सैंज नदी डेंजर जोन: भूमि अधिग्रहण की मांग पर एनएचपीसी का टका सा जवाब, प्रभावितों में भारी रोष, देखें वीडियो। रिपोर्ट 20 मार्च,बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज नदी के डाउनस्ट्रीम में बढ़ते खतरे और डेंजर जोन की भूमि व मकानों के अधिग्रहण की मांग को लेकर प्रभावितों का सब्र अब जवाब देने लगा है। एनएचपीसी चरण-3 के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दूसरे सत्र में जब हितधारकों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल उठाए, तो परियोजना प्रबंधन के जवाब ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बाढ़ के खतरे के बीच अधिग्रहण की उठी मांग दूसरे सत्र की अध्यक्षता कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति जिला एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने की। बैठक में पार्वती परियोजना प्रभावितों और स्थानीय हितधारकों ने एक सुर में मांग उठाई कि नदी का जलस्तर बढ़ने से सैंज बाजार और रिहायशी इलाके डेंजर जोन की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन और एनएचपीसी से मांग की कि इस खतरे को देखते हुए पूरी भूमि, मार्केट और घरों का सरकार द्वारा अधिग्रहण किया जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके। महाप्रबंधक के इनकार से बढ़ा असंतोष बैठक में मौजूद पार्वती परियोजना चरण-2 के महाप्रबंधक रणजीत कुमार और चरण-3 के महाप्रबंधक सुधीर नेगी ने प्रभावितों की मांगों को विस्तार से सुना, लेकिन अधिग्रहण के मुद्दे पर स्पष्ट इनकार कर दिया। परियोजना प्रबंधन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। एनएचपीसी के इस दोटूक जवाब के बाद प्रभावितों में गहरा असंतोष देखा गया और बैठक में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों का निर्देश प्रभावितों की नाराजगी को देखते हुए एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि जब तक अधिग्रहण पर फैसला नहीं होता, तब तक लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसडीएम बंजार पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद
सैंज नदी डेंजर जोन: भूमि अधिग्रहण की मांग पर एनएचपीसी का टका सा जवाब, प्रभावितों में भारी रोष, देखें वीडियो। रिपोर्ट 20 मार्च,बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज नदी के डाउनस्ट्रीम में बढ़ते खतरे और डेंजर जोन की भूमि व मकानों के अधिग्रहण की मांग को लेकर प्रभावितों का सब्र अब जवाब देने लगा है। एनएचपीसी चरण-3 के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दूसरे सत्र में जब हितधारकों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल उठाए, तो परियोजना प्रबंधन के जवाब ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बाढ़ के खतरे के बीच अधिग्रहण की उठी मांग दूसरे सत्र की अध्यक्षता कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति जिला एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने की। बैठक में पार्वती परियोजना प्रभावितों और स्थानीय हितधारकों ने एक सुर में मांग उठाई कि नदी का जलस्तर बढ़ने से सैंज बाजार और रिहायशी इलाके डेंजर जोन की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन और एनएचपीसी से मांग की कि इस खतरे को देखते हुए पूरी भूमि, मार्केट और घरों का सरकार द्वारा अधिग्रहण किया जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके। महाप्रबंधक के इनकार से बढ़ा असंतोष बैठक में मौजूद पार्वती परियोजना चरण-2 के महाप्रबंधक रणजीत कुमार और चरण-3 के महाप्रबंधक सुधीर नेगी ने प्रभावितों की मांगों को विस्तार से सुना, लेकिन अधिग्रहण के मुद्दे पर स्पष्ट इनकार कर दिया। परियोजना प्रबंधन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। एनएचपीसी के इस दोटूक जवाब के बाद प्रभावितों में गहरा असंतोष देखा गया और बैठक में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों का निर्देश प्रभावितों की नाराजगी को देखते हुए एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि जब तक अधिग्रहण पर फैसला नहीं होता, तब तक लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसडीएम बंजार पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद
- रिपोर्ट 20 मार्च,बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज नदी के डाउनस्ट्रीम में बढ़ते खतरे और डेंजर जोन की भूमि व मकानों के अधिग्रहण की मांग को लेकर प्रभावितों का सब्र अब जवाब देने लगा है। एनएचपीसी चरण-3 के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दूसरे सत्र में जब हितधारकों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल उठाए, तो परियोजना प्रबंधन के जवाब ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बाढ़ के खतरे के बीच अधिग्रहण की उठी मांग दूसरे सत्र की अध्यक्षता कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति जिला एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने की। बैठक में पार्वती परियोजना प्रभावितों और स्थानीय हितधारकों ने एक सुर में मांग उठाई कि नदी का जलस्तर बढ़ने से सैंज बाजार और रिहायशी इलाके डेंजर जोन की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन और एनएचपीसी से मांग की कि इस खतरे को देखते हुए पूरी भूमि, मार्केट और घरों का सरकार द्वारा अधिग्रहण किया जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके। महाप्रबंधक के इनकार से बढ़ा असंतोष बैठक में मौजूद पार्वती परियोजना चरण-2 के महाप्रबंधक रणजीत कुमार और चरण-3 के महाप्रबंधक सुधीर नेगी ने प्रभावितों की मांगों को विस्तार से सुना, लेकिन अधिग्रहण के मुद्दे पर स्पष्ट इनकार कर दिया। परियोजना प्रबंधन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। एनएचपीसी के इस दोटूक जवाब के बाद प्रभावितों में गहरा असंतोष देखा गया और बैठक में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों का निर्देश प्रभावितों की नाराजगी को देखते हुए एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि जब तक अधिग्रहण पर फैसला नहीं होता, तब तक लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसडीएम बंजार पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद1
- Post by Munishkoundal1
- Post by Himachal Update 24 News1
- Post by Hem Singh Chauhan1
- हमीरपुर के डा राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को करीब 2 घंटे तक बिजली गुल रहने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेडियोलॉजी विभाग में एक्स-रे और कई जरूरी टेस्ट नहीं हो पाए, जिससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। इमरजेंसी और दूरदराज से आए लोगों को मजबूरी में प्राइवेट लैब्स का रुख करना पड़ा, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ा। बिजली विभाग के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास पेड़ गिरने से सप्लाई बाधित हुई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कुछ सेवाएं बैकअप पर चलती रहीं, लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है — 👉 क्या मेडिकल कॉलेज में पुख्ता बैकअप व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? 🎯 पुछता है हिमाचल — जिम्मेदार कौन? 📍 लोकेशन: हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश1
- हिमाचल प्रदेश विधान सभा सत्र 20 मार्च : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का वक्तव्य1
- Post by Dev Raj Thakur1
- रिपोर्ट 20 मार्च, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। बैठक में एनएचपीसी अधिकारियों ने दी 2 साल की डेवलपमेंट रिपोर्ट, औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश : सैंज क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से लंबित नदी के बढ़ते जलस्तर और डेंजर जोन के मुद्दे को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के पहले सत्र की अध्यक्षता कमेटी अध्यक्ष एवं एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने की। इस दौरान एसडीएम ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बाढ़ से बदला रिवर लेवल, डेंजर जोन को नए सिरे से स्थापित करने की तैयारी बैठक के दौरान एनएचपीसी के महाप्रबंधकों ने पिछले दो वर्षों में हुई प्रगति का ब्योरा साझा किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बाढ़ के चलते नदी का जलस्तर (रिवर लेवल) ऊपर उठ गया है, जिससे पूर्व में निर्धारित 'डेंजर जोन' की सीमाओं में बदलाव आया है। एनएचपीसी ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में तकनीकी कार्य पूरा कर लिया गया है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही प्रशासन को सौंप दी जाएगी। एसडीएम के कड़े निर्देश: सरकार को भेजी जाएगी पूरी रिपोर्ट एसडीएम पंकज शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस मामले से जुड़ी तमाम औपचारिकताओं और कागजी कार्रवाई को तत्काल पूरा करें। उन्होंने कहा कि: प्रशासन डेंजर जोन की सटीक रिपोर्ट तैयार कर जल्द प्रदेश सरकार को भेजेगा। स्थानीय लोगों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है। डेंजर जोन में आने वाली जमीनों, मार्केट और घरों के अधिग्रहण को लेकर सरकार के समक्ष ठोस पैरवी की जाएगी। जल्द कार्रवाई का आश्वासन अधिकारियों से जवाबदेही मांगने के बाद एसडीएम ने स्पष्ट किया कि एनएचपीसी की रिपोर्ट आते ही प्रशासन आगामी कार्रवाई शुरू कर देगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रभावितों की मांगों और सुरक्षा के बीच एक पारदर्शी रिपोर्ट तैयार करना है ताकि सैंज वासियों के हितों की रक्षा हो सके।1