संतकबीरनगर के मेंहदावल में बेलहर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कन्धरापार के राजस्व गांव पकरडीहा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों के नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इसमें विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी शामिल हैं, जो 2010 से 2013 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। विजय प्रकाश, जो स्वयं पूर्व ग्राम प्रधान रहे हैं, ने बताया कि उनके अलावा उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन और 75 वर्षीय माता शारदा देवी सहित परिवार के कई सदस्यों के नाम बिना किसी पूर्व सूचना के सूची से हटा दिए गए हैं। परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहा है और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करता है। उन्होंने आशंका जताई है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं, क्योंकि उनका कहना है कि अब तक प्रत्येक मतदाता सूची में उनके परिवार के नाम दर्ज रहते थे, लेकिन इस बार उनके कुछ समर्थकों के नाम भी गायब हैं। इस मामले को लेकर पीड़ित विजय प्रकाश ने मेंहदावल उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तथा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने तत्काल नाम पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। विजय प्रकाश ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो उनके परिवार के सदस्य आगामी चुनाव में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संतकबीरनगर के मेंहदावल में बेलहर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कन्धरापार के राजस्व गांव पकरडीहा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों के नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इसमें विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी शामिल हैं, जो 2010 से 2013 के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। विजय प्रकाश, जो स्वयं पूर्व ग्राम प्रधान रहे हैं, ने बताया कि उनके अलावा उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन और 75 वर्षीय माता शारदा देवी सहित परिवार के कई सदस्यों के नाम बिना किसी पूर्व सूचना के सूची से हटा दिए गए हैं। परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहा है और सरकारी राशन की दुकान का
संचालन भी करता है। उन्होंने आशंका जताई है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं, क्योंकि उनका कहना है कि अब तक प्रत्येक मतदाता सूची में उनके परिवार के नाम दर्ज रहते थे, लेकिन इस बार उनके कुछ समर्थकों के नाम भी गायब हैं। इस मामले को लेकर पीड़ित विजय प्रकाश ने मेंहदावल उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तथा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने तत्काल नाम पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। विजय प्रकाश ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो उनके परिवार के सदस्य आगामी चुनाव में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर संतकबीरनगर जनपद के सभी थानों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य अपराध के ग्राफ पर लगाम लगाना था। इसी क्रम में, कोतवाली खलीलाबाद के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में गठित टीम ने बनकटिया गांव के पश्चिम स्थित एक बाग से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोरखपुर जनपद के सहजनवां थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद उर्फ मलउर निवासी नितेश चौरसिया और सत्यम चौरसिया, संतकबीरनगर जनपद के कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ऊनखास (ओनिया) निवासी कृष्णा यादव, गोरखपुर जनपद के सहजनवां थाना क्षेत्र के रानूखुर्द निवासी रुद्र प्रताप यादव, और बस्ती जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र के गौरा रोहारी निवासी रोहित कुमार गोड के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पटखौली, कोतवाली खलीलाबाद में रह रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल, एक जिंदा और एक मिसफायर .32 बोर कारतूस, तीन .315 बोर के तमंचे और तीन जिंदा कारतूस, एक .12 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपियों की जामा तलाशी से तीन मोबाइल फोन और 750 रुपये नकद भी मिले, साथ ही दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। इस मामले में कोतवाली में मु0अ0सं0 513/2026 धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। बरामद दोनों मोटरसाइकिलों के कागजात प्रस्तुत न किए जाने पर उन्हें नियमानुसार धारा 207 एमवी एक्ट में सीज कर दिया गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, ध्रुव नारायण यादव, धर्मनाथ यादव, हेड कांस्टेबल हरि नारायण प्रसाद, रामरतन समेत एसओजी टीम के अनुप राय, दीपक सिंह, सर्वेश मिश्रा, शुभम कुमार, विवेक मिश्रा और ज्ञानप्रकाश सिंह सर्विलांस सेल के पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसपी द्वारा इस सफल कार्य के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है, जिसे पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है।3
- संतकबीरनगर के बेलहर विकास खंड के कन्धरापार ग्राम पंचायत स्थित राजस्व गांव पकरडीहा से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के निवासी पूर्व ग्राम प्रधान विजय प्रकाश और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची से गायब पाया गया है। विजय प्रकाश की पत्नी पूनम रानी भी 2010 से 2013 के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं, जिससे यह मामला और भी अहम हो जाता है। विजय प्रकाश, जो स्वर्गीय रामराज के पुत्र हैं, ने बताया कि उनका और उनके परिवार के लगभग सात सदस्यों का नाम बिना किसी पूर्व सूचना के मतदाता सूची से हटा दिया गया है। प्रभावित सदस्यों में उनके पुत्र सौरभ कुमार और गौरव कुमार, भाई विनोद कुमार, छोटी बहू रोमन तथा 75 वर्षीय माता शारदा देवी शामिल हैं। परिवार के सदस्य पिछले लगभग 20 वर्षों से गांव में रह रहे हैं और सरकारी राशन की दुकान का संचालन भी करते हैं। विजय प्रकाश ने आशंका जताई है कि उनके और कुछ समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने के पीछे कहीं राजनीतिक कारण तो नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में मेंहदावल के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नाम तत्काल पुनः शामिल करने और संबंधित बीएलओ के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम शामिल नहीं किए गए, तो परिवार आगामी चुनावों में मतदान के अपने अधिकार से वंचित हो जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा मछलीगांव बरगदही स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड पर खाद वितरण में भारी अनियमितता के आरोपों को लेकर किसानों में जबरदस्त नाराजगी है। किसानों का कहना है कि उन्हें खाद पाने के लिए कई दिनों से समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन वितरण व्यवस्था में कोई पारदर्शिता नहीं दिख रही है। किसानों के मुताबिक, खाद वितरण की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में किसान आधी रात के बाद ही समिति परिसर में लाइन में लग गए थे। सुबह लगभग 10 बजे समिति के कर्मचारियों और सचिव के आने के बाद वितरण प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग खाद वितरण कार्ड लेकर पहुंचे और उनके कार्ड पहले से लाइन में लगे किसानों के कार्डों के बीच शामिल कर दिए गए। इस प्रक्रिया के कारण सुबह से इंतजार कर रहे किसानों का क्रम पीछे चला गया, जबकि बाद में आए लोगों को प्राथमिकता मिल गई, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया। किसानों ने खाद वितरण में पक्षपात और मनमानी का आरोप लगाया है, साथ ही यह भी कहा कि यदि प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं हुई तो जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाएगी। किसानों ने समिति के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली को अव्यवस्था का कारण बताया है, जिसके चलते उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, समिति के सचिव ने आरोपों पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि समिति पर पर्याप्त खाद उपलब्ध है और इसे आवश्यकतानुसार वितरित किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कार्डों के क्रम में बदलाव या पक्षपातपूर्ण वितरण के आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इस मामले पर जिला कृषि अधिकारी राजमंगल चौधरी ने कहा कि समितियों पर खाद उपलब्ध होने पर उसका वितरण नियमानुसार किया जाता है, जो सदस्य किसानों को उनकी खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसान प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो और खाद वितरण को पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि पात्र किसानों को समय पर खाद मिल सके और उन्हें घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद निराश न लौटना पड़े।1
- सिद्धार्थनगर जिले में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार के 'सेवा, सुशासन, विश्वास और गरीब कल्याण' को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मोदी सरकार की विस्तृत उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, जनकल्याण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलताएँ अर्जित की हैं। सांसद पाल ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 5.37 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को, जिसमें उत्तर प्रदेश के 62 लाख से अधिक परिवार शामिल हैं, पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के 81 करोड़ से अधिक तथा प्रदेश के 15 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश में 43 करोड़ से अधिक और उत्तर प्रदेश में 9.57 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 9.8 करोड़ और प्रदेश के 3.12 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देशभर में 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना से 10.58 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं, जिससे महिलाओं के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण कर खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, और जल जीवन मिशन के माध्यम से करोड़ों घरों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है। महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए सांसद ने कहा कि लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। इसके साथ ही, मुद्रा योजना के माध्यम से लाखों युवाओं और उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को प्रोत्साहन दिया गया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए विकास का जिक्र करते हुए, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के तेजी से विस्तारित जाल, एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रामीण सड़कों के निर्माण से देश के दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित होने की बात कही। रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का कायाकल्प और नेटवर्क का विद्युतीकरण तेजी से किया गया है। इसके अलावा, उड़ान योजना से आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है और देश में संचालित हवाई अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रेस वार्ता के अंत में, सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मोदी सरकार का मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीबों के उत्थान, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास को मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया। सांसद ने निष्कर्षतः कहा कि गरीब कल्याण से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक देश ने विकास की एक नई इबारत लिखी है।1
- आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी के पूर्व अध्यक्ष ध्रुव चंद जायसवाल ने श्मशान घाट को जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि श्मशान घाट जैसा महत्वपूर्ण रास्ता उपेक्षा का शिकार नहीं होना चाहिए, बल्कि इसकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। जनता अब इस बात का इंतजार कर रही है कि आखिर आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी का यह श्मशान घाट रोड कब सुधरेगा और उन्हें इस समस्या का संतोषजनक जवाब कब मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेन्दा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकारी भूमि पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। यह एक्शन पुलिस की उपस्थिति में हुआ, जिसमें सरकारी संपत्ति पर हुए अतिक्रमण को हटाया गया।1
- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।1
- संतकबीरनगर में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। खलीलाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में गठित टीम ने पांच आरोपियों को अवैध असलहों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नितेश चौरसिया और सत्यम चौरसिया (दोनों गोरखपुर के मुस्तफाबाद उर्फ मलउर निवासी), कृष्णा यादव (संतकबीरनगर के ऊनखास निवासी), रुद्र प्रताप यादव (गोरखपुर के रानूखुर्द निवासी) और रोहित कुमार गोड (बस्ती के गौरा रोहारी निवासी, जो वर्तमान में पटखौली, खलीलाबाद में रह रहा था) शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें बनकटिया गांव के पश्चिम स्थित एक बाग से दबोचा। इनके पास से एक .32 बोर की पिस्टल, एक जिंदा और एक मिसफायर कारतूस .32 बोर, तीन .315 बोर के तमंचे, तीन जिंदा कारतूस .315 बोर, एक .12 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस .12 बोर बरामद हुआ है। साथ ही, आरोपियों की तलाशी में तीन मोबाइल फोन, 750 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिलें भी मिली हैं। इस संबंध में कोतवाली में मु0अ0सं0 513/2026 धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद की गई दोनों मोटरसाइकिलों के कागजात प्रस्तुत न किए जाने पर उन्हें धारा 207 एमवी एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। इस सफल अभियान में उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, ध्रुव नारायण यादव, धर्मनाथ यादव सहित हेड कांस्टेबल हरि नारायण प्रसाद, रामरतन, अनुप राय और कांस्टेबल दीपक सिंह, सर्वेश मिश्रा, शुभम कुमार, विवेक मिश्रा, ज्ञानप्रकाश सिंह (सर्विलांस सेल) की टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक ने इस सराहनीय कार्य के लिए पूरी पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।3