संतकबीरनगर के बेलहर विकास खंड के कन्धरापार ग्राम पंचायत स्थित राजस्व गांव पकरडीहा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के निवासी पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब पाया गया है। विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी 2010 से 2013 के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जिससे यह मामला और भी अहम हो जाता है। विजय प्रकाश, जो स्वर्गीय रामराज के पुत्र हैं, ने बताया कि उनका और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों का नाम बिना किसी पूर्व सूचना के मतदाता सूची से हटा दिया गया है। प्रभावित सदस्यों में उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन तथा 75 वर्षीय माता शारदा देवी शामिल हैं। परिवार के सदस्य पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करते हैं। विजय प्रकाश ने आशंका जताई है कि उनके और कुछ समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में मेंहदावल के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नाम तत्काल पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो परिवार आगामी चुनावों में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संतकबीरनगर के बेलहर विकास खंड के कन्धरापार ग्राम पंचायत स्थित राजस्व गांव पकरडीहा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के निवासी पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब पाया गया है। विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी 2010 से 2013 के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जिससे यह मामला और भी अहम हो जाता है। विजय प्रकाश, जो स्वर्गीय रामराज के पुत्र हैं, ने बताया कि उनका और
उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों का नाम बिना किसी पूर्व सूचना के मतदाता सूची से हटा दिया गया है। प्रभावित सदस्यों में उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन तथा 75 वर्षीय माता शारदा देवी शामिल हैं। परिवार के सदस्य पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करते हैं। विजय प्रकाश ने आशंका जताई है कि उनके और कुछ समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक
कारण तो नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में मेंहदावल के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नाम तत्काल पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो परिवार आगामी चुनावों में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- संतकबीरनगर के मेंहदावल में बेलहर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कन्धरापार के राजस्व गांव पकरडीहा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों के नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इसमें विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी शामिल हैं, जो 2010 से 2013 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। विजय प्रकाश, जो स्वयं पूर्व ग्राम प्रधान रहे हैं, ने बताया कि उनके अलावा उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन और 75 वर्षीय माता शारदा देवी सहित परिवार के कई सदस्यों के नाम बिना किसी पूर्व सूचना के सूची से हटा दिए गए हैं। परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहा है और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करता है। उन्होंने आशंका जताई है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं, क्योंकि उनका कहना है कि अब तक प्रत्येक मतदाता सूची में उनके परिवार के नाम दर्ज रहते थे, लेकिन इस बार उनके कुछ समर्थकों के नाम भी गायब हैं। इस मामले को लेकर पीड़ित विजय प्रकाश ने मेंहदावल उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तथा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने तत्काल नाम पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। विजय प्रकाश ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो उनके परिवार के सदस्य आगामी चुनाव में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- संतकबीरनगर के बेलहर विकास खंड के कन्धरापार ग्राम पंचायत स्थित राजस्व गांव पकरडीहा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के निवासी पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब पाया गया है। विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी 2010 से 2013 के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जिससे यह मामला और भी अहम हो जाता है। विजय प्रकाश, जो स्वर्गीय रामराज के पुत्र हैं, ने बताया कि उनका और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों का नाम बिना किसी पूर्व सूचना के मतदाता सूची से हटा दिया गया है। प्रभावित सदस्यों में उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन तथा 75 वर्षीय माता शारदा देवी शामिल हैं। परिवार के सदस्य पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करते हैं। विजय प्रकाश ने आशंका जताई है कि उनके और कुछ समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में मेंहदावल के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नाम तत्काल पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो परिवार आगामी चुनावों में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा मछलीगांव बरगदही स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड पर खाद वितरण में भारी अनियमितता के आरोपों को लेकर किसानों में जबरदस्त नाराजगी है। किसानों का कहना है कि उन्हें खाद पाने के लिए कई दिनों से समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन वितरण व्यवस्था में कोई पारदर्शिता नहीं दिख रही है। किसानों के मुताबिक, खाद वितरण की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में किसान आधी रात के बाद ही समिति परिसर में लाइन में लग गए थे। सुबह लगभग 10 बजे समिति के कर्मचारियों और सचिव के आने के बाद वितरण प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग खाद वितरण कार्ड लेकर पहुंचे और उनके कार्ड पहले से लाइन में लगे किसानों के कार्डों के बीच शामिल कर दिए गए। इस प्रक्रिया के कारण सुबह से इंतजार कर रहे किसानों का क्रम पीछे चला गया, जबकि बाद में आए लोगों को प्राथमिकता मिल गई, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया। किसानों ने खाद वितरण में पक्षपात और मनमानी का आरोप लगाया है, साथ ही यह भी कहा कि यदि प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं हुई तो जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाएगी। किसानों ने समिति के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली को अव्यवस्था का कारण बताया है, जिसके चलते उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, समिति के सचिव ने आरोपों पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि समिति पर पर्याप्त खाद उपलब्ध है और इसे आवश्यकतानुसार वितरित किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कार्डों के क्रम में बदलाव या पक्षपातपूर्ण वितरण के आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इस मामले पर जिला कृषि अधिकारी राजमंगल चौधरी ने कहा कि समितियों पर खाद उपलब्ध होने पर उसका वितरण नियमानुसार किया जाता है, जो सदस्य किसानों को उनकी खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसान प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो और खाद वितरण को पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि पात्र किसानों को समय पर खाद मिल सके और उन्हें घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद निराश न लौटना पड़े।1
- आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी के पूर्व अध्यक्ष ध्रुव चंद जायसवाल ने श्मशान घाट को जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि श्मशान घाट जैसा महत्वपूर्ण रास्ता उपेक्षा का शिकार नहीं होना चाहिए, बल्कि इसकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। जनता अब इस बात का इंतजार कर रही है कि आखिर आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी का यह श्मशान घाट रोड कब सुधरेगा और उन्हें इस समस्या का संतोषजनक जवाब कब मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेन्दा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकारी भूमि पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। यह एक्शन पुलिस की उपस्थिति में हुआ, जिसमें सरकारी संपत्ति पर हुए अतिक्रमण को हटाया गया।1
- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।1
- संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।3
- संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़हरा में जिलाधिकारी (डीएम) आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीणा ने एक जनकल्याण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य शासन की उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, स्वरोजगार योजनाओं सहित केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। कार्यक्रम में 'बहू-बेटी सम्मेलन' का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, महिला अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया, साथ ही उन्हें सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक रहने और महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। एसपी संदीप कुमार मीणा ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सुरक्षा और सम्मान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया, और उनसे अपने परिवार एवं समाज के बुजुर्गों का सम्मान करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान, ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को रखा, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता अभियान की सराहना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री, आशा बहुएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4