संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में महिला संबंधी अपराधों की विवेचनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सर्किल खलीलाबाद के थाना प्रभारियों, उपनिरीक्षकों, विवेचकों और हेड मुहर्रिरों का अर्दली रूम किया, जिसमें क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने महिला अपराधों से संबंधित लंबित विवेचनाओं की गहन समीक्षा की और अधिक समय से लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विवेचकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, चेतावनी देते हुए कहा कि महिला अपराधों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनशिकायतों की त्वरित सुनवाई, निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी पुलिसिंग पर जोर देते हुए विवेचना कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों को भविष्य में बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने की चेतावनी दी। उन्होंने थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों को समय पर निस्तारित कराने की जिम्मेदारी सौंपी। विवेचना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों जैसे यक्ष ऐप, ई-समन और एस-आईडी प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि महिला सुरक्षा सरकार और पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है, इसलिए संबंधित मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाना चाहिए।
संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में महिला संबंधी अपराधों की विवेचनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सर्किल खलीलाबाद के थाना प्रभारियों, उपनिरीक्षकों, विवेचकों और हेड मुहर्रिरों का अर्दली रूम किया, जिसमें क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने महिला अपराधों से संबंधित लंबित विवेचनाओं की गहन समीक्षा की और अधिक समय से लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विवेचकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, चेतावनी देते हुए कहा कि महिला अपराधों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनशिकायतों की त्वरित सुनवाई, निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी पुलिसिंग पर जोर देते हुए विवेचना कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों को भविष्य में बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने की चेतावनी दी। उन्होंने थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों को समय पर निस्तारित कराने की जिम्मेदारी सौंपी। विवेचना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों जैसे यक्ष ऐप, ई-समन और एस-आईडी प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि महिला सुरक्षा सरकार और पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है, इसलिए संबंधित मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाना चाहिए।
- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।1
- संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।3
- संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़हरा में जिलाधिकारी (डीएम) आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीणा ने एक जनकल्याण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य शासन की उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, स्वरोजगार योजनाओं सहित केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। कार्यक्रम में 'बहू-बेटी सम्मेलन' का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, महिला अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक रहने और महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। एसपी संदीप कुमार मीणा ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सुरक्षा और सम्मान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया, और उनसे अपने परिवार एवं समाज के बुजुर्गों का सम्मान करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को रखा, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता अभियान की सराहना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री, आशा बहुएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- संतकबीरनगर के बेलहर विकास खंड के कन्धरापार ग्राम पंचायत स्थित राजस्व गांव पकरडीहा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के निवासी पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब पाया गया है। विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी 2010 से 2013 के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जिससे यह मामला और भी अहम हो जाता है। विजय प्रकाश, जो स्वर्गीय रामराज के पुत्र हैं, ने बताया कि उनका और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों का नाम बिना किसी पूर्व सूचना के मतदाता सूची से हटा दिया गया है। प्रभावित सदस्यों में उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन तथा 75 वर्षीय माता शारदा देवी शामिल हैं। परिवार के सदस्य पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करते हैं। विजय प्रकाश ने आशंका जताई है कि उनके और कुछ समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में मेंहदावल के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नाम तत्काल पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो परिवार आगामी चुनावों में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सरकार की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने इस अवसर पर सरकार के विभिन्न कार्यों और सफलताओं के बारे में जानकारी दी।1
- भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में आज (13 जून) होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विराट कोहली की अनुपस्थिति से लेकर जसप्रीत बुमराह के बैकअप प्लान, हार्दिक पंड्या की भूमिका और अफगानिस्तान के चैलेंज पर विस्तार से चर्चा की। मोर्कल ने 'आजतक' से बातचीत में स्वीकार किया कि विराट कोहली की कमी खलेगी, क्योंकि वह लंबे समय से टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं और उनका अनुभव टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और कोहली की गैरमौजूदगी यंग खिलाड़ियों, जैसे ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच है। जसप्रीत बुमराह के विकल्प के सवाल पर मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए अधिक से अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। 2027 वर्ल्ड कप और साउथ अफ्रीका टूर को ध्यान में रखते हुए गुरनूर और प्रिंस जैसे युवा पेसर्स को टीम में शामिल कर मौका दिया जा रहा है, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हार्दिक पंड्या की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हार्दिक भारतीय टीम के लिए बेहद खास हैं और बल्ले व गेंद दोनों से योगदान देकर टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। मोर्कल ने माना कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान के चैलेंज को लेकर मोर्कल ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम विपक्षी टीम को किसी भी हाल में हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान ने हाल ही में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराया था और उनके खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से उनके खेल में परिपक्वता आई है। यही वजह है कि भारतीय टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य की भी तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के गेंदबाजों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है और यह दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट का तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत हाथों में है। धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर मोर्कल ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बारिश हुई है और मैच के दिन भी मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम पर नियंत्रण न होने के बावजूद भारतीय टीम हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी, जबकि टीम प्रबंधन की नजर केवल मौजूदा मैच पर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर भी है। भारतीय स्क्वॉड में रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव शामिल हैं।4
- संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।1