“दहेज की बलि चढ़ी राजसमंद की बेटी: भीलवाड़ा में संदिग्ध मौत, जहर देकर हत्या का आरोप!” भीलवाड़ा / राजसमंद | रिपोर्ट राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के काछोला थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां राजसमंद की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। 📌 क्या है पूरा मामला? मोही (राजसमंद) निवासी कैलाश चन्द्र आचार्य ने काछोला थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री उमा उर्फ उर्मिला आचार्य का विवाह काछोला निवासी जानकी लाल आचार्य के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। 💰 5 लाख रुपये की मांग, प्रताड़ना का आरोप परिजनों के अनुसार— पति जानकी लाल ससुर देवकिशन सास नर्बदा लगातार 5 लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। इतना ही नहीं, पति द्वारा अन्य महिलाओं से संबंध होने की बात कहकर भी मृतका को धमकाया जाता था। ⚠️ मौत से पहले क्या हुआ? 23 अप्रैल सुबह 4 बजे ससुराल पक्ष ने फोन कर उर्मिला की तबीयत खराब होने की सूचना दी परिजन जब महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा पहुंचे तो उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी परिजनों का आरोप है कि— 👉 22 अप्रैल को ही उर्मिला को जहर दिया गया था 👉 हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर बड़े अस्पताल नहीं ले जाया गया 💍 स्त्रीधन और जेवरात भी गायब परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मृतका का स्त्रीधन और जेवरात ससुराल पक्ष के पास ही हैं। 👮 पुलिस क्या कह रही है? काछोला थाना पुलिस के अनुसार— ✔️ शिकायत दर्ज कर ली गई है ✔️ मामले की जांच जारी है ✔️ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी 🚨 परिजनों की मांग: पीड़ित पिता ने आरोपियों के खिलाफ: सख्त कानूनी कार्रवाई तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, जहां एक बेटी की जिंदगी इसकी भेंट चढ़ गई। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
“दहेज की बलि चढ़ी राजसमंद की बेटी: भीलवाड़ा में संदिग्ध मौत, जहर देकर हत्या का आरोप!” भीलवाड़ा / राजसमंद | रिपोर्ट राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के काछोला थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां राजसमंद की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। 📌 क्या है पूरा मामला? मोही (राजसमंद) निवासी कैलाश चन्द्र आचार्य ने काछोला थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री उमा उर्फ उर्मिला आचार्य का विवाह काछोला निवासी जानकी लाल आचार्य के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। 💰 5 लाख रुपये की मांग, प्रताड़ना का आरोप परिजनों के अनुसार— पति जानकी लाल ससुर देवकिशन सास नर्बदा लगातार 5 लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। इतना ही नहीं, पति द्वारा अन्य महिलाओं से संबंध होने की बात कहकर भी मृतका को धमकाया जाता था। ⚠️ मौत से पहले क्या हुआ? 23 अप्रैल सुबह 4 बजे ससुराल पक्ष ने फोन कर उर्मिला की तबीयत खराब होने की सूचना दी परिजन जब महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा पहुंचे तो उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी परिजनों का आरोप है कि— 👉 22 अप्रैल को ही उर्मिला को जहर दिया गया था 👉 हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर बड़े अस्पताल नहीं ले जाया गया 💍 स्त्रीधन और जेवरात भी गायब परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मृतका का स्त्रीधन और जेवरात ससुराल पक्ष के पास ही हैं। 👮 पुलिस क्या कह रही है? काछोला थाना पुलिस के अनुसार— ✔️ शिकायत दर्ज कर ली गई है ✔️ मामले की जांच जारी है ✔️ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी 🚨 परिजनों की मांग: पीड़ित पिता ने आरोपियों के खिलाफ: सख्त कानूनी कार्रवाई तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, जहां एक बेटी की जिंदगी इसकी भेंट चढ़ गई। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
- भीलवाड़ा / राजसमंद | रिपोर्ट राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के काछोला थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां राजसमंद की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। 📌 क्या है पूरा मामला? मोही (राजसमंद) निवासी कैलाश चन्द्र आचार्य ने काछोला थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री उमा उर्फ उर्मिला आचार्य का विवाह काछोला निवासी जानकी लाल आचार्य के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। 💰 5 लाख रुपये की मांग, प्रताड़ना का आरोप परिजनों के अनुसार— पति जानकी लाल ससुर देवकिशन सास नर्बदा लगातार 5 लाख रुपये लाने का दबाव बना रहे थे। इतना ही नहीं, पति द्वारा अन्य महिलाओं से संबंध होने की बात कहकर भी मृतका को धमकाया जाता था। ⚠️ मौत से पहले क्या हुआ? 23 अप्रैल सुबह 4 बजे ससुराल पक्ष ने फोन कर उर्मिला की तबीयत खराब होने की सूचना दी परिजन जब महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा पहुंचे तो उनकी बेटी की मौत हो चुकी थी परिजनों का आरोप है कि— 👉 22 अप्रैल को ही उर्मिला को जहर दिया गया था 👉 हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर बड़े अस्पताल नहीं ले जाया गया 💍 स्त्रीधन और जेवरात भी गायब परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मृतका का स्त्रीधन और जेवरात ससुराल पक्ष के पास ही हैं। 👮 पुलिस क्या कह रही है? काछोला थाना पुलिस के अनुसार— ✔️ शिकायत दर्ज कर ली गई है ✔️ मामले की जांच जारी है ✔️ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी 🚨 परिजनों की मांग: पीड़ित पिता ने आरोपियों के खिलाफ: सख्त कानूनी कार्रवाई तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, जहां एक बेटी की जिंदगी इसकी भेंट चढ़ गई। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में हरावल स्मृति संस्थान के तत्वावधान में शुक्रवार को वैशाख सुदी अष्टमी के पावन अवसर पर हरावल युद्ध की पुण्यस्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर वल्लभनगर के मुख्य बाजार स्थित जेता सिंहजी चुंडावत की छतरी पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीरों के बलिदान को नमन किया गया। इतिहासकारों के अनुसार, यह युद्ध मेवाड़ के महाराणा अमर सिंह के शासनकाल का एक स्वर्णिम अध्याय है। विक्रम संवत 1656 में वैशाख सुदी अष्टमी के दिन ही उंठाला दुर्ग स्थित मुगल चौकी को जीतने के लिए चुंडावतों और शक्तावतों के बीच 'हरावल की होड़' (युद्ध में सबसे आगे रहने की प्रतिस्पर्धा) हुई थी।1
- तरुण जोशी राजसमंद 9414 239 644 Story Headline अज्ञात वाहन की टक्कर से मादा पैंथर की मौत, ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर, पैंथर के शॉप पर टक्कर के निशान मिलने से दुर्घटना की पुष्टि, वन विभाग ने मेडिकल बोर्ड गठन के बाद करवाया शव का पोस्टमार्टम, Story In Detil एंकर - राजसमंद के केलवा थाना सर्कल में एनएच-8 गोमती-उदयपुर फोरलेन पर मोखमपुरा के पास एक मादा लेपर्ड का शव मिला। सड़क किनारे मिले इस शव की सूचना ग्रामीणों ने हेल्पलाइन नंबर पर दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।राजसमंद रेंजर लादूलाल शर्मा अपनी रेस्क्यू टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का मुआयना किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लेपर्ड का शव सड़क किनारे राजसमंद से केलवा जाने वाली साइड पर पड़ा था। वन विभाग ने पंचनामा बनाकर शव को पिपरड़ा स्थित नर्सरी में भिजवाया।जहां पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। प्रथम दृष्टया लेपर्ड के सिर में गंभीर चोट मिलने से उसकी मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से होना माना जा रहा है।मृत लेपर्ड की उम्र करीब 3 से 4 वर्ष बताई गई है। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। जानकारी के अनुसार मोखमपुरा क्षेत्र के आसपास मार्बल डंपिंग यार्ड में लेपर्ड की आवाजाही रहती है। आशंका जताई जा रही है कि पानी की तलाश में लेपर्ड सड़क पर आ गया, जिससे यह हादसा हुआ।3
- राजसमंद:-कांकरोली थाना सर्कल के राज्यावास में चोरी की नीयत से घुसे संदिग्ध तीन युवक चढ़े ग्रामीणों के हत्थे,ग्रामीणों ने की जमकर धुनाई लहूलुहान हालात में तीनों को कांकरोली पुलिस को सौंपा,पुलिस तीनो से कर रही पूछताछ1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- राजस्थान के सिरोही जिला के रोहिड़ा थाना क्षेत्र के भारजा गाँव स्थित मेघवाल वास में एक किराना दुकान में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। घटना के दौरान दुकान मालिक भी आग की चपेट में आकर झुलस गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लेने से आसपास के घरों को बड़ी क्षति होने से बचा लिया गया। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- *सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर* *सांडेराव-पाली सांडेराव बस स्टैंड के पास मुख्य सड़क पर फुटपाथ की बदहाली ग्रामीणों और यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। विकास कार्यों या पाइपलाइन डालने के नाम पर यहाँ का पुराना फुटपाथ तो तोड़ दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नया फुटपाथ नहीं बनाया गया है। *सड़क पर चलने की मजबूरी, हादसों का डर* बस स्टैंड क्षेत्र होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे यात्रियों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। फुटपाथ टूटा होने के कारण यात्रियों को बस से उतरते ही मुख्य सड़क पर आना पड़ता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे मलबा और गड्ढे होने की वजह से कई बार दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। *धूल और कीचड़ से बढ़ी परेशानी* फुटपाथ के अभाव में किनारे की मिट्टी अब मुख्य सड़क पर आ रही है, जिससे हल्की बारिश में कीचड़ और सूखे मौसम में धूल के गुबार उड़ते हैं। बस स्टैंड के पास स्थित दुकानदारों का व्यापार भी इससे प्रभावित हो रहा है। *ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सांडेराव बस स्टैंड के इस मुख्य मार्ग पर फुटपाथ का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।2
- उदयपुर जिले के छोटा गुड़ा में वैष्णव बैरागी सेवा संस्थान एवं समाज के संयुक्त तत्वावधान में आगामी नवंबर माह में आयोजित होने वाले 'तृतीय आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन' की तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भगवान शालिग्राम और माता तुलसा की सगाई दस्तूर का कार्यक्रम समाज के प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस मांगलिक अवसर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधने वाले समाज के चार वर-वधु जोड़ों का पंजीयन भी किया गया। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज में फिजूलखर्ची रोकने और एकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के मुख्य आकर्षण 'तुलसी विवाह' की जिम्मेदारी भी तय की गई है।1