सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश मुख्य मार्ग पर फुटपाथ टूटा राहगीरों का जान जोखिम में डाल ने को मजबूत *सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर* *सांडेराव-पाली सांडेराव बस स्टैंड के पास मुख्य सड़क पर फुटपाथ की बदहाली ग्रामीणों और यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। विकास कार्यों या पाइपलाइन डालने के नाम पर यहाँ का पुराना फुटपाथ तो तोड़ दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नया फुटपाथ नहीं बनाया गया है। *सड़क पर चलने की मजबूरी, हादसों का डर* बस स्टैंड क्षेत्र होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे यात्रियों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। फुटपाथ टूटा होने के कारण यात्रियों को बस से उतरते ही मुख्य सड़क पर आना पड़ता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे मलबा और गड्ढे होने की वजह से कई बार दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। *धूल और कीचड़ से बढ़ी परेशानी* फुटपाथ के अभाव में किनारे की मिट्टी अब मुख्य सड़क पर आ रही है, जिससे हल्की बारिश में कीचड़ और सूखे मौसम में धूल के गुबार उड़ते हैं। बस स्टैंड के पास स्थित दुकानदारों का व्यापार भी इससे प्रभावित हो रहा है। *ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सांडेराव बस स्टैंड के इस मुख्य मार्ग पर फुटपाथ का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश मुख्य मार्ग पर फुटपाथ टूटा राहगीरों का जान जोखिम में डाल ने को मजबूत *सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर* *सांडेराव-पाली सांडेराव बस स्टैंड के पास मुख्य सड़क पर फुटपाथ की बदहाली ग्रामीणों और यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। विकास कार्यों या पाइपलाइन डालने के नाम पर यहाँ का पुराना फुटपाथ तो तोड़ दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नया फुटपाथ नहीं बनाया गया है। *सड़क पर चलने की मजबूरी, हादसों का डर* बस स्टैंड क्षेत्र होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे यात्रियों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। फुटपाथ टूटा होने के कारण यात्रियों को बस से उतरते ही मुख्य सड़क पर आना पड़ता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और
बुजुर्गों के लिए यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे मलबा और गड्ढे होने की वजह से कई बार दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। *धूल और कीचड़ से बढ़ी परेशानी* फुटपाथ के अभाव में किनारे की मिट्टी अब मुख्य सड़क पर आ रही है, जिससे हल्की बारिश में कीचड़ और सूखे मौसम में धूल के गुबार उड़ते हैं। बस स्टैंड के पास स्थित दुकानदारों का व्यापार भी इससे प्रभावित हो रहा है। *ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सांडेराव बस स्टैंड के इस मुख्य मार्ग पर फुटपाथ का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
- फालना पुलिस थाना क्षेत्र के विजयनगर स्थित एक गैराज में 19 वर्षीय युवक प्रवीण जोगी की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और समाज बंधु मौके पर धरने पर बैठ गए। जानकारी के अनुसार, प्रवीण जोगी रिक्शा धुलवाने के लिए रफीक खान उर्फ पप्पू भाई के गैराज में आया था, जहां उसकी अचानक मौत हो गई। परिजनों ने मौत के कारणों पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, प्रवीण के परिवारजनों ने उदयपुर हाईवे पर पहुंचकर सड़क जाम करने का प्रयास किया। फालना पुलिस थाना अधिकारी विक्रम सिंह संधू के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क जाम खुलवाया। पुलिस के समझाने के बाद भी परिजन और समाज बंधु गैराज लौट आए और युवक के शव के साथ मौके पर ही धरने पर बैठ गए। फिलहाल, युवक की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। स्थिति को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। घटना की सूचना पर कालबेलिया घुमंतु अर्ध घुमंतु विमुक्त जाति परिषद प्रदेश अध्यक्ष रतन नाथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद परिवार से मुलाकात की। इसके बाद रतन नाथ ने पुलिस के अधिकारियों से मामले को लेकर जल्द खुलासे की मांग रखी। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। देर शाम तक परिवारजन घटनास्थल पर ही शव को लेकर दे रहे हैं धरना1
- शिवगंज सुमेरपुर आज दिनांक 24 अप्रैल 2026 को सुमेरपुर के अयोध्या पुरम में नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के लीडर्स नारायण लाल चौधरी के नवीन गृह प्रवेश के अवसर पर पहुंचे रस कार्यकर्ता सुमेरपुर पहुंचने के बाद नारायण चौधरी का पुष्पमाला एवं साफा बनाकर स्वागत किया गया वहीं उपस्थित सदस्यों ने नवीन गृह प्रवेश की बधाई दी हम आपको बता दें कि नारायण चौधरी नेटवर्क मार्केटिंग के लीडर ही नहीं समाजसेवी भी है उनके समाजसेवा के कार्यों को देखते हुए सैकड़ो की संख्या में लोग गृह प्रवेश से मौके पर पहुंचे एवं बधाई दी3
- पाली जाड़न टोल के पास जंगल में मिला 10 दिन पुराना कंकाल, सिर नोचा1
- मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली, 24 अप्रैल। नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पाली शहर में शुक्रवार को संभावित हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान बांगड़ महाविद्यालय में एयर स्ट्राइक की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, सिविल डिफेंस, मेडिकल एवं अन्य संबंधित टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। सभी ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। अभ्यास में लगभग 25 घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया, जिन्हें मौके से स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही और सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और नागरिकों में विश्वास उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से न केवल प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है। मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, क्यूआरटी एवं एम्बुलेंस सेवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समयबद्ध प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया। पाली शहर में रात्रि 7:30 बजे से 7:40 बजे तक 10 का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व मकानों में दस मिनट के अंधेरा रहा। इस दौरान आमजन का पूरा सहयोग रहा।1
- तरुण जोशी राजसमंद 9414 239 644 Story Headline अज्ञात वाहन की टक्कर से मादा पैंथर की मौत, ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर, पैंथर के शॉप पर टक्कर के निशान मिलने से दुर्घटना की पुष्टि, वन विभाग ने मेडिकल बोर्ड गठन के बाद करवाया शव का पोस्टमार्टम, Story In Detil एंकर - राजसमंद के केलवा थाना सर्कल में एनएच-8 गोमती-उदयपुर फोरलेन पर मोखमपुरा के पास एक मादा लेपर्ड का शव मिला। सड़क किनारे मिले इस शव की सूचना ग्रामीणों ने हेल्पलाइन नंबर पर दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।राजसमंद रेंजर लादूलाल शर्मा अपनी रेस्क्यू टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का मुआयना किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लेपर्ड का शव सड़क किनारे राजसमंद से केलवा जाने वाली साइड पर पड़ा था। वन विभाग ने पंचनामा बनाकर शव को पिपरड़ा स्थित नर्सरी में भिजवाया।जहां पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। प्रथम दृष्टया लेपर्ड के सिर में गंभीर चोट मिलने से उसकी मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से होना माना जा रहा है।मृत लेपर्ड की उम्र करीब 3 से 4 वर्ष बताई गई है। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। जानकारी के अनुसार मोखमपुरा क्षेत्र के आसपास मार्बल डंपिंग यार्ड में लेपर्ड की आवाजाही रहती है। आशंका जताई जा रही है कि पानी की तलाश में लेपर्ड सड़क पर आ गया, जिससे यह हादसा हुआ।3
- पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने सभी पाली वासियों से अनुरोध अपील की है कि भारत की जनगणना -2027 एक प्रशासनिक दायित्व नहीं है- यह राष्ट्र निर्माण की वह आधार शिला है, जिस पर भविष्य की समस्त विकास योजनायें सामाजिक न्याय की नीतियां एवं संसाधनों का न्यायसंगत वितरण आधारित होता है। उन्होंने कहा कि हमारी जनगणना, हमारा विकास, जनगणना आंकडों का निर्धारण विकसित राजस्थान 2047 में विशेष योगदान रहेगा। जनगणना-2027 देष की प्रथम पूर्णतः डिजिटल जनगणना के रूप में, हमे एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत निवासी अपने परिवार संबंधी विवरण को स्वयं ऑनलाईन भरकर प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य क्षेत्र के लिए अधिसूचित अवधि दिनांक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक निर्धारित र्हैं जो अधिकारिक पोर्टल मकानसूचीकरण एवं मकानों की स्व-गणना पोर्टल सक्रिय रहेगा। इस प्रक्रिया में लगभग 15 मिनिट का समय लगेगा। आपसे अनुरोध है कि आप 01 मई 2026 से एस.ई. पोर्टल पर अपने परिवार संबंधी विवरण को स्वयं ऑनलाईन भरकर जनगणना कार्य में सहयोग प्रदान करने की अपील की।1
- फालना के विजयनगर गैराज में युवक की मौत, खुलासे की मांग पर परिजनों ने शव लेने से किया इनकार। फालना। फालना पुलिस थाना क्षेत्र के विजयनगर स्थित एक गैराज में गुरुवार दोपहर 19 वर्षीय युवक प्रवीण जोगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजन और समाज बंधुओं में आक्रोश फैल गया तथा उन्होंने मौके पर धरना शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार प्रवीण जोगी रिक्शा धुलवाने के लिए रफीक खान उर्फ पप्पू भाई के गैराज में आया था, जहां उसकी अचानक मौत हो गई। युवक की मौत के कारणों को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए और मामले के खुलासे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के दौरान परिजन उदयपुर हाईवे पहुंचे और सड़क जाम करने का प्रयास किया। सूचना पर फालना थानाधिकारी विक्रम सिंह संधू के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और समझाइश के बाद जाम खुलवाया। इसके बाद भी परिजन और समाज बंधु शांत नहीं हुए तथा युवक के शव के साथ दोबारा गैराज पहुंचकर धरने पर बैठ गए। देर रात प्रशासन और परिवारजनों के बीच बातचीत के बाद शव को खुडाला स्थित सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में लाया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। मेडिकल बोर्ड में चिकित्सक अशोक बीसलपुर, शुभाशु सुथार और अनिल मीणा शामिल रहे। इसके बावजूद परिजन और समाज बंधुओं ने मामले का खुलासा नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और समाज प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन देर शाम तक मामला सुलझ नहीं पाया। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में समाज बंधु और परिवारजन मौजूद रहे। घटना के बाद जिस गैराज में युवक की मौत हुई, उस पूरे क्षेत्र को प्रशासन ने सील कर दिया है तथा वहां पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। मौके पर डिप्टी जितेन्द्र सिंह (सुमेरपुर), बाली तहसीलदार जितेंद्र सिंह, बाली थाना अधिकारी प्रभात सिंह, फालना थानाधिकारी विक्रम सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। फालना थानाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।2
- शिवगंज के नया बस स्टैंड का मामला नया बस स्टैंड के बाहर व्यापारियों ने अतिक्रमण कर रखा है अपनी दुकान से 20 फुट पर डिस्प्ले में सामान रखने से रोड पर यातायात बाधित हो रहा है जिसे लेकर कई बार समाचार पत्रों में खबर लगी लेकिन पालिका परिषद एवं पुलिस प्रशासन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा कई बार यहां पर हादसे हो चुके हैं पुलिस प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है बताया जा रहा है कि दुकानदारों ने अपने दुकान के बाहर ठेले करने वालों से महीने का 10 से 12000 किराया वसूल किया जा रहा है पालिका प्रशासनदेखि अनदेखी कर रहा है, दूसरी और सिरोही के नए जिला कलेक्टर तोमर कई शिकायत का तुरंत दीवाना कर रहे हैं ऐसे में जिला कलेक्टर कोशीगंज के हर डिपार्टमेंट की जांच करनी चाहिए एवं व्यवस्था पर भी ध्यान रखना चाहिए2
- पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पाली शहर में शुक्रवार को संभावित हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान बांगड़ महाविद्यालय में एयर स्ट्राइक की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, सिविल डिफेंस, मेडिकल एवं अन्य संबंधित टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। सभी ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। अभ्यास में लगभग 25 घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया, जिन्हें मौके से स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही और सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और नागरिकों में विश्वास उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से न केवल प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है। मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, क्यूआरटी एवं एम्बुलेंस सेवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समयबद्ध प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया। पाली शहर में रात्रि 7:30 बजे से 7:40 बजे तक 10 का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व मकानों में दस मिनट के अंधेरा रहा। इस दौरान आमजन का पूरा सहयोग रहा।1