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ज़िला प्रशासन ने मोहर्रम पर्व को अमन-चैन और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मोहर्रम के दौरान जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। ज़िला प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि शांति व्यवस्था में ज़रा भी खलल डालने का प्रयास किया गया, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अंकुर गर्ग
ज़िला प्रशासन ने मोहर्रम पर्व को अमन-चैन और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मोहर्रम के दौरान जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। ज़िला प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि शांति व्यवस्था में ज़रा भी खलल डालने का प्रयास किया गया, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- ज़िला प्रशासन ने मोहर्रम पर्व को अमन-चैन और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मोहर्रम के दौरान जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। ज़िला प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि शांति व्यवस्था में ज़रा भी खलल डालने का प्रयास किया गया, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।4
- करणी सेना ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कथित मामले को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। संगठन ने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान करणी सेना के प्रतिनिधियों ने इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दायरे में आने वाले सभी संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाए, क्योंकि संगठन को बड़ी संख्या में लोगों की संलिप्तता की आशंका है। करणी सेना ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने सरकार से यह भी अपील की कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और किसी भी अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जा सके। हालांकि, संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है। मामले की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से अभी अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।1
- अयोध्या में भयांत गणतंत्र वाहिनी पार्टी, जिसे भगवा पार्टी भी कहा गया है, की एक महत्वपूर्ण बैठक स्थानीय होटल में संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन विस्तार, आगामी चुनावों की रणनीति और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जगदंबा गोस्वामी ने अयोध्या जिले के लिए श्री भोलेंद्र गोस्वामी को जिला अध्यक्ष पद पर और एडवोकेट रामकृष्ण गोस्वामी को जिला अयोध्या प्रभारी नियुक्त किया। राष्ट्रीय महामंत्री ने अपने विचार साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि जब तक गोस्वामी समाज पीड़ित और ठगा जाता रहेगा, तब तक देश और सनातन का भविष्य कभी सुरक्षित नहीं रह सकता; इसलिए, पूरे समाज को एक मंच पर आना ही चाहिए। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें आयोजक के रूप में एडवोकेट रामकृष्ण गोस्वामी, महामंत्री मनोज गोस्वामी, राष्ट्रीय योजना प्रमुख अश्वनी पांडेय, राष्ट्रीय महासचिव सतीश पांडेय, संस्थापक संजय गोस्वामी, तथा सदस्य के रूप में राम चौबे प्रदेश मंत्री, रवि मिश्रा, आशीष पाठक, रंजीत गोस्वामी, जितेंद्र गोस्वामी और राम नायक गोस्वामी उपस्थित रहे। पार्टी के मुख्य वक्ताओं ने जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर कई नए सदस्यों ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिनका वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया।4
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा करोड़ों के ऐतिहासिक प्रोजेक्ट्स दिए जा रहे हैं। इन घोषणाओं के बीच, एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या इस बार इन परियोजनाओं का केवल फीता ही काटा जाएगा या इनसे जनता को भी वास्तविक लाभ मिलेगा।1
- अयोध्या शहर के नाका स्थित नीलकंठ लान में लगी प्रदर्शनी स्थानीय लोगों के बीच काफी पसंद की जा रही है। इस प्रदर्शनी में जलपरी नाव झूला मुख्य आकर्षण का केंद्र बन रहा है, जो दर्शकों को विशेष रूप से भा रहा है। इसके अतिरिक्त, बाहर से आए सौंदर्य प्रसाधनों के स्टॉल और 'हर माल एक दम' व कपड़ों की दुकानें भी लोगों की पसंद बन रही हैं। प्रदर्शनी देखने आए लोगों ने बताया है कि यहाँ लगे विभिन्न स्टालों पर सामान सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं, जिससे यह प्रदर्शनी और भी लोकप्रिय हो रही है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील परिसर में बनकटवा निवासी अवधेश वर्मा अपनी 'गलत मांग' तहसील प्रशासन से मनवाने के लिए एक बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। उसने 'फांसी लगा लूंगा' कहते हुए नायब तहसीलदार पर गलत नाप-जोख करने का आरोप लगाया। इस 'नौटंकीबाज' हरकत के बाद अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अयोध्या ने आज शाम दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की सच्चाई जानी। एडीएम ने उन्हें पुनः सही नाप का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोनों पक्ष उनकी बात से सहमत दिखे।1
- गोंडा/अयोध्या से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान पत्र घपले के मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल राम मंदिर ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी उंगली सीधे केंद्र और प्रदेश सरकार तक उठ रही है। पूर्व सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस विवाद से राम मंदिर और उससे जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झटका विनय कटियार या बृजभूषण शरण सिंह ने नहीं दिया है, बल्कि यह ट्रस्ट से जुड़े लोगों की वजह से लगा है। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ जाएगी। उन्होंने सामने आ रहे दस्तावेजों और अयोध्या में हुई घटनाओं को चिंता का विषय बताया। हालांकि, उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बचाव करते हुए उन्हें पूरी तरह निर्दोष करार दिया। आरोपों की गंभीरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 'बिना धुएं के आग नहीं निकलती', जिसका अर्थ है कि जब धुआं दिखाई दे रहा है तो कहीं न कहीं कुछ सच्चाई जरूर होगी। पूर्व सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष और गंभीर जांच होनी चाहिए। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच तथा आगे आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई हैं।1
- अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक किसान बरगद के पेड़ पर चढ़ गया और फांसी लगाकर आत्महत्या करने की चेतावनी देने लगा। यह घटना तहसील प्रांगण में एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले चुकी है। किसान का आरोप है कि उसकी भूमि की गलत नाप-जोख की गई है, जिससे वह काफी परेशान है। उसने इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, किसान ने नायब तहसीलदार पर भी लापरवाही और गलत कार्रवाई करने का आरोप मढ़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। फिलहाल, प्रशासन किसान को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटा हुआ है। भूमि माप विवाद को लेकर यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1