एयर स्ट्राईक की मॉक ड्रिल,जिला कलक्टर डॉ गोस्वामी, सभी अधिकारी पहुंचे मौके पर पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पाली शहर में शुक्रवार को संभावित हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान बांगड़ महाविद्यालय में एयर स्ट्राइक की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, सिविल डिफेंस, मेडिकल एवं अन्य संबंधित टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। सभी ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। अभ्यास में लगभग 25 घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया, जिन्हें मौके से स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही और सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और नागरिकों में विश्वास उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से न केवल प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है। मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, क्यूआरटी एवं एम्बुलेंस सेवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समयबद्ध प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया। पाली शहर में रात्रि 7:30 बजे से 7:40 बजे तक 10 का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व मकानों में दस मिनट के अंधेरा रहा। इस दौरान आमजन का पूरा सहयोग रहा।
एयर स्ट्राईक की मॉक ड्रिल,जिला कलक्टर डॉ गोस्वामी, सभी अधिकारी पहुंचे मौके पर पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पाली शहर में शुक्रवार को संभावित हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान बांगड़ महाविद्यालय में एयर स्ट्राइक की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, सिविल डिफेंस, मेडिकल एवं अन्य संबंधित टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। सभी ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। अभ्यास में लगभग 25 घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया, जिन्हें मौके से स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही और सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और नागरिकों में विश्वास उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से न केवल प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है। मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, क्यूआरटी एवं एम्बुलेंस सेवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समयबद्ध प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया। पाली शहर में रात्रि 7:30 बजे से 7:40 बजे तक 10 का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व मकानों में दस मिनट के अंधेरा रहा। इस दौरान आमजन का पूरा सहयोग रहा।
- मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली, 24 अप्रैल। नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पाली शहर में शुक्रवार को संभावित हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान बांगड़ महाविद्यालय में एयर स्ट्राइक की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, सिविल डिफेंस, मेडिकल एवं अन्य संबंधित टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। सभी ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। अभ्यास में लगभग 25 घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया, जिन्हें मौके से स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही और सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और नागरिकों में विश्वास उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से न केवल प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है। मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, क्यूआरटी एवं एम्बुलेंस सेवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समयबद्ध प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया। पाली शहर में रात्रि 7:30 बजे से 7:40 बजे तक 10 का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व मकानों में दस मिनट के अंधेरा रहा। इस दौरान आमजन का पूरा सहयोग रहा।1
- पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने सभी पाली वासियों से अनुरोध अपील की है कि भारत की जनगणना -2027 एक प्रशासनिक दायित्व नहीं है- यह राष्ट्र निर्माण की वह आधार शिला है, जिस पर भविष्य की समस्त विकास योजनायें सामाजिक न्याय की नीतियां एवं संसाधनों का न्यायसंगत वितरण आधारित होता है। उन्होंने कहा कि हमारी जनगणना, हमारा विकास, जनगणना आंकडों का निर्धारण विकसित राजस्थान 2047 में विशेष योगदान रहेगा। जनगणना-2027 देष की प्रथम पूर्णतः डिजिटल जनगणना के रूप में, हमे एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत निवासी अपने परिवार संबंधी विवरण को स्वयं ऑनलाईन भरकर प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य क्षेत्र के लिए अधिसूचित अवधि दिनांक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक निर्धारित र्हैं जो अधिकारिक पोर्टल मकानसूचीकरण एवं मकानों की स्व-गणना पोर्टल सक्रिय रहेगा। इस प्रक्रिया में लगभग 15 मिनिट का समय लगेगा। आपसे अनुरोध है कि आप 01 मई 2026 से एस.ई. पोर्टल पर अपने परिवार संबंधी विवरण को स्वयं ऑनलाईन भरकर जनगणना कार्य में सहयोग प्रदान करने की अपील की।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- गुरुजन करेंगे अपने प्रवचनो से मंत्रमुग्ध समिलित होगी प्रदेशभर की पालीवाल ब्रह्मण समाज3
- *गौमाता जी को राष्ट्रीय गौमाता घोषित करवाने हेतु* *गौ सम्मान आवाह्न अभियान* *27 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे पाली तहसील कार्यालय आने के लिए* *हस्ताक्षर करवा कर आमंत्रण दिया* *धन्यवाद पुखराज जी महेश्वरी साहब* *आपने आपकी फैक्ट्री व आस - पास के 50 लोगों के हस्ताक्षर करवाए* *7073274011 महावीर जैन पाली*1
- रिपोर्टर भरत जीनगर रानी स्टेशन। रानी कस्बे के रानी गांव स्थित न्यू मामाजी टेंट हाउस के गोदाम में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में गोदाम में रखा टेंट का अधिकांश सामान जलकर राख हो गया इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह गोदाम से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास शुरू किया आग तेजी से फैलती जा रही थी जिससे स्थिति गंभीर हो गई घटना की जानकारी मिलते ही सीआई आनंद कुमार पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे वहीं रानी फालना और सादड़ी से दमकल की गाड़ियों को भी बुलाया गया दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया इस दौरान टेंट हाउस के मालिक कमलेश कुमार घटना से घबरा कर बेहोश हो गए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अपने वाहन से तुरंत रानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी पहुंचाया जहां उनका उपचार किया गया आग बुझाने में स्थानीय लोगों ने भी भरपूर सहयोग किया मौके पर प्रशासक गुलाब सिंह पूर्व पंचायत समिति सदस्य हनुमान सिंह पूर्व सरपंच नरेश आगरी पुलिस कांस्टेबल विजेंद्र कुमार पवन कुमार सहित अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है इस घटना ने क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं1
- *सांडेराव बस स्टैंड पर विकास के नाम पर विनाश: मुख्य मार्ग का फुटपाथ टूटा, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर* *सांडेराव-पाली सांडेराव बस स्टैंड के पास मुख्य सड़क पर फुटपाथ की बदहाली ग्रामीणों और यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। विकास कार्यों या पाइपलाइन डालने के नाम पर यहाँ का पुराना फुटपाथ तो तोड़ दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी नया फुटपाथ नहीं बनाया गया है। *सड़क पर चलने की मजबूरी, हादसों का डर* बस स्टैंड क्षेत्र होने के कारण यहाँ चौबीसों घंटे यात्रियों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। फुटपाथ टूटा होने के कारण यात्रियों को बस से उतरते ही मुख्य सड़क पर आना पड़ता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे मलबा और गड्ढे होने की वजह से कई बार दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। *धूल और कीचड़ से बढ़ी परेशानी* फुटपाथ के अभाव में किनारे की मिट्टी अब मुख्य सड़क पर आ रही है, जिससे हल्की बारिश में कीचड़ और सूखे मौसम में धूल के गुबार उड़ते हैं। बस स्टैंड के पास स्थित दुकानदारों का व्यापार भी इससे प्रभावित हो रहा है। *ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सांडेराव बस स्टैंड के इस मुख्य मार्ग पर फुटपाथ का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।2
- पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़। नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पाली शहर में शुक्रवार को संभावित हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखना तथा आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान बांगड़ महाविद्यालय में एयर स्ट्राइक की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, सिविल डिफेंस, मेडिकल एवं अन्य संबंधित टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। सभी ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। अभ्यास में लगभग 25 घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया, जिन्हें मौके से स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाकर अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बांगड़ चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। मौके पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती रही और सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखना और नागरिकों में विश्वास उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से न केवल प्रशासन की तैयारी मजबूत होती है, बल्कि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकती है। मॉक ड्रिल में पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, क्यूआरटी एवं एम्बुलेंस सेवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए समयबद्ध प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया। पाली शहर में रात्रि 7:30 बजे से 7:40 बजे तक 10 का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व मकानों में दस मिनट के अंधेरा रहा। इस दौरान आमजन का पूरा सहयोग रहा।1