सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती के साथ हुए खतरनाक हादसे ने सभी को हैरान कर दिया है। यह वीडियो एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान हुई एक बड़ी लापरवाही को दर्शाता है, जिसे देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं। वायरल हो रही तस्वीर में युवती की जिम की तस्वीरें और साथ ही एक छोटा वीडियो इंसर्ट है, जहाँ वह किसी ऊँचाई वाली जगह पर बंजी जंपिंग या रॉक क्लाइम्बिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स करती दिख रही है। वीडियो में एक लाल तीर का निशान उस गंभीर पल की ओर इशारा करता है जहाँ सुरक्षा इंतजामों में चूक के कारण युवती एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। इस घटना ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में ज़रा सी भी लापरवाही के जानलेवा परिणामों का एक जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। वीडियो में दिख रही स्थिति ने नेटिजन्स को चिंता में डाल दिया है, और लोग सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी साहसिक गतिविधि को शुरू करने से पहले उपकरणों की पूरी जाँच और विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहद ज़रूरी है ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती के साथ हुए खतरनाक हादसे ने सभी को हैरान कर दिया है। यह वीडियो एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान हुई एक बड़ी लापरवाही को दर्शाता है, जिसे देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं। वायरल हो रही तस्वीर में युवती की जिम की तस्वीरें और साथ ही एक छोटा वीडियो इंसर्ट है, जहाँ वह किसी ऊँचाई वाली जगह पर बंजी जंपिंग या रॉक क्लाइम्बिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स करती दिख रही है। वीडियो में एक लाल तीर का निशान उस गंभीर पल की ओर इशारा करता है जहाँ सुरक्षा इंतजामों में चूक के कारण युवती एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। इस घटना ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में ज़रा सी भी लापरवाही के जानलेवा परिणामों का एक जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। वीडियो में दिख रही स्थिति ने नेटिजन्स को चिंता में डाल दिया है, और लोग सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी साहसिक गतिविधि को शुरू करने से पहले उपकरणों की पूरी जाँच और विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहद ज़रूरी है ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
- एक पोस्ट के माध्यम से हैरानी व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों किसी स्थिति को 'मौत का कुआं' बनाकर छोड़ दिया जाता है।1
- लोहरदगा स्थित ललित नारायण स्टेडियम अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोजाना बच्चे इस स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए आते हैं। हालांकि, रात के समय शराबी लोग यहाँ शराब पीकर बोतलें तोड़कर चले जाते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और अभ्यास का माहौल प्रभावित हो रहा है।1
- झारखंड के लातेहार जिले में चंदवा के पास स्थित एक चूल्हा पानी द्वार पूरी तरह से जर्जर अवस्था में है।1
- लातेहार जिले में टोरी-चंदवा एनएच-39 पर बनने वाले फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी से आक्रोशित किसानों और माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला उपायुक्त (डीसी) से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। माकपा राज्य सचिव प्रकाश विप्लव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें लेकर उदयपुरा से समाहरणालय तक 7 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की। इस दौरान, उनके पोस्टरों पर स्पष्ट लिखा था कि "शिलान्यास के 5 साल बाद भी काम शुरू नहीं, हमें इच्छा मृत्यु दो।" यह परियोजना मूल रूप से 3 अप्रैल, 2021 को नितिन गडकरी और हेमंत सोरेन द्वारा ऑनलाइन शिलान्यास के साथ शुरू की गई थी, जिसे टोरी आरओबी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, शिलान्यास के बाद भी, काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है, और इसके लिए सात बार निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। परियोजना की अनुमानित लागत भी 2021 में ₹43 करोड़ से बढ़कर अब ₹119.71 करोड़ हो गई है। टोरी क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से किसान और माकपा नेता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने यह चरम कदम उठाया है।1
- लातेहार में पीवीयूएनएल बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा आयोजित दो माह के सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 15 जून 2026 को हुए इस कार्यक्रम में पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार सहगल ने 40 प्रशिक्षित महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण किया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदाय की महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर बनहरदी कोयला खनन परियोजना के महाप्रबंधक श्री निरोद कुमार मलिक, एजीएम (माइनिंग) श्री असीम मिश्रा, एजीएम (एलए/आर एंड आर) श्री आर. बी. सिंह, और एजीएम (इन्फ्रा) श्री सिद्धार्थ शंकर सहित अन्य अधिकारीगण, स्थानीय ग्रामीण और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्येक बैच में 20-20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें कुल 40 प्रशिक्षार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान सभी 40 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पाँच प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न और शॉल देकर सम्मानित किया गया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक कुमार सहगल ने इस अवसर पर कहा कि पीवीयूएनएल स्थानीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सिलाई प्रशिक्षण और मशीनों का वितरण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके परिवारों की आजीविका को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया।4
- महुआडार प्रखंड के अकसी ग्राम में सोमवार शाम 5:00 बजे ग्रामीण स्तरीय हॉकी टूर्नामेंट का सफल समापन हो गया। इस आयोजन में कुल 35 गांव की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था। टूर्नामेंट में बर्वे ग्राम की कोरी टीम ए ने पहला पुरस्कार हासिल किया, जबकि बर्वे ग्राम की ही कोरी टीम बी को दूसरा पुरस्कार मिला। इसके अतिरिक्त, पोटमाडीह की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, वहीं केनेटोली ग्राम की टीम को चौथा पुरस्कार प्रदान किया गया।1
- झारखंड में एक ऐसा रेलवे फाटक है जहाँ लोगों को घंटों तक खड़ा रहना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती के साथ हुए खतरनाक हादसे ने सभी को हैरान कर दिया है। यह वीडियो एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान हुई एक बड़ी लापरवाही को दर्शाता है, जिसे देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं। वायरल हो रही तस्वीर में युवती की जिम की तस्वीरें और साथ ही एक छोटा वीडियो इंसर्ट है, जहाँ वह किसी ऊँचाई वाली जगह पर बंजी जंपिंग या रॉक क्लाइम्बिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स करती दिख रही है। वीडियो में एक लाल तीर का निशान उस गंभीर पल की ओर इशारा करता है जहाँ सुरक्षा इंतजामों में चूक के कारण युवती एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। इस घटना ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में ज़रा सी भी लापरवाही के जानलेवा परिणामों का एक जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। वीडियो में दिख रही स्थिति ने नेटिजन्स को चिंता में डाल दिया है, और लोग सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी साहसिक गतिविधि को शुरू करने से पहले उपकरणों की पूरी जाँच और विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहद ज़रूरी है ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1