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महादेवडाड़: बैंक को स्थान्तरण करने पर ग्रामीणों ने किया विरोध। महादेवडाड़ में ग्रामीण बैंक को स्थान्तरण करने पर वहा के निवासी ने किया विरोध और साथ ही साथ बताया अपनी परेशानी जो आने वाले कल के दिन अगर मदिरा दुकान के समीप एवं सुनसान स्थान पर ग्रामीण बैंक को स्थापित करने पर आ सकती है संकट आने वाली दिनों में।।

1 hr ago
user_हमर जशपुर
हमर जशपुर
Bagicha, Jashpur•
1 hr ago

महादेवडाड़: बैंक को स्थान्तरण करने पर ग्रामीणों ने किया विरोध। महादेवडाड़ में ग्रामीण बैंक को स्थान्तरण करने पर वहा के निवासी ने किया विरोध और साथ ही साथ बताया अपनी परेशानी जो आने वाले कल के दिन अगर मदिरा दुकान के समीप एवं सुनसान स्थान पर ग्रामीण बैंक को स्थापित करने पर आ सकती है संकट आने वाली दिनों में।।

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  • महादेवडाड़ में ग्रामीण बैंक को स्थान्तरण करने पर वहा के निवासी ने किया विरोध और साथ ही साथ बताया अपनी परेशानी जो आने वाले कल के दिन अगर मदिरा दुकान के समीप एवं सुनसान स्थान पर ग्रामीण बैंक को स्थापित करने पर आ सकती है संकट आने वाली दिनों में।।
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    महादेवडाड़ में ग्रामीण बैंक को स्थान्तरण करने पर वहा के निवासी ने किया विरोध और साथ ही साथ बताया अपनी परेशानी जो आने वाले कल के दिन अगर मदिरा दुकान के समीप एवं सुनसान स्थान पर ग्रामीण बैंक को स्थापित करने पर आ सकती है संकट आने वाली दिनों में।।
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Bagicha, Jashpur•
    1 hr ago
  • Post by विवेक टेंट एंड साउंड बगीचा
    1
    Post by विवेक टेंट एंड साउंड बगीचा
    user_विवेक टेंट एंड साउंड बगीचा
    विवेक टेंट एंड साउंड बगीचा
    Tent House Supplier बगीचा, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • स्कूल
    1
    स्कूल
    user_Arvind tirkey
    Arvind tirkey
    पत्रकार सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    45 min ago
  • सुने मकान से चोरी के मामले मे ख़रीददार आरोपी समेत कुल 04 आरोपी गिरफ्तार,01 लाख 30 हजार का मशरुका जप्त। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले मे की गई कार्यवाही। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सोने चांदी के गहने समेत कुल कीमती मशरुका लगभग 01 लाख 30 हजार रुपये किया गया बरामद। चोरी के मामलो मे शामिल आरोपियों के विरुद्ध पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही। मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी अनिल कुमार दास साकिन बिशुनपुर खुर्द गोरसीडबरा थाना गांधीनगर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया दिनांक 04/02/26 को प्रार्थी का पुरा परिवार अपना घर बंद कर जगरनाथपुरी दर्शन करने गये थे कि दिनांक 05/02/26 को प्रार्थी का बडा भाई सुदामा प्रार्थी को फोन कर बताया कि प्रार्थी के घर का ताला टुटा हुआ है और घर का सामान बिखरा हुआ है, तब सूचना पाकर प्रार्थी दर्शन कर वापस घर आकर देखा कि घर का मेन गेट का दरवाजा का ताला टूटा हुआ था। रूम अंदर घुसकर देखा तो घर का समान अस्त व्यस्त था और रूम के अंदर का अलमारी का लॉक टुटा हुआ था, अलमारी के अदंर रखा 01 नग सोने का चैन, 01 नग बच्चों का चांदी कड़ा, 01 नग सोने का लॉकेट, 01 नग सोने का नाक का नथनिया, 01 जोड़ी चांदी का पायल, 01 नग चांदी का कड़ा, 02 नग सोने का अंगुठी कुल कीमती मशरुका लगभग 1,30,000/- रूपये एवं नगदी पैसा नहीं था। जिसे कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है, मामले मे प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 81/26 धारा 331(4), 305(ए), 3(5), 317(2) बी. एन. एस. का अपराध दर्ज कर विवेचना मे लिया गया। दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले के संदेही का पत्ता तलाश किया जा रहा था, पुलिस टीम के सतत प्रयास से मामले के संदेही (01) अतुल तिग्गा उर्फ अक्की आत्मज आनंद तिग्गा उम्र 20 वर्ष (02) सत्यादीप तिग्गा उर्फ टका आत्मज कालाबेर तिग्गा उम्र 21 वर्ष (03) राजा लड़का आत्मज सूर्या लकड़ा उम्र 20 वर्ष सभी निवासी विशुनपुर खुर्द गोरसीडबरा थाना गांधीनगर जिला सरगुजा को हिरासत मे लेकर हिमकतअमली से पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा चोरी की घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपियों के निशानदेही पर चोरी की सामान गोरसीडबरा नाला के पास से बरामद किया गया, एवं चोरी के जेवर को दुकान संचालक कमल सोनी को बेचना बताये। पुलिस टीम द्वारा मामले मे शामिल आरोपी जेवर दुकान के संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम *(04) कमल सोनी आत्मज गया प्रसाद सोनी उम्र 52 वर्ष साकिन ब्रम्ह रोड थाना कोतवाली अंबिकापुर का होंना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर चोरी का सामान खरीदना स्वीकार किया है, पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से चोरी का मशरुका जप्त किया गया है, आरोपी कमल सोनी के विरूद्ध चोरी की सम्पत्ति को अपराधिक दुर्विनियोग के नियत से खरीदना पाये जाने के प्रकरण में धारा 3(5),317 (2), बीएनएस जोड़ा गया है, प्रकरण मे शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा जाता है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, आरक्षक कुंदन पाण्डेय, रमन मण्डल, राहुल सिंह सक्रिय रहे।
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    सुने मकान से चोरी के मामले मे ख़रीददार आरोपी समेत कुल 04 आरोपी गिरफ्तार,01 लाख 30 हजार का मशरुका जप्त।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले मे की गई कार्यवाही।
आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सोने चांदी के गहने समेत कुल कीमती मशरुका लगभग 01 लाख 30 हजार रुपये किया गया बरामद।
चोरी के मामलो मे शामिल आरोपियों के विरुद्ध पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही।
मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी अनिल कुमार दास साकिन बिशुनपुर खुर्द गोरसीडबरा थाना गांधीनगर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया दिनांक 04/02/26 को प्रार्थी का पुरा परिवार अपना घर बंद कर जगरनाथपुरी दर्शन करने गये थे कि दिनांक 05/02/26 को प्रार्थी का बडा भाई सुदामा प्रार्थी को फोन कर बताया कि प्रार्थी के घर का ताला टुटा हुआ है और घर का सामान बिखरा हुआ है, तब सूचना पाकर प्रार्थी दर्शन कर वापस घर आकर देखा कि घर का मेन गेट का दरवाजा का ताला टूटा हुआ था। रूम अंदर घुसकर देखा तो घर का समान अस्त व्यस्त था और रूम के अंदर का अलमारी का लॉक टुटा हुआ था, अलमारी के अदंर रखा 01 नग सोने का चैन, 01 नग बच्चों का चांदी कड़ा, 01 नग सोने का लॉकेट, 01 नग सोने का नाक का नथनिया, 01 जोड़ी चांदी का पायल, 01 नग चांदी का कड़ा, 02 नग सोने का अंगुठी कुल कीमती मशरुका लगभग 1,30,000/- रूपये एवं नगदी पैसा नहीं था। जिसे कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है, मामले मे प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 81/26 धारा 331(4), 305(ए), 3(5), 317(2) बी. एन. एस. का अपराध दर्ज कर विवेचना मे लिया गया।
दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले के संदेही का पत्ता तलाश किया जा रहा था, पुलिस टीम के सतत प्रयास से मामले के संदेही  (01) अतुल तिग्गा उर्फ अक्की आत्मज आनंद तिग्गा उम्र 20 वर्ष (02)  सत्यादीप तिग्गा उर्फ टका आत्मज कालाबेर तिग्गा  उम्र 21 वर्ष (03) राजा लड़का आत्मज सूर्या लकड़ा उम्र 20 वर्ष सभी निवासी विशुनपुर खुर्द गोरसीडबरा थाना गांधीनगर जिला सरगुजा को हिरासत मे लेकर हिमकतअमली से पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा चोरी की घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपियों के निशानदेही पर चोरी की सामान गोरसीडबरा नाला के पास से बरामद किया गया, एवं चोरी के जेवर को दुकान संचालक कमल सोनी को बेचना बताये। पुलिस टीम द्वारा मामले मे शामिल आरोपी जेवर दुकान के संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम *(04) कमल सोनी आत्मज गया प्रसाद सोनी उम्र 52 वर्ष साकिन ब्रम्ह रोड थाना कोतवाली अंबिकापुर का होंना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर चोरी का सामान खरीदना स्वीकार किया है, पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से चोरी का मशरुका जप्त किया गया है, आरोपी कमल सोनी के विरूद्ध चोरी की सम्पत्ति को अपराधिक दुर्विनियोग के नियत से खरीदना पाये जाने के प्रकरण में धारा 3(5),317 (2), बीएनएस जोड़ा गया है, प्रकरण मे शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा जाता है।
सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, आरक्षक कुंदन पाण्डेय, रमन मण्डल, राहुल सिंह सक्रिय रहे।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • औरतें बोलना नहीं भूलतीं, उन्हें चुप रहना सिखाया जाता है। धीरे-धीरे, प्यार के नाम पर, इज़्ज़त के नाम पर, और “घर की बात है” कहकर। औरतें जब पहली बार चुप होती हैं, तो कोई नहीं सुनता। जब दूसरी बार चुप होती हैं, तो सब आदत डाल लेते हैं। और जब हमेशा के लिए चुप हो जाती हैं, तो लोग कहते हैं— “बहुत सहनशील थी।” औरतें दर्द नहीं बतातीं, वे काम पूरा करती हैं। बुखार में भी रोटी गोल रहती है, आँसू नमक में घुल जाते हैं। उनके घाव डायरी में नहीं, रसोई के कोनों में छुपे होते हैं। औरतें अपने सपनों को कभी पूरा नहीं छोड़तीं, वे उन्हें धीरे-धीरे छोटा करती जाती हैं बच्चों की कॉपी में, पति की थकान में, और समाज की सुविधाओं में। औरतें जब बोलना चाहती हैं, तो पहले अपने शब्दों से माफी माँगती हैं। “शायद मेरी गलती हो…” “मैं ज़्यादा सोच रही हूँ…” “छोड़िए, रहने दीजिए…” उनके वाक्य हमेशा आधे क्यों रह जाते हैं? औरतें हँसती हैं, क्योंकि रोना महँगा पड़ता है। वे जानती हैं हर सवाल उनके चरित्र से शुरू होगा, और हर जवाब उन्हीं पर खत्म। औरतें घर बदलती हैं, नाम बदलती हैं, रिश्ते बदलती हैं लेकिन अपनी चुप्पी साथ ले जाती हैं। मायके से ससुराल तक एक ही आवाज़ सिखाई जाती है धीमी… संयमित… ज़रूरत से कम। औरतें जब बहुत थक जाती हैं, तो बीमार नहीं पड़तीं, वे खामोश पड़ती हैं। और यह खामोशी सबसे ज़्यादा खतरनाक होती है। औरतें जो बोल नहीं पातीं, वे बहुत कुछ लिख देती हैं— अपने शरीर पर, अपनी आँखों में, और अपने बच्चों के भविष्य में। वे क्रांति नहीं करतीं, वे ज़िंदगी चलाती हैं। और शायद इस दुनिया की सबसे बड़ी अदृश्य ताक़त वही हैं— जो कुछ नहीं कहतीं, लेकिन सब कुछ सहती हैं। अगर आप किसी औरत की चुप्पी सुन रहे हैं, तो समझिए— वह कुछ कह रही है। बस आपको सुनना सीखना होगा। अभी आप सुन रहे थे सुनील गुप्ता की कविता
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    औरतें
बोलना नहीं भूलतीं,
उन्हें
चुप रहना
सिखाया जाता है।
धीरे-धीरे,
प्यार के नाम पर,
इज़्ज़त के नाम पर,
और
“घर की बात है”
कहकर।
औरतें
जब पहली बार
चुप होती हैं,
तो
कोई नहीं सुनता।
जब दूसरी बार
चुप होती हैं,
तो
सब आदत डाल लेते हैं।
और
जब हमेशा के लिए
चुप हो जाती हैं,
तो
लोग कहते हैं—
“बहुत सहनशील थी।”
औरतें
दर्द नहीं बतातीं,
वे
काम पूरा करती हैं।
बुखार में भी
रोटी गोल रहती है,
आँसू
नमक में घुल जाते हैं।
उनके घाव
डायरी में नहीं,
रसोई के कोनों में
छुपे होते हैं।
औरतें
अपने सपनों को
कभी
पूरा नहीं छोड़तीं,
वे
उन्हें
धीरे-धीरे
छोटा करती जाती हैं
बच्चों की कॉपी में,
पति की थकान में,
और
समाज की सुविधाओं में।
औरतें
जब बोलना चाहती हैं,
तो
पहले अपने शब्दों से
माफी माँगती हैं।
“शायद मेरी गलती हो…”
“मैं ज़्यादा सोच रही हूँ…”
“छोड़िए, रहने दीजिए…”
उनके वाक्य
हमेशा
आधे क्यों रह जाते हैं?
औरतें
हँसती हैं,
क्योंकि
रोना महँगा पड़ता है।
वे जानती हैं
हर सवाल
उनके चरित्र से शुरू होगा,
और
हर जवाब
उन्हीं पर खत्म।
औरतें
घर बदलती हैं,
नाम बदलती हैं,
रिश्ते बदलती हैं
लेकिन
अपनी चुप्पी
साथ ले जाती हैं।
मायके से ससुराल तक
एक ही आवाज़
सिखाई जाती है
धीमी…
संयमित…
ज़रूरत से कम।
औरतें
जब बहुत थक जाती हैं,
तो
बीमार नहीं पड़तीं,
वे
खामोश पड़ती हैं।
और
यह खामोशी
सबसे ज़्यादा
खतरनाक होती है।
औरतें
जो बोल नहीं पातीं,
वे
बहुत कुछ
लिख देती हैं—
अपने शरीर पर,
अपनी आँखों में,
और
अपने बच्चों के भविष्य में।
वे
क्रांति नहीं करतीं,
वे
ज़िंदगी चलाती हैं।
और
शायद
इस दुनिया की
सबसे बड़ी
अदृश्य ताक़त
वही हैं—
जो
कुछ नहीं कहतीं,
लेकिन
सब कुछ
सहती हैं।
अगर आप
किसी औरत की
चुप्पी सुन रहे हैं,
तो
समझिए—
वह
कुछ कह रही है।
बस
आपको
सुनना सीखना होगा।
अभी आप सुन रहे थे सुनील गुप्ता की कविता
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    पत्रकार सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • Post by ANGAD YADAV
    1
    Post by ANGAD YADAV
    user_ANGAD YADAV
    ANGAD YADAV
    सन्ना, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    1
    Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company सन्ना, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • महादेवडाड में स्तिथ छत्तीसगढ राज्य ग्रामीण बैंक को नदी के किनारे सुनसान स्थान पर ले जाने की बात सामने आई है जो की वहा चोरी और डकैत होने की ज्यादा संभावना है और ये सब जानकर कैसे ARO सर ने अनुमति दी और वहा के ग्राम वासियों से बिना अनुमति के इस प्रकार से वहा स्थांतरण किया जाना एक प्रकार का कोई सडयंत्र रचना बोले या फिर कुछ और ही राज जिसे लोग अनजान है आखिर क्यों ! आख़िर कैसे ! आखिर कहा ! ले जा रहे इस ग्रामीण बैंक को एक मदिरा दुकान के पास क्यूं क्यूं क्यूं????
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    महादेवडाड में स्तिथ छत्तीसगढ राज्य ग्रामीण बैंक को नदी के किनारे सुनसान स्थान पर ले जाने की बात सामने आई है जो की वहा चोरी और डकैत होने की ज्यादा संभावना  है और ये सब जानकर कैसे  ARO सर ने अनुमति दी और वहा के ग्राम वासियों से बिना अनुमति के इस प्रकार से वहा स्थांतरण किया जाना एक प्रकार का कोई सडयंत्र रचना बोले या फिर कुछ और ही राज जिसे लोग अनजान है आखिर क्यों ! आख़िर कैसे ! आखिर कहा ! ले जा रहे इस ग्रामीण बैंक को एक मदिरा दुकान के पास क्यूं क्यूं क्यूं????
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Bagicha, Jashpur•
    3 hrs ago
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