उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है। जिलेभर में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान कुल 678 शस्त्र लाइसेंसों की गहनता से जांच की गई, जिनमें से 626 का सत्यापन पूरा हो चुका है। इस जांच के दौरान कुल 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 94 संदिग्ध लाइसेंस अपने कब्जे में ले लिए और इनसे संबंधित 119 हथियारों को संबंधित थानों में जमा करा दिया है। यह बड़ी कार्रवाई कुंडा थाना क्षेत्र में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। जांच में सामने आया कि बाहरी राज्यों और गैर जनपदों से संदिग्ध तरीके से बनाए गए लाइसेंसों के आधार पर हथियारों की खरीद की गई थी। कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक 39 संदिग्ध लाइसेंस बाजपुर क्षेत्र में मिले हैं, जबकि केलाखेड़ा, गदरपुर, सितारगंज, कुंडा, काशीपुर और जसपुर में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है। इस मामले में एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि फर्जी या नियम विरुद्ध शस्त्र लाइसेंस रखने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है। जिलेभर में चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान कुल 678 शस्त्र लाइसेंसों की गहनता से जांच की गई, जिनमें से 626 का सत्यापन पूरा हो चुका है। इस जांच के दौरान कुल 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 94 संदिग्ध लाइसेंस अपने कब्जे में ले लिए और इनसे संबंधित 119 हथियारों को संबंधित थानों में जमा करा दिया है। यह बड़ी कार्रवाई कुंडा थाना क्षेत्र में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। जांच में सामने आया कि बाहरी राज्यों और गैर जनपदों से संदिग्ध तरीके से बनाए गए लाइसेंसों के आधार पर हथियारों की खरीद की गई थी। कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक 39 संदिग्ध लाइसेंस बाजपुर क्षेत्र में मिले हैं, जबकि केलाखेड़ा, गदरपुर, सितारगंज, कुंडा, काशीपुर और जसपुर में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है। इस मामले में एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि फर्जी या नियम विरुद्ध शस्त्र लाइसेंस रखने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तराखण्ड के लिए नए विजन को लेकर सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी से 'सिस्टम बनाम समाधान' और 'आईआईटी से पॉलिसी तक' के विषय पर बातचीत की गई है। इस चर्चा में विशेष रूप से चकबंदी के महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया गया है। इसके साथ ही, राज्य में प्लानिंग या प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े करते हुए उत्तराखण्ड की सच्ची ज़रूरतों पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया है।1
- हरिद्वार में कांवड़ मेला-2026 के मद्देनजर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने मंगलवार को मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने तैयारियों और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मनसा देवी हिल बाईपास, मोतीचूर, भूपतवाला, सप्तऋषि आश्रम, पंतद्वीप, लालजीवाला, चंडी चौक, नजीबाबाद रोड, गौरीशंकर और नमामि गंगे घाट सहित प्रमुख स्थलों का दौरा कर कांवड़ यात्रियों के मार्ग, भीड़ और यातायात प्रबंधन, सड़क मरम्मत, पेयजल, स्वच्छता व अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कांवड़ यात्रा मार्ग को सुरक्षित, सुगम और पूरी तरह से गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन और रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्यों से यात्रा मार्ग पर कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 25 जुलाई तक युद्धस्तर पर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएं। समयबद्धता और गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने मेले के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान एसपी ट्रैफिक निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा, सीओ ट्रैफिक बिपेंदर सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर संदीप, सीपीयू इंचार्ज हितेश, एसएचओ नगर कोतवाली कुंदन सिंह राणा, एसएचओ श्यामपुर नितेश शर्मा सहित एनएचएआई के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- हरिद्वार पुलिस ने लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वाले एक बुलेट चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चलाया जा रहा 'ऑपरेशन प्रहार' लगातार कामयाब साबित हो रहा है।1
- टिहरी गढ़वाल के कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। इसी क्रम में, उत्तराखंड अल्ट्रासाउंड, घनसाली के निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने और संचालक रविंद्र बिष्ट के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी ने इस केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं, जबकि स्मृति नर्सिंग होम, घनसाली का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने जानकारी दी कि जनपद में वर्तमान में कुल आठ पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं, जिनमें छह शासकीय और दो निजी केंद्र शामिल हैं। इन सभी मशीनों में एक्टिव ट्रैकर स्थापित कर नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 से जून 2026 के मध्य जनपद में कुल 2,177 अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए गए हैं। इसके अलावा, प्रतापनगर, थौलधार एवं भिलंगना विकासखंडों में अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को विशेष निगरानी और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान पीसीपीएनडीटी मुखबिर योजना की समीक्षा करते हुए जिला समन्वयक तनुजा रावत ने बताया कि अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. चंदन कुमार, डीजीसी स्वराज सिंह पंवार, समिति सदस्य सुशील कुमार बहुगुणा, मनोज नकोटी और जगदीश बडोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- ईंधन की बढ़ती कीमतों, पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) नीति और महंगाई के विरोध में विभिन्न संगठनों ने 15 जुलाई 2026 को भारत बंद का आह्वान किया है। इस राष्ट्रव्यापी बंद के तहत किसान संगठनों, युवाओं और ट्रांसपोर्टरों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और चक्का जाम करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि E20 नीति लागू होने से वाहनों के माइलेज में कमी आ रही है और उनके इंजन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई राहत प्रदान नहीं कर रही है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक न पहुंचाए जाने को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। दूसरी ओर, इन दावों पर सरकार का दृष्टिकोण बिल्कुल अलग है। सरकार की ओर से E20 नीति का बचाव करते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयातित तेल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।1
- देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र के अंतर्गत ऋषिकेश-भानियावाला सात मोड़ पर पेड़ों की कटाई के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध-प्रदर्शन में उक्रांद नेता सौम्य पहाड़ी, संजय चौधरी, प्रमिला भंडारी और शैलेंद्र गुसाईं सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए और पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ऋषिकेश पुलिस द्वारा कई आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिए जाने से मौके पर कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। "पेड़ बचाओ, पर्यावरण बचाओ" के नारों के साथ उक्रांद ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ों की कटाई तुरंत नहीं रोकी गई तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- उत्तराखंड के विकास और प्राथमिकताओं को लेकर 'सिस्टम बनाम समाधान' की बहस के बीच राज्य की वास्तविक जरूरतों को रेखांकित किया गया है। सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने इस गंभीर विषय पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की असल जरूरतें क्या हैं। इस चर्चा में यह अहम सवाल उठाया गया है कि राज्य को इस समय बेहतर प्लानिंग (योजना) की आवश्यकता है या फिर प्रदर्शन की, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाजें उठ रही हैं।1
- हरिद्वार पुलिस ने ग्राम बूढ़पुर जट्ट में हुई गोलीकांड की घटना का सफल अनावरण करते हुए हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था, वे पूरी तरह निर्दोष थे। वास्तविकता यह निकली कि मृतक के साथ मौजूद उसके तीन साथियों ने ही घटना के बाद पुरानी रंजिश के चलते अन्य व्यक्तियों को झूठा फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है। यह मामला दिनांक 11.07.2026 की शाम का है, जब पुलिस को ग्राम बूढ़पुर जट्ट स्थित एक खेत में युवक को गोली लगने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायल सौरभ (पुत्र राजेन्द्र, निवासी बूढ़पुर जट्ट) को अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतक के पिता राजेन्द्र कुमार की तहरीर पर कोतवाली मंगलौर में रोबिन, अनुज और प्रदुमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। चूंकि यह क्षेत्र उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ था, इसलिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों के बयान लिए, तो साक्ष्य शुरुआती तहरीर से मेल नहीं खाए, जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। गहन पूछताछ में पुलिस के सामने सच्चाई आई कि मृतक सौरभ और उसके साथी पुरानी रंजिश के कारण मुजफ्फरनगर के ग्राम शकरपुर के कुछ लोगों से विवाद रखते थे। घटना के दिन मृतक अपने साथियों के साथ एक अवैध तमंचा लेकर बूढ़पुर जट्ट पहुंचा था, जहां तमंचे को खोलकर जांचने के दौरान अचानक गोली चल गई, जो सीधे सौरभ को लग गई। उसकी मौत के बाद उसके साथियों ने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए अनुज, रोबिन और प्रदुमन को फंसाने की योजना बनाई और पुलिस को झूठी सूचना दी। पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना के आधार पर इस झूठी कहानी का भंडाफोड़ करते हुए घटनास्थल पर मौजूद सुमित (निवासी शकरपुर, मुजफ्फरनगर), डिम्पल और आशीष (दोनों निवासी मोहम्मदपुर जट्ट) को हिरासत में लिया है। विवेचना में तथ्य स्पष्ट होने के बाद मामले में गैर-इरादतन हत्या की धाराएं शामिल की गई हैं और आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।1