रामकृष्ण केयर अस्पताल हादसा: तीन मौतें, लेकिन 26 घंटे बाद भी FIR नहीं… क्या जिम्मेदारों को बचाया जा रहा? रायपुर। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को 26 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक पुलिस ने FIR तक दर्ज नहीं की है। मृतकों के परिजनों ने साफ आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने मजदूरों को बिना सुरक्षा के गटर में उतारकर उनकी जान ली है। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई सिर्फ ‘मर्ग कायम कर जांच शुरू करने’ तक सीमित है। पुलिस का कहना है कि लिखा-पढ़ी चल रही है, जल्द ही FIR हो जाएगी। लेकिन, सवाल यह है कि आखिर यह ‘जल्द’ कब आएगा? इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की सुस्ती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या किसी प्रभावशाली संस्थान को बचाने के लिए कार्रवाई टाली जा रही है? या फिर मजदूरों की जान की कीमत इतनी कम है कि 24 घंटे बाद भी न्याय की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई? रायपुर में ही इस तरह की लापरवाही की वजह से मजदूरों की यह पहली बार जान नहीं गई है। दो वर्ष पहले अशोका बिरयानी रेस्टोरेंट में भी इसी तरह गटर में उतरने से दो लोगों की मौत हुई थी। उस मामले में पुलिस ने बिना देरी किए तुरंत FIR दर्ज की, आरोपियों को गिरफ्तार किया और कार्रवाई भी की गई। यहां तक कि रेस्टोरेंट के मालिक केके तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया और सख्त कार्रवाई की। उस हादसे के दो वर्ष बाद रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुए हादसे के मामले में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
रामकृष्ण केयर अस्पताल हादसा: तीन मौतें, लेकिन 26 घंटे बाद भी FIR नहीं… क्या जिम्मेदारों को बचाया जा रहा? रायपुर। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को 26 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक पुलिस ने FIR तक दर्ज नहीं की है। मृतकों के परिजनों ने साफ आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने मजदूरों को बिना सुरक्षा के गटर में उतारकर उनकी जान ली है। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई सिर्फ ‘मर्ग कायम कर जांच शुरू करने’ तक सीमित है। पुलिस का कहना है कि लिखा-पढ़ी चल रही है, जल्द ही FIR हो जाएगी। लेकिन, सवाल यह है कि आखिर यह ‘जल्द’ कब आएगा? इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की सुस्ती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या किसी प्रभावशाली संस्थान को बचाने के लिए कार्रवाई टाली जा रही है? या फिर मजदूरों की जान की कीमत इतनी कम है कि 24 घंटे बाद भी न्याय की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई? रायपुर में ही इस तरह की लापरवाही की वजह से मजदूरों की यह पहली बार जान नहीं गई है। दो वर्ष पहले अशोका बिरयानी रेस्टोरेंट में भी इसी तरह गटर में उतरने से दो लोगों की मौत हुई थी। उस मामले में पुलिस ने बिना देरी किए तुरंत FIR दर्ज की, आरोपियों को गिरफ्तार किया और कार्रवाई भी की गई। यहां तक कि रेस्टोरेंट के मालिक केके तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया और सख्त कार्रवाई की। उस हादसे के दो वर्ष बाद रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुए हादसे के मामले में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
- रामकृष्ण केयर अस्पताल हादसा: तीन मौतें, लेकिन 26 घंटे बाद भी FIR नहीं… क्या जिम्मेदारों को बचाया जा रहा? रायपुर। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को 26 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक पुलिस ने FIR तक दर्ज नहीं की है। मृतकों के परिजनों ने साफ आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने मजदूरों को बिना सुरक्षा के गटर में उतारकर उनकी जान ली है। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई सिर्फ ‘मर्ग कायम कर जांच शुरू करने’ तक सीमित है। पुलिस का कहना है कि लिखा-पढ़ी चल रही है, जल्द ही FIR हो जाएगी। लेकिन, सवाल यह है कि आखिर यह ‘जल्द’ कब आएगा? इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की सुस्ती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या किसी प्रभावशाली संस्थान को बचाने के लिए कार्रवाई टाली जा रही है? या फिर मजदूरों की जान की कीमत इतनी कम है कि 24 घंटे बाद भी न्याय की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई? रायपुर में ही इस तरह की लापरवाही की वजह से मजदूरों की यह पहली बार जान नहीं गई है। दो वर्ष पहले अशोका बिरयानी रेस्टोरेंट में भी इसी तरह गटर में उतरने से दो लोगों की मौत हुई थी। उस मामले में पुलिस ने बिना देरी किए तुरंत FIR दर्ज की, आरोपियों को गिरफ्तार किया और कार्रवाई भी की गई। यहां तक कि रेस्टोरेंट के मालिक केके तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया और सख्त कार्रवाई की। उस हादसे के दो वर्ष बाद रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुए हादसे के मामले में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है।1
- *आदिवासी बच्चियों के साथ अत्याचार, जघन्य अपराध, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो-दुर्गा झा, प्रदेश उपाध्यक्ष, AAP CG* *प्रदेश के सभी आदिवासी बालिका आश्रम, छात्रावास और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा हो - कलावती मार्को, प्रदेश संयुक्त सचिव, AAP CG* रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर से सामने आए हालिया मामलों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के छात्रावास से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी ने आज 18 मार्च 2026 को रायपुर के अम्बेडकर चौक में धरना प्रदर्शन किया । प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा झा ने कहा कि गंगालूर क्षेत्र के पोर्टा केबिन हाई स्कूल से जुड़ी तीन आदिवासी छात्राओं के गर्भवती पाए जाने की जानकारी ने न केवल शिक्षा व्यवस्था, बल्कि छात्रावासों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किये हैं। तीनों छात्राएं करीब पांच महीने की गर्भवती हैं, जिनमें दो नाबालिग हैं। मामले का दूसरा अहम पहलू यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन छात्राओं के लिए पहले से गर्भावस्था से जुड़े कार्ड बनाए जाने की बात सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि संबंधित विभागों को स्थिति की जानकारी थी।इसके बावजूद समय रहते समन्वित कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह जांच का विषय है। ये मामला प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ़ ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा और सुरक्षा के लिए बनाए गए संस्थानों से ही ऐसी दर्दनाक खबरें सामने आ रही हैं। और इससे साफ होता है कि जिम्मेदार तंत्र अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है। यदि छात्राएं किसी आवासीय संस्था या शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी थीं, तो यह सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी थी कि उनकी सुरक्षा और गरिमा पूरी तरह सुरक्षित रहे। इस मामले में सामने आ रहे तथ्यों और बयानबाज़ी से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार लोग अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इन छात्राओं के साथ क्या हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आम आदमी पार्टी की प्रदेश संयुक्त सचिव कलावती मार्को ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश भर के आश्रम, छात्रावास और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। पार्टी सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर पूरी मजबूती से खड़ी है। यदि जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी प्रदेश भर में इस मुद्दे को लेकर आवाज़ उठाने से पीछे नहीं हटेगी। आज के धरना प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी की ओर से दुर्गा झा, अनुषा जोसेफ, कलावती मार्को, स्वाति तिवारी, अनुराधा शुक्ला, सिमरजीत कौर, करमजीत कौर, गौरी सोनमती कन्नौजे, ज्योति दानेकर, आशा कन्नौजे, निर्मला कुम्हारे, पूजा कुम्हारे जसोदा सुंदरी बाई, सूरज उपाध्याय, मुन्ना बिसेन, इमरान खान और मिहिर कुर्मी सहित रायपुर जिले के अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।1
- रायपुर। थाना तिल्दा नेवरा पुलिस ने ऑपरेशन “निश्चय” के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राजीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 2 किलो 267 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 13 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 18 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक युवक रेलवे ओवरब्रिज के नीचे संदिग्ध रूप से गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहा है। सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रज्वल किसन हुके (22 वर्ष), निवासी वर्धा, महाराष्ट्र बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से सफेद रंग के झोले में रखा गांजा बरामद किया गया, जिसे आरोपी ने विशेष तरीके से सिलाई कर पेट पर बांधकर कपड़ों के अंदर छिपाया हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रायपुर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस द्वारा ऑपरेशन “निश्चय” के तहत क्षेत्र में अवैध गांजा और शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।2
- *भिलाई स्टील प्लांट में घुसकर स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह पर कार्यवाही, मुख्य आरोपी गिरफ्तार* ▪️ *बीएसपी परिसर में अवैध प्रवेश कर लोहे का स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा* ▪️ *मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया* ▪️ *1030 किलोग्राम लोहा स्क्रैप एवं घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन जप्त* ▪️ *प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश जारी* बीएसपी भिलाई द्वारा थाना भिलाई भट्ठी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्टिंग यार्ड के पास कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से प्लांट में प्रवेश कर लोहे का स्क्रैप चोरी किया जा रहा था। प्राप्त सूचना पर थाना भिलाई भट्ठी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी राकेश कुमार सोनकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर पिकअप वाहन में स्क्रैप चोरी कर ले जाने की बात स्वीकार की। आरोपी को दिनांक 18.03.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। ▪️ घटना का कारण : अवैध लाभ अर्जित करने हेतु औद्योगिक क्षेत्र से स्क्रैप चोरी करना ▪️ घटनास्थल : ब्लास्टिंग यार्ड के पास, भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई ▪️ आरोपी का नाम : 1. आकाश राव पुरके, उम्र 30 वर्ष, निवासी कैंप 2 शारदा पारा मिलन चौक, भिलाई 2. नरेश कलेथ, उम्र 20 वर्ष, निवासी सेक्टर 4, सड़क 10, क्वार्टर 2, ब्लॉक 20, भिलाई 3. पुष्पेंद्र दीप, उम्र 32 वर्ष, निवासी सेक्टर 5, सड़क 17, बस्ती नाला के पास, भिलाई 4. राकेश कुमार सोनकर, उम्र 41 वर्ष, निवासी महात्मा गांधी नगर, पावर हाउस, कैंप 2, भिलाई 5. मनोज कुम्भार, उम्र 35 वर्ष, निवासी सेक्टर 5, सड़क 17, नाला के पास, भिलाई 6. मनोज कुमार गुप्ता, उम्र 39 वर्ष, निवासी महात्मा गांधी नगर, कैंप 02, भिलाई ▪️ जप्त सामग्री : 1. 16 नग लोहा स्क्रैप तार, वजनी लगभग 1030 किलोग्राम, कीमती करीब 30,000/- रुपये 2. पिकअप वाहन क्रमांक CG 07 CY 2912, कीमती लगभग 2,00,000/- रुपये ▪️ सराहनीय कार्य : उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी भिलाई भट्ठी निरीक्षक प्रकाश कांत, प्रधान आरक्षक खिलेश्वर साहू, आरक्षक पुरुषोत्तम साहू की सराहनीय भूमिका रही। ▪️ दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से अपील करती है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। चोरी एवं अन्य आपराधिक कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। —0000—1
- Post by Ikrar Khan1
- Post by Rameshwar sahu1
- गल्ला व्यापारी के साथ दिनदहाड़े मार-पीट और तीन लाख की लूट1
- एमबीबीएस योजना से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 29 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा 758 करोड़ का लाभ छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) लागू की है। छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) लागू की है। इस योजना के जरिए बकाया बिजली बिलों के भुगतान में उपभोक्ताओं को बड़ी छूट दी जाएगी। योजना के तहत प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को करीब 758 करोड़ रुपए तक की सीधी राहत मिलने का अनुमान है।1