रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका नौतन। प्रखंड के पूर्वी नौतन पंचायत स्थित बेली माई स्थान पर नवनिर्मित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ के आयोजन को लेकर रविवार को भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर 1001 कुंवारी कन्याओं के साथ हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ शुरू होकर बेली माई स्थान और मच्छर गांव चौक होते हुए बथना नदी घाट तक पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा यजमान प्रमोद साह एवं कन्याओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलबोझी कराई गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अमित कुमार गिरी, उपाध्यक्ष नंदलाल यादव, कोषाध्यक्ष रामक्षत्री यादव, सचिव लालसाहेब यादव, यादों लाल बैठा, गुड्डू राउत, अमित मिश्र, रामचंद्र गिरी, विजय गिरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। पूरे पंचायत के लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। वहीं, आयोजन समिति के शास्त्री जी महाराज ने जानकारी दी कि अयोध्या से पधारे विद्वान प्रवचनकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा एवं धार्मिक प्रवचन किया जाएगा। यह आयोजन 19 अप्रैल से प्रारंभ होकर 29 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा एवं महाप्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम भी शामिल है।
रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका नौतन। प्रखंड के पूर्वी नौतन पंचायत स्थित बेली माई स्थान पर नवनिर्मित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ के आयोजन को लेकर रविवार को भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर 1001 कुंवारी कन्याओं के साथ हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ शुरू होकर बेली माई स्थान और मच्छर गांव चौक होते हुए बथना नदी घाट तक पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा यजमान प्रमोद साह एवं कन्याओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलबोझी कराई गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अमित कुमार गिरी, उपाध्यक्ष नंदलाल यादव, कोषाध्यक्ष रामक्षत्री यादव, सचिव लालसाहेब यादव, यादों लाल बैठा, गुड्डू राउत, अमित मिश्र, रामचंद्र गिरी, विजय गिरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। पूरे पंचायत के लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। वहीं, आयोजन समिति के शास्त्री जी महाराज ने जानकारी दी कि अयोध्या से पधारे विद्वान प्रवचनकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा एवं धार्मिक प्रवचन किया जाएगा। यह आयोजन 19 अप्रैल से प्रारंभ होकर 29 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा एवं महाप्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम भी शामिल है।
- नौतन स्थानीय प्रखंड के पूर्वी नौतन पंचायत स्थित बेली माई स्थान के प्रांगण में आयोजित रुद्र महायज्ञ सह शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में डुबो दिया। इस कलश यात्रा का शुभारंभ पायनियर कोचिंग के संस्थापक सह पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अमित गिरी ने फीता काटकर किया। इस भव्य आयोजन में 1001 कन्याओं सहित हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गाजे-बाजे और भगवा ध्वज के साथ निकली यह यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर बलुआ, नौतन बाजार और पांडेय टोला होते हुए बथना गंडक घाट तक पहुंची, जहां हर कदम पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता रहा। पूरे मार्ग में “हर हर महादेव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा, वहीं जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। कलश यात्रा से पूर्व अयोध्या से पधारे आचार्य पंडित आदित्य शरण शास्त्री, कृष्णा शास्त्री, गोलु शास्त्री, चुन्नू शास्त्री, मैथुन शास्त्री, बब्लू शास्त्री एवं मिथलेश शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमानों द्वारा यज्ञभूमि का विधिवत पूजन कराया गया। इसके बाद भगवा ध्वज के साथ कलश यात्रा बथना घाट पहुंची, जहां विद्वान आचार्यों ने वैदिक विधि से कन्याओं से कलश में पवित्र जल भरवाया। जल भरने के उपरांत यात्रा पुनः यज्ञ स्थल लौटकर विधि-विधान के साथ कलशों को यज्ञमंडप में स्थापित किया गया। महायज्ञ समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि प्रतिदिन प्रातः अयोध्या से आए कथावाचकों द्वारा प्रवचन का आयोजन होगा, जबकि प्रत्येक रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। 24 अप्रैल को शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम संपन्न होगा, जबकि 29 अप्रैल को पूर्णाहुति एवं विशाल महाभंडारा आयोजित किया जाएगा। इस महायज्ञ को सफल बनाने में समिति के शिकारी यादव, नंदलाल यादव, राम क्षत्री यादव, जिला परिषद सदस्य अरशद राजा, मुखिया प्रतिनिधि यादों लाल बैठा, उपेंद्र सिंह, बच्चा ठाकुर, बच्चा साह, उमेश सिंह, मनोज गिरी सहित अनेक गणमान्य लोगों का सक्रिय योगदान रहा। वहीं श्रद्धालुओं के मनोरंजन हेतु झूला, मौत का कुआं, ब्रेक डांस सहित विभिन्न खेल-तमाशों की भी व्यवस्था की गई है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।1
- रुद्र महायज्ञ व शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा इलाका नौतन। प्रखंड के पूर्वी नौतन पंचायत स्थित बेली माई स्थान पर नवनिर्मित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं रुद्र महायज्ञ के आयोजन को लेकर रविवार को भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर 1001 कुंवारी कन्याओं के साथ हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ शुरू होकर बेली माई स्थान और मच्छर गांव चौक होते हुए बथना नदी घाट तक पहुंची। वहां आचार्यों द्वारा यजमान प्रमोद साह एवं कन्याओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलबोझी कराई गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे, जहां पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यात्रा के दौरान “जय श्री राम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अमित कुमार गिरी, उपाध्यक्ष नंदलाल यादव, कोषाध्यक्ष रामक्षत्री यादव, सचिव लालसाहेब यादव, यादों लाल बैठा, गुड्डू राउत, अमित मिश्र, रामचंद्र गिरी, विजय गिरी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। पूरे पंचायत के लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। वहीं, आयोजन समिति के शास्त्री जी महाराज ने जानकारी दी कि अयोध्या से पधारे विद्वान प्रवचनकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा एवं धार्मिक प्रवचन किया जाएगा। यह आयोजन 19 अप्रैल से प्रारंभ होकर 29 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा एवं महाप्रसाद वितरण का विशेष कार्यक्रम भी शामिल है।1
- बेतिया राज श्री नवदुर्गा जोड़ा शिवालय मंदिर से निकला खाटू श्याम बाबा का निशान शोभा रथ यात्रा। यह रथयात्रा लाल बाजार में घुमते हुए श्री गोपीनाथ पंचायत मंदिर के उपर श्याम बाबा के मंदिर में पहुंचा। 19.04.20261
- रविवार के दिन मझौलिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार 20 लीटर देशी चूलाई शराब के साथ एक शराब कारोबारी को किया गया गिरफ्तार।यह जानकारी पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार ने दी।उन्होंने बताया कि मझौलिया थाना कांड संख्या 386/26 के नामजद प्राथमिकी अभियुक्त अमर सहनी पिता स्व.मंगल सहनी साकिन माधोपुर मलाही टोला को मेडिकल जांच उपरांत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।इस पुलिसिया कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हड़कंप सा मच गया है।4
- नाबालिग लड़की का अपहरण के लड़की की बरामदगी और अपहरणकर्ता की गिरफ्तारी नही किये जाने के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने थाना चौक गांधी स्मारक परिसर में दिया धरना। प्रशासन की लापरवाही बता कर विहिप ने आक्रोश व्यक्त किया।1
- Post by Vishal Kumar1
- ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन की तुलना में महंगी क्यों होती है? 🤔🤔🤔 पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल- Rahul sir pcb #reelsviralシ #viralreels #Online #offline #education1
- पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बगही नया टोला आज शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता एक ऐसा आईना बन चुका है, जो सरकारी दावों और धरातल की सच्चाई के बीच की गहरी खाई को साफ दिखाता है। यह वही विद्यालय है जहां 66 नौनिहालों के कंधों पर कल का भारत टिका है, लेकिन वे आज भी खुले आसमान के नीचे, प्लास्टिक के बोरे बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं। कक्षा एक से पांचवीं तक संचालित इस विद्यालय में चार महिला शिक्षिकाएं और एक पुरुष शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को असहज और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। न तो यहां पक्के भवन हैं, न स्थायी कक्षाएं, न डेस्क-बेंच और न ही ब्लैकबोर्ड की समुचित व्यवस्था। बच्चे हर दिन स्कूल पहुंचकर पहले खुद बैठने की जगह साफ करते हैं, फिर जमीन पर प्लास्टिक बिछाकर पढ़ाई शुरू करते हैं। गर्मी की चिलचिलाती धूप हो या सर्दियों की कंपकंपा देने वाली ठंड, इन बच्चों की पढ़ाई किसी भी मौसम में नहीं रुकती, लेकिन हालात बेहद कठिन हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब झोपड़ीनुमा ढांचा टपकने लगता है और पूरा विद्यालय परिसर पानी से भर जाता है। ऐसे में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जाती है। बच्चों ने बताया कि बारिश के दौरान सांप, बिच्छू और मेंढकों के निकल आने से डर का माहौल बन जाता है। सबसे गंभीर बात यह है कि विद्यालय में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। चार महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं को मजबूरी में आसपास के घरों या खेतों का सहारा लेना पड़ता है, जो किसी भी सभ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। शिक्षकों के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से बैरिया बीडीओ द्वारा विद्यालय को पंचायत के सामुदायिक भवन में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया है, लेकिन वहां भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। इधर शिक्षा विभाग की ओर से डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और यह देखा जा रहा है कि विद्यालय के पास भूमि उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है कि बच्चों को खुले में नहीं पढ़ाया जा सकता, ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था कर नजदीकी विद्यालय से टैग कर बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बीच विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों में एक ही उम्मीद झलकती है—एक पक्की छत, सुरक्षित कक्षा और सामान्य सुविधाओं वाला स्कूल, जहां वे बिना डर और बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। प्राथमिक विद्यालय बगही नया टोला की यह तस्वीर न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि जब डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक विद्यालयों की बातें हो रही हैं, तब ऐसे 66 बच्चे आज भी जमीन पर बैठकर अपने भविष्य की बुनियाद क्यों रख रहे हैं। यह केवल एक विद्यालय की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की उस सच्चाई का प्रतिनिधित्व है, जो अब तत्काल सुधार की मांग कर रही है।1