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अंधविश्वास ने छीनी मासूम की जिंदगी: सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में गंवाया कीमती समय, रोहन की मौत से सवेया खुर्द में मातम चनपटिया प्रखंड के सिरिसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सवेया खुर्द चुहड़ी वार्ड-13 में सर्पदंश की दर्दनाक घटना ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। रविंद्र कुमार के 8 वर्षीय पुत्र रोहन कुमार को घर के पास खेलते समय दीवार से निकले सांप ने डस लिया। घटना के बाद जहां तुरंत चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए थी, वहीं परिजन अंधविश्वास के चलते उसे इलाज के लिए चुहड़ी (झाड़-फूंक) के पास ले गए, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद हो गया। जब रोहन की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और हालत नाजुक हो गई, तब परिजन उसे आनन-फानन में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अगर समय रहते वैज्ञानिक उपचार मिलता, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। आज जीएमसीएच में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सा उपचार ही जीवन बचा सकता है। जागरूकता और सही समय पर इलाज ही ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता है।

2 hrs ago
user_S9 Bihar
S9 Bihar
News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
2 hrs ago

अंधविश्वास ने छीनी मासूम की जिंदगी: सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक में गंवाया कीमती समय, रोहन की मौत से सवेया खुर्द में मातम चनपटिया प्रखंड के सिरिसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सवेया खुर्द चुहड़ी वार्ड-13 में सर्पदंश की दर्दनाक घटना ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। रविंद्र कुमार के 8 वर्षीय पुत्र रोहन कुमार को घर के पास खेलते समय दीवार से निकले सांप ने डस लिया। घटना के बाद जहां तुरंत चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए थी, वहीं परिजन अंधविश्वास के चलते उसे इलाज के लिए चुहड़ी (झाड़-फूंक) के पास ले गए, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद हो गया। जब रोहन की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और हालत नाजुक हो गई, तब परिजन उसे आनन-फानन में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अगर समय रहते वैज्ञानिक उपचार मिलता, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। आज जीएमसीएच में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सा उपचार ही जीवन बचा सकता है। जागरूकता और सही समय पर इलाज ही ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता है।

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  • पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बगही नया टोला आज शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता एक ऐसा आईना बन चुका है, जो सरकारी दावों और धरातल की सच्चाई के बीच की गहरी खाई को साफ दिखाता है। यह वही विद्यालय है जहां 66 नौनिहालों के कंधों पर कल का भारत टिका है, लेकिन वे आज भी खुले आसमान के नीचे, प्लास्टिक के बोरे बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं। कक्षा एक से पांचवीं तक संचालित इस विद्यालय में चार महिला शिक्षिकाएं और एक पुरुष शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को असहज और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। न तो यहां पक्के भवन हैं, न स्थायी कक्षाएं, न डेस्क-बेंच और न ही ब्लैकबोर्ड की समुचित व्यवस्था। बच्चे हर दिन स्कूल पहुंचकर पहले खुद बैठने की जगह साफ करते हैं, फिर जमीन पर प्लास्टिक बिछाकर पढ़ाई शुरू करते हैं। गर्मी की चिलचिलाती धूप हो या सर्दियों की कंपकंपा देने वाली ठंड, इन बच्चों की पढ़ाई किसी भी मौसम में नहीं रुकती, लेकिन हालात बेहद कठिन हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब झोपड़ीनुमा ढांचा टपकने लगता है और पूरा विद्यालय परिसर पानी से भर जाता है। ऐसे में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। बच्चों ने बताया कि बारिश के दौरान सांप, बिच्छू और मेंढकों के निकल आने से डर का माहौल बन जाता है। सबसे गंभीर बात यह है कि विद्यालय में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। चार महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं को मजबूरी में आसपास के घरों या खेतों का सहारा लेना पड़ता है, जो किसी भी सभ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। शिक्षकों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से बैरिया बीडीओ द्वारा विद्यालय को पंचायत के सामुदायिक भवन में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया है, लेकिन वहां भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। इधर शिक्षा विभाग की ओर से डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और यह देखा जा रहा है कि विद्यालय के पास भूमि उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है कि बच्चों को खुले में नहीं पढ़ाया जा सकता, ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था कर नजदीकी विद्यालय से टैग कर बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बीच विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों में एक ही उम्मीद झलकती है—एक पक्की छत, सुरक्षित कक्षा और सामान्य सुविधाओं वाला स्कूल, जहां वे बिना डर और बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। प्राथमिक विद्यालय बगही नया टोला की यह तस्वीर न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि जब डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक विद्यालयों की बातें हो रही हैं, तब ऐसे 66 बच्चे आज भी जमीन पर बैठकर अपने भविष्य की बुनियाद क्यों रख रहे हैं। यह केवल एक विद्यालय की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की उस सच्चाई का प्रतिनिधित्व है, जो अब तत्काल सुधार की मांग कर रही है।
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    पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बगही नया टोला आज शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता एक ऐसा आईना बन चुका है, जो सरकारी दावों और धरातल की सच्चाई के बीच की गहरी खाई को साफ दिखाता है। यह वही विद्यालय है जहां 66 नौनिहालों के कंधों पर कल का भारत टिका है, लेकिन वे आज भी खुले आसमान के नीचे, प्लास्टिक के बोरे बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं।
कक्षा एक से पांचवीं तक संचालित इस विद्यालय में चार महिला शिक्षिकाएं और एक पुरुष शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को असहज और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। न तो यहां पक्के भवन हैं, न स्थायी कक्षाएं, न डेस्क-बेंच और न ही ब्लैकबोर्ड की समुचित व्यवस्था। बच्चे हर दिन स्कूल पहुंचकर पहले खुद बैठने की जगह साफ करते हैं, फिर जमीन पर प्लास्टिक बिछाकर पढ़ाई शुरू करते हैं।
गर्मी की चिलचिलाती धूप हो या सर्दियों की कंपकंपा देने वाली ठंड, इन बच्चों की पढ़ाई किसी भी मौसम में नहीं रुकती, लेकिन हालात बेहद कठिन हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब झोपड़ीनुमा ढांचा टपकने लगता है और पूरा विद्यालय परिसर पानी से भर जाता है। ऐसे में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। बच्चों ने बताया कि बारिश के दौरान सांप, बिच्छू और मेंढकों के निकल आने से डर का माहौल बन जाता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि विद्यालय में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। चार महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं को मजबूरी में आसपास के घरों या खेतों का सहारा लेना पड़ता है, जो किसी भी सभ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। शिक्षकों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से बैरिया बीडीओ द्वारा विद्यालय को पंचायत के सामुदायिक भवन में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया है, लेकिन वहां भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
इधर शिक्षा विभाग की ओर से डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और यह देखा जा रहा है कि विद्यालय के पास भूमि उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है कि बच्चों को खुले में नहीं पढ़ाया जा सकता, ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था कर नजदीकी विद्यालय से टैग कर बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बीच विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों में एक ही उम्मीद झलकती है—एक पक्की छत, सुरक्षित कक्षा और सामान्य सुविधाओं वाला स्कूल, जहां वे बिना डर और बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
प्राथमिक विद्यालय बगही नया टोला की यह तस्वीर न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि जब डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक विद्यालयों की बातें हो रही हैं, तब ऐसे 66 बच्चे आज भी जमीन पर बैठकर अपने भविष्य की बुनियाद क्यों रख रहे हैं।
यह केवल एक विद्यालय की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की उस सच्चाई का प्रतिनिधित्व है, जो अब तत्काल सुधार की मांग कर रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 min ago
  • रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका नौतन। प्रखंड के पूर्वी नौतन पंचायत स्थित बेली माई स्थान पर नवनिर्मित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ के आयोजन को लेकर रविवार को भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर 1001 कुंवारी कन्याओं के साथ हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ शुरू होकर बेली माई स्थान और मच्छर गांव चौक होते हुए बथना नदी घाट तक पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा यजमान प्रमोद साह एवं कन्याओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलबोझी कराई गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अमित कुमार गिरी, उपाध्यक्ष नंदलाल यादव, कोषाध्यक्ष रामक्षत्री यादव, सचिव लालसाहेब यादव, यादों लाल बैठा, गुड्डू राउत, अमित मिश्र, रामचंद्र गिरी, विजय गिरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। पूरे पंचायत के लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। वहीं, आयोजन समिति के शास्त्री जी महाराज ने जानकारी दी कि अयोध्या से पधारे विद्वान प्रवचनकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा एवं धार्मिक प्रवचन किया जाएगा। यह आयोजन 19 अप्रैल से प्रारंभ होकर 29 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा एवं महाप्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम भी शामिल है।
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    रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई
“जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका
नौतन। प्रखंड के पूर्वी नौतन पंचायत स्थित बेली माई स्थान पर नवनिर्मित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ के आयोजन को लेकर रविवार को भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर 1001 कुंवारी कन्याओं के साथ हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।
कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ शुरू होकर बेली माई स्थान और मच्छर गांव चौक होते हुए बथना नदी घाट तक पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा यजमान प्रमोद साह एवं कन्याओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलबोझी कराई गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अमित कुमार गिरी, उपाध्यक्ष नंदलाल यादव, कोषाध्यक्ष रामक्षत्री यादव, सचिव लालसाहेब यादव, यादों लाल बैठा, गुड्डू राउत, अमित मिश्र, रामचंद्र गिरी, विजय गिरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। पूरे पंचायत के लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
वहीं, आयोजन समिति के शास्त्री जी महाराज ने जानकारी दी कि अयोध्या से पधारे विद्वान प्रवचनकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा एवं धार्मिक प्रवचन किया जाएगा। यह आयोजन 19 अप्रैल से प्रारंभ होकर 29 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा एवं महाप्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम भी शामिल है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    50 min ago
  • बेतिया राज श्री नवदुर्गा जोड़ा शिवालय मंदिर से निकला खाटू श्याम बाबा का निशान शोभा रथ यात्रा। यह रथयात्रा लाल बाजार में घुमते हुए श्री गोपीनाथ पंचायत मंदिर के उपर श्याम बाबा के मंदिर में पहुंचा। 19.04.2026
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    बेतिया राज श्री नवदुर्गा जोड़ा शिवालय मंदिर से निकला खाटू श्याम बाबा का निशान शोभा रथ यात्रा। यह रथयात्रा लाल बाजार में घुमते हुए श्री गोपीनाथ पंचायत मंदिर के उपर श्याम बाबा के मंदिर में पहुंचा।  19.04.2026
    user_Vivek Kumar (Shrivastava).
    Vivek Kumar (Shrivastava).
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • रविवार के दिन मझौलिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार 20 लीटर देशी चूलाई शराब के साथ एक शराब कारोबारी को किया गया गिरफ्तार।यह जानकारी पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार ने दी।उन्होंने बताया कि मझौलिया थाना कांड संख्या 386/26 के नामजद प्राथमिकी अभियुक्त अमर सहनी पिता स्व.मंगल सहनी साकिन माधोपुर मलाही टोला को मेडिकल जांच उपरांत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।इस पुलिसिया कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हड़कंप सा मच गया है।
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    रविवार के दिन मझौलिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार 20 लीटर देशी चूलाई शराब के साथ एक शराब कारोबारी को किया गया गिरफ्तार।यह जानकारी पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार ने दी।उन्होंने बताया कि मझौलिया थाना कांड संख्या 386/26 के नामजद प्राथमिकी अभियुक्त अमर सहनी पिता स्व.मंगल सहनी साकिन माधोपुर मलाही टोला को मेडिकल जांच उपरांत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।इस पुलिसिया कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हड़कंप सा मच गया है।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • नाबालिग लड़की का अपहरण के लड़की की बरामदगी और अपहरणकर्ता की गिरफ्तारी नही किये जाने के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने थाना चौक गांधी स्मारक परिसर में दिया धरना। प्रशासन की लापरवाही बता कर विहिप ने आक्रोश व्यक्त किया।
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    नाबालिग लड़की का अपहरण के लड़की की बरामदगी और अपहरणकर्ता की गिरफ्तारी नही किये जाने के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने थाना चौक गांधी स्मारक परिसर में दिया धरना। प्रशासन की लापरवाही बता कर विहिप ने आक्रोश व्यक्त किया।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Vishal Kumar
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    Post by Vishal Kumar
    user_Vishal Kumar
    Vishal Kumar
    हरसिद्धि, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    8 hrs ago
  • ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन की तुलना में महंगी क्यों होती है? 🤔🤔🤔 पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल- Rahul sir pcb #reelsviralシ #viralreels #Online #offline #education
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    ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन की तुलना में महंगी क्यों होती है? 🤔🤔🤔 पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल- Rahul sir pcb #reelsviralシ #viralreels #Online #offline #education
    user_विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    1 hr ago
  • पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में श्री हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व रविवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब 1001 कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश लेकर भव्य जलयात्रा निकाली। यह दिव्य यात्रा मठिया चौक स्थित नवनिर्मित मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और आयोजन समिति के सदस्य शामिल हुए। पूरे मार्ग में वातावरण “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। यह कलश यात्रा जयमंगलापुर और हरदिया चौक होते हुए पवित्र हरबोड़ा नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक विधि-विधान के साथ कलशों में जल भराई की गई। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण यह यात्रा पुनः मंदिर परिसर लौटी, जहां पहले से ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायज्ञ की शुरुआत की गई थी। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और कन्याओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। पूरा वातावरण धार्मिक ऊर्जा और आस्था से ओतप्रोत नजर आया। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद यज्ञाचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत महायज्ञ का शुभारंभ किया गया, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। इस अवसर पर पंचायत के मुखिया अजित दुबे उर्फ बाला दुबे ने बताया कि यह भव्य कलश यात्रा श्री हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में निकाली गई है, जिसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सौहार्द का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में पूरे पंचायत के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है, जो समाज में एकता और आस्था का प्रतीक है। महायज्ञ में प्रमोद मिश्र को यजमान के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयोजन समिति के सदस्य विवेक मिश्र, विचण्डी राउत, बलिराम दुबे, गोपाल शर्मा, अनिल मिश्र और मनोज मिश्र ने बताया कि यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान लगातार पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक हवन और भव्य लंगर का आयोजन किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन श्रीराम कथा का आयोजन भी होगा, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वान आचार्य अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश देंगे। मंदिर परिसर के आसपास इस अवसर पर एक आकर्षक मेले का भी आयोजन किया गया है, जहां दूर-दराज से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था, संस्कृति और परंपरा का यह अद्भुत संगम नरकटियागंज क्षेत्र को पूरी तरह से भक्तिमय वातावरण में बदल रहा है।
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    पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में श्री हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व रविवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब 1001 कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश लेकर भव्य जलयात्रा निकाली। यह दिव्य यात्रा मठिया चौक स्थित नवनिर्मित मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और आयोजन समिति के सदस्य शामिल हुए। पूरे मार्ग में वातावरण “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। यह कलश यात्रा जयमंगलापुर और हरदिया चौक होते हुए पवित्र हरबोड़ा नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक विधि-विधान के साथ कलशों में जल भराई की गई। इसके बाद श्रद्धा और भक्ति से परिपूर्ण यह यात्रा पुनः मंदिर परिसर लौटी, जहां पहले से ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायज्ञ की शुरुआत की गई थी।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और कन्याओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। पूरा वातावरण धार्मिक ऊर्जा और आस्था से ओतप्रोत नजर आया। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद यज्ञाचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत महायज्ञ का शुभारंभ किया गया, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई।
इस अवसर पर पंचायत के मुखिया अजित दुबे उर्फ बाला दुबे ने बताया कि यह भव्य कलश यात्रा श्री हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में निकाली गई है, जिसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सौहार्द का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में पूरे पंचायत के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है, जो समाज में एकता और आस्था का प्रतीक है।
महायज्ञ में प्रमोद मिश्र को यजमान के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयोजन समिति के सदस्य विवेक मिश्र, विचण्डी राउत, बलिराम दुबे, गोपाल शर्मा, अनिल मिश्र और मनोज मिश्र ने बताया कि यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान लगातार पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक हवन और भव्य लंगर का आयोजन किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन श्रीराम कथा का आयोजन भी होगा, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वान आचार्य अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश देंगे।
मंदिर परिसर के आसपास इस अवसर पर एक आकर्षक मेले का भी आयोजन किया गया है, जहां दूर-दराज से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था, संस्कृति और परंपरा का यह अद्भुत संगम नरकटियागंज क्षेत्र को पूरी तरह से भक्तिमय वातावरण में बदल रहा है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    47 min ago
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