Shuru
Apke Nagar Ki App…
लातेहार शहर के चटनाही में स्थित इलेक्ट्रिक शव दाह गृह को शनिवार शाम करीब चार बजे शुरू कर दिया गया है। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, उपाध्यक्ष संतोष रंजन, कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन, सी टी मैनेजर, वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव, संयुक्ता कुमार और जेई संदीप कुमार की उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि अब शहरवासियों को इस सुविधा का पूरा लाभ मिल पाएगा। इसके उपयोग के लिए सात हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह भी बताया गया कि इस शव दाह गृह का निर्माण कार्य कई वर्षों से चल रहा था और यह पूरी तरह बनकर तैयार भी हो गया था। ठेकेदार द्वारा इसे विभाग को सौंप भी दिया गया था, लेकिन पिछले कई महीनों से इसका परिचालन शुरू नहीं हो सका था।
Nihit Kumar
लातेहार शहर के चटनाही में स्थित इलेक्ट्रिक शव दाह गृह को शनिवार शाम करीब चार बजे शुरू कर दिया गया है। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, उपाध्यक्ष संतोष रंजन, कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन, सी टी मैनेजर, वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव, संयुक्ता कुमार और जेई संदीप कुमार की उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि अब शहरवासियों को इस सुविधा का पूरा लाभ मिल पाएगा। इसके उपयोग के लिए सात हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह भी बताया गया कि इस शव दाह गृह का निर्माण कार्य कई वर्षों से चल रहा था और यह पूरी तरह बनकर तैयार भी हो गया था। ठेकेदार द्वारा इसे विभाग को सौंप भी दिया गया था, लेकिन पिछले कई महीनों से इसका परिचालन शुरू नहीं हो सका था।
More news from Jharkhand and nearby areas
- लातेहार शहर के चटनाही में स्थित इलेक्ट्रिक शव दाह गृह को शनिवार शाम करीब चार बजे शुरू कर दिया गया है। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, उपाध्यक्ष संतोष रंजन, कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन, सी टी मैनेजर, वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव, संयुक्ता कुमार और जेई संदीप कुमार की उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि अब शहरवासियों को इस सुविधा का पूरा लाभ मिल पाएगा। इसके उपयोग के लिए सात हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह भी बताया गया कि इस शव दाह गृह का निर्माण कार्य कई वर्षों से चल रहा था और यह पूरी तरह बनकर तैयार भी हो गया था। ठेकेदार द्वारा इसे विभाग को सौंप भी दिया गया था, लेकिन पिछले कई महीनों से इसका परिचालन शुरू नहीं हो सका था।3
- एसबीआई फाउंडेशन और स्पोर्ट संस्था मिलकर मटलोंग पंचायत में कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं। इन सुविधाओं में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वे पंचायत में बाजार शेड और स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्था भी कर रहे हैं, साथ ही एंबुलेंस जैसी आवश्यक सुविधा भी मुहैया करा रहे हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के गम्हरिया में एक चेक डैम के निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से कथित तौर पर काम कराया जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर अब निर्माण कार्य की जांच की मांग उठ रही है और इसे जांच का विषय बताया जा रहा है।1
- सिंचाई के उद्देश्य से स्थापित एक मशीन चोरी हो गई है। इस घटना के संबंध में, जानकारी मिली है कि अब तक कुल तीन मशीनें बरामद की जा चुकी हैं।1
- लातेहार के महुआडांड प्रखंड में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों से खुलेआम 'लूट' मची हुई है। क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत और बड़े पैमाने पर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। इस गंभीर स्थिति पर महुआडांड अनुमंडल के सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल ने गहरी चिंता जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तय दामों को दरकिनार कर खाद-उर्वरक को दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है, जहाँ ₹250 की सरकारी कीमत वाली खाद खुलेआम ₹500 में और ₹1300-₹1350 मूल्य वाली खाद के लिए गरीब किसानों से ₹2200-₹2300 तक वसूले जा रहे हैं। सांसद प्रतिनिधि जायसवाल ने मीडिया और समाचार पत्रों की खबरों का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि महुआडांड के स्थानीय किसानों के हक की खाद को अवैध रूप से पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा है। इस कालाबाजारी के कारण स्थानीय किसानों को खेती के मुख्य समय पर सही दाम में खाद नसीब नहीं हो पा रही है, जिसे उन्होंने किसानों की 'मानसिक हत्या' से कम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ खुदरा दुकानदारों और बिचौलियों ने चार-चार, पांच-पांच और दस-दस अवैध गोदाम बना रखे हैं जहाँ खाद की जमाखोरी कर किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने अनुमंडल और जिला प्रशासन से इस पूरे सिंडिकेट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। संजय जायसवाल ने चेतावनी दी है कि वे ₹1300 की खाद को ₹2300 में और ₹250 की खाद को ₹500 में कदापि नहीं बिकने देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी रसूखदार या पावरफुल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने इस कालाबाजारी पर तुरंत लगाम नहीं लगाई, तो वे किसानों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत भदौली पंचायत के बुढ़ा महादेव मंदिर परिसर पोटरो में पाँच दिवसीय निःशुल्क योग ध्यान शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर का उद्घाटन बूढ़ा महादेव शिवलिंग की विधिवत् पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। जिला परिषद सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी और योग गुरु गजराज महतो ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया, जिसके बाद योगाभ्यास कराया गया। योग गुरु गजराज महतो ने इस अवसर पर कहा कि योग समस्त विश्व के लोगों को जोड़ता है, क्योंकि योग का तात्पर्य ही जोड़ना और जुड़ना है। उन्होंने बताया कि आने वाले 21 जून रविवार को पूरे विश्व में 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, जहाँ स्वस्थ व दीर्घायु जीवन के लिए सभी लोग योग करेंगे। यह योग आयुष विभाग, भारत सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा, जिसकी थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था, आनंदमय जीवन जीने का आधार' है। अपने संबोधन में जिला परिषद सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी ने कहा कि आजकल की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रतिदिन सुबह परिवार के सदस्यों के साथ योग के विभिन्न आसन करने चाहिए। उन्होंने योग गुरु गजराज महतो की सराहना करते हुए बताया कि वे लगातार सिसई प्रखंड के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से लेकर गांवों व टोलों तक योग का अलख जगाकर सबको तन-मन से निरोग रहने के लिए योग करा रहे हैं। शिविर में उपस्थित सभी योगियों ने प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम, यौगिक जॉगिंग के साथ योग भजन भी किया, और समापन से पूर्व विश्व कल्याण व विश्व शांति हेतु शांति पाठ कराया गया।3
- बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के पंचायत सचिवालय बरवाडीह में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के सर्वे और जियो टैगिंग में पैसे लेने के आरोपों को लेकर भारी हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष लाभुक पंचायत सचिवालय पहुंचे और पंचायत सचिव विजय शंकर राम पर आवास योजना में नाम शामिल कराने व जियो टैगिंग के लिए ₹500 से ₹1000 तक लेने का आरोप लगाया। लाभार्थियों का कहना था कि उनसे आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर राशि ली गई थी, लेकिन कई लोगों का नाम जियो टैगिंग और पैसे देने के बावजूद स्वीकृत सूची में शामिल नहीं हुआ, जिससे वे आक्रोशित होकर विरोध जताने पहुंचे थे। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद लाभ की उम्मीद में पैसे दिए थे, लेकिन उन्हें अब तक कोई लाभ नहीं मिला। इस दौरान पश्चिमी जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर भी पंचायत सचिवालय पहुंचीं और लाभुकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि यदि पैसे लेने की शिकायत सही पाई जाती है तो यह एक गंभीर मामला है। संतोषी शेखर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। वहीं, इन आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर पंचायत सचिव विजय शंकर राम ने सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी लाभुक से आवास योजना या जियो टैगिंग के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योजना से संबंधित सभी कार्य सरकार के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किए जाते हैं। घटना के बाद पंचायत सचिवालय परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। लाभुकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- गुमला के सिसई में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ की गुमला जिला समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के आलोक में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्या मंदिर में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, समाज में एकता स्थापित करना, सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना और लोगों को न्याय के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान, सिसई प्रखंड की पुरानी समिति को भंग कर सर्वसम्मति से एक नई समिति का गठन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की। बैठक में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश महामंत्री सूरजदेव सिंह, गुमला जिलाध्यक्ष सुरेश नाथ सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष जगनारायण सिंह, जिला उपाध्यक्ष सिकंदर सिंह और देवकुमार सिंह, तथा जिला सचिव शांतनु सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। नई प्रखंड समिति में अरुण नारायण सिंह को प्रखंड अध्यक्ष, सुखलाल राय को सचिव, कामदेव सिंह को कोषाध्यक्ष, विक्रांत सिंह को क्षत्रिय महासंघ के युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष, और मनोज कुमार राय को युवा मोर्चा प्रखंड सचिव का दायित्व सौंपा गया। नई जिम्मेदारियां मिलने पर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ने समाज के लोगों से संगठित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी लोगों से एक मंच पर आकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। नवनियुक्त अध्यक्षों ने संगठन और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रदेश एवं जिला नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज के हित, युवाओं के मार्गदर्शन और संगठन की मजबूती के लिए ईमानदारी व समर्पण के साथ कार्य करने की प्रतिज्ञा भी ली। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए आने वाले दिनों में गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जाएगा। वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती के माध्यम से ही समाज को नई दिशा देने की बात कही। इस अवसर पर निरंजन सिंह, नंदु सिंह, रामानंद सिंह, श्याम नारायण सिंह, बदरी नारायण सिंह, श्रीकमल सिंह, तेज नारायण सिंह नागेंद्र सिंह, विपिन सिंह और शिवनारायण सिंह सहित क्षत्रिय समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। बैठक का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।4
- चतरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुंदा थाना के थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह को उनके उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और निर्भीक पुलिसिंग के लिए आईजी द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। प्रिंस कुमार सिंह ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप उनके नेतृत्व में कुंदा थाना क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इस सम्मान के मिलने पर पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1