रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी ब्यावर जिले में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ब्यावर। भारत की वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना इस बार खास रहने वाली है, क्योंकि यह देश की 16वीं जनगणना होने के साथ-साथ पहली डिजिटल जनगणना भी होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना से पूर्व आमजन को 1 मई से 15 मई तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए Self Enumeration Portal उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल पर परिवार का पंजीकरण मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जाएगा। पूरी जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी (H से शुरू) जनरेट होगी, जो मोबाइल और ईमेल के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके बाद जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर HLO App के माध्यम से कुल 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने पहले से स्व-गणना कर ली है, उन्हें अपनी 11 अंकों की आईडी प्रगणक को बतानी होगी, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सके। जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 12 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 7 ग्रामीण (ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर, बदनोर, टॉडगढ़) और 5 शहरी (नगर परिषद ब्यावर, नगर पालिका जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर) शामिल हैं। इन चार्ज क्षेत्रों में कुल 2022 ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में 1860 प्रगणक और 301 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ को रिजर्व रखा गया है। इनके प्रशिक्षण के लिए 1 मई से 12 मई तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत 63 बैच बनाए गए हैं और 39 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न किया जाए, जिससे सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।
रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी ब्यावर जिले में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ब्यावर। भारत की वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना इस बार खास रहने वाली है, क्योंकि यह देश की 16वीं जनगणना होने के साथ-साथ पहली डिजिटल जनगणना भी होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना से पूर्व आमजन को 1 मई से 15 मई तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए Self Enumeration Portal उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल पर परिवार का पंजीकरण मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जाएगा। पूरी जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी (H से शुरू) जनरेट होगी, जो मोबाइल और ईमेल के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके बाद जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर HLO App के माध्यम से कुल 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने पहले से स्व-गणना कर ली है, उन्हें अपनी 11 अंकों की आईडी प्रगणक को बतानी होगी, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सके। जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 12 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 7 ग्रामीण (ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर, बदनोर, टॉडगढ़) और 5 शहरी (नगर परिषद ब्यावर, नगर पालिका जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर) शामिल हैं। इन चार्ज क्षेत्रों में कुल 2022 ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में 1860 प्रगणक और 301 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ को रिजर्व रखा गया है। इनके प्रशिक्षण के लिए 1 मई से 12 मई तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत 63 बैच बनाए गए हैं और 39 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न किया जाए, जिससे सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी ब्यावर जिले में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ब्यावर। भारत की वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना इस बार खास रहने वाली है, क्योंकि यह देश की 16वीं जनगणना होने के साथ-साथ पहली डिजिटल जनगणना भी होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना से पूर्व आमजन को 1 मई से 15 मई तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए Self Enumeration Portal उपलब्ध कराया गया है। इस पोर्टल पर परिवार का पंजीकरण मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जाएगा। पूरी जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी (H से शुरू) जनरेट होगी, जो मोबाइल और ईमेल के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके बाद जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक संचालित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर HLO App के माध्यम से कुल 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करेंगे। जिन परिवारों ने पहले से स्व-गणना कर ली है, उन्हें अपनी 11 अंकों की आईडी प्रगणक को बतानी होगी, जिससे दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सके। जिले में जनगणना कार्य के लिए कुल 12 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 7 ग्रामीण (ब्यावर, जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर, बदनोर, टॉडगढ़) और 5 शहरी (नगर परिषद ब्यावर, नगर पालिका जैतारण, रायपुर, मसूदा, बिजयनगर) शामिल हैं। इन चार्ज क्षेत्रों में कुल 2022 ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में 1860 प्रगणक और 301 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, साथ ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्टाफ को रिजर्व रखा गया है। इनके प्रशिक्षण के लिए 1 मई से 12 मई तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत 63 बैच बनाए गए हैं और 39 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न किया जाए, जिससे सटीक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।1
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- *सफलता की कहानी: पक्के घर का सपना हुआ साकार* ब्यावर उपखण्ड टॉडगढ़ की ग्राम पंचायत बराखन में आयोजित ग्राम रथ अभियान ने एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण जगाई। ग्राम बराखन निवासी श्रीमती लक्ष्मी देवी (पति श्री शक्ति सिंह, जाति रावत) का वर्षों पुराना सपना इस अभियान के माध्यम से साकार हुआ। पूर्व में कच्चे मकान में जीवन यापन कर रही लक्ष्मी देवी को हर बारिश में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी। ऐसे में ग्राम रथ अभियान उनके लिए आशा की किरण बनकर आया। कार्यक्रम प्रभारी श्री पन्ना सिंह, नायब तहसीलदार, ब्यावर के मार्गदर्शन में लक्ष्मी देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और उनके नए पक्के घर का गृह प्रवेश संपन्न कराया गया। अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रह रहा है। भावुक होकर लक्ष्मी देवी कहती हैं— "पहले कच्चे मकान में बारिश के समय बहुत परेशानी होती थी। अब पक्का घर मिलने से जीवन आसान हो गया है। ग्राम रथ अभियान के माध्यम से मेरा कार्य हुआ, इसके लिए मैं राज्य सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।" यह कहानी न केवल एक परिवार के जीवन में आए बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सरकार की योजनाएं सही पात्र तक पहुंचकर कैसे वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।1
- नागौर जिले के बुटाटी धाम में दान पात्र खोलने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, दान पात्र (दान पेटी) खोलने के मुद्दे पर ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि ग्रामीण दान पात्र खोलने में पारदर्शिता और अपनी भागीदारी की मांग कर रहे थे, जबकि सुरक्षाकर्मी निर्धारित नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करना चाहते थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- नागौर के रियाँबड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में गुरुवार को उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट अशोक मीणा कथित तौर पर नशे की हालत में ड्यूटी पर पहुंच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने विरोध स्वरूप दवा वितरण केंद्र पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर उपखंड प्रशासन हरकत में आया और रियाँबड़ी तहसीलदार अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद आरोपी कर्मचारी को नशे की जांच के लिए थाने ले जाया गया। शिक्षा अधिकारी चेनाराम चौधरी ने बताया कि अशोक मीणा को पुलिस जांच हेतु थाने ले गई है। आगे की कार्रवाई के लिए उसे उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को पहले भी नशे की हालत में ड्यूटी पर आने के कारण कार्यमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद वह फिर से लापरवाही बरत रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता बेहद खराब है। विशेषकर खांसी की दवा या तो मिलती ही नहीं या फिर एक-दो दिन में खत्म हो जाती है, जिससे मरीजों को मजबूरन बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के चलते आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।1
- मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में बुधवार तेज गर्मी से जन जीवन प्रभावित नजर आया वही शाम होते ही मौसम ने करवट ली, तेज तपन व उमस के बीच शाम होते ही आसमान में काले बादलों की आवाजाही शुरू हो गयी, तेज हवाओं व गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ , सिरियारी क्षेत्र में बारिश के साथ ओले गिरे, मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभसक्रिय हो रहा है और साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं भी जोर पकड़ रही हैं. इस दोहरे प्रभाव के कारण अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा! बेमौसम बारिश से शादी वाले हैं घरों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, तेज हवाओं के कारण टेंट उड़ते नजर आए वही बारिश व ओलो से काफी नुकसान हुआ!3
- Post by Jalampura AC morcha adhyaks D.1
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी कांस्टेबल मनोज सिंदल को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई उदयपुर रिजर्व पुलिस लाइन में कार्यरत बर ग्राम निवासी कांस्टेबल मनोज सिंदल पुत्र पुखराज सिंदल के आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही उनके निधन की खबर गांव पहुंची। परिजनों और ग्रामीणों में गहरा दुःख छा गया। कांस्टेबल मनोज सिंदल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बर लाया गया । जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के लोग और परिजन एकत्रित हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और वातावरण गमगीन बना रहा। इसके पश्चात जोधपुर रोड स्थित हिंदू मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस की टुकड़ी द्वारा सलामी दी गई और पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। यह दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था । जिसे देखकर उपस्थित लोगों की आंखें भर आईं। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, जवानों के साथ-साथ गांव के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।1