जिले के 4 ब्लॉक में शुक्रवार को निःशुल्क बांझपन निवारण शिविर लगेंगे *सवाई माधोपुर, राजस्थान सरकार पशुओं में बांझपन की समस्या से निजात दिलाने तथा पशुधन की उत्पादकता और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड (आरएलडीबी) के माध्यम से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत शुक्रवार, 11 सितम्बर जिले के पशुपालकों को चार ब्लॉकों में एक दिवसीय निःशुल्क बांझ निवारण एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करेगी। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव गर्ग ने बताया कि ये शिविर प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक किए जाएंगे। शिविरों में पशुपालकों को विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पशुओं में बांझपन की समस्या की जांच, उपचार एवं आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्लॉक सवाई माधोपुर के सूरवाल, बामनवास के शफीपुरा, मलारना डूंगर में ग्राम पंचायत मलारना डूंगर तथा खण्डार के फलौदी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। पशुपालक अपने पशुओं को शिविर में लाकर इन निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। *शिविर में पशुओं के लिए निःशुल्क सुविधाएं:-* शिविरों में विशेष रूप से गाय एवं भैंस सहित अन्य पशुओं में बांझपन की गहन जांच एवं उपचार, गर्भ परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण, पशुओं के लिए कृमिनाशक दवा एवं खनिज मिश्रण का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही, पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता एवं बेहतर पशुपालन संबंधी आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने अधिक से अधिक पशुपालकों को इन शिविरों में पहुंचकर अपने पशुओं का समय पर उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण करवाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी शिविरों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है। ---000---
जिले के 4 ब्लॉक में शुक्रवार को निःशुल्क बांझपन निवारण शिविर लगेंगे *सवाई माधोपुर, राजस्थान सरकार पशुओं में बांझपन की समस्या से निजात दिलाने तथा पशुधन की उत्पादकता और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड (आरएलडीबी) के माध्यम से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत शुक्रवार, 11 सितम्बर जिले के पशुपालकों को चार ब्लॉकों में एक दिवसीय निःशुल्क बांझ निवारण एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करेगी। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव गर्ग ने बताया कि ये शिविर प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक किए जाएंगे। शिविरों में पशुपालकों को विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पशुओं में बांझपन की समस्या की जांच, उपचार एवं आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्लॉक सवाई माधोपुर के सूरवाल, बामनवास के शफीपुरा, मलारना डूंगर में ग्राम पंचायत मलारना डूंगर तथा खण्डार के फलौदी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। पशुपालक अपने पशुओं को शिविर में लाकर इन निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। *शिविर में पशुओं के लिए निःशुल्क सुविधाएं:-* शिविरों में विशेष रूप से गाय एवं भैंस सहित अन्य पशुओं में बांझपन की गहन जांच एवं उपचार, गर्भ परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण, पशुओं के लिए कृमिनाशक दवा एवं खनिज मिश्रण का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही, पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता एवं बेहतर पशुपालन संबंधी आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने अधिक से अधिक पशुपालकों को इन शिविरों में पहुंचकर अपने पशुओं का समय पर उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण करवाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी शिविरों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है। ---000---
- जिले के 4 ब्लॉक में शुक्रवार को निःशुल्क बांझपन निवारण शिविर लगेंगे *सवाई माधोपुर, राजस्थान सरकार पशुओं में बांझपन की समस्या से निजात दिलाने तथा पशुधन की उत्पादकता और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड (आरएलडीबी) के माध्यम से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत शुक्रवार, 11 सितम्बर जिले के पशुपालकों को चार ब्लॉकों में एक दिवसीय निःशुल्क बांझ निवारण एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करेगी। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव गर्ग ने बताया कि ये शिविर प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक किए जाएंगे। शिविरों में पशुपालकों को विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पशुओं में बांझपन की समस्या की जांच, उपचार एवं आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्लॉक सवाई माधोपुर के सूरवाल, बामनवास के शफीपुरा, मलारना डूंगर में ग्राम पंचायत मलारना डूंगर तथा खण्डार के फलौदी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। पशुपालक अपने पशुओं को शिविर में लाकर इन निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। *शिविर में पशुओं के लिए निःशुल्क सुविधाएं:-* शिविरों में विशेष रूप से गाय एवं भैंस सहित अन्य पशुओं में बांझपन की गहन जांच एवं उपचार, गर्भ परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण, पशुओं के लिए कृमिनाशक दवा एवं खनिज मिश्रण का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही, पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता एवं बेहतर पशुपालन संबंधी आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने अधिक से अधिक पशुपालकों को इन शिविरों में पहुंचकर अपने पशुओं का समय पर उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण करवाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी शिविरों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया है। ---000---1
- गंगापुर सिटी में नगर निकाय चुनाव 2026 प्रचार में झौकी ताकत नुक्कड़ सभाएं करके मतदाताओं को लुभाया1
- गंगापुर सिटी: ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाती गाड़ी पर सवाल पूछने पर भड़के कोतवाली CI, पत्रकार से की बदतमीजी गंगापुर सिटी: ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाती गाड़ी पर सवाल पूछने पर भड़के कोतवाली CI, पत्रकार से की बदतमीजी गंगापुर सिटी। कानून का पाठ पढ़ाने वाली खाकी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर खड़ी एक संदिग्ध गाड़ी को लेकर जब मीडियाकर्मी ने सवाल किया, तो कोतवाली थानाधिकारी (CI) करण सिंह अपना आपा खो बैठे और पत्रकार से अभद्रता पर उतर आए। आरोप है कि मौके पर मौजूद वाहन बिना नंबर प्लेट और काली फिल्म चढ़ा हुआ था, जिसे कथित तौर पर स्पेशल टीम (DST) का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्य सड़क पर बीचों-बीच खड़ी इस गाड़ी की वजह से लंबा जाम लग गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जब मौके पर मौजूद एक स्थानीय पत्रकार ने बिना नंबर प्लेट और शीशों पर लगी काली फिल्म को लेकर कोतवाली सीआई से जानकारी चाही, तो जवाब देने के बजाय अधिकारी भड़क गए और सीधे मुंह बात करने से इनकार करते हुए तीखी नोंकझोंक करने लगे। नियम लागू करने वाले ही उड़ा रहे धज्जियां सुप्रीम कोर्ट और मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहनों पर काली फिल्म लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, साथ ही बिना नंबर प्लेट वाहन का संचालन भी गैर-कानूनी है। ऐसे में शहर के बीचों-बीच पुलिस की नाक के नीचे इस तरह का वाहन खड़ा होना और सवाल पूछने पर जिम्मेदार अधिकारी का आक्रामक रुख अपनाना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों के साथ जिम्मेदार अधिकारी इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, तो आम जनता के साथ थाने में क्या सुलूक होता होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पत्रकार संगठनों में रोष, उच्चाधिकारियों से जांच की मांग घटना के बाद स्थानीय मीडियाकर्मियों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है। मामले को लेकर पत्रकार संगठनों ने जिले के उच्च पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। मामले में उच्चाधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।1
- करौली जिले के सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील कल 11 सितंबर को घर से निकलकर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी निभाएं और कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों को अपना अमूल्य मत एवं समर्थन देकर भारी मतों से विजयी बनाएं। आपका एक वोट, करौली के विकास और मजबूत भविष्य का आधार है। घनश्याम महर विधायक, टोडाभीम जिला अध्यक्ष करौली करौली जिले के सभी सम्मानित मतदाताओं से अपील कल 11 सितंबर को घर से निकलकर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी निभाएं और कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों को अपना अमूल्य मत एवं समर्थन देकर भारी मतों से विजयी बनाएं। आपका एक वोट, करौली के विकास और मजबूत भविष्य का आधार है। घनश्याम महर विधायक, टोडाभीम जिला अध्यक्ष करौली1
- नगरपालिका चुनाव को लेकर दौसा में पुलिस का फ्लैग मार्च, भयमुक्त मतदान का दिया संदेश दौसा। आगामी नगरपालिका चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से दौसा शहर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर कानून-व्यवस्था का संदेश दिया। फ्लैग मार्च में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल, सीओ कपिल गुप्ता, डीएसपी बृजेश कुमार, कोतवाली थाना प्रभारी भगवान सहाय, यातायात प्रभारी गोपाल शर्मा, सदर थाना प्रभारी युधिष्ठिर तथा महिला थाना प्रभारी राजेश कुमार सहित पुलिस जाप्ता शामिल रहा। पुलिस अधिकारियों ने आमजन को निष्पक्ष एवं निर्भीक होकर मतदान करने का संदेश दिया। साथ ही चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर पुलिस की सतर्क निगरानी रहने की बात कही। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने शहर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। रिपोर्ट : खेमराज जोशी शुरू न्यूज़ 💥📍1
- विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर विशेष आयोजन विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर विशेष आयोजन *विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर विशेष आयोजन* **मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात करना कमजोरी नहीं, मदद पाने की दिशा में बड़ा कदम: डॉ. मीना** करौली |10 सितंबर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई एवं मनोचिकित्सा विभाग, मेडिकल कॉलेज के समन्वित सहयोग से विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान नर्सिंग महाविद्यालय में संगोष्ठी और मनोचिकित्सा विभाग में मानसिक स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन कर उपस्थित लोगों को आत्महत्या रोकथाम की सामूहिक शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष मनोरोग डॉ. प्रेमराज मीना, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. जीतेन्द्र मीना, डॉ. आदर्श जिंदल, डॉ. अपूर्वा सिंह सहित साइकेट्रिक नर्स गौरव गोयल, सीआरए गौरव शर्मा व नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहा। संगोष्ठी में वक्ताओं ने नर्सिंग विद्यार्थियों को आत्महत्या के शुरुआती संकेतों को पहचानने और संकट की स्थिति में व्यक्ति को अकेला न छोड़कर समय पर विशेषज्ञ सहायता दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। परिचर्चा के दौरान अस्पताल में उपचाररत मरीजों व उनके परिजनों को मानसिक तनाव एवं भावनात्मक संकट की पहचान करने के संबंध में जानकारी दी गई। प्रभारी मनोचिकित्सक डॉ प्रेमराज मीना ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बात करना कमजोरी नहीं, बल्कि सहायता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के बारे में भी विस्तार से बताया गया, ताकि संकट के समय कोई भी व्यक्ति तुरंत विशेषज्ञ सहायता प्राप्त कर सके। सीएमएचओ डॉ. सतीश मीना ने बताया कि आत्महत्या की रोकथाम केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील संवाद, समय पर पहचान, भावनात्मक सहयोग और उचित उपचार के माध्यम से अनेक अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है। *पहचानें ये चेतावनी संकेत, बचाएं अनमोल जिंदगी* मनोचिकित्सकों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक निराशा की बातें करे, खुद को दूसरों पर बोझ बताए, अचानक सामाजिक दूरी बना ले या सोशल मीडिया पर विदाई जैसे संदेश साझा करने लगे, तो ये गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति की बात को बिना किसी पूर्वाग्रह के ध्यान से सुनना चाहिए, उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और तुरंत टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 या किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क कर काउंसलिंग दिलवानी चाहिए।1
- कोटा चित्तौड़गढ़ रेल खंड पर अंतर रेलवे संरक्षा आडिट टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण रेल पथ समपार फाटक स्टेशन पुल, विद्युत एवं परिचालक व्यवस्था की संरक्षा मानको की जांच1
- बिहार के Job Fair से नियुक्ति पत्र मिला, दिल्ली पहुंचते ही नर्स के साथ हुआ खौफनाक खेल! 😱 पटना के ज्ञान भवन में आयोजित Job Fair में CM सम्राट चौधरी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वाली नर्स पूजा ने दिल्ली में कथित शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, ₹48 हजार की सैलरी का लालच देकर उसे दिल्ली बुलाया गया और एक हॉस्टल में कथित तौर पर कैद कर दिया गया। आरोप है कि वहां उसे लड़कों के सामने वीडियो कॉल पर पेश किया जाता था और जबरन देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की गई। विरोध करने पर भूखा रखने और शौचालय साफ कराने की बात भी पीड़िता ने कही है। किसी तरह वहां से निकलकर पूजा पटना वापस पहुंची। अब इस पूरे मामले ने Job Fair के जरिए नौकरी पाने वाले युवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर नौकरी के नाम पर युवाओं के साथ ऐसा होने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? 😡 ⚠️ नोट: ये दावे पीड़िता के आरोपों पर आधारित हैं; मामले की आधिकारिक जांच/पुष्टि अलग विषय है। #BiharNews #PatnaN बिहार के Job Fair से नियुक्ति पत्र मिला, दिल्ली पहुंचते ही नर्स के साथ हुआ खौफनाक खेल! 😱 पटना के ज्ञान भवन में आयोजित Job Fair में CM सम्राट चौधरी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वाली नर्स पूजा ने दिल्ली में कथित शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, ₹48 हजार की सैलरी का लालच देकर उसे दिल्ली बुलाया गया और एक हॉस्टल में कथित तौर पर कैद कर दिया गया। आरोप है कि वहां उसे लड़कों के सामने वीडियो कॉल पर पेश किया जाता था और जबरन देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की गई। विरोध करने पर भूखा रखने और शौचालय साफ कराने की बात भी पीड़िता ने कही है। किसी तरह वहां से निकलकर पूजा पटना वापस पहुंची। अब इस पूरे मामले ने Job Fair के जरिए नौकरी पाने वाले युवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर नौकरी के नाम पर युवाओं के साथ ऐसा होने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? 😡 ⚠️ नोट: ये दावे पीड़िता के आरोपों पर आधारित हैं; मामले की आधिकारिक जांच/पुष्टि अलग विषय है। #BiharNews #PatnaN2