पहचान गांव के ही 40 वर्षीय राकेश मिंज (पिता – बालासियुस मिंज) के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण की मांग को लेकर रसोइया-संयोजिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल, बीआरसी का घेराव चैनपुर (गुमला): सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ के आह्वान पर रसोइया-संयोजिकाओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि मांगें पूरी नहीं होने के कारण प्रखंड क्षेत्र की रसोइया-संयोजिकाएं आंदोलन के लिए मजबूर हुई हैं। शुक्रवार को चैनपुर प्रखंड के थाना मैदान में जिला अध्यक्ष देवकी देवी एवं प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात आक्रोशित महिलाओं ने थाना मैदान से प्रखंड संसाधन केंद्र तक विरोध मार्च निकाला और बीआरसी कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का नेतृत्व कर रही जिला अध्यक्ष देवकी देवी ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब तक सात सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मात्र दो से तीन हजार रुपये के मासिक मानदेय में परिवार चलाना संभव नहीं है और यह रसोइयों के साथ अन्याय है। प्रखंड अध्यक्ष बासमती देवी ने कहा कि तीन हजार रुपये में बच्चों की पढ़ाई और परिवार का भरण-पोषण करना असंभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों से खाना बनवाया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध और दंडनीय है। ऐसे शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई। वहीं पिछले बीस से बाईस वर्षों से सेवा दे रही रसोइया ममता देवी और लीला देवी ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। ममता देवी ने कहा कि हम वर्षों से बच्चों को खाना खिला रहे हैं, लेकिन आज भी सम्मानजनक मानदेय नहीं मिला। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। लीला देवी ने कहा कि वे दो हजार तीन-दो हजार चार से कार्य कर रही हैं और अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने सरकार से गरीब महिलाओं की स्थिति को देखते हुए मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। रसोइया संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और सात सूत्री मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही प्रशासन से अपील की गई है कि हड़ताल के दौरान स्कूलों में खाना बनवाने के लिए दबाव न बनाया जाए। #Chainpur #Gumla #Jharkhand #MidDayMeal #RasoiyaAndolan #JharkhandNews #GroundReport #LocalNews3
- गुमला: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आधारित मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर आज समाहरणालय स्थित सभागार में जिला प्रशासन की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में NDRF की 9वीं बटालियन के Deputy Commandant विनय कुमार एवं Inspector दिनेश अवस्थी सहित 5 सदस्यीय टीम द्वारा प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यास से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। टीम द्वारा NDRF के स्थापना, उद्देश्य तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Response) की कार्यप्रणाली के बारे में उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया। बैठक के दौरान बताया गया कि 07 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे समाहरणालय परिसर में CBRN आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान NDRF की लगभग 25 सदस्यीय टीम द्वारा विभिन्न आपदा परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्यों की प्रक्रिया का प्रदर्शन (डेमोन्स्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली की जानकारी मिल सके। टीम द्वारा यह भी बताया गया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से यह प्रदर्शित किया जाएगा कि रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल अथवा न्यूक्लियर आपदा की स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव कार्य संचालित किए जाते हैं। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यदि किसी विभाग को आपदा प्रबंधन अथवा आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने हेतु प्रशिक्षण की आवश्यकता हो तो संबंधित विभाग अपने कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए NDRF को ई-मेल के माध्यम से अनुरोध भेज सकते हैं। इसके बाद NDRF की टीम द्वारा संबंधित विभागों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी, SDO चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, SDO बसिया जयवंती देवगम, DSP गुमला मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो, DCLR गुमला राजीव कुमार, DCLR चैनपुर, DCLR बसिया शेखर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, कार्यपालक अभियंता PHED, जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया तीयू, आईटी मैनेजर राजीव कुमार सहित विभिन्न प्रखंडों से आए प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- **जारी प्रखंड के गोबिंदपुर गांव में ट्रांसफार्मर में लगी आग, सिंचाई पाइप जलकर राख** जारी प्रखंड के गोबिंदपुर गांव में शुक्रवार को 25 केवीए का ट्रांसफार्मर अचानक आग लगने से जल गया। ग्रामीणों के अनुसार ट्रांसफार्मर में अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लग गई, जिसके बाद देखते ही देखते आग तेज हो गई। आग की चपेट में आने से पास में रखा सिंचाई के लिए उपयोग होने वाला पानी का पाइप भी जलकर राख हो गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ से आग को फैलने से रोक लिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जल जाने से गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है ताकि बिजली आपूर्ति बहाल हो सके।1
- गुमला: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) आधारित मॉक ड्रिल के आयोजन को लेकर आज समाहरणालय स्थित सभागार में जिला प्रशासन की ओर से बैठक आयोजित की गई।बैठक में NDRF की 9वीं बटालियन के Deputy Commandant विनय कुमार एवं Inspector दिनेश अवस्थी सहित 5 सदस्यीय टीम द्वारा प्रशिक्षण एवं मॉक अभ्यास से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। टीम द्वारा NDRF के स्थापना, उद्देश्य तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Response) की कार्यप्रणाली के बारे में उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया।बैठक के दौरान बताया गया कि 07 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे समाहरणालय परिसर में CBRN आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान NDRF की लगभग 25 सदस्यीय टीम द्वारा विभिन्न आपदा परिस्थितियों में बचाव एवं राहत कार्यों की प्रक्रिया का प्रदर्शन (डेमोन्स्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली की जानकारी मिल सके।टीम द्वारा यह भी बताया गया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से यह प्रदर्शित किया जाएगा कि रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल अथवा न्यूक्लियर आपदा की स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव कार्य संचालित किए जाते हैं।बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यदि किसी विभाग को आपदा प्रबंधन अथवा आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने हेतु प्रशिक्षण की आवश्यकता हो तो संबंधित विभाग अपने कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए NDRF को ई-मेल के माध्यम से अनुरोध भेज सकते हैं। इसके बाद NDRF की टीम द्वारा संबंधित विभागों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी, SDO चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, SDO बसिया जयवंती देवगम, DSP गुमला मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो, DCLR गुमला राजीव कुमार, DCLR चैनपुर, DCLR बसिया शेखर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, कार्यपालक अभियंता PHED, जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया तीयू, आईटी मैनेजर राजीव कुमार सहित विभिन्न प्रखंडों से आए प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।4
- युवक ने पेट्रोल पंप पर 1000 डीजल लेने आया पेट्रोल की आपूर्ति1
- Post by Dipak gupta1
- राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी के बीच ककड़ोलता बैठक स्थगित डुमरी (गुमला): राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारी को लेकर आठ मार्च को ककड़ोलता परिसर में प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने बताया कि आदिवासी सिरसी ता नाले उर्फ ककड़ोलता में धार्मिक और पूजा-पाठ से जुड़े कार्यों के संचालन के लिए एक प्रखंड स्तरीय कमेटी का गठन किया जाना था। उन्होंने बताया कि इसी कमेटी के गठन को लेकर आठ मार्च को ककड़ोलता परिसर में बैठक निर्धारित की गई थी। हालांकि वर्तमान में आदिवासी समाज द्वारा आगामी इक्कीस मार्च को मनाए जाने वाले राजकीय सरहुल महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय सरहुल महोत्सव संपन्न होने के बाद प्रखंड स्तरीय कमेटी के गठन को लेकर नई तिथि तय कर पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने समाज के लोगों से सरहुल महोत्सव की तैयारियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इस पारंपरिक पर्व को सफल बनाने की अपील की। #Dumri #Gumla #Sarhul #AdivasiCulture #JharkhandNews #LocalNews1