रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी सफलता की कहानी: पक्के घर का सपना हुआ साकार ब्यावर उपखण्ड टॉडगढ़ की ग्राम पंचायत बराखन में आयोजित ग्राम रथ अभियान ने एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण जगाई। ग्राम बराखन निवासी श्रीमती लक्ष्मी देवी (पति श्री शक्ति सिंह, जाति रावत) का वर्षों पुराना सपना इस अभियान के माध्यम से साकार हुआ। पूर्व में कच्चे मकान में जीवन यापन कर रही लक्ष्मी देवी को हर बारिश में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी। ऐसे में ग्राम रथ अभियान उनके लिए आशा की किरण बनकर आया। कार्यक्रम प्रभारी श्री पन्ना सिंह, नायब तहसीलदार, ब्यावर के मार्गदर्शन में लक्ष्मी देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और उनके नए पक्के घर का गृह प्रवेश संपन्न कराया गया। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। भावुक होकर लक्ष्मी देवी कहती हैं— "पहले कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत परेशानी होती थी। अब पक्का घर मिलने से जीवन आसान हो गया है। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से मेरा कार्य हुआ, इसके लिए मैं राज्य सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।" यह कहानी न केवल एक परिवार के जीवन में आए बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सरकार की योजनाएं सही पात्र तक पहुंचकर कैसे वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।
रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी सफलता की कहानी: पक्के घर का सपना हुआ साकार ब्यावर उपखण्ड टॉडगढ़ की ग्राम पंचायत बराखन में आयोजित ग्राम रथ अभियान ने एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण जगाई। ग्राम बराखन निवासी श्रीमती लक्ष्मी देवी (पति श्री शक्ति सिंह, जाति रावत) का वर्षों पुराना सपना इस अभियान के माध्यम से साकार हुआ। पूर्व में कच्चे मकान में जीवन यापन कर रही लक्ष्मी देवी को हर बारिश में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी। ऐसे में ग्राम रथ अभियान उनके लिए आशा की किरण बनकर आया। कार्यक्रम प्रभारी श्री पन्ना सिंह, नायब तहसीलदार, ब्यावर के मार्गदर्शन में लक्ष्मी देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और उनके नए पक्के घर का गृह प्रवेश संपन्न कराया गया। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। भावुक होकर लक्ष्मी देवी कहती हैं— "पहले कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत परेशानी होती थी। अब पक्का घर मिलने से जीवन आसान हो गया है। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से मेरा कार्य हुआ, इसके लिए मैं राज्य सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।" यह कहानी न केवल एक परिवार के जीवन में आए बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सरकार की योजनाएं सही पात्र तक पहुंचकर कैसे वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी ब्यावर जिले में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ब्यावर। भारत की वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना इस बार खास रहने वाली है, क्योंकि यह देश की 16वीं जनगणना होने के साथ-साथ पहली डिजिटल जनगणना भी होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना से पूर्व आमजन को 1 मई से 15 मई तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए Self Enumeration Portal उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल पर परिवार का पंजीकरण मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जाएगा। पूरी जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी (H से शुरू) जनरेट होगी, जो मोबाइल और ईमेल के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके बाद जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर HLO App के माध्यम से कुल 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने पहले से स्व-गणना कर ली है, उन्हें अपनी 11 अंकों की आईडी प्रगणक को बतानी होगी, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सके। जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 12 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 7 ग्रामीण (ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर, बदनोर, टॉडगढ़) और 5 शहरी (नगर परिषद ब्यावर, नगर पालिका जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर) शामिल हैं। इन चार्ज क्षेत्रों में कुल 2022 ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में 1860 प्रगणक और 301 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ को रिजर्व रखा गया है। इनके प्रशिक्षण के लिए 1 मई से 12 मई तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत 63 बैच बनाए गए हैं और 39 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न किया जाए, जिससे सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।1
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- *सफलता की कहानी: पक्के घर का सपना हुआ साकार* ब्यावर उपखण्ड टॉडगढ़ की ग्राम पंचायत बराखन में आयोजित ग्राम रथ अभियान ने एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण जगाई। ग्राम बराखन निवासी श्रीमती लक्ष्मी देवी (पति श्री शक्ति सिंह, जाति रावत) का वर्षों पुराना सपना इस अभियान के माध्यम से साकार हुआ। पूर्व में कच्चे मकान में जीवन यापन कर रही लक्ष्मी देवी को हर बारिश में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी। ऐसे में ग्राम रथ अभियान उनके लिए आशा की किरण बनकर आया। कार्यक्रम प्रभारी श्री पन्ना सिंह, नायब तहसीलदार, ब्यावर के मार्गदर्शन में लक्ष्मी देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और उनके नए पक्के घर का गृह प्रवेश संपन्न कराया गया। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। भावुक होकर लक्ष्मी देवी कहती हैं— "पहले कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत परेशानी होती थी। अब पक्का घर मिलने से जीवन आसान हो गया है। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से मेरा कार्य हुआ, इसके लिए मैं राज्य सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।" यह कहानी न केवल एक परिवार के जीवन में आए बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सरकार की योजनाएं सही पात्र तक पहुंचकर कैसे वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।1
- ब्यावर 29 अप्रैल। ग्राम रथ अभियान के तहत अनोखे और प्रभावी तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता फैलाई जा रही है। शायरी, मनोरंजन और प्रेरक कहानियों के जरिए आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सहज और रोचक ढंग से दी जा रही है। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी ने बताया कि ग्राम रथ के दूसरे दिन हरराजपुरा में कला जत्था द्वारा मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले की तीनों विधानसभाओं में इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जागरूकता का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण परिवेश में योजनाओं को सरल और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत करने से लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ती है। ग्राम रथ के माध्यम से आमजन सीधे लाभार्थियों से संवाद कर रहे हैं, आवेदन प्रक्रिया को समझ रहे हैं और अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान भी प्राप्त कर रहे हैं। यही कारण है कि ग्राम रथ कार्यक्रम ग्रामीणों के लिए अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है। सिर्फ बातें ही न हों, सुझाव और शिकायतें भी आगे तक पहुँचें” — इसी उद्देश्य के साथ यह प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्राम पंचायत स्तर की आवाज़ सीधे मुख्यालय तक पहुँच सके। उन्होंने मीडिया कर्मियों एवं आमजन से अपील की कि इस अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें, ताकि जनभागीदारी बढ़े और योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँच सके। कार्यक्रम में कला जत्था के कलाकारों में विकास शर्मा, मोहित शर्मा, सूरज मीणा, अंकित जांगिड़ एवं जवाहर कला केंद्र की टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को प्रभावी बनाया। 👉 जागरूकता, सहभागिता और संवाद—यही है ग्राम रथ अभियान की पहचान।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, दासावास से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कक्षा के भीतर चार शिक्षक सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चे मिड-डे मील के भारी स्टील के बर्तन उठाते और ले जाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल आठ शिक्षक पदस्थापित हैं, जिनमें से घटना के समय सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चों से काम करवाया जा रहा था। वीडियो में प्रधानाध्यापक सोहनलाल फड़ौदा भी कुर्सी पर बैठे यह सब देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने न तो बच्चों को रोका और न ही शिक्षकों को कोई निर्देश दिया। बच्चों ने आरोप लगाया है कि उनसे यह काम रोजाना करवाया जाता है। यह घटना केवल एक दिन की लापरवाही नहीं, बल्कि विद्यालय में एक नियमित व्यवस्था का हिस्सा प्रतीत होती है। यह बाल अधिकारों और मिड-डे मील योजना के उद्देश्यों का उल्लंघन है, जिसका लक्ष्य बच्चों को पोषण और सुविधा प्रदान करना है। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। रियांबड़ी उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और जल्द ही मौके पर जाकर जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल कल्याण समिति नागौर के अध्यक्ष मनोज सोनी ने भी इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक सोहन राम ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे अपने खाने के बर्तन साफ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बड़े बर्तन खाली थे और उन्हें रसोई में रखा जा रहा था। उनका कहना था कि एक बड़े भगोने में सभी थालियां साफ करके रखी जा रही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद यह पूरा मामला गरमा गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में बुधवार तेज गर्मी से जन जीवन प्रभावित नजर आया वही शाम होते ही मौसम ने करवट ली, तेज तपन व उमस के बीच शाम होते ही आसमान में काले बादलों की आवाजाही शुरू हो गयी, तेज हवाओं व गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ , सिरियारी क्षेत्र में बारिश के साथ ओले गिरे, मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभसक्रिय हो रहा है और साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं भी जोर पकड़ रही हैं. इस दोहरे प्रभाव के कारण अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा! बेमौसम बारिश से शादी वाले हैं घरों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, तेज हवाओं के कारण टेंट उड़ते नजर आए वही बारिश व ओलो से काफी नुकसान हुआ!3
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.1
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी कांस्टेबल मनोज सिंदल को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई उदयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में कार्यरत बर ग्राम निवासी कांस्टेबल मनोज सिंदल पुत्र पुखराज सिंदल के आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों में गहरा दुःख छा गया। कांस्टेबल मनोज सिंदल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बर लाया गया । जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के लोग और परिजन एकत्रित हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और वातावरण गमगीन बना रहा। इसके पश्चात जोधपुर रोड स्थित हिंदू मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस की टुकड़ी द्वारा सलामी दी गई और पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। यह दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था । जिसे देखकर उपस्थित लोगों की आंखें भर आईं। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, जवानों के साथ-साथ गांव के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।1