मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ किया है। इस अभियान का राज्य स्तरीय उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा यूट्यूब वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। इसी क्रम में, डिंडौरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे की उपस्थिति में साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, तथा ओटीपी व बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, जैसे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, फर्जी पुलिस/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर ठगी, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लोन एवं निवेश योजनाएं, टेलीग्राम और व्हाट्सएप टास्क फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, कस्टमर केयर फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, मेट्रिमोनियल फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ठगी, के बारे में बताया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या आकर्षक ऑफर पर विश्वास न करें और बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम कार्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी स्थिति में साझा न करें। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। इस अभियान के तहत जिले के शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेन्द्र सिंह, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डीएसपी पुरुषोत्तम मरावी, यातायात प्रभारी सुभाष उइके, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी, सूबेदार अभिनव राय सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान "SAFE CLICK-2026" पूरे जिले में "सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं" संदेश के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।
मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ किया है। इस अभियान का राज्य स्तरीय उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा यूट्यूब वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। इसी क्रम में, डिंडौरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे की उपस्थिति में साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, तथा ओटीपी व बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, जैसे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, फर्जी पुलिस/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर ठगी, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लोन एवं निवेश योजनाएं, टेलीग्राम
और व्हाट्सएप टास्क फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, कस्टमर केयर फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, मेट्रिमोनियल फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ठगी, के बारे में बताया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या आकर्षक ऑफर पर विश्वास न करें और बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम कार्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी स्थिति में साझा न करें। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। इस अभियान के तहत जिले के शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेन्द्र सिंह, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डीएसपी पुरुषोत्तम मरावी, यातायात प्रभारी सुभाष उइके, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी, सूबेदार अभिनव राय सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान "SAFE CLICK-2026" पूरे जिले में "सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं" संदेश के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।
- मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ किया है। इस अभियान का राज्य स्तरीय उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा यूट्यूब वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। इसी क्रम में, डिंडौरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे की उपस्थिति में साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, तथा ओटीपी व बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, जैसे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, फर्जी पुलिस/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर ठगी, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लोन एवं निवेश योजनाएं, टेलीग्राम और व्हाट्सएप टास्क फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, कस्टमर केयर फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, मेट्रिमोनियल फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ठगी, के बारे में बताया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या आकर्षक ऑफर पर विश्वास न करें और बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम कार्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी स्थिति में साझा न करें। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। इस अभियान के तहत जिले के शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेन्द्र सिंह, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डीएसपी पुरुषोत्तम मरावी, यातायात प्रभारी सुभाष उइके, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी, सूबेदार अभिनव राय सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान "SAFE CLICK-2026" पूरे जिले में "सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं" संदेश के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।2
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान, बजाग ब्लॉक के घोपतपुर स्थित डुमर टोला से करीब आधा सैकड़ा लोग पीने के पानी की गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इन ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी यह महत्वपूर्ण मांग रखी।4
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित रेस्ट हाउस में जनसंघ के संस्थापक परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया। यह कार्यक्रम आज, 23 जून को भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रीमती राधा विजय तिवारी, महामंत्री विमल अग्रवाल और कार्यक्रम प्रभारी प्रदीप सोनी के नेतृत्व में मंडल पाली सहित समस्त बूथों पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित की गई और दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, साथ ही उनके योगदान को याद किया गया। अध्यक्ष राधा विजय तिवारी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन और उनका बलिदान देश की चुनौतियों एवं विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम में कई लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से मंडल अध्यक्ष श्रीमती राधा विजय तिवारी, महामंत्री विमल अग्रवाल, कार्यक्रम प्रभारी प्रदीप सोनी, कामता विश्वकर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल, प्रभात अवधिया, किशन कोरी, सुरेश वर्मा, ममता बर्मन, भरत प्रजापति, कौशल यादव, कमल सिंह, भीम सिंह, देवी सिंह, इब्बू खान, रवि गुप्ता और भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे।3
- अनूपपुर पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाते हुए त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को महिला संबंधी घटनाओं में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक आरोपी को गिरफ्तार कर एक त्वरित और प्रभावी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब दिनांक 23 जून 2026 को कोतवाली अनूपपुर में एक 27 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि शाम करीब 04:00 से 05:00 बजे के बीच, जब वह अपने घर पर अकेली थी, आरोपी नीरज यादव (लगभग 22 वर्षीय, पिता: प्रहलाद यादव, निवासी ग्राम औढेरा, अनूपपुर) उसके घर पहुंचा। आरोपी ने महिला के साथ अश्लील हरकत तथा छेड़छाड़ का प्रयास किया, जिसके बाद महिला के विरोध करने और आवाज़ लगाने पर वह मौके से भाग गया। महिला की शिकायत पर, थाने में अपराध क्रमांक 380/26 दर्ज करते हुए, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरिक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक विनय बैस, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति और चालक प्रधान आरक्षक खेमराज सिंह की एक टीम ने तत्काल जांच कर आरोपी नीरज यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक महिला संबंधी प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।2
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड हादसे में दिवंगत हुए जयनिल का शव उनके पैतृक घर भालूमाड़ा पहुंच गया है। इस दुखद अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से जयनिल को अंतिम विदाई दी।1
- वन अधिकार कानून को लागू करने में प्रशासनिक ढुलमुल रवैये और उदासीनता के खिलाफ मध्य प्रदेश के बिछिया में भारी गुस्सा फूटा है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत सामाजिक संगठनों और जन संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एक विशाल रैली और सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मवई और बिछिया के दर्जनों गांवों से आए 360 आदिवासियों सहित भारी संख्या में महिला-पुरुषों ने बिछिया थाने पहुंचकर शांतिपूर्ण गिरफ्तारी दी। बाद में, उन्होंने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी लंबित मांगों को रखा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जिले की 10 ग्राम सभाओं के सामुदायिक वन संसाधन दावे और हजारों व्यक्तिगत दावे लंबे समय से प्रशासन के पास लंबित हैं। इस आंदोलन में बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता विशेष रूप से शामिल हुए।1
- अनूपपुर में एकलव्य पैंथर्स खो-खो चैंपियनशिप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2026 का भव्य समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इस प्रतियोगिता में बालक वर्ग में राघवेंद्र टाइगर्स और बालिका वर्ग में अर्वा क्वींस (श्री रईस खान की टीम) ने जीत हासिल कर विजेता का खिताब जीता। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई बालक एवं बालिका टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मैदान पूजन के साथ हुआ था। कार्यक्रम का आयोजन विवेक यादव और इमरान खान के नेतृत्व में, तथा एकेडमी के अध्यक्ष आदर्श दुबे के मार्गदर्शन में किया गया। तीन दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों में, बालिका वर्ग में अर्वा क्वींस (रईस खान) ने जीत दर्ज की, जबकि आशुतोष स्टार गर्ल्स की टीम उपविजेता रही। वहीं, बालक वर्ग में राघवेंद्र टाइगर्स (प्रो राघवेंद्र सिंह) ने विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया और जितेंद्र वॉरियर्स उपविजेता बनी। समापन समारोह में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मध्यप्रदेश खो-खो संघ के प्रदेश सचिव श्री संजय यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में जितेंद्र भट्ट (जिला उपाध्यक्ष भाजपा), भाजपा मंडल अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, वार्ड 7 की पार्षद श्रीमती प्रवीण त्रिपाठी, भाजपा नेता अरुण सिंह, प्रवीण चौरसिया, मयंक त्रिपाठी, मनीष भोजवानी और जिले के पीटीआई गण शामिल थे। खो-खो संघ के प्रदेश सचिव श्री संजय यादव ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए बताया कि इस प्रकार की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं जिले के खिलाड़ियों को नई पहचान प्रदान करती हैं। प्रतियोगिता के संरक्षक एवं एकेडमी अध्यक्ष आदर्श दुबे ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रायोजकों, सहयोगी संस्थाओं, खेल प्रेमियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस आयोजन को अनूपपुर के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, क्योंकि यह जिले में पहली बार आयोजित की गई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता थी। आयोजक मंडल में विवेक कुमार यादव एवं मो. इमरान के साथ खेल प्रशिक्षिका साक्षी पाठक, शिवानी केशरवानी, शालिनी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता को सफल बनाने में श्रीमती प्रवीण त्रिपाठी, रईस खान, जीतेंद्र भट्ट, मयंक त्रिपाठी, प्रो राघवेंद्र सिंह (राघवेंद्र टाइगर्स), तेजभान सिंह, पवन कुमार चीनी (पवन वेंडर्स), अर्जुन सिंह और आशुतोष तिवारी जैसे प्रायोजकों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। समापन अवसर पर, मध्य प्रदेश खो-खो संघ के सचिव संजय यादव और आयोजक मंडल द्वारा सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे खिलाड़ियों में प्रसन्नता और उत्साह का माहौल देखा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन खेल प्रशिक्षक संजय राठौर ने किया। एकेडमी ने इस प्रतियोगिता के माध्यम से 'खेल का जज्बा, अनुशासन और समर्पण' अपनी पहचान के रूप में प्रस्तुत किया।4
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत देवरा में शासकीय सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा के हरिजन मोहल्ला वार्ड क्रमांक 2 में पहले कभी सड़क नहीं थी और लोग खेतों की मेड़ से आवागमन करते थे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपनी निजी भूमि शपथ पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने के बाद, पंचायत ने 115 मीटर लंबी और 03 मीटर चौड़ी कंक्रीट सड़क के निर्माण को ₹4,18,000 की लागत से स्वीकृति दी थी। श्रमिकों द्वारा लगभग ₹60,000 का कार्य कराते हुए जैसे ही मिट्टी डालकर सड़क को आकार दिया गया, कुछ शपथ कर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया। इस पूरे मामले की शिकायत आज दर्ज कराई गई है।3