अखिल भारतीय त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण संस्थान उदयपुर द्वारा प्रस्तावित सामाजिक भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम के सिलसिले में कुशलगढ़ से एक प्रतिनिधिमंडल रतलाम पहुँचा। इस अवसर पर, प्रतिनिधिमंडल ने भगवान नागेश्वर मंदिर में अभिषेक कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रतलाम समाज की कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करना था। प्रतिनिधिमंडल ने गंगा आश्रम रतलाम में संस्थान उदयपुर के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अ. सौ. तिलोत्तमा पण्ड्या, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनुराधा उपाध्याय और मीडिया प्रभारी अरुण जोशी व उनके साथी शामिल थे। आगंतुकों ने भगवान नागेश्वर की पूजा-अर्चना और अभिषेक किया, साथ ही प्रस्तावित भवन के भूमि पूजन से लेकर ध्वजारोहण तक और अनंत काल तक कृपा बनाए रखने के लिए आशीर्वाद मांगा। इस दौरान स्थानीय समाज अध्यक्ष पं. सुरेश चन्द्र जोशी, कार्यकारिणी सदस्य और उदयपुर संस्थान कार्यकारिणी प्रतिनिधि पं. डाँ. ओमप्रकाश जोशी, जितेंद्र प्रकाश भट्ट, ब्रजेंद्र नंदन महेता, हरिवंश शर्मा, मनीष व्यास, प्रवीण रावल भी उपस्थित रहे। 'अतिथि देवो भव' के भाव से सत्कार के बाद, स्थानीय सदस्यों के द्वार पर पीले चावल रखकर निमंत्रण पत्र दिए गए, जिसमें सभी से प्रस्तावित निर्माण के कार्यक्रमों में अपनत्व भाव से सहयोगी बनने और उत्साहपूर्वक सम्मिलित होने का मनुहार किया गया। इस आह्वान पर, समस्त समाज जनों ने भगवान एकलिंग नाथ जी के आदेश को शिरोधार्य किया। इस संक्षिप्त, किंतु भावविभोर कार्यक्रम के लिए साधुवाद और आभार व्यक्त किया गया।
अखिल भारतीय त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण संस्थान उदयपुर द्वारा प्रस्तावित सामाजिक भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम के सिलसिले में कुशलगढ़ से एक प्रतिनिधिमंडल रतलाम पहुँचा। इस अवसर पर, प्रतिनिधिमंडल ने भगवान नागेश्वर मंदिर में अभिषेक कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रतलाम समाज की कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करना था। प्रतिनिधिमंडल ने गंगा
आश्रम रतलाम में संस्थान उदयपुर के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अ. सौ. तिलोत्तमा पण्ड्या, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनुराधा उपाध्याय और मीडिया प्रभारी अरुण जोशी व उनके साथी शामिल थे। आगंतुकों ने भगवान नागेश्वर की पूजा-अर्चना और अभिषेक किया, साथ ही प्रस्तावित भवन के भूमि पूजन से लेकर ध्वजारोहण तक और अनंत काल तक
कृपा बनाए रखने के लिए आशीर्वाद मांगा। इस दौरान स्थानीय समाज अध्यक्ष पं. सुरेश चन्द्र जोशी, कार्यकारिणी सदस्य और उदयपुर संस्थान कार्यकारिणी प्रतिनिधि पं. डाँ. ओमप्रकाश जोशी, जितेंद्र प्रकाश भट्ट, ब्रजेंद्र नंदन महेता, हरिवंश शर्मा, मनीष व्यास, प्रवीण रावल भी उपस्थित रहे। 'अतिथि देवो भव' के भाव से सत्कार के बाद, स्थानीय सदस्यों के द्वार पर
पीले चावल रखकर निमंत्रण पत्र दिए गए, जिसमें सभी से प्रस्तावित निर्माण के कार्यक्रमों में अपनत्व भाव से सहयोगी बनने और उत्साहपूर्वक सम्मिलित होने का मनुहार किया गया। इस आह्वान पर, समस्त समाज जनों ने भगवान एकलिंग नाथ जी के आदेश को शिरोधार्य किया। इस संक्षिप्त, किंतु भावविभोर कार्यक्रम के लिए साधुवाद और आभार व्यक्त किया गया।
- Pandit Repotarगनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थानजय हिन्द Jai परशुराम11 hrs ago
- डूंगरपुर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन स्वच्छता' अभियान के तहत बिछीवाड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर कार्रवाई करते हुए चावल की बोरियों की आड़ में गुजरात ले जाई जा रही करीब 90 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के मार्गदर्शन में थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी के नेतृत्व में रतनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, बुधवार को रतनपुर चौकी के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर नाकाबंदी के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि उदयपुर की ओर से गुजरात जा रहे टाटा ओपन बॉडी ट्रक (संख्या GJ-10-TT-9477) में अवैध शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना पर पुलिस ने ट्रक को रुकवाकर जांच की। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने ट्रक में चावल की बोरियां होने की बात कही, लेकिन गहन जांच में तिरपाल के नीचे चावल की बोरियों के नीचे विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब के कार्टन छिपाए हुए पाए गए। पुलिस ने कुल 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर 'For Sale Only in Chandigarh' अंकित था। पुलिस ने शराब की खेप और तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को जब्त कर लिया, साथ ही चालक योगेश कोडियातर (42), निवासी पोरबंदर, गुजरात को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस अवैध शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क, सप्लायर और अन्य आरोपियों के संबंध में आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चौरासी थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सीमलवाड़ा में हुई इस कार्रवाई में क्रूरतापूर्वक परिवहन की जा रही 38 भैंसों को मुक्त कराया गया और इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह एवं वृत्ताधिकारी मदनलाल विश्नोई के पर्यवेक्षण में चौरासी थाना प्रभारी भंवर सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने मुखबिर की सूचना पर वैजा पुलिस चौकी के सामने नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध मालवाहक वाहन को रोका गया, जिसकी तलाशी लेने पर उसके भीतर एक विशेष दो मंजिला ढांचा और दोहरे विभाजन की व्यवस्था मिली। इस गुप्त संरचना में 38 भैंसों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था, उनके पैर और मुंह रस्सियों से बांधे हुए थे। पशुओं की दयनीय स्थिति देखकर पुलिस दल ने तुरंत सभी भैंसों को वाहन से नीचे उतरवाया और उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था की। पुलिस ने पशुओं के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को जब्त कर लिया और पशुओं के साथ क्रूरता बरतने के आरोप में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध रूप से पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस्तेखान पुत्र ईस्माईल खान मुल्तानी (55 वर्ष), अरुण पुत्र अयूब मुल्तानी (36 वर्ष), इनिस पुत्र गुलु मुल्तानी (32 वर्ष) तथा मोहम्मद जुनैद पुत्र जावेद मुल्तानी (19 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी गुजरात राज्य के अरवल्ली जिले के मोडासा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि पशुओं के साथ क्रूरता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिले में अवैध पशु तस्करी तथा पशु क्रूरता के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में थाना प्रभारी भंवर सिंह राठौड़, सहायक उपनिरीक्षक ईश्वरलाल रोत, कांस्टेबल पंकज कुमार, लोकेश कुमार तथा वीरमल कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन पशुओं को कहां से लाया गया था और उन्हें किस गंतव्य तक ले जाया जा रहा था।3
- राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'वन्दे गंगाजल' अभियान के तहत धम्बोला कस्बे में तालाब की पाल पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश देना और इसमें जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशपाल, उपखण्ड अधिकारी संजय चरपोटा, विकास अधिकारी ललित पंड्या, भाजपा प्रत्याशी करीलाल ननोमा, सिमलवाड़ा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में तालाब किनारे विधिवत पूजा-अर्चना कर जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके पश्चात, जिला कलक्टर देशपाल सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से श्रमदान करते हुए तालाब की साफ-सफाई और संरक्षण कार्यों में अपना योगदान दिया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जल स्रोतों का संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि जल संरक्षण के प्रयास केवल जनसहभागिता से ही सफल हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को वर्षा जल संचयन, जल बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया। अभियान के तहत क्षेत्र के जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।2
- प्रतापगढ़ जिले के मोटीखेड़ी गाँव में वार्ड नंबर 4 में ऊंकार/दीपा के घर के पास स्थित एक हैंडपंप पिछले 17 महीनों से खराब पड़ा है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत को अवगत कराया है, लेकिन पंचायत द्वारा अब तक इसे ठीक करवाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीण इस हैंडपंप को जल्द से जल्द सही करवाने की मांग कर रहे हैं।1
- आलीराजपुर जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लंबित मानदेय के भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और अपने अधिकारों को लेकर 3 जून 2026 को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के बैनर तले प्रातः 11:00 बजे दाहोद नाका (समाधि स्थल), आलीराजपुर से एक विशाल रैली निकाली गई, जिसने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। संघ की जिला अध्यक्ष कमला रावत ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दिसंबर 2024 से कई कार्यकर्ताओं का मानदेय अटका हुआ है। जिले की लगभग 800 मिनी से पूर्ण आंगनवाड़ी में पदोन्नत कार्यकर्ताओं को दिसंबर 2024 का ₹5250 का मानदेय आज तक नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त, नई भर्ती में नियुक्त कई सहायिकाओं को पिछले 8 से 9 महीनों से मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है, और कई कार्यकर्ताओं का पूर्व में रोका गया मानदेय भी लंबित है। संघ ने चेतावनी दी है कि समस्त लंबित राशि का एकमुश्त भुगतान तत्काल किया जाए। संघ की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण अभियान, टीकाकरण, चुनावी सर्वे और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में होती हैं, फिर भी उन्हें शासन स्तर पर उनका वाजिब हक और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है। संघ का कहना है कि यह लड़ाई केवल मानदेय की नहीं, बल्कि सम्मान और हक की है। उनकी प्रमुख मांगों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, ऑनलाइन व पोषण ट्रैकर कार्य के लिए मोबाइल व इंटरनेट भत्ता, अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग से पारिश्रमिक, और सभी केंद्रों पर स्वयं के भवन, बिजली, पानी व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं। जिला स्तर पर दिसंबर 2024 के बकाया ₹5250 के तत्काल भुगतान, नई सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं के रोके गए मानदेय का एकमुश्त भुगतान, और हर महीने तय समय पर मानदेय जारी करने की व्यवस्था की मांग की गई है। रैली के दौरान, नायब तहसीलदार महमूद खान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस आंदोलन को सफल बनाने में भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री धनसिंह कनेश, जिला अध्यक्ष कमला रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार, सचिव रंजीता कनेश, जिला उपाध्यक्ष कमलबाई मेडा, सरोज चौहान, संगीता डुडवे और प्रीति चौहान सहित संघ के सभी पदाधिकारी सक्रिय रूप से जुटे रहे।1
- उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टिकिया, फलाकमलाकुडी और खूंगट पंचायत का उल्लेख किया गया है।1
- बुधवार शाम सीमलवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद तेज हवाओं से राहत मिली। हालांकि, कुछ ही देर बाद शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र के कई स्थानों पर भारी नुकसान की खबरें सामने आईं। शाम होते ही आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके तुरंत बाद भारी बारिश और कई क्षेत्रों में ओले गिरने लगे। इससे सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ और लोगों को काफी परेशानी हुई। बाजारों में मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, वहीं दोपहिया वाहन चालक भी बारिश से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेते दिखाई दिए। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरे, जिससे कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़े। बांसिया सागवाड़ा मार्ग पर भी बड़े-बड़े पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। लोक निर्माण विभाग खंड सीमलवाड़ा के सहायक अभियंता शैलेश रोत ने तत्काल जेसीबी की व्यवस्था कर पेड़ों को हटवाया और आवाजाही सुचारू करवाई। ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में कई मकानों को नुकसान पहुँचा। कई घरों के टीन शेड उखड़ गए और कुछ स्थानों पर मकानों की छतों को भी क्षति पहुँची। चाड़ोली गाँव में विजय कलाल के घर के आँगन में खड़ी कार पर ईंटें गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई, और कई विद्युत पोल भी उखड़ गए। चाड़ोली के सरपंच रमेश भगोरा ने बताया कि इस आंधी-बारिश से क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है, जिसमें कई मकानों से केलू (छत के टाइल्स) गिर गए। धंबोला कस्बे में सीमलवाड़ा मार्ग पर मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई, क्योंकि दोनों ओर पानी की निकासी नहीं हो पा रही थी। देर शाम तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन व्यापक रूप से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि शुरू होते ही कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे और गर्मी दोनों की समस्या झेलनी पड़ी। विद्युत विभाग की टीमों ने आपूर्ति बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अचानक हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों और आमजन की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों से खेतों में खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, पेड़ों और जर्जर भवनों के पास खड़े नहीं होने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।1
- आलीराजपुर जिले में आबकारी विभाग ने अवैध मदिरा के आसवन, कब्जा, परिवहन, विक्रय और चौर्यनयन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। दिनांक 03.06.2026 को वृत्त आलीराजपुर के ग्राम हरदासपुर थाना आम्बुआ में एक सूने मकान से छुपाकर रखी गई 36 पेटी अवैध मदिरा जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1,70,000 बताई गई है। जब्त की गई मदिरा में अंबी वाइन, पंजाब में विक्रय होने वाली ट्यूबर्ग बीयर, रॉयल स्टैग और बैगपाइपर व्हिस्की आदि शामिल हैं। मदिरा की मात्रा 50 बल्क लीटर से अधिक होने पर इसे आबकारी विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) और 34(2) के तहत एक अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। यह कार्रवाई इंदौर संभाग उपायुक्त आबकारी श्री इंदरसिंह जामोद और आलीराजपुर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के आदेशानुसार, तथा जिला आबकारी अधिकारी श्री आर.एस. राय के निर्देश पर की गई। सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री जी.एस. रावत के नेतृत्व में आबकारी उपनिरीक्षक सुश्री जयश्री त्रिपाठी द्वारा सर्वश्री गंभीरसिंह वास्कले, मोहित बिरला, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र रावत, अमानुल्लाह खान, आरक्षक कालू सिंह बघेल, हितेंद्र सिंह चावड़ा, आयुष रावत, विवेक बरडे और सैनिक सिलास की संयुक्त टीम के सहयोग से मदिरा जब्त की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध मदिरा और अन्य मादक द्रव्य/पदार्थ के विरुद्ध विभाग की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।1
- उदयगढ़ पुलिस ने एक अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनकी निशानदेही पर पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। यह कार्रवाई 2 जून 2026 को की गई। दरअसल, थाना उदयगढ़ क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अज्ञात बदमाशों द्वारा वाहन चोरी की सिलसिलेवार वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था, जो उदयगढ़ पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। इस गंभीर स्थिति पर प्रभावी अंकुश लगाने और अज्ञात अपराधियों की त्वरित धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (अअपु) जोबट श्री रविन्द्र राठी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। गठित विशेष टीम ने लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी और संदिग्धों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। लगातार प्रयासों के बाद, पुलिस टीम को मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्य से विश्वसनीय सूचना मिली, जिसके आधार पर 2 जून 2026 को सुनियोजित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इनमें से एक की पहचान ग्राम बड़ी उती निवासी भारत उर्फ भाया के रूप में हुई, जबकि उसका दूसरा साथी टांडा क्षेत्र का एक नाबालिग (विधि विरुद्ध बालक) था। पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक और सख्ती से पूछताछ करने पर, दोनों आरोपियों ने क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर वाहन चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने टांडा (धार) के अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर थाना उदयगढ़ क्षेत्र से तीन मोटरसाइकिलें चोरी की थीं, और इंदौर जिले के राऊ क्षेत्र से भी दो अन्य दुपहिया वाहन चुराने का अपराध कबूल किया। आरोपियों की निशानदेही पर, पुलिस टीम ने ग्राम बड़ी उती बिलवाल फलिया के समीप स्थित पीपली धपल नाले में शातिर तरीके से छिपाई गई पांचों मोटरसाइकिलें सफलतापूर्वक बरामद कीं। जब्त किए गए इन सभी वाहनों की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3.75 लाख रुपये बताई गई है। इस चुनौतीपूर्ण गिरोह का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे के साथ-साथ चौकी प्रभारी कानाकाकड उपनिरीक्षक पवन वास्कले, सहायक उपनिरीक्षक दीपक मालवीय, प्रधान आरक्षकगण दशरथ, लेखराम, मानसिंह, आजाद, जुवानसिंह, आरक्षक आनंद, दिपेश और मनोज, तथा सैनिक माधव की भूमिका सराहनीय रही। इसके अतिरिक्त, इस अंतर-जिला ऑपरेशन में थाना बोरी के सहायक उपनिरीक्षक विक्रम लाखन, थाना टांडा (जिला धार) के आरक्षक सुनील, पवन, नीलेश, और आलीराजपुर की सायबर सेल टीम का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है। पुलिस अब घटना में संलिप्त गिरोह के शेष दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।1