मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का मंडला प्रवास के दौरान नारायणगंज आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने नेता प्रतिपक्ष को आत्मीयता से गमछा पहनाकर और पुष्पमाला अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। नारायणगंज बस स्टैंड पहुँचने के बाद उमंग सिंघार ने सबसे पहले स्थानीय प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने श्री हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और पूरे प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद, उन्होंने स्थानीय कांग्रेस कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान संगठन की जमीनी गतिविधियों, क्षेत्रीय जनसमस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की वर्तमान नीतियों और क्षेत्र की उपेक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को नेता प्रतिपक्ष के समक्ष प्रमुखता से रखा। इस कार्यक्रम में चैनसिंह वरकड़े सहित नारायणगंज और ब्लॉक कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और नया जोश देखने को मिला।
मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का मंडला प्रवास के दौरान नारायणगंज आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने नेता प्रतिपक्ष को आत्मीयता से गमछा पहनाकर और पुष्पमाला अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। नारायणगंज बस स्टैंड पहुँचने के बाद उमंग सिंघार ने सबसे पहले स्थानीय प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने श्री हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और पूरे प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद, उन्होंने स्थानीय कांग्रेस कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान संगठन की जमीनी गतिविधियों, क्षेत्रीय जनसमस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की वर्तमान नीतियों और क्षेत्र की उपेक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को नेता प्रतिपक्ष के समक्ष प्रमुखता से रखा। इस कार्यक्रम में चैनसिंह वरकड़े सहित नारायणगंज और ब्लॉक कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और नया जोश देखने को मिला।
- वन अधिकार कानून को लागू करने में प्रशासनिक ढुलमुल रवैये और उदासीनता के खिलाफ मध्य प्रदेश के बिछिया में भारी गुस्सा फूटा है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत सामाजिक संगठनों और जन संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एक विशाल रैली और सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मवई और बिछिया के दर्जनों गांवों से आए 360 आदिवासियों सहित भारी संख्या में महिला-पुरुषों ने बिछिया थाने पहुंचकर शांतिपूर्ण गिरफ्तारी दी। बाद में, उन्होंने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी लंबित मांगों को रखा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जिले की 10 ग्राम सभाओं के सामुदायिक वन संसाधन दावे और हजारों व्यक्तिगत दावे लंबे समय से प्रशासन के पास लंबित हैं। इस आंदोलन में बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता विशेष रूप से शामिल हुए।1
- कान्हा में एक बाघ की मौत हो जाने से गहरा शोक व्याप्त है। मृत बाघ का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार NTCA प्रोटोकॉल के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किया गया।1
- मंण्डला जिले की ग्राम पंचायत अड़िया मॉल में सरपंच पति स्टाफ डेम की उन प्लेटों का उपयोग सेटिंग प्लेट के रूप में कर रहे हैं जिनसे बारिश का पानी रोका जाता है। इस कृत्य से यह गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि प्लेटें खराब होने की स्थिति में स्टाप डेम में बारिश का पानी कैसे रुकेगा, जबकि यह गाँव पहले से ही पानी के लिए परेशान है। आरोप है कि इस दुरुपयोग के कारण नई प्लेटों के लिए फिर लाखों रुपये के बिल लगेंगे, इसलिए इस पूरे मामले की जांच बेहद जरूरी है।1
- मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ किया है। इस अभियान का राज्य स्तरीय उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा यूट्यूब वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। इसी क्रम में, डिंडौरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे की उपस्थिति में साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, तथा ओटीपी व बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, जैसे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, फर्जी पुलिस/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर ठगी, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लोन एवं निवेश योजनाएं, टेलीग्राम और व्हाट्सएप टास्क फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, कस्टमर केयर फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, मेट्रिमोनियल फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ठगी, के बारे में बताया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या आकर्षक ऑफर पर विश्वास न करें और बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम कार्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी स्थिति में साझा न करें। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। इस अभियान के तहत जिले के शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेन्द्र सिंह, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डीएसपी पुरुषोत्तम मरावी, यातायात प्रभारी सुभाष उइके, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी, सूबेदार अभिनव राय सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान "SAFE CLICK-2026" पूरे जिले में "सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं" संदेश के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।2
- दबंगों की प्रताड़ना से परेशान एक पीड़ित मां-बेटी ने मुख्यमंत्री का काफिला रोककर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री के सामने अपने पैर पकड़कर रोते हुए अपना दर्द बयां किया। यह उनकी कलेक्टर से न्याय मांगने के बाद मुख्यमंत्री से की गई दूसरी गुहार थी।1
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान, बजाग ब्लॉक के घोपतपुर स्थित डुमर टोला से करीब आधा सैकड़ा लोग पीने के पानी की गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इन ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी यह महत्वपूर्ण मांग रखी।4
- मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का मंडला प्रवास के दौरान नारायणगंज आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने नेता प्रतिपक्ष को आत्मीयता से गमछा पहनाकर और पुष्पमाला अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। नारायणगंज बस स्टैंड पहुँचने के बाद उमंग सिंघार ने सबसे पहले स्थानीय प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में मत्था टेका। उन्होंने श्री हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र और पूरे प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद, उन्होंने स्थानीय कांग्रेस कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान संगठन की जमीनी गतिविधियों, क्षेत्रीय जनसमस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की वर्तमान नीतियों और क्षेत्र की उपेक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को नेता प्रतिपक्ष के समक्ष प्रमुखता से रखा। इस कार्यक्रम में चैनसिंह वरकड़े सहित नारायणगंज और ब्लॉक कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और नया जोश देखने को मिला।1
- मंडला के कमानिया गेट के पास लगी ममता ज्वेलर्स की होर्डिंग बोर्ड अचानक नीचे गिर गई। इस घटना में एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट आई है। भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष राहुल रजक ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल व्यक्ति से मुलाकात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत आदिवासी पार्टी के युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल रजक ने बताया कि होर्डिंग बोर्ड को दो ईंट की पट्टियों पर लगाया गया था, जिसके कारण वह गिरी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ममता ज्वेलर्स को होर्डिंग बोर्ड हटाने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन उसे हटाया नहीं गया। राहुल रजक ने प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर में लगी हर होर्डिंग बोर्ड की जांच की जाए।1