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Pusprajgadh se shyamlal Yadav gram panchayat jeelang thana rajendgram
Shyam lal yadav
Pusprajgadh se shyamlal Yadav gram panchayat jeelang thana rajendgram
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शहडोल जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही खत्म हुई शुगर टेस्ट करने वाली स्ट्रिप, लैंसेट डिवाइस, मरीजों के जान के साथ खुली खिलवाड़ की जा रहा है इसका जवाब दीजिए सिविल सर्जन, CMHO साहब जी,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ,मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दीजिए कि शहडोल जिला में लाखों करोड़ों का बजट आता है किन्तु किसके जेब में जाता है ?मरीजों के सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है शहडोल जिला अस्पताल में ,1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- हिन्दू मुस्लिम एकता मंच की ओर से होली का पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि होली रंगों का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का त्योहार है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और शांति का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की सच्ची मिसाल बताया। हिन्दू मुस्लिम एकता मंच ने बता दिया कि धर्म से ऊपर इंसानियत है। इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच के सदस्यों ने घर घर जाकर हिन्दू भाइयों को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। जिसमें अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह जी, जेल अधीक्षक डी. के. सारस जी, मो. नईम जी, सईद मंसूरी जी इत्यादि लोगों के साथ मिलकर मनाई होली तथा सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर, संयोजक राजेंद्र कोल, हनीफ अहमद खान, मो. मंसूर, कृष्णकांत तिवारी, मौसिम खान, किशन कुशवाहा, सागर मिश्रा, रिंकू, संतोष कुशवाहा आदि हिन्दू मुस्लिम एकता मंच के सदस्य उपस्थित रहे।4
- कोरिया पुलिस बता रही है मौत की असली वजह।1
- *हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने एकता की मिसाल पेश करते हुए आपसी भाईचारे के साथ मनाई होली* हिन्दू मुस्लिम एकता मंच की ओर से होली का पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि होली रंगों का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का त्योहार है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और शांति का संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की सच्ची मिसाल बताया। हिन्दू मुस्लिम एकता मंच ने बता दिया कि धर्म से ऊपर इंसानियत है। इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच के सदस्यों ने घर घर जाकर हिन्दू भाइयों को रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। जिसमें अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पुष्पराज सिंह जी, जेल अधीक्षक डी. के. सारस जी, मो. नईम जी, सईद मंसूरी जी इत्यादि लोगों के साथ मिलकर मनाई होली तथा सभी को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर, संयोजक राजेंद्र कोल, हनीफ अहमद खान, मो. मंसूर, कृष्णकांत तिवारी, मौसिम खान, किशन कुशवाहा, सागर मिश्रा, रिंकू, संतोष कुशवाहा आदि हिन्दू मुस्लिम एकता मंच के सदस्य उपस्थित रहे।2
- *दिग्विजय सिंह ने कान्हा दौरे पर भाजपा सरकार को घेरा* मंडला। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने रविवार को मंडला जिले के कान्हा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए पर्यटन, पानी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सवाल उठाए। सिंह ने कलाकारों, बैगा आदिवासियों और मनरेगा श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनकी जमीनी समस्याओं को जाना। दिग्विजय सिंह ने अपने दौरे की शुरुआत कान्हा किसली मंडला गेट स्थित कान्हा सरई आर्ट गैलरी से की। यहाँ उन्होंने पत्थर और लकड़ी के मूर्तिकारों सहित अन्य लोक कलाकारों से मुलाकात की। कलाकारों की व्यथा सुनने के बाद उन्होंने कहा कि स्थानीय कला और संस्कृति को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें संरक्षण देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें वर्तमान सरकार विफल दिख रही है। कान्हा टाइगर रिजर्व के प्रबंधन और पर्यटन नीति पर सवाल उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कान्हा में पर्यटन से होने वाली आय का वास्तविक लाभ यहाँ के मूल निवासी आदिवासियों और ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। गाइड, जिप्सी संचालन और बड़े रिसोर्ट्स पर बाहरी रसूखदारों का कब्जा है, जबकि स्थानीय युवा रोजगार के अवसरों से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि कान्हा के पर्यटन व्यवसाय में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दौरे के दौरान सिंह बैगा आदिवासियों की बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और वनाधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने जिले में व्याप्त भीषण जल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के विपरीत ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी पीने के पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। उन्होंने इसे जनता के मौलिक अधिकारों का हनन बताया।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के कोटा निवासी तीन युवक दुबई घूमने गए थे, लेकिन मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण उनकी भारत वापसी मुश्किल हो गई है। 28 फरवरी और 3 मार्च की उनकी फ्लाइट लगातार रद्द हो चुकी है। अमेरिका और इजरायल की ईरान पर कार्रवाई के बाद कई एयरलाइंस ने दुबई, शारजाह, रियाद और अबू धाबी की उड़ानें रोक दी हैं, जिससे कई भारतीय यात्री अलग-अलग शहरों में फंस गए हैं।1
- अनूपपुर में कानून व्यवस्था पर सवाल अनूपपुर। जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुना कॉलोनी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा खुलेआम मारपीट, गाली-गलौज और दबंगई किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, फिर भी हालात पर तुरंत नियंत्रण नहीं हो सका। घटना का कथित विवरण स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना जमुना-कोतमा इलाके की बताई जा रही है, जहां पिछले कुछ समय से असामाजिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की शिकायतें मिलती रही हैं। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति के साथ मारपीट होती दिख रही है, जबकि आसपास अफरा-तफरी का माहौल नजर आता है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पुलिस की उपस्थिति के बावजूद आरोपियों के हौसले बुलंद दिखाई दिए। हालांकि, वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन द्वारा अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है। लोगों में आक्रोश और भय घटना के बाद क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र में आए दिन छोटे-बड़े विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। पुलिस व्यवस्था पर सवाल इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस की भूमिका केवल घटना के बाद एफआईआर दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित गश्त, निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान आवश्यक है। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार घटना को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है और पुलिस की मौजूदगी में मारपीट की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठ रही है। आगे क्या? अब निगाहें जिला पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। क्या आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर त्वरित गिरफ्तारी की जाएगी? क्या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर विभागीय जांच होगी? यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में कानून के प्रति लोगों का विश्वास और कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।1