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आर यस फ्लोर मिल एवं ऑयल मिल का संपन्न हुआ भव्य उद्घाटन समारोह मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। विकासखंड मोतिगरपुर के खनुहट-करनाईतपुर स्थित राम सहाय के प्रतिष्ठान आर.एस. फ्लोर मिल एवं ऑयल मिल का भव्य उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिथियों ने फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया तथा संचालक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस मिल के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों एवं आम लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। समारोह के अंत में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
Brijesh Tiwari
आर यस फ्लोर मिल एवं ऑयल मिल का संपन्न हुआ भव्य उद्घाटन समारोह मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। विकासखंड मोतिगरपुर के खनुहट-करनाईतपुर स्थित राम सहाय के प्रतिष्ठान आर.एस. फ्लोर मिल एवं ऑयल मिल का भव्य उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिथियों ने फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया तथा संचालक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस मिल के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों एवं आम लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। समारोह के अंत में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
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- आर यस फ्लोर मिल एवं ऑयल मिल का संपन्न हुआ भव्य उद्घाटन समारोह मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। विकासखंड मोतिगरपुर के खनुहट-करनाईतपुर स्थित राम सहाय के प्रतिष्ठान आर.एस. फ्लोर मिल एवं ऑयल मिल का भव्य उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिथियों ने फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया तथा संचालक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस मिल के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों एवं आम लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। समारोह के अंत में उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।3
- गैंगस्टर को 4 साल की कैद:5 साल काट चुका है जेल; जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद सुलतानपुर में गैंगस्टर राजेश शुक्ला को गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश राकेश यादव ने चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में रहते हुए मुकदमे की पैरवी न करने की धमकी देने से जुड़ा है। न्यायालय में राजेश शुक्ला ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए दंडित किए जाने की प्रार्थना की, जिसके आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। बताया गया कि वह इस मामले में पहले ही करीब पांच वर्ष जेल में बिता चुका है। विशेष लोक अभियोजक अलका सिंह के अनुसार, इस मामले की एफआईआर 6 जनवरी 2002 को करौदीकला थाने में तारकेश्वर सिंह निवासी गोवा पट्टी बांगरकला की तहरीर पर दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार, 8 अक्टूबर 2000 की सुबह करीब 9:30 बजे परशुराम विद्यालय परिसर में शहाबुद्दीनपुर निवासी जयहिंद सिंह, बबलू सिंह और शुकुलपुर निवासी राजेश शुक्ला ने जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद तीनों आरोपी जेल भेजे गए थे। बाद में जयहिंद सिंह और बबलू सिंह जमानत पर रिहा हो गए। आरोप है कि 5 अक्टूबर को दोनों ने वादी तारकेश्वर सिंह से मिलकर कहा कि राजेश शुक्ला ने जेल से संदेश भेजा है कि मुकदमे की पैरवी छोड़ दें, अन्यथा उन्हें जान से मार दिया जाएगा। मामले की विवेचना एबी सिंह ने की और तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान सह-आरोपी जयहिंद सिंह और बबलू सिंह की मृत्यु हो गई। इसके बाद राजेश शुक्ला ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके आधार पर विशेष अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई।1
- अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां **अमहट मंडी में सफाई टेंडर लटकने से जलभराव* *गंदे पानी में तैर रही सब्जियां, संचारी रोग अभियान की उड़ रही धज्जियां** सुल्तानपुर:अमहट एक तरफ जहां शासन-प्रशासन संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए विशेष "संचारी रोग नियंत्रण अभियान" चलाकर साफ-सफाई और जागरूकता का ढिंढोरा पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर अमहट मंडी परिसर में घोर प्रशासनिक लापरवाही का नजारा देखने को मिल रहा है। मंडी समिति की घोर अनदेखी और अनियमितताओं के चलते पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो चुका है। नाले-नालियों की सफाई का टेंडर महीनों से अटका पड़े होने के कारण नालियों का बदबूदार और दूषित पानी अब पूरी मंडी में भर गया है। मंडी परिसर में बारिश के कारण जलभराव के बीच सब्जियां गंदे पानी में तैरती नजर आई स्थिति इतनी भयावह है कि बिक्री के लिए रखी गई सब्जियां इसी दूषित और बदबूदार पानी में तैरती नजर आ रही हैं। दूषित पानी में डूबी सब्जियों की खुलेआम बिक्री से आम जनता के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का फैलाव तय माना जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था लंबे समय से ध्वस्त है। मंडी प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि नाले-नालियों की सफाई का टेंडर कागजों में ही महीनों से लटका हुआ है। बजट और कागजी लिखापढ़ी के खेल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। पहली ही बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होने से पूरी मंडी तालाब का रूप ले लेती है। प्रदेश भर में संचारी रोगों (जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और हैजा) से बचाव के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय जलजमाव रोकने तथा साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। ऐसे में अमहट मंडी की यह बदहाली प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। मंडी जैसी जगह पर, जहां हजारों लोगों की आवाजाही होती है और पूरे क्षेत्र के लिए खान-पान की सामग्री सप्लाई होती है, वहां जमा यह दूषित पानी संक्रामक बीमारियों को सीधा आमंत्रण दे रहा है। हम हर महीने मंडी शुल्क और टैक्स देते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हमें गंदगी और बीमारी मिल रही है। टेंडर प्रक्रिया कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। अगर जल्द ही जलभराव और गंदगी की समस्या से निजात नहीं मिली क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी बीमारी के फैलने का इंतजार कर रहे हैं? संचारी रोग अभियान के दौरान मंडी परिसर की यह दुर्दशा सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता और व्यापारियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी कराई जाए और लटके पड़े सफाई टेंडर को जल्द से जल्द हरी झंडी दी जाए।1
- जल भराव बना मासूमों की जान का दुश्मन स्कूल जाते समय पलटा ई रिक्शा बाल-बाल- बची कई जिंदगियां सोशल मीडिया पर वायरल कानपुर। शहर में हुई तेज बारिश के बाद जलभराव और जर्जर सड़कों ने बड़ा हादसा करा दिया। किदवई नगर स्थित यूपी किराना सेवा समिति स्कूल के सामने बच्चों से भरा ई-रिक्शा पानी से भरी टूटी सड़क पर पलट गया। हादसे में कई बच्चे घायल हो गए, जबकि एक बच्ची पानी में गिरकर चोटिल हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हैरानी की बात यह रही कि अभिभावक बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे तो वहां छुट्टी का नोटिस मिला। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने समय रहते छुट्टी की सूचना नहीं दी, बल्कि बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई थी। दूसरी ओर नगर निगम की लापरवाही से जलभराव और टूटी सड़कें हादसे की वजह बनीं। अब अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि जब न सड़कें सुरक्षित हैं और न ही समय पर सूचना देने की व्यवस्था, तो आखिर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? मामले को जिला प्रशासन तक पहुंचाया जा रहा है। फिलहाल स्कूल प्रशासन और नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1